उद्यानिकी कार्यालय द्वारा उष्ण लहर से फसलों के बचाव हेतु एडवाइजरी जारी किसानों को नमी संरक्षण व फसल सुरक्षा उपाय अपनाने की सलाह नमी संरक्षण के लिए मल्चिंग का उपयोग करें :वर्मा राजसमंद। मौसम विज्ञान केन्द्र, मौसम विज्ञान केन्द्र, जयपुर द्वारा जारी संयुक्त कृषि-मौसम सलाहकार बुलेटिन के अनुसार प्रदेश में आगामी दिनों में अधिकतम तापमान में सामान्य से 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक वृद्धि होने का अनुमान व्यक्त किया गया है। ऐसे में बढ़ते तापमान का प्रतिकूल प्रभाव विशेष रूप से उद्यानिकी फसलों की वृद्धि एवं उत्पादन पर पड़ सकता है। इस संबंध में उप निदेशक उद्यान कल्प वर्मा द्वारा किसानों के लिए आवश्यक सावधानियां एवं बचाव उपायों की एडवाइजरी जारी की गई है। वर्मा ने बताया कि एडवाइजरी के अनुसार उद्यानिकी फसलों में तापमान सामान्य से अधिक होने पर पौधों में उष्मीय तनाव उत्पन्न हो जाता है, जिससे फूल एवं पत्तियों का झुलसना, तैयार फलों का फटना, आकार छोटा रहना, अपरिपक्व फलों का गिरना तथा नर्सरी में नए पौधों का सूखना जैसी समस्याएं सामने आती हैं। इसके परिणामस्वरूप उत्पादन एवं गुणवत्ता दोनों प्रभावित होते हैं, जिससे बाजार मूल्य में भी गिरावट आती है। किसानों को सलाह दी गई है कि वे अपनी फसलों में नमी संरक्षण के लिए पलवार (मल्चिंग) का उपयोग करें। इसके तहत पौधों के चारों ओर 5 से 7 सेंटीमीटर तक मिट्टी चढ़ाने के साथ ही जैविक पदार्थ, घास-फूस, फसल अवशेष या प्लास्टिक मल्च से मिट्टी को ढकें, जिससे मृदा तापमान कम रहेगा और नमी संरक्षित रहेगी। सिंचाई प्रबंधन के अंतर्गत फल बगीचों एवं जायद फसलों में सुबह के समय हल्की सिंचाई कम अंतराल पर करने की सलाह दी गई है तथा यथासंभव ड्रिप या फव्वारा सिंचाई प्रणाली अपनाने को कहा गया है। इसके अतिरिक्त, पौध नर्सरी एवं खेतों में 50 प्रतिशत शेडनेट को 1.5 से 2 मीटर ऊंचाई पर लगाकर फसलों को तीव्र गर्मी एवं सौर विकिरण से बचाने की सलाह दी गई है। तैयार हो रहे फलों को टाट या कपड़े से ढकने की भी अनुशंसा की गई है। खरपतवार नियंत्रण पर भी विशेष ध्यान देने को कहा गया है, ताकि मृदा नमी का अनावश्यक दोहन रोका जा सके। वर्मा ने बताया कि पौधों को उष्ण लहर से बचाने के लिए केओलिन क्ले का 2.4 प्रतिशत घोल पत्तियों पर छिड़काव किया जाए, जिससे परावर्तन बढ़ने के कारण वाष्पोत्सर्जन कम होता है। इसके साथ ही पोटेशियम नाइट्रेट का 1 से 1.5 प्रतिशत घोल 15 दिन के अंतराल पर दो बार छिड़काव करने से पौधों की उष्ण तनाव सहन क्षमता बढ़ती है। उद्यानिकी फसलें तापमान में उतार-चढ़ाव के प्रति अत्यंत संवेदनशील होती हैं, इसलिए किसानों को सलाह दी गई है कि वे संभावित उष्ण लहर से बचाव हेतु उपरोक्त उपायों को अपनाकर अपनी फसलों की सुरक्षा सुनिश्चित करें।
उद्यानिकी कार्यालय द्वारा उष्ण लहर से फसलों के बचाव हेतु एडवाइजरी जारी किसानों को नमी संरक्षण व फसल सुरक्षा उपाय अपनाने की सलाह नमी संरक्षण के लिए मल्चिंग का उपयोग करें :वर्मा राजसमंद। मौसम विज्ञान केन्द्र, मौसम विज्ञान केन्द्र, जयपुर द्वारा जारी संयुक्त कृषि-मौसम सलाहकार बुलेटिन के अनुसार प्रदेश में आगामी दिनों में अधिकतम तापमान में सामान्य से 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक वृद्धि होने का अनुमान व्यक्त किया गया है। ऐसे में बढ़ते तापमान का प्रतिकूल प्रभाव विशेष रूप से उद्यानिकी फसलों की वृद्धि एवं उत्पादन पर पड़ सकता है। इस संबंध में उप निदेशक उद्यान कल्प वर्मा द्वारा किसानों के लिए आवश्यक सावधानियां एवं बचाव उपायों की एडवाइजरी जारी की गई है। वर्मा ने बताया कि एडवाइजरी के अनुसार उद्यानिकी फसलों में तापमान सामान्य से अधिक होने पर पौधों में उष्मीय तनाव उत्पन्न हो जाता है, जिससे फूल एवं पत्तियों का झुलसना, तैयार फलों का फटना, आकार छोटा रहना, अपरिपक्व फलों का गिरना तथा नर्सरी में नए पौधों का सूखना जैसी समस्याएं सामने आती हैं। इसके परिणामस्वरूप उत्पादन एवं गुणवत्ता दोनों प्रभावित होते हैं, जिससे बाजार मूल्य में भी गिरावट आती है। किसानों को सलाह दी गई है कि वे अपनी फसलों में नमी संरक्षण के लिए पलवार (मल्चिंग) का उपयोग करें। इसके तहत पौधों के चारों ओर 5 से 7 सेंटीमीटर तक मिट्टी चढ़ाने के साथ ही जैविक पदार्थ, घास-फूस, फसल अवशेष या प्लास्टिक मल्च से मिट्टी को ढकें, जिससे मृदा तापमान कम रहेगा और नमी संरक्षित रहेगी। सिंचाई प्रबंधन के अंतर्गत फल बगीचों एवं जायद फसलों में सुबह के समय हल्की सिंचाई कम अंतराल पर करने की सलाह दी गई है तथा यथासंभव ड्रिप या फव्वारा सिंचाई प्रणाली अपनाने को कहा गया है। इसके अतिरिक्त, पौध नर्सरी एवं खेतों में 50 प्रतिशत शेडनेट को 1.5 से 2 मीटर ऊंचाई पर लगाकर फसलों को तीव्र गर्मी एवं सौर विकिरण से बचाने की सलाह दी गई है। तैयार हो रहे फलों को टाट या कपड़े से ढकने की भी अनुशंसा की गई है। खरपतवार नियंत्रण पर भी विशेष ध्यान देने को कहा गया है, ताकि मृदा नमी का अनावश्यक दोहन रोका जा सके। वर्मा ने बताया कि पौधों को उष्ण लहर से बचाने के लिए केओलिन क्ले का 2.4 प्रतिशत घोल पत्तियों पर छिड़काव किया जाए, जिससे परावर्तन बढ़ने के कारण वाष्पोत्सर्जन कम होता है। इसके साथ ही पोटेशियम नाइट्रेट का 1 से 1.5 प्रतिशत घोल 15 दिन के अंतराल पर दो बार छिड़काव करने से पौधों की उष्ण तनाव सहन क्षमता बढ़ती है। उद्यानिकी फसलें तापमान में उतार-चढ़ाव के प्रति अत्यंत संवेदनशील होती हैं, इसलिए किसानों को सलाह दी गई है कि वे संभावित उष्ण लहर से बचाव हेतु उपरोक्त उपायों को अपनाकर अपनी फसलों की सुरक्षा सुनिश्चित करें।
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- मेवाड़ का हरिद्वार मातृकूडिया मे डुबकी लगाने पर मीटते है सारे पाप1
- उदयपुर की फतेहसागर झील में सनसनी! सोमवार दोपहर झील में मिला अज्ञात व्यक्ति का शव 😨 👮♂️ सूचना मिलते ही टीम मौके पर पहुंची 🤿 गोताखोरों ने शव को बाहर निकाला 🪪 पर्स में मिला नाम – भवानी सिंह शेखावत (उम्र करीब 55 वर्ष) 📌 फिलहाल पुलिस जांच में जुटी है 🚨 हर अपडेट सबसे पहले पाने के लिए अभी फॉलो करें 👉 @rdxnews_1 .1
- उदयपुर जिले के वल्लभनगर विधायक उदय लाल डांगी सोमवार को कराणा स्थित बेणेश्वर धाम पहुंचे। जहां उन्होंने माँ आंजना माता मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा के भव्य आयोजन में पूरे विधि-विधान से भाग लिया और माता का आशीर्वाद प्राप्त किया। इस धार्मिक कार्यक्रम के दौरान विधायक डांगी ने समाज के विभिन्न वर्गों के वरिष्ठ जनों और गणमान्य नागरिकों से मुलाकात की और उनके साथ आत्मीय संवाद किया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधायक डांगी ने राज्य सरकार द्वारा क्षेत्र में किए जा रहे विकास कार्यों का जिक्र किया। उन्होंने सरकार की आगामी कार्य योजनाओं की जानकारी साझा करते हुए कहा कि जनहित के कार्यों को प्राथमिकता के साथ पूरा किया जा रहा है। इस अवसर पर विधायक ने भव्य आयोजन के लिए समस्त समाजजनों का आभार और धन्यवाद व्यक्त किया।1
- Post by Jalampura AC morcha adhyaks D.1
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- जमाल खान बाली राजस्थान के बालोतरा जिले से इस वक्त की सबसे बड़ी और चौंकाने वाली खबर सामने आ रही है. । पचपदरा।राजस्थान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से कल यानी 21 अप्रैल को पचपदरा रिफाइनरी का लोकार्पण किया जाना था. इस लोकार्पण समारोह को लेकर पूरे देश की नजरें टिकी हैं, उससे ठीक 24 घंटे पहले रिफाइनरी परिसर में भीषण आग लग गई. अचानक हुई इस घटना ने न केवल करोड़ों के प्रोजेक्ट को नुकसान पहुंचाया है, बल्कि वीवीआईपी सुरक्षा और तकनीकी मानकों पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. सोमवार दोपहर जब रिफाइनरी परिसर लोकार्पण की अंतिम तैयारियों में जुटा था, तभी एक खास यूनिट से आग की ऊंची लपटें उठने लगीं. देखते ही देखते धुएं का गुबार इतना घना हो गया कि इसे कई किलोमीटर दूर से देखा जाने लगा. जिस परिसर को प्रधानमंत्री के दौरे के मद्देनजर एसपीजी और राजस्थान पुलिस ने 'नो फ्लाई जोन' और अभेद्य किले में तब्दील कर रखा था, वहां अचानक मची इस अफरा-तफरी ने प्रशासन के हाथ-पांव फुला दिए.1
- जयपुर के विद्याधर नगर में मामूली गाड़ी भिड़ने का मामला अचानक विवाद में बदल गया। एक पक्ष ने दर्जनों लोगों को मौके पर बुला लिया और मैकेनिक के साथ जमकर मारपीट की। घटना के बाद सभी आरोपी मौके से फरार हो गए। देखिए जयपुर का ये वायरल रोड रेज मामला, जिसने सभी को हैरान कर दिया। 👉 ऐसे ही लेटेस्ट अपडेट और वायरल खबरों के लिए चैनल को सब्सक्राइब करें।1