धरमजयगढ़ के ग्राम पंचायत कोयलार में विकास कार्यों में पारदर्शिता और गुणवत्ता के सरकारी दावों पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। यहां कोयलार से माण्ड नदी तक लगभग 800 मीटर लंबाई की एक प्रस्तावित कच्ची सड़क सह नाली निर्माण योजना सरकारी अभिलेखों में 'प्रगति पर' बताई जा रही है, जबकि जमीनी हकीकत यह है कि मौके पर इस निर्माण का कोई स्पष्ट अस्तित्व ही दिखाई नहीं देता। ग्रामीणों के अनुसार, लाखों रुपये की लागत से स्वीकृत इस कार्य के लिए न तो कहीं सड़क निर्माण के चिन्ह मौजूद हैं और न ही नाली निर्माण का कोई कार्य नजर आता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि वर्तमान में स्थल पर कोई मजदूर या निर्माण गतिविधि संचालित नहीं हो रही है। इसके बावजूद, उपलब्ध रिकॉर्ड में लगभग 20 हजार रुपये के भुगतान का उल्लेख किया गया है और कार्य को अभी भी चालू स्थिति में दर्शाया जा रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि जिस सड़क और नाली का निर्माण कागजों में दिखाया जा रहा है, वह वास्तविकता में धरातल पर मौजूद ही नहीं है, जिससे सरकारी धन के उपयोग और निगरानी व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिह्न लग गया है। इस मामले को लेकर ग्रामीणों ने मांग की है कि संबंधित विभाग द्वारा मौके पर जांच कराई जाए और भुगतान, मस्टर रोल तथा तकनीकी स्वीकृतियों की भी गहन पड़ताल की जाए, ताकि वास्तविक स्थिति का खुलासा हो सके। ग्रामीणों ने संकेत दिया है कि वे जल्द ही इसकी लिखित शिकायत उच्च अधिकारियों से करेंगे। यदि जांच में उनके आरोप सही पाए जाते हैं, तो यह मामला पंचायत स्तर पर विकास कार्यों में अनियमितता और वित्तीय गड़बड़ी का एक बड़ा उदाहरण साबित हो सकता है। फिलहाल, ग्रामीणों की निगाहें प्रशासन की संभावित कार्रवाई पर टिकी हैं।
धरमजयगढ़ के ग्राम पंचायत कोयलार में विकास कार्यों में पारदर्शिता और गुणवत्ता के सरकारी दावों पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। यहां कोयलार से माण्ड नदी तक लगभग 800 मीटर लंबाई की एक प्रस्तावित कच्ची सड़क सह नाली निर्माण योजना सरकारी अभिलेखों में 'प्रगति पर' बताई जा रही है, जबकि जमीनी हकीकत यह है कि मौके पर इस निर्माण का कोई स्पष्ट अस्तित्व ही दिखाई नहीं देता। ग्रामीणों के अनुसार, लाखों रुपये की लागत से स्वीकृत इस कार्य के लिए न तो कहीं सड़क निर्माण के चिन्ह मौजूद हैं और न ही नाली निर्माण का कोई कार्य नजर आता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि वर्तमान में स्थल पर कोई मजदूर या निर्माण गतिविधि संचालित नहीं हो रही है। इसके बावजूद, उपलब्ध रिकॉर्ड में लगभग 20 हजार रुपये के भुगतान का उल्लेख किया गया है और कार्य को अभी भी चालू स्थिति में दर्शाया जा रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि जिस सड़क और नाली का निर्माण कागजों में दिखाया जा रहा है, वह वास्तविकता में धरातल पर मौजूद ही नहीं है, जिससे सरकारी धन के उपयोग और निगरानी व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिह्न लग गया है। इस मामले को लेकर ग्रामीणों ने मांग की है कि संबंधित विभाग द्वारा मौके पर जांच कराई जाए और भुगतान, मस्टर रोल तथा तकनीकी स्वीकृतियों की भी गहन पड़ताल की जाए, ताकि वास्तविक स्थिति का खुलासा हो सके। ग्रामीणों ने संकेत दिया है कि वे जल्द ही इसकी लिखित शिकायत उच्च अधिकारियों से करेंगे। यदि जांच में उनके आरोप सही पाए जाते हैं, तो यह मामला पंचायत स्तर पर विकास कार्यों में अनियमितता और वित्तीय गड़बड़ी का एक बड़ा उदाहरण साबित हो सकता है। फिलहाल, ग्रामीणों की निगाहें प्रशासन की संभावित कार्रवाई पर टिकी हैं।
- कोरबा में 'हर घर जल' योजना की शुरुआत तो हुई और इसके तहत हर घर में नल भी लगाए गए। हालांकि, इस योजना के बावजूद इन नलों से पानी की एक बूंद भी नहीं आ रही है, जिसके चलते पूरा गांव प्यासा है।1
- छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में पुरानी रंजिश के चलते एक युवक की बेरहमी से हत्या कर दी गई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, आरोपियों ने युवक को ईंटों और डंडों से पीट-पीटकर मौत के घाट उतार दिया। इस जघन्य अपराध में अब तक सात आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।1
- चलते ट्रक से चावल की चोरी करने वाले एक गिरोह का पर्दाफाश किया गया है। इस मामले में गिरोह से जुड़े सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है।1
- रायगढ़ जिले में गौवंशों को क्रूरता से बचाने और अवैध परिवहन पर अंकुश लगाने के लिए चलाए जा रहे "ऑपरेशन शंखनाद" के तहत धरमजयगढ़ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। इस अभियान के तहत 14 गौवंशों को तस्करों के चंगुल से मुक्त कराया गया, और मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है। पुलिस को 20 जून को मुखबिर से सूचना मिली थी कि ग्राम भंडारीमुड़ा के पास दो व्यक्ति गौवंशों को क्रूरतापूर्वक पीटते-हांकते हुए बूचड़खाने में बिक्री के लिए ले जा रहे हैं। इस सूचना पर थाना प्रभारी धरमजयगढ़ निरीक्षक राजेश जांगड़े ने सहायक उप निरीक्षक मंजु मिश्रा और स्टाफ के साथ तत्काल मौके पर घेराबंदी की। पुलिस ने चरखापारा की ओर 7 जोड़ी यानी कुल 14 बैलों को ले जा रहे सियाराम राठिया (50 वर्ष) निवासी धौराभांठा और बलराम उरांव (45 वर्ष) निवासी धौराभांठा बरपाली को पकड़ा। पूछताछ में दोनों आरोपियों ने मवेशियों को बूचड़खाने में बिक्री के लिए ले जाने की बात स्वीकार की, और वे खरीदी-बिक्री व परिवहन संबंधी कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सके। बिनकल विश्वास निवासी धरमजयगढ़ कॉलोनी की लिखित शिकायत पर आरोपियों के विरुद्ध छत्तीसगढ़ कृषिक पशु परिरक्षण अधिनियम 2004 की धारा 4, 6, 10 और पशुओं के प्रति क्रूरता निवारण अधिनियम 1960 की धारा 11 के तहत अपराध दर्ज कर विवेचना शुरू की गई। पुलिस ने 14 गौवंशों को जब्त कर पशु चिकित्सक से उनका स्वास्थ्य परीक्षण कराया। पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहाँ से उन्हें न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है। एसएसपी शशि मोहन सिंह ने बताया कि रायगढ़ पुलिस "ऑपरेशन शंखनाद" के माध्यम से गौवंश तस्करी और पशुओं के प्रति क्रूरता के मामलों पर लगातार निगरानी रख रही है, और अवैध रूप से गौवंशों को बूचड़खानों तक पहुंचाने वाले तस्करों के खिलाफ कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने आमजन से अपील की है कि ऐसी किसी भी गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को दें, ताकि समय रहते गौवंशों को सुरक्षित बचाया जा सके।1
- रायगढ़ पुलिस ने एक नाबालिग का आपत्तिजनक फोटो साझा करने के आरोप में एक बाल अपचारी को गिरफ्तार किया है।1
- पुलिस ने 7 लाख रुपये की टाटा मैजिक गाड़ी सहित चोरी का अन्य सामान बरामद किया है। इस मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।4
- कोरबा के डैरी रोड स्थित रामसागर तालाब पारा में एक विवाद को सुलझाने के प्रयास में रवि यादव नामक व्यक्ति की मौत हो गई। इस घटना के संबंध में सात लोगों को गिरफ्तार किया गया है।1