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उत्तर प्रदेश सरकार ने 40 आईएएस अधिकारियों का तबादलाइस सूची में बदायूं के मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) केशव कुमार का भी नाम शामिल है। उत्तर प्रदेश सरकार ने 40 आईएएस अधिकारियों का तबादला किया है। इस सूची में बदायूं के मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) केशव कुमार का भी नाम शामिल है। उन्हें कुलसचिव नियुक्त किया गया है।उनकी जगह संयुक्त मजिस्ट्रेट गामिनी सिंगला को बदायूं का नया मुख्य विकास अधिकारी बनाया गया है। शासन स्तर पर इस तबादले को एक नियमित प्रशासनिक प्रक्रिया का हिस्सा बताया जा रहा है। केशव कुमार नवंबर 2022 से बदायूं में तैनात थे। उनके कार्यकाल के दौरान जिले में कई विकास योजनाओं और सरकारी कार्यक्रमों को गति मिली। अब जिले में नई सीडीओ के रूप में गामिनी सिंगला प्रशासनिक कमान संभालेंगी। नई तैनाती के बाद जिले में विकास कार्यों की रफ्तार बनाए रखने की चुनौती होगी।

4 hrs ago
user_Mahesh Pal Gautam
Mahesh Pal Gautam
Advertising agency दातागंज, बदायूँ, उत्तर प्रदेश•
4 hrs ago
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उत्तर प्रदेश सरकार ने 40 आईएएस अधिकारियों का तबादलाइस सूची में बदायूं के मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) केशव कुमार का भी नाम शामिल है। उत्तर प्रदेश सरकार ने 40 आईएएस अधिकारियों का तबादला किया है। इस सूची में बदायूं के मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) केशव कुमार का भी नाम शामिल है। उन्हें कुलसचिव नियुक्त किया गया है।उनकी जगह संयुक्त मजिस्ट्रेट गामिनी सिंगला को बदायूं का नया मुख्य विकास अधिकारी बनाया गया है। शासन स्तर पर इस तबादले को एक नियमित प्रशासनिक प्रक्रिया का हिस्सा बताया जा रहा है। केशव कुमार नवंबर 2022 से बदायूं में तैनात थे। उनके कार्यकाल के दौरान जिले में कई विकास योजनाओं और सरकारी कार्यक्रमों को गति मिली। अब जिले में नई सीडीओ के रूप में गामिनी सिंगला प्रशासनिक कमान संभालेंगी। नई तैनाती के बाद जिले में विकास कार्यों की रफ्तार बनाए रखने की चुनौती होगी।

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  • महिलाओं के अधिकारों पर कांग्रेस, सपा विपक्ष का विरोध दुर्भाग्यपूर्ण :- केंद्रीय राज्य मंत्री बी.एल. वर्मा कांग्रेस,सपा, विपक्ष ने देश की आधी आबादी के साथ किया विश्वासघात :- बी.एल. वर्मा विपक्ष ने फिर साबित किया, महिलाओं के मुद्दे पर भरोसे लायक नहीं :- बी.एल. वर्मा महिलाओं को उनका अधिकार देने में बाधा बनना दुर्भाग्यपूर्ण :- बी.एल. वर्मा बदायूँ l बदायूँ स्थित फॉर लीफ होटल में विपक्ष द्वारा नारी शक्ति वंदन अधिनियम के विरोध के मुद्दे पर आयोजित प्रेस वार्ता को माननीय केंद्रीय राज्यमंत्री बीएल वर्मा ने संबोधित किया। केंद्रीय राज्य मंत्री बी.एल. वर्मा ने कहा 16 और 17 अप्रैल को संसद में जो घटनाक्रम हुआ, उसने कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, टीएमसी और डीएमके जैसे दलों की महिला-विरोधी मानसिकता को पूरी तरह उजागर कर दिया है। इन दलों ने महत्वपूर्ण विधेयकों का विरोध कर देश की आधी आबादी के साथ विश्वासघात किया है।उन्होंने कहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्पष्ट रूप से कहा है कि नीति-निर्माण में महिलाओं की भागीदारी कोई उपकार नहीं, बल्कि उनका स्वाभाविक अधिकार है। जो दल इस ऐतिहासिक अवसर में बाधा डाल रहे हैं, उन्हें आने वाले समय में महिलाओं के आक्रोश का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने कहा केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने विपक्ष द्वारा फैलाए जा रहे भ्रम को दूर करते हुए स्पष्ट किया है कि परिसीमन से किसी भी राज्य को नुकसान नहीं होगा, बल्कि दक्षिण भारत का प्रतिनिधित्व सुरक्षित रहेगा और बढ़ेगा। उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते ने कहा समाजवादी पार्टी जैसे दल कोटा के भीतर धर्म-आधारित आरक्षण की असंवैधानिक मांग उठाकर पूरी प्रक्रिया को टालने का प्रयास कर रहे हैं, जो तुष्टिकरण और ध्यान भटकाने का एक बहाना मात्र है। आगे कहा भारतीय जनता पार्टी महिलाओं के सशक्तिकरण और लोकतंत्र को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है और महिलाओं को उनका अधिकार दिलाने के लिए इन महिला-विरोधी ताकतों के खिलाफ मजबूती से संघर्ष करती रहेगी। उन्होंने आगे कहा कि 16 और 17 अप्रैल को संसद में संविधान (131वां संशोधन) विधेयक, परिसीमन विधेयक और केंद्र शासित प्रदेश कानून (संशोधन) विधेयक पर हुई चर्चा देश के लोकतांत्रिक भविष्य और महिलाओं की भागीदारी के लिए एक ऐतिहासिक अवसर था। लेकिन इन दो दिनों में केवल एक विधेयक ही नहीं गिरा, बल्कि विपक्षी दल देश की आधी आबादी की नजरों में भी गिर गए। आगे कहा भारतीय जनता पार्टी संसद में विपक्ष के इस शर्मनाक, अलोकतांत्रिक और महिला-विरोधी आचरण की कड़ी निंदा करती है। इन दलों ने केवल विधेयकों का विरोध नहीं किया, बल्कि देश की करोड़ों माताओं, बहनों और बेटियों के साथ विश्वासघात किया है।उन्होंने कहा इस पूरे घटनाक्रम ने यह साफ कर दिया है कि जब भी महिलाओं को निर्णय-निर्माण में समान भागीदारी देने की बात आती है, ये दल राजनीतिक बहानों और देरी का सहारा लेते हैं। कांग्रेस और उसके सहयोगियों द्वारा दशकों तक महिलाओं को संसद और विधानसभाओं से दूर रखने की सच्चाई एक बार फिर सामने आई है। आगे कहा ये दल लोकतंत्र के रक्षक होने का दिखावा करते हैं, लेकिन वास्तव में संकीर्ण राजनीतिक स्वार्थ और तुष्टिकरण के कारण महिलाओं को उनके अधिकारों से वंचित कर लोकतंत्र की मूल भावना को कमजोर कर रहे हैं। आगे कहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के सामने स्पष्ट किया है, कि यह राजनीति का समय नहीं, बल्कि राष्ट्रहित में निर्णय लेने का समय है। देश की आधी आबादी को उनका अधिकार देना आवश्यक है, जिसे कांग्रेस और उसके सहयोगियों ने दशकों तक रोके रखा। उन्होंने आगे कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यह भी कहा है कि जब सभी दल एक साथ आते हैं, तो ऐसे मुद्दे राजनीतिक नहीं रह जाते, बल्कि देश के हित में निर्णय का मार्ग प्रशस्त करते हैं। उन्होंने सभी सांसदों से व्यक्तिगत और दलगत हितों से ऊपर उठने की अपील की। उन्होंने कहा जब नारी शक्ति वंदन अधिनियम लाया गया था, तब विपक्षी दलों ने चुनावी दबाव में उसका समर्थन किया, लेकिन जब वास्तव में महिलाओं को अधिकार देने का समय आया, तो उनकी महिला-विरोधी सोच खुलकर सामने आ गई। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चेतावनी दी है कि देश की महिलाएं अब मूक दर्शक नहीं हैं, बल्कि सक्रिय भागीदार हैं और चुनावी परिणामों को प्रभावित करने की क्षमता रखती हैं। आज लाखों महिलाएं गांवों में पंचायत स्तर पर सफलतापूर्वक नेतृत्व कर रही हैं और निर्णय ले रही हैं, और अब वे संसद और विधानसभाओं में भी अपनी भूमिका निभाने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे में इस ऐतिहासिक अवसर को टालना केवल विधायी देरी नहीं, बल्कि सामाजिक और लोकतांत्रिक प्रगति का गला घोंटना है, और इसके जिम्मेदार लोगों को हर चुनाव में महिलाओं के आक्रोश का सामना करना पड़ेगा। आगे कहा इसी भावना को आगे बढ़ाते हुए केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने भी विपक्ष के झूठ के पूरे ढांचे को ध्वस्त कर दिया है। उन्होंने आगे कहा इन विधेयकों का मूल उद्देश्य “एक व्यक्ति, एक वोट, एक मूल्य” के संवैधानिक सिद्धांत को प्रभावी ढंग से लागू करना है। उन्होंने कहा कि परिसीमन एक संवैधानिक दायित्व है, जिसे लंबे समय से टाला गया, जिससे प्रतिनिधित्व में गंभीर असंतुलन उत्पन्न हुआ है। आगे कहा गृहमंत्री ने साफ किया है, कि कांग्रेस, सपा और उसके सहयोगियों का विरोध प्रक्रिया को लेकर नहीं, बल्कि महिलाओं को आरक्षण देने के मूल विचार के प्रति उनकी असहमति से प्रेरित है, उन्होंने कहा कि इतिहास गवाह है, कि जिन्होंने शाह बानो मामले में मुस्लिम महिलाओं के अधिकारों का विरोध किया और तीन तलाक जैसी प्रथा का समर्थन किया, वे महिलाओं को समान प्रतिनिधित्व देने के विचार को स्वीकार नहीं कर सकते। साथ आगे कहा महिलाओं को उनके अधिकारों से वंचित करने की इस साजिश में समाजवादी पार्टी ने भी धर्म आधारित आरक्षण की असंवैधानिक मांग उठाकर खतरनाक कदम उठाया है, जबकि भारत का संविधान धर्म के आधार पर आरक्षण को स्वीकार नही करता। उन्होंने कहा कांग्रेस सपा, विपक्ष को लगता है, कि वह तकनीकी बहानों से जनता को भ्रमित कर सकता है, लेकिन आज की महिलाएं सब समझती है। साथ ही कहा यह केवल एक विधेयक का विरोध नही था, बल्कि प्रधानमंत्री मोदी के प्रति विपक्ष की हताशा का प्रदर्शन था। इस अवसर पर जिलाध्यक्ष राजीव कुमार गुप्ता, सदर विधायक महेश चंद्र गुप्ता, बिल्सी विधायक हरीश शाक्य, जिलाध्यक्ष महिला मोर्चा अमिता उपाध्याय, जिला महामंत्री एमपी सिंह राजपूत, जिला महामंत्री शैलेन्द्र मोहन शर्मा, जिला कोषाध्यक्ष अनुभव उपाध्याय, जिला मीडिया प्रभारी अचल शर्मा आदि मीडिया बंधु उपस्थित रहे।
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    महिलाओं के अधिकारों पर कांग्रेस, सपा विपक्ष का विरोध दुर्भाग्यपूर्ण :- केंद्रीय राज्य मंत्री बी.एल. वर्मा
कांग्रेस,सपा, विपक्ष ने देश की आधी आबादी के साथ किया विश्वासघात :- बी.एल. वर्मा
विपक्ष ने फिर साबित किया, महिलाओं के मुद्दे पर भरोसे लायक नहीं :- बी.एल. वर्मा
महिलाओं को उनका अधिकार देने में बाधा बनना दुर्भाग्यपूर्ण :- बी.एल. वर्मा
बदायूँ l बदायूँ स्थित फॉर लीफ होटल में विपक्ष द्वारा नारी शक्ति वंदन अधिनियम के विरोध के मुद्दे पर आयोजित प्रेस वार्ता को माननीय केंद्रीय राज्यमंत्री बीएल वर्मा ने संबोधित किया।
केंद्रीय राज्य मंत्री बी.एल. वर्मा ने कहा 16 और 17 अप्रैल को संसद में जो घटनाक्रम हुआ, उसने कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, टीएमसी और डीएमके जैसे दलों की महिला-विरोधी मानसिकता को पूरी तरह उजागर कर दिया है। इन दलों ने महत्वपूर्ण विधेयकों का विरोध कर देश की आधी आबादी के साथ विश्वासघात किया है।उन्होंने कहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्पष्ट रूप से कहा है कि नीति-निर्माण में महिलाओं की भागीदारी कोई उपकार नहीं, बल्कि उनका स्वाभाविक अधिकार है। जो दल इस ऐतिहासिक अवसर में बाधा डाल रहे हैं, उन्हें आने वाले समय में महिलाओं के आक्रोश का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने कहा केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने विपक्ष द्वारा फैलाए जा रहे भ्रम को दूर करते हुए स्पष्ट किया है कि परिसीमन से किसी भी राज्य को नुकसान नहीं होगा, बल्कि दक्षिण भारत का प्रतिनिधित्व सुरक्षित रहेगा और बढ़ेगा। उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते ने कहा समाजवादी पार्टी जैसे दल कोटा के भीतर धर्म-आधारित आरक्षण की असंवैधानिक मांग उठाकर पूरी प्रक्रिया को टालने का प्रयास कर रहे हैं, जो तुष्टिकरण और ध्यान भटकाने का एक बहाना मात्र है। आगे कहा भारतीय जनता पार्टी महिलाओं के सशक्तिकरण और लोकतंत्र को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है और महिलाओं को उनका अधिकार दिलाने के लिए इन महिला-विरोधी ताकतों के खिलाफ मजबूती से संघर्ष करती रहेगी। 
उन्होंने आगे कहा कि 16 और 17 अप्रैल को संसद में संविधान (131वां संशोधन) विधेयक, परिसीमन विधेयक और केंद्र शासित प्रदेश कानून (संशोधन) विधेयक पर हुई चर्चा देश के लोकतांत्रिक भविष्य और महिलाओं की भागीदारी के लिए एक ऐतिहासिक अवसर था। लेकिन इन दो दिनों में केवल एक विधेयक ही नहीं गिरा, बल्कि विपक्षी दल देश की आधी आबादी की नजरों में भी गिर गए। आगे कहा भारतीय जनता पार्टी संसद में विपक्ष के इस शर्मनाक, अलोकतांत्रिक और महिला-विरोधी आचरण की कड़ी निंदा करती है। इन दलों ने केवल विधेयकों का विरोध नहीं किया, बल्कि देश की करोड़ों माताओं, बहनों और बेटियों के साथ विश्वासघात किया है।उन्होंने कहा इस पूरे घटनाक्रम ने यह साफ कर दिया है कि जब भी महिलाओं को निर्णय-निर्माण में समान भागीदारी देने की बात आती है, ये दल राजनीतिक बहानों और देरी का सहारा लेते हैं। कांग्रेस और उसके सहयोगियों द्वारा दशकों तक महिलाओं को संसद और विधानसभाओं से दूर रखने की सच्चाई एक बार फिर सामने आई है। आगे कहा ये दल लोकतंत्र के रक्षक होने का दिखावा करते हैं, लेकिन वास्तव में संकीर्ण राजनीतिक स्वार्थ और तुष्टिकरण के कारण महिलाओं को उनके अधिकारों से वंचित कर लोकतंत्र की मूल भावना को कमजोर कर रहे हैं। आगे कहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के सामने स्पष्ट किया है, कि यह राजनीति का समय नहीं, बल्कि राष्ट्रहित में निर्णय लेने का समय है। देश की आधी आबादी को उनका अधिकार देना आवश्यक है, जिसे कांग्रेस और उसके सहयोगियों ने दशकों तक रोके रखा। उन्होंने आगे कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यह भी कहा है कि जब सभी दल एक साथ आते हैं, तो ऐसे मुद्दे राजनीतिक नहीं रह जाते, बल्कि देश के हित में निर्णय का मार्ग प्रशस्त करते हैं। उन्होंने सभी सांसदों से व्यक्तिगत और दलगत हितों से ऊपर उठने की अपील की। उन्होंने कहा जब नारी शक्ति वंदन अधिनियम लाया गया था, तब विपक्षी दलों ने चुनावी दबाव में उसका समर्थन किया, लेकिन जब वास्तव में महिलाओं को अधिकार देने का समय आया, तो उनकी महिला-विरोधी सोच खुलकर सामने आ गई।
उन्होंने कहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चेतावनी दी है कि देश की महिलाएं अब मूक दर्शक नहीं हैं, बल्कि सक्रिय भागीदार हैं और चुनावी परिणामों को प्रभावित करने की क्षमता रखती हैं। आज लाखों महिलाएं गांवों में पंचायत स्तर पर सफलतापूर्वक नेतृत्व कर रही हैं और निर्णय ले रही हैं, और अब वे संसद और विधानसभाओं में भी अपनी भूमिका निभाने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे में इस ऐतिहासिक अवसर को टालना केवल विधायी देरी नहीं, बल्कि सामाजिक और लोकतांत्रिक प्रगति का गला घोंटना है, और इसके जिम्मेदार लोगों को हर चुनाव में महिलाओं के आक्रोश का सामना करना पड़ेगा। आगे कहा इसी भावना को आगे बढ़ाते हुए केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने भी विपक्ष के झूठ के पूरे ढांचे को ध्वस्त कर दिया है।
उन्होंने आगे कहा इन विधेयकों का मूल उद्देश्य “एक व्यक्ति, एक वोट, एक मूल्य” के संवैधानिक सिद्धांत को प्रभावी ढंग से लागू करना है। उन्होंने कहा कि परिसीमन एक संवैधानिक दायित्व है, जिसे लंबे समय से टाला गया, जिससे प्रतिनिधित्व में गंभीर असंतुलन उत्पन्न हुआ है। आगे कहा गृहमंत्री ने साफ किया है, कि कांग्रेस, सपा और उसके सहयोगियों का विरोध प्रक्रिया को लेकर नहीं, बल्कि महिलाओं को आरक्षण देने के मूल विचार के प्रति उनकी असहमति से प्रेरित है, उन्होंने कहा कि इतिहास गवाह है, कि जिन्होंने शाह बानो मामले में मुस्लिम महिलाओं के अधिकारों का विरोध किया और तीन तलाक जैसी प्रथा का समर्थन किया, वे महिलाओं को समान प्रतिनिधित्व देने के विचार को स्वीकार नहीं कर सकते। साथ आगे कहा महिलाओं को उनके अधिकारों से वंचित करने की इस साजिश में समाजवादी पार्टी ने भी धर्म आधारित आरक्षण की असंवैधानिक मांग उठाकर खतरनाक कदम उठाया है, जबकि भारत का संविधान धर्म के आधार पर आरक्षण को स्वीकार नही करता। उन्होंने कहा कांग्रेस सपा, विपक्ष को लगता है, कि वह तकनीकी बहानों से जनता को भ्रमित कर सकता है, लेकिन आज की महिलाएं सब समझती है। साथ ही कहा यह केवल एक विधेयक का विरोध नही था, बल्कि प्रधानमंत्री मोदी के प्रति विपक्ष की हताशा का प्रदर्शन था।
इस अवसर पर जिलाध्यक्ष राजीव कुमार गुप्ता, सदर विधायक महेश चंद्र गुप्ता, बिल्सी विधायक हरीश शाक्य, जिलाध्यक्ष महिला मोर्चा अमिता उपाध्याय, जिला महामंत्री एमपी सिंह राजपूत, जिला महामंत्री शैलेन्द्र मोहन शर्मा, जिला कोषाध्यक्ष अनुभव उपाध्याय, जिला मीडिया प्रभारी अचल शर्मा आदि मीडिया बंधु उपस्थित रहे।
    user_संजय शर्मा पत्रकार बदायूं उत्तर प्रदेश
    संजय शर्मा पत्रकार बदायूं उत्तर प्रदेश
    पत्रकारिता Budaun, Uttar Pradesh•
    8 hrs ago
  • gram kailee post kunwargaon budaun ye hamare gaon ka sarkari nal hai jiske liye pani nikalne ke liye nali nahi bani hai or hamare gaon ka pradhan bhi nahi sunta hamari kripa karke hamare sarkari nal ki nali ban bane ki kripa kare aapki mahan kripa hogi my name vipin kumar prajapati
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    gram kailee post kunwargaon budaun 
ye hamare gaon ka sarkari nal hai jiske liye pani nikalne ke liye nali nahi bani hai or hamare gaon ka pradhan bhi nahi sunta hamari 
kripa karke hamare sarkari nal ki nali ban bane ki kripa kare 
aapki mahan kripa hogi 
my name vipin kumar prajapati
    user_Vipin kumar prajapati
    Vipin kumar prajapati
    बदायूँ, बदायूँ, उत्तर प्रदेश•
    11 hrs ago
  • फरसा-डंडा लहराने पर कार्रवाई की चेतावनी खबर: मेरठ में परशुराम जयंती के मौके पर निकाली जा रही शौर्य यात्रा के दौरान हथियार लहराने पर पुलिस ने सख्त रुख अपनाया है। डिप्टी एसपी सुचिता सिंह ने साफ चेतावनी देते हुए कहा कि जो लोग फरसा और डंडे लहरा रहे हैं, उनकी फोटोग्राफी की जा रही है और उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जाएगा। उन्होंने मौके पर मौजूद लोगों को तुरंत सभी डंडे नीचे कराने के निर्देश दिए और कहा कि कानून व्यवस्था से खिलवाड़ किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। पुलिस प्रशासन ने साफ किया है कि त्योहार और जुलूस शांति और मर्यादा के साथ ही मनाए जाएं, अन्यथा सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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    फरसा-डंडा लहराने पर कार्रवाई की चेतावनी
खबर:
मेरठ में परशुराम जयंती के मौके पर निकाली जा रही शौर्य यात्रा के दौरान हथियार लहराने पर पुलिस ने सख्त रुख अपनाया है। डिप्टी एसपी सुचिता सिंह ने साफ चेतावनी देते हुए कहा कि जो लोग फरसा और डंडे लहरा रहे हैं, उनकी फोटोग्राफी की जा रही है और उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जाएगा।
उन्होंने मौके पर मौजूद लोगों को तुरंत सभी डंडे नीचे कराने के निर्देश दिए और कहा कि कानून व्यवस्था से खिलवाड़ किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। पुलिस प्रशासन ने साफ किया है कि त्योहार और जुलूस शांति और मर्यादा के साथ ही मनाए जाएं, अन्यथा सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
    user_Bhoodev Parsad
    Bhoodev Parsad
    बदायूँ, बदायूँ, उत्तर प्रदेश•
    15 hrs ago
  • Bareilly Ke Thana navabganj Se Badi khabar/ apradhik mamla navabganj/ khabar Judi Gau taskar se/ Gau taskar ki hui girftari/ teen 3 gokas girftar/ chitradhikari Nilesh Mishr ka bada byan/ Ghayal hua apraadhi navabganj
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    Bareilly Ke Thana navabganj Se Badi khabar/
apradhik mamla navabganj/
khabar Judi Gau taskar se/
Gau taskar ki hui girftari/
teen 3 gokas girftar/
chitradhikari Nilesh Mishr ka bada byan/
Ghayal hua apraadhi navabganj
    user_Jalal News 901
    Jalal News 901
    Media and information sciences faculty बरेली, बरेली, उत्तर प्रदेश•
    21 min ago
  • रोग नंबर... 🤣🤣🤣🤣... Yogi Adityanath ji. तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हें आज़ादी दूँगा यह प्रसिद्ध नारा सुभाष चंद्र बोस ने कहा था। उन्होंने यह नारा भारतीयों को स्वतंत्रता संग्राम के लिए प्रेरित करने हेतु दिया था #YogiAdityanath
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    रोग नंबर... 🤣🤣🤣🤣... Yogi Adityanath ji.
तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हें आज़ादी दूँगा यह प्रसिद्ध नारा सुभाष चंद्र बोस ने कहा था। उन्होंने यह नारा भारतीयों को स्वतंत्रता संग्राम के लिए प्रेरित करने हेतु दिया था #YogiAdityanath
    user_MOHD ASIF ABBAS
    MOHD ASIF ABBAS
    Voice of people Aonla, Bareilly•
    1 hr ago
  • 24 अप्रैल से शुरू होगा वली मियां का 36वां उर्स, देश-विदेश से आएंगे जायरीन बरेली से अवधेश शर्मा की रिपोर्ट बरेली। आस्ताना ए आलिया मोहम्मदिया (दरगाह वली मियां) में हज़रत अल्हाज मौलाना वली मोहम्मद साहब रहमतुल्लाह अलैह (वली मियां) के 36वें चार रोज़ा उर्स-ए-मोहम्मदी को लेकर प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पोस्टर जारी किया गया। बताया
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    24 अप्रैल से शुरू होगा वली मियां का 36वां उर्स, देश-विदेश से आएंगे जायरीन
बरेली से अवधेश शर्मा की रिपोर्ट
बरेली। आस्ताना ए आलिया मोहम्मदिया (दरगाह वली मियां) में हज़रत अल्हाज मौलाना वली मोहम्मद साहब रहमतुल्लाह अलैह (वली मियां) के 36वें चार रोज़ा उर्स-ए-मोहम्मदी को लेकर प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पोस्टर जारी किया गया।
बताया
    user_अवधेश शर्मा उप संपादक बरेली बरेली रिपोर्टर
    अवधेश शर्मा उप संपादक बरेली बरेली रिपोर्टर
    मीडिया में ज्यादा काम किया है बरेली, बरेली, उत्तर प्रदेश•
    1 hr ago
  • सऊदी अरब का अहम दौरा पूरा करने के बाद पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शाहबाज़ शरीफ़ अब तुर्की पहुँच चुके हैं। इस दौरे को क्षेत्रीय कूटनीति, आर्थिक सहयोग और मुस्लिम देशों के बीच बढ़ते तालमेल के रूप में देखा जा रहा है। माना जा रहा है कि तुर्की नेतृत्व के साथ व्यापार, निवेश, रक्षा सहयोग और क्षेत्रीय हालात पर अहम चर्चा हो सकती है। पाकिस्तान लगातार अपने रणनीतिक साझेदार देशों के साथ रिश्तों को मजबूत करने में जुटा है।
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    सऊदी अरब का अहम दौरा पूरा करने के बाद पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शाहबाज़ शरीफ़ अब तुर्की पहुँच चुके हैं। इस दौरे को क्षेत्रीय कूटनीति, आर्थिक सहयोग और मुस्लिम देशों के बीच बढ़ते तालमेल के रूप में देखा जा रहा है। माना जा रहा है कि तुर्की नेतृत्व के साथ व्यापार, निवेश, रक्षा सहयोग और क्षेत्रीय हालात पर अहम चर्चा हो सकती है। पाकिस्तान लगातार अपने रणनीतिक साझेदार देशों के साथ रिश्तों को मजबूत करने में जुटा है।
    user_MOHD ASIF ABBAS
    MOHD ASIF ABBAS
    Voice of people Aonla, Bareilly•
    1 hr ago
  • Bareilly mein ilaaj ka ek matra sthan/ kya aap kidney ki samasya se pareshan hai/ Dr Anish Beg Bareilly/ Dr Mohammed Aamir Ansari Bareilly/ Anish beg hospital Bareilly/ maliyon ki pulliya Bareilly/ ilaaj ka Sahi hospital Bareilly/
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    Bareilly mein ilaaj ka ek matra sthan/
kya aap kidney ki samasya se pareshan hai/
Dr Anish Beg Bareilly/
Dr Mohammed Aamir Ansari Bareilly/
Anish beg hospital Bareilly/
maliyon ki pulliya Bareilly/
ilaaj ka Sahi hospital Bareilly/
    user_Jalal News 901
    Jalal News 901
    Media and information sciences faculty बरेली, बरेली, उत्तर प्रदेश•
    1 hr ago
  • बरेली में उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल उत्तर प्रदेश व्यापारियों की बैठक, अकरम खान बने जिला अध्यक्ष, कमल गुप्ता महामंत्री माला पहनाकर किया जोरदार स्वागत, बरेली सोमवार को उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मण्डल, उत्तर प्रदेश (पंजी.) की एक महत्वपूर्ण बैठक बरेली स्थित रॉयल पटियाला अजंता में व्यापारियों की एकजुटता, अधिकारों की रक्षा और सरकारी विभागों द्वारा हो रहे कथित उत्पीड़न के मुद्दे जोर-शोर से उठाए गए। बैठक में संगठन के प्रदेश अध्यक्ष लोकेश अग्रवाल ने व्यापारियों को संबोधित करते हुए कहा कि वर्तमान समय में व्यापारियों के लिए संगठित रहना और संबंधित एक्ट व नियमों का अध्ययन करना अत्यंत आवश्यक हो गया है। इस अवसर पर संगठनात्मक विस्तार करते हुए अकरम खान को बरेली का जिला अध्यक्ष तथा कमल गुप्ता को जिला महामंत्री नियुक्त किया गया। नवनियुक्त पदाधिकारियों का स्वागत करते हुए लोकेश अग्रवाल ने विश्वास जताया कि उनके नेतृत्व में जिले के व्यापारियों के सम्मान की रक्षा होगी और उन्हें अनावश्यक उत्पीड़न से राहत मिलेगी। बैठक में व्यापारियों की समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की गई। प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि आज व्यापारी लगभग 28 विभागों की प्रताड़ना झेल रहा है, जिससे व्यापार करना कठिन होता जा रहा है। उन्होंने स्मार्ट मीटर व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि बिजली विभाग को पहले अपने सर्वर सिस्टम को दुरुस्त करना चाहिए, उसके बाद ही स्मार्ट मीटर लागू किए जाने चाहिए। लोकेश अग्रवाल ने यह भी कहा कि समाज में व्यापारियों की छवि को गलत तरीके से अपराधी के रूप में प्रस्तुत किया जा रहा है, जिसे बदलने की आवश्यकता है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार बड़े उद्योग घरानों और ऑनलाइन कारोबार के लिए अलग नियम लागू कर रही है, जबकि छोटे व्यापारियों पर सख्ती बढ़ाई जा रही है। फूड विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि विभाग द्वारा बार-बार सैंपलिंग कर व्यापारियों का उत्पीड़न किया जा रहा है, जबकि खाद्य उत्पादों की गुणवत्ता पर प्रभाव डालने वाले कारकों जैसे भूगर्भ जल, नदियों व नहरों के पानी में रसायनों की मौजूदगी तथा कृषि में इस्तेमाल होने वाले कीटनाशकों के लिए स्पष्ट मानक तय नहीं हैं। ऐसे में केवल व्यापारियों पर कार्रवाई करना अनुचित है। बैठक में प्रीपेड मीटर के विरोध को लेकर भी बड़ा निर्णय लिया गया। संगठन ने घोषणा की कि पूरे प्रदेश में जिला मुख्यालयों पर रैलियां निकालकर प्रीपेड मीटर का विरोध किया जाएगा और पुतला दहन किया जाएगा। साथ ही मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन देकर मांग की जाएगी कि प्रीपेड मीटर केवल उपभोक्ता की सहमति से ही लगाए जाएं और जिन उपभोक्ताओं पर जबरन लगाए गए हैं, उन्हें हटाकर पोस्टपेड मीटर पुनः लगाए जाएं। कार्यक्रम के अंत में संगठन ने व्यापारियों से एकजुट होकर अपने अधिकारों के लिए संघर्ष करने का आह्वान किया।
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    बरेली में उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल उत्तर प्रदेश  व्यापारियों की बैठक, अकरम खान बने जिला अध्यक्ष, कमल गुप्ता महामंत्री  माला पहनाकर किया जोरदार स्वागत,
बरेली  सोमवार को उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मण्डल, उत्तर प्रदेश (पंजी.) की एक महत्वपूर्ण बैठक बरेली स्थित रॉयल पटियाला अजंता में व्यापारियों की एकजुटता, अधिकारों की रक्षा और सरकारी विभागों द्वारा हो रहे कथित उत्पीड़न के मुद्दे जोर-शोर से उठाए गए। बैठक में संगठन के प्रदेश अध्यक्ष लोकेश अग्रवाल ने व्यापारियों को संबोधित करते हुए कहा कि वर्तमान समय में व्यापारियों के लिए संगठित रहना और संबंधित एक्ट व नियमों का अध्ययन करना अत्यंत आवश्यक हो गया है।
इस अवसर पर संगठनात्मक विस्तार करते हुए अकरम खान को बरेली का जिला अध्यक्ष तथा कमल गुप्ता को जिला महामंत्री नियुक्त किया गया। नवनियुक्त पदाधिकारियों का स्वागत करते हुए लोकेश अग्रवाल ने विश्वास जताया कि उनके नेतृत्व में जिले के व्यापारियों के सम्मान की रक्षा होगी और उन्हें अनावश्यक उत्पीड़न से राहत मिलेगी।
बैठक में व्यापारियों की समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की गई। प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि आज व्यापारी लगभग 28 विभागों की प्रताड़ना झेल रहा है, जिससे व्यापार करना कठिन होता जा रहा है। उन्होंने स्मार्ट मीटर व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि बिजली विभाग को पहले अपने सर्वर सिस्टम को दुरुस्त करना चाहिए, उसके बाद ही स्मार्ट मीटर लागू किए जाने चाहिए।
लोकेश अग्रवाल ने यह भी कहा कि समाज में व्यापारियों की छवि को गलत तरीके से अपराधी के रूप में प्रस्तुत किया जा रहा है, जिसे बदलने की आवश्यकता है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार बड़े उद्योग घरानों और ऑनलाइन कारोबार के लिए अलग नियम लागू कर रही है, जबकि छोटे व्यापारियों पर सख्ती बढ़ाई जा रही है।
फूड विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि विभाग द्वारा बार-बार सैंपलिंग कर व्यापारियों का उत्पीड़न किया जा रहा है, जबकि खाद्य उत्पादों की गुणवत्ता पर प्रभाव डालने वाले कारकों जैसे भूगर्भ जल, नदियों व नहरों के पानी में रसायनों की मौजूदगी तथा कृषि में इस्तेमाल होने वाले कीटनाशकों के लिए स्पष्ट मानक तय नहीं हैं। ऐसे में केवल व्यापारियों पर कार्रवाई करना अनुचित है।
बैठक में प्रीपेड मीटर के विरोध को लेकर भी बड़ा निर्णय लिया गया। संगठन ने घोषणा की कि पूरे प्रदेश में जिला मुख्यालयों पर रैलियां निकालकर प्रीपेड मीटर का विरोध किया जाएगा और पुतला दहन किया जाएगा। साथ ही मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन देकर मांग की जाएगी कि प्रीपेड मीटर केवल उपभोक्ता की सहमति से ही लगाए जाएं और जिन उपभोक्ताओं पर जबरन लगाए गए हैं, उन्हें हटाकर पोस्टपेड मीटर पुनः लगाए जाएं।
कार्यक्रम के अंत में संगठन ने व्यापारियों से एकजुट होकर अपने अधिकारों के लिए संघर्ष करने का आह्वान किया।
    user_Bareilly ki halchal
    Bareilly ki halchal
    बरेली, बरेली, उत्तर प्रदेश•
    3 hrs ago
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