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कच्चे मकान से पक्के आशियाने तक पहुंचा प्रकाश का परिवार, प्रधानमंत्री आवास योजना ने बदली जिंदगी *'सेवा संकल्प अभियान' : 'कहानी बदलाव की'* *- प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी के तहत प्रकाश को मिली 1.50 लाख रुपए की सहायता राशि* *- सरकार की जनकल्याणकारी योजनाएं जरूरतमंद परिवारों के जीवन में ला रही हैं बदलाव* *पलवल, 23 सितंबर।* पलवल जिला सल्लागढ़ निवासी प्रकाश की कहानी इस बात का उदाहरण है कि सरकार की जनकल्याणकारी योजनाएं जरूरतमंद परिवारों तक पहुंचकर उनके जीवन में बदलाव ला रही हैं। प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी के माध्यम से मिले सहयोग ने प्रकाश के परिवार को न केवल पक्का मकान दिया, बल्कि सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन की नई शुरुआत का अवसर भी प्रदान किया। सेवा संकल्प अभियान के तहत ऐसी सफलता की कहानियां सरकार की योजनाओं के जमीनी प्रभाव को दर्शाती हैं। प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी के माध्यम से पलवल के वार्ड नंबर-16, सल्लागढ़ निवासी प्रकाश पुत्र बुधनी को पक्का मकान बनाने के लिए 1.50 लाख रुपए की आर्थिक सहायता प्राप्त हुई। इस सहायता से उनका वर्षों पुराना सपना साकार हुआ और कच्चे मकान की जगह पक्का एवं सुरक्षित आशियाना बन पाया। सरकार की जनकल्याणकारी योजनाएं जरूरतमंद परिवारों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही हैं। *कच्चे मकान में जीवन यापन था मुश्किल* प्रकाश का परिवार पहले कच्चे मकान में रहता था। बरसात के मौसम में मकान की स्थिति खराब हो जाती थी और परिवार को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता था। सीमित आर्थिक संसाधनों के कारण प्रकाश के लिए अपने दम पर पक्का मकान बनाना आसान नहीं था। ऐसे में प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी उनके परिवार के लिए उम्मीद की किरण बनकर सामने आई। *सरकारी सहायता से मिला पक्का आशियाना* प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी के तहत प्रकाश को 1.50 लाख रुपए की सहायता राशि मिली। इस आर्थिक सहयोग का उपयोग उन्होंने अपने आवास के निर्माण में किया। सरकारी सहायता मिलने के बाद निर्माण कार्य पूरा हुआ और परिवार को रहने के लिए पक्का एवं सुरक्षित घर मिल गया। *सपना हुआ साकार, परिवार में आई खुशी* पक्का मकान बनने के बाद प्रकाश और उनके परिवार के जीवन में बड़ा बदलाव आया है। अब परिवार को मौसम की मार और कच्चे मकान से जुड़ी परेशानियों से राहत मिली है। प्रकाश का कहना है कि सरकार की योजना के माध्यम से मिला सहयोग उनके लिए बेहद महत्वपूर्ण साबित हुआ है। 000

12 hrs ago
user_माथुर पत्रकार
माथुर पत्रकार
Voice of people हथीन, पलवल, हरियाणा•
12 hrs ago

कच्चे मकान से पक्के आशियाने तक पहुंचा प्रकाश का परिवार, प्रधानमंत्री आवास योजना ने बदली जिंदगी *'सेवा संकल्प अभियान' : 'कहानी बदलाव की'* *- प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी के तहत प्रकाश को मिली 1.50 लाख रुपए की सहायता राशि* *- सरकार की जनकल्याणकारी योजनाएं जरूरतमंद परिवारों के जीवन में ला रही हैं बदलाव* *पलवल, 23 सितंबर।* पलवल जिला सल्लागढ़ निवासी प्रकाश की कहानी इस बात का उदाहरण है कि सरकार की जनकल्याणकारी योजनाएं जरूरतमंद परिवारों तक पहुंचकर उनके जीवन में बदलाव ला रही हैं। प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी के माध्यम से मिले सहयोग ने प्रकाश के परिवार को न केवल पक्का मकान दिया, बल्कि सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन की नई शुरुआत का अवसर भी प्रदान किया। सेवा संकल्प अभियान के तहत ऐसी सफलता की कहानियां सरकार की योजनाओं के जमीनी प्रभाव को दर्शाती हैं। प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी के माध्यम से पलवल के वार्ड नंबर-16, सल्लागढ़ निवासी प्रकाश पुत्र बुधनी को पक्का मकान बनाने के लिए 1.50 लाख रुपए की आर्थिक सहायता प्राप्त हुई। इस सहायता से उनका वर्षों पुराना सपना साकार हुआ और कच्चे मकान की जगह पक्का एवं सुरक्षित आशियाना बन पाया। सरकार की जनकल्याणकारी योजनाएं जरूरतमंद परिवारों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही हैं। *कच्चे मकान में जीवन यापन था मुश्किल* प्रकाश का परिवार पहले कच्चे मकान में रहता था। बरसात के मौसम में मकान की स्थिति खराब हो जाती थी और परिवार को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता था। सीमित आर्थिक संसाधनों के कारण प्रकाश के लिए अपने दम पर पक्का मकान बनाना आसान नहीं था। ऐसे में प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी उनके परिवार के लिए उम्मीद की किरण बनकर सामने आई। *सरकारी सहायता से मिला पक्का आशियाना* प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी के तहत प्रकाश को 1.50 लाख रुपए की सहायता राशि मिली। इस आर्थिक सहयोग का उपयोग उन्होंने अपने आवास के निर्माण में किया। सरकारी सहायता मिलने के बाद निर्माण कार्य पूरा हुआ और परिवार को रहने के लिए पक्का एवं सुरक्षित घर मिल गया। *सपना हुआ साकार, परिवार में आई खुशी* पक्का मकान बनने के बाद प्रकाश और उनके परिवार के जीवन में बड़ा बदलाव आया है। अब परिवार को मौसम की मार और कच्चे मकान से जुड़ी परेशानियों से राहत मिली है। प्रकाश का कहना है कि सरकार की योजना के माध्यम से मिला सहयोग उनके लिए बेहद महत्वपूर्ण साबित हुआ है। 000

