बनखेड़ी वाचावानी के तिल तिल बढ़ते है तिल गणेश संतान प्राप्ति के लिए पहुंचते है श्रद्धालु बनखेड़ी ब्लॉक के ग्राम बाचावानी में स्थित प्राचीन गणेश मंदिर को मनोकामना पूर्ति मंदिर के रूप में जाना जाता है। यहां भक्तों की मांगी गई मन्नतें पूरी होती हैं। यहां आज मंगलवार तिल चतुर्थी पर सुबह 4 बजे से देर रात्रि तक मंदिर में विशाल मेले का आयोजन किया गया । हजारों की संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचें। आपको बता दें कि पिछले वर्ष करीब 2 लाख श्रद्धालुओं ने दर्शन किए थे। मंदिर में विराजमान गणेश प्रतिमा दुर्लभ और प्राचीन है। यह प्रतिमा नर्मदा नदी से प्राप्त हुई थी। भगवान गणेश चतुर्भुज रूप में विराजमान हैं। दाहिनी सुंड, रिद्धि-सिद्धि एक ही पत्थर में उकेरी गई है। एक हाथ में लड्डू, दूसरे में बैना, तीसरे में गदा और चौथे में आशीर्वाद की मुद्रां 1969 में ग्रामीणों के सहयोग से मंदिर का जीर्णोद्धार हुआ। पहले मंदिर कच्चा था और प्रतिमा मिट्टी के सिंहासन पर विराजमान थी। अब मंदिर पक्के निर्माण में है। मंदिर में मांगी गई मन्नतें पूरी होती हैं। मान्यता के अनुसार इनकी प्रतिमा का आकार तिल तिल बढ़ रहा है पुजारी के अनुसार, प्रतिमा का आकार समय के साथ बढ़ता जा रहा है। पहले यह छोटी थाली में रखी जाती थी, अब स्थायी रूप से मंदिर में स्थापित है। मंदिर का इतिहास भी रोचक है। फतेहपुर के राजा इस प्रतिमा को अपने कमल भवन ले जाना चाहते थे। हाथी पर प्रतिमा रखी गई, लेकिन वह उठ नहीं सका कई प्रयास से बात प्रतिमा को यहीं स्थापित कर दिया।
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- User3440Gormi, Bhind🙏1 day ago
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