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समस्तीपुर-ताजपुर रोड पर शम्भूपट्टी के समीप एक सड़क दुर्घटना के बाद मृतक के परिजनों ने सड़क जाम कर दिया है। इस सड़क हादसे के विरोध में मृतक के परिवार के सदस्य शम्भूपट्टी के पास इकट्ठा हुए और उन्होंने इस मार्ग पर आवागमन को पूरी तरह बाधित कर दिया।
Anil shriwastav
समस्तीपुर-ताजपुर रोड पर शम्भूपट्टी के समीप एक सड़क दुर्घटना के बाद मृतक के परिजनों ने सड़क जाम कर दिया है। इस सड़क हादसे के विरोध में मृतक के परिवार के सदस्य शम्भूपट्टी के पास इकट्ठा हुए और उन्होंने इस मार्ग पर आवागमन को पूरी तरह बाधित कर दिया।
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- समस्तीपुर जिला के मोहिउद्दीननगर थाने की पुलिस ने नंदनी ठाकुर चौक से एक कोर्ट वारंटी को गिरफ्तार किया है। थानाध्यक्ष सचिन कुमार ने जानकारी देते हुए बताया कि गिरफ्तार अभियुक्त की पहचान नंदिनी निवासी राम सुमन ठाकुर के पुत्र रमेश ठाकुर के रूप में की गई है। आरोपी को एसडीजेएम शाहपुर पटोरी के टीआर नंबर 13 14/26 के तहत ठाकुर चौक से गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तारी की प्रक्रिया पूरी करने के बाद पुलिस ने अभियुक्त को अपनी अभिरक्षा में जेल भेज दिया है।1
- समस्तीपुर के पटोरी व्यवहार न्यायालय भवन स्थल चयन के मामले को लेकर तीनों प्रखंड के जनप्रतिनिधियों और संघर्ष मोर्चा संघ के सदस्यों की एक अत्यंत महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में पटोरी व्यवहार न्यायालय पर संघर्ष समिति के सदस्यों ने हिस्सा लिया और कई अहम जानकारियां साझा कीं। बैठक में मौजूद पटोरी प्रखंड प्रमुख सुरेश राय ने हर विपरीत परिस्थिति का सामना करने का दृढ़ निर्णय लिया है। उन्होंने इस मामले को लेकर हाई कोर्ट से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक जाने का बड़ा फैसला किया है।1
- समस्तीपुर के मोहनपुर प्रखंड क्षेत्र में भारतीय वन्यजीव संस्थान के गंगा प्रहरियों ने एक बड़े अभियान के तहत गंगा नदी में रहने वाले 10 दुर्लभ नरम कवच वाले कछुओं का सफलतापूर्वक रेस्क्यू किया है। इन सभी कछुओं को सुरक्षित रूप से वापस गंगा नदी में छोड़ दिया गया है। इस कार्रवाई को क्षेत्र में अब तक का सबसे बड़ा कछुआ रेस्क्यू अभियान माना जा रहा है। रेस्क्यू किए गए सभी कछुए 'लिसेमिस पंक्टाटा' प्रजाति के हैं, जो स्वच्छ और मीठे पानी में रहते हैं और इनका वजन करीब 500 ग्राम से लेकर 3 किलोग्राम तक था। भारतीय वन्यजीव संस्थान के सहायक समन्वयक कुणाल कुमार सिंह ने जानकारी दी कि मछुआरा समुदाय के कुछ लोगों द्वारा इन कछुओं का लगातार अवैध शिकार किया जा रहा था। इस बात की सूचना मिलते ही गंगा प्रहरियों ने तुरंत कार्रवाई करते हुए कछुओं को उनके प्राकृतिक आवास में सुरक्षित छोड़ दिया। यह अभियान संस्थान के दिशा-निर्देशों के तहत राज्य के वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के सहयोग से चलाया जा रहा है। वन्यजीवों का अवैध शिकार करना एक कानूनन दंडनीय अपराध है। कछुओं के महत्व के बारे में गंगा प्रहरी बिट्टू कुमार सिंह ने बताया कि इन्हें गंगा नदी का "गिद्ध" भी कहा जाता है, क्योंकि ये मृत जलीय जीवों और जैविक अवशेषों को खाकर नदी की स्वच्छता बनाए रखने में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं। इस रेस्क्यू अभियान को सफल बनाने में गंगा प्रहरी जयंत सिंह, राजकुमार सिंह और सोहन सिंह सहित अन्य सदस्यों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।1
- समस्तीपुर के मोरवा में निषाद समाज को उसका संवैधानिक आरक्षण दिलाने के संकल्प को रेखांकित किया गया है। यहाँ स्पष्ट रूप से कहा गया है कि केवल सत्ता हासिल करना ही अंतिम लक्ष्य नहीं है, बल्कि निषाद समाज को उसका संवैधानिक अधिकार और आरक्षण दिलाना सबसे मुख्य उद्देश्य है। सत्ता केवल एक साधन हो सकती है, लेकिन असली संकल्प समाज के लिए आरक्षण, सम्मान और अधिकारों की प्राप्ति सुनिश्चित करना है।1
- समस्तीपुर जिले के खानपुर थाना क्षेत्र में स्थित चकोटी मठ मंदिर में भीषण चोरी की घटना हुई है, जहां महज 18 दिन पहले ही प्राण-प्रतिष्ठा का कार्य संपन्न हुआ था। इस वारदात को अंजाम देने के बाद मंदिर के सीसीटीवी डीवीआर (DVR) से भी डेटा गायब है। इस बड़ी चोरी की घटना के बाद अब पुलिस पूरे मामले की छानबीन और जांच-पड़ताल में जुट गई है।1
- पटना के बाढ़ अनुमंडल के पंडारक प्रखंड अंतर्गत भदौर थाना क्षेत्र के शहजादपुर बथोई में जमीन विवाद को लेकर दो भाइयों के बीच जमकर मारपीट हुई है। यह विवाद तब बढ़ गया जब बड़े भाई विकास कुमार अपने पिता की मृत्यु के बाद अपनी मां को अपने साथ ले जाने के लिए गांव आए थे। उनके छोटे भाई नीतीश कुमार ने मां को जाने देने से इनकार कर दिया, जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच विवाद शुरू हो गया। जख्मी विकास कुमार के अनुसार, जब छोटे भाई ने मां को साथ भेजने से मना किया, तो उन्होंने घर में रखे अपने इनवर्टर और बैटरी को ले जाने की बात कही। नीतीश कुमार इसके लिए भी तैयार नहीं हुआ और दोनों के बीच कहासुनी हो गई। इसके बाद देखते ही देखते लाठी-डंडे चलने लगे। इस दौरान नीतीश कुमार ने अपने बड़े भाई विकास कुमार के सिर पर चाकू से दो-तीन बार प्रहार कर दिया, जिससे वह गंभीर रूप से जख्मी हो गए। घटना के बाद स्थानीय लोगों की मदद से जख्मी विकास कुमार को इलाज के लिए बाढ़ के अनुमंडलीय अस्पताल लाया गया। उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए चिकित्सकों ने उन्हें बेहतर इलाज के लिए रेफर कर दिया है। पीड़ित परिवार के पिता वृक्षन यादव उर्फ बनारस यादव की लगभग 2 महीने पहले ही मृत्यु हुई थी, जो एफसीआई में कार्यरत थे। इस घटना को लेकर भदौर थाना से कई बार संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन उनसे संपर्क स्थापित नहीं हो पाया।1