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  • bike liberation and sticker ke liye sampark Karen. Palwal Agra chowk new
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    bike liberation and sticker ke liye sampark Karen. Palwal Agra chowk
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    user_Ishwar Chauhan
    Ishwar Chauhan
    पलवल, पलवल, हरियाणा•
    22 hrs ago
  • 27 सितंबर को नूंह में होगी इनेलो की सम्मान दिवस रैली, तैयारियां जोर-शोर पर नूंह में 27 सितंबर को पूर्व उपप्रधानमंत्री चौधरी देवीलाल की जयंती के अवसर पर इनेलो की ओर से सम्मान दिवस समारोह आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम की तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं। इसी कड़ी में इनेलो प्रदेश अध्यक्ष रामपाल माजरा और जिलाध्यक्ष चौधरी ताहिर हुसैन ने नूंह विधानसभा के चंदेनी समेत कई गांवों का दौरा कर लोगों को रैली में शामिल होने का निमंत्रण दिया। इनेलो नेताओं ने दावा किया कि नूंह में होने वाला सम्मान दिवस समारोह ऐतिहासिक होगा और इसमें करीब तीन लाख लोगों के शामिल होने की उम्मीद है।
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    27 सितंबर को नूंह में होगी इनेलो की सम्मान दिवस रैली, तैयारियां जोर-शोर पर 
नूंह में 27 सितंबर को पूर्व उपप्रधानमंत्री चौधरी देवीलाल की जयंती के अवसर पर इनेलो की ओर से सम्मान दिवस समारोह आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम की तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं।
इसी कड़ी में इनेलो प्रदेश अध्यक्ष रामपाल माजरा और जिलाध्यक्ष चौधरी ताहिर हुसैन ने नूंह विधानसभा के चंदेनी समेत कई गांवों का दौरा कर लोगों को रैली में शामिल होने का निमंत्रण दिया।
इनेलो नेताओं ने दावा किया कि नूंह में होने वाला सम्मान दिवस समारोह ऐतिहासिक होगा और इसमें करीब तीन लाख लोगों के शामिल होने की उम्मीद है।
    user_Mk
    Mk
    नूंह, नूंह, हरियाणा•
    13 hrs ago
  • 10000 की सैलरी नहीं देने पर गुस्सा में आए इंसान ने 24 करोड़ की कंपनी को जला दिया
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    10000 की सैलरी नहीं देने पर गुस्सा में आए इंसान ने 24 करोड़ की कंपनी को जला दिया
    user_Manish Singh
    Manish Singh
    Voice of people मानेसर, गुरुग्राम, हरियाणा•
    5 hrs ago
  • प्रयागराजयमुनानगर क्षेत्र के घूरपुर थाना अंतर्गत गौहनिया के बुदावां गांव में स्थित एक होटल को लेकर कथित देह व्यापार का मामला सामने आने के बाद इलाके में हड़कंप मचा हुआ है। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो और इस प्रकरण से जुड़ी खबर सामने आने के बाद चारों तरफ एक ही सवाल चर्चा में है कि यदि होटल परिसर में लंबे समय से ऐसी गतिविधियां संचालित होने के आरोप हैं तो आखिर इतने दिनों तक यह सब घूरपुर पुलिस की निगाहों से कैसे बचा रहा? आरोप है कि ‘इलाहाबाद प्रॉपर्टी एंड होटल ग्रुप’ के परिसर में संदिग्ध गतिविधियां संचालित हो रही थीं। हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। मामले की जानकारी मिलने पर बजरंग दल के कार्यकर्ताओं द्वारा पुलिस को सूचना दिए जाने की बात सामने आ रही है। बताया जाता है कि सूचना के बाद जब लोग मौके पर पहुंचे तो होटल परिसर में अफरा-तफरी का माहौल दिखाई दिया। इसी दौरान बनाए गए वायरल वीडियो में कुछ महिलाएं और युवतियां होटल परिसर से बाहर निकलती हुई दिखाई दे रही हैं। वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन इसके सामने आने के बाद मामले की निष्पक्ष जांच की मांग तेज हो गई है। सबसे बड़ा सवाल पुलिस की कार्रवाई और सूचना तंत्र को लेकर खड़ा हो रहा है। यदि पुलिस को पहले ही सूचना दी गई थी तो पुलिस के मौके पर पहुंचने से पहले होटल परिसर कथित रूप से खाली कैसे हो गया? सूचना मिलने से लेकर पुलिस के पहुंचने तक कितना समय बीता? क्या सूचना समय रहते संबंधित पुