मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की पहल और चिकित्सा मंत्री श्री गजेन्द्र सिंह खींवसर के निर्देशन में राजस्थान में मिलावट के खिलाफ निरंतर अभियान चलाया जा रहा है। इसी कड़ी में, खाद्य पदार्थों में मिलावट और गुणवत्ता संबंधी शिकायतों के आधार पर खाद्य सुरक्षा आयुक्तालय की केंद्रीय प्रवर्तन टीम ने शनिवार को उदयपुर जिले में दो स्थानों पर संयुक्त निरीक्षण एवं प्रवर्तन कार्रवाई की। अतिरिक्त आयुक्त श्री भगवत सिंह के नेतृत्व में केंद्रीय एवं जिला टीम ने श्री माधुर डेयरी फार्म एंड फूड प्रोडक्ट्स, अम्बेरी, उदयपुर का निरीक्षण किया। यहां "उदयपुर फ्रेश देसी घी", "उदयपुर फ्रेश काउ घी", "माध्या देसी घी" और "जयन्त काउ घी" सहित विभिन्न ब्रांड के घी का निर्माण एवं भंडारण पाया गया, साथ ही टैंकों व कंटेनरों में बड़ी मात्रा में तैयार घी मिला। निरीक्षण के दौरान अनेक टिन में बिना लेबल और आवश्यक विवरण के घी का भंडारण तथा फूड कलर (रंग) की बोतलें भी बरामद हुईं। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि घी में पीला रंग डालकर उसे गाय के घी के रूप में विपणन करने का प्रयास किया जा रहा था। इस संबंध में विस्तृत वैज्ञानिक परीक्षण हेतु नमूने लिए गए हैं, और यह भी पाया गया कि घी निर्माण के लिए अरिहंत मिल्क प्रोडक्ट्स, इंदौर तथा चन्द्र कमल ब्रांड, देवास (मध्य प्रदेश) से मक्खन खरीदा जा रहा था। जनस्वास्थ्य की सुरक्षा को देखते हुए, लगभग 18,000 लीटर तैयार घी मौके पर ही जब्त कर उसके विक्रय एवं वितरण पर रोक लगा दी गई है। अभियान के अंतर्गत, केंद्रीय टीम ने मैसर्स महालक्ष्मी ट्रेडिंग कंपनी, डी-1, कृषि उपज मंडी, सवीना, उदयपुर का भी निरीक्षण किया। यहां महावीर काऊ घी, महावीर देसी घी, महालक्ष्मी घी, मिल्क फूड घी, सोनाई घी, काला काऊ घी, पंचगव्य घी, अमूल और नोवा घी सहित विभिन्न ब्रांडों के घी एवं दुग्ध उत्पादों का बड़ा स्टॉक मिला। प्रारंभिक सत्यापन के अनुसार, लगभग 42 हजार किलोग्राम से अधिक का यह स्टॉक विस्तृत जांच के दायरे में है। निरीक्षण के दौरान महावीर ब्रांड घी (बैच संख्या-1) का स्टॉक भी पाया गया, जिसे पूर्व में खाद्य सुरक्षा आयुक्त, राजस्थान द्वारा असुरक्षित (Unsafe Food) घोषित करते हुए उसके विक्रय, वितरण और भंडारण पर प्रतिबंध लगाया जा चुका था। प्रतिबंधित एवं असुरक्षित घोषित इस घी का स्टॉक पाए जाने पर, केंद्रीय टीम ने उसे तत्काल प्रभाव से जब्त कर उसके विक्रय एवं वितरण पर रोक लगा दी। संबंधित प्रतिष्ठानों के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई प्रारंभ कर दी गई है। खाद्य सुरक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि संग्रहित नमूनों की प्रयोगशाला जांच रिपोर्ट प्राप्त होने और जांच पूर्ण होने के पश्चात, यदि खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के प्रावधानों का उल्लंघन पाया जाता है, तो संबंधित प्रतिष्ठानों, संचालकों एवं उत्तरदायी व्यक्तियों के विरुद्ध अधिनियम के तहत कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। इस कार्रवाई में संयुक्त आयुक्त डॉ. विजय प्रकाश शर्मा, केंद्रीय टीम के खाद्य सुरक्षा अधिकारी विनोद शर्मा, अमित शर्मा, लोकेश शर्मा और देवेन्द्र सिंह राणावत तथा उदयपुर जिले के खाद्य सुरक्षा अधिकारी अशोक गुप्ता एवं नरेन्द्र सिंह शामिल रहे।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की पहल और चिकित्सा मंत्री श्री गजेन्द्र सिंह खींवसर के निर्देशन में राजस्थान में मिलावट के खिलाफ निरंतर अभियान चलाया जा रहा है। इसी कड़ी में, खाद्य पदार्थों में मिलावट और गुणवत्ता संबंधी शिकायतों के आधार पर खाद्य सुरक्षा आयुक्तालय की केंद्रीय प्रवर्तन टीम ने शनिवार को उदयपुर जिले में दो स्थानों पर संयुक्त निरीक्षण एवं प्रवर्तन कार्रवाई की। अतिरिक्त आयुक्त श्री भगवत सिंह के नेतृत्व में केंद्रीय एवं जिला टीम ने श्री माधुर डेयरी फार्म एंड फूड प्रोडक्ट्स, अम्बेरी, उदयपुर का निरीक्षण किया। यहां "उदयपुर फ्रेश देसी घी", "उदयपुर फ्रेश काउ घी", "माध्या देसी घी" और "जयन्त काउ घी" सहित विभिन्न ब्रांड के घी का निर्माण एवं भंडारण पाया गया, साथ ही टैंकों व कंटेनरों में बड़ी मात्रा में तैयार घी मिला। निरीक्षण के दौरान अनेक टिन में बिना लेबल और आवश्यक विवरण के घी का भंडारण तथा फूड कलर (रंग) की बोतलें भी बरामद हुईं। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि घी में पीला रंग डालकर उसे गाय के घी के रूप में विपणन करने का प्रयास किया जा रहा था। इस संबंध में विस्तृत वैज्ञानिक परीक्षण हेतु नमूने लिए गए हैं, और यह भी पाया गया कि घी निर्माण के लिए अरिहंत मिल्क प्रोडक्ट्स, इंदौर तथा चन्द्र कमल ब्रांड, देवास (मध्य प्रदेश) से मक्खन खरीदा जा रहा था। जनस्वास्थ्य की सुरक्षा को देखते हुए, लगभग 18,000 लीटर तैयार घी मौके पर ही जब्त कर उसके विक्रय एवं वितरण पर रोक लगा दी गई है। अभियान के अंतर्गत, केंद्रीय टीम ने मैसर्स महालक्ष्मी ट्रेडिंग कंपनी, डी-1, कृषि उपज मंडी, सवीना, उदयपुर का भी निरीक्षण किया। यहां महावीर काऊ घी, महावीर देसी घी, महालक्ष्मी घी, मिल्क फूड घी, सोनाई घी, काला काऊ घी, पंचगव्य घी, अमूल और नोवा घी सहित विभिन्न ब्रांडों के घी एवं दुग्ध उत्पादों का बड़ा स्टॉक मिला। प्रारंभिक सत्यापन के अनुसार, लगभग 42 हजार किलोग्राम से अधिक का यह स्टॉक विस्तृत जांच के दायरे में है। निरीक्षण के दौरान महावीर ब्रांड घी (बैच संख्या-1) का स्टॉक भी पाया गया, जिसे पूर्व में खाद्य सुरक्षा आयुक्त, राजस्थान द्वारा असुरक्षित (Unsafe Food) घोषित करते हुए उसके विक्रय, वितरण और भंडारण पर प्रतिबंध लगाया जा चुका था। प्रतिबंधित एवं असुरक्षित घोषित इस घी का स्टॉक पाए जाने पर, केंद्रीय टीम ने उसे तत्काल प्रभाव से जब्त कर उसके विक्रय एवं वितरण पर रोक लगा दी। संबंधित प्रतिष्ठानों के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई प्रारंभ कर दी गई है। खाद्य सुरक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि संग्रहित नमूनों की प्रयोगशाला जांच रिपोर्ट प्राप्त होने और जांच पूर्ण होने के पश्चात, यदि खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के प्रावधानों का उल्लंघन पाया जाता है, तो संबंधित प्रतिष्ठानों, संचालकों एवं उत्तरदायी व्यक्तियों के विरुद्ध अधिनियम के तहत कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। इस कार्रवाई में संयुक्त आयुक्त डॉ. विजय प्रकाश शर्मा, केंद्रीय टीम के खाद्य सुरक्षा अधिकारी विनोद शर्मा, अमित शर्मा, लोकेश शर्मा और देवेन्द्र सिंह राणावत तथा उदयपुर जिले के खाद्य सुरक्षा अधिकारी अशोक गुप्ता एवं नरेन्द्र सिंह शामिल रहे।
- जयपुर के मुरलीपुरा में पूज्य सिंधी पंचायत द्वारा आयोजित 15 दिवसीय बाल संस्कार शिविर सफलतापूर्वक संपन्न हो गया है। इस शिविर में बच्चों को संस्कार और मूल्य सिखाए गए।1
- पूर्व चिकित्सा मंत्री रघु शर्मा भावुक होते हुए कहा कि – “यही मेरी कसम है कि जिसको मैंने जिला बनाया और इन बेईमानों ने हटाया, बीजेपी की सरकार ने हटाया, उसको वापस जिले का दर्जा रघु शर्मा दिला के रहेगा और मेरी सांस रहेगी, तो यह जिला बनेगा।”1
- जयपुर पुलिस आयुक्त सचिन मित्तल ने शनिवार, 30 मई को चित्रकूट थाने में जनसुनवाई की, जहाँ उन्होंने परिवादियों की समस्याओं को सुना और मौके पर ही संबंधित अधिकारियों को उनके निस्तारण के निर्देश दिए। इस जनसुनवाई के दौरान अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (अपराध) अजय सिंह, पुलिस उपायुक्त पश्चिम प्रशांत किरन, अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त पश्चिम राजेश कुमार गुप्ता और सहायक पुलिस आयुक्त वैशालीनगर अनिल कुमार शर्मा सहित संबंधित एसएचओ और अन्य थाना अधिकारी मौजूद रहे। पुलिस आयुक्त सचिन मित्तल ने बताया कि जनसुनवाई के दौरान कई परिवादियों की समस्याओं का तत्काल समाधान किया गया। उन्हें क्षेत्र में आपसी मुकदमे, पारिवारिक और जमीनी विवाद, मकानों पर अवैध कब्जे, चोरी और मारपीट जैसी शिकायतें प्राप्त हुईं। इन सभी शिकायतों की गहन जांच कर उन्हें कम से कम समय में और निश्चित समयावधि के भीतर निपटाने के सख्त निर्देश दिए गए। साथ ही, संबंधित अधिकारियों को परिवादियों की समस्याओं पर तुरंत प्रतिक्रिया देने और उनका त्वरित निस्तारण सुनिश्चित करने को कहा गया। वैशालीनगर सर्किल के वैशालीनगर, करणी विहार और चित्रकूट पुलिस थाना क्षेत्रों के परिवादियों ने अपनी शिकायतें पुलिस आयुक्त के समक्ष रखीं और उनका समाधान पाया। जनसुनवाई की सबसे खास बात यह रही कि अधिकांश समस्याओं का मौके पर ही समाधान कर दिया गया, जबकि जिन समस्याओं के समाधान में अधिक समय लगने की संभावना थी, उनके शीघ्र निस्तारण के लिए भी निर्देश दिए गए। यह भी उल्लेखनीय है कि इससे पहले भी पुलिस आयुक्त झोटवाड़ा, सांगानेर, शिप्रापथ, विद्याधरनगर, भांकरोटा, बस्सी, शिवदासपुरा, चौमू, आमेर और रामगंज जैसे विभिन्न एसीपी कार्यालयों और पुलिस थानों में जनसुनवाई कर परिवादियों को मौके पर राहत प्रदान कर चुके हैं।1
- राजस्थान में इस समय बहुत तेज तूफानी बारिश हो रही है। पूरे राजस्थान में अत्यधिक तीव्र गति से तूफान चल रहा है, जिसके कारण भयंकर बारिश देखी जा रही है।1
- जयपुर की महेश नगर थाना पुलिस ने एक बिजनेसमैन को हनीट्रैप में फंसाकर ब्लैकमेल करने वाली युवती के एक मददगार दोस्त को दिल्ली से गिरफ्तार किया है। महेश नगर थाना पुलिस ने इस मामले का खुलासा करते हुए बताया कि युवक को शुक्रवार रात को दिल्ली से पकड़ा गया। इससे पहले पुलिस मुख्य ब्लैकमेलर युवती को जोधपुर से गिरफ्तार कर चुकी थी, जिसने पूछताछ में अपने इस साथी का नाम बताया था। गिरफ्तार किए गए दिल्ली के द्वारका निवासी 30 वर्षीय युवक के बैंक खाते में ही ब्लैकमेलिंग के पैसे डलवाए गए थे। पुलिस का मानना है कि इस गिरोह में और भी लोग शामिल हो सकते हैं। महेश नगर थाना पुलिस के SHO सुरेश यादव ने बताया कि सांगानेर निवासी 42 वर्षीय बिजनेसमैन ने जुलाई 2025 में महेश नगर थाने में एक FIR दर्ज कराई थी। बिजनेसमैन के आरोप के मुताबिक, युवती ने सोशल मीडिया के जरिए उससे संपर्क करने की कोशिश की थी। जब उसने ध्यान नहीं दिया, तो युवती ने उसकी पत्नी से दोस्ती कर उससे मिलना-जुलना शुरू कर दिया। इसके बाद युवती ने बिजनेसमैन को झूठे प्रेमजाल में फंसाकर उससे रुपए वसूलना शुरू कर दिया। शादी का झांसा देकर और झूठ बोलकर युवती ने अलग-अलग तरीकों से ₹90 लाख ऐंठ लिए। जब बिजनेसमैन ने और रुपए देने से मना किया, तो युवती ने उसे झूठे रेप केस में फंसाने की धमकी देनी शुरू कर दी और ₹50 लाख की मांग की थी।1
- मूल पाठ में तबाही का उल्लेख किया गया है, जिसके साथ ही ॐ नमः शिवाय और ओम विष्णु नारायण नमः जैसे धार्मिक मंत्रों का भी जाप किया गया है।1
- सांसद हनुमान बेनीवाल, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ के खिलाफ FIR दर्ज करवा सकते हैं।1
- कल राजस्थान के सवाई माधोपुर जिले के एक गाँव में भीषण आंधी-तूफान आया। इस प्राकृतिक आपदा के कारण एक किसान को भारी नुकसान हुआ है। इसके अतिरिक्त, घटना में दो व्यक्तियों के घायल होने की भी सूचना मिली है।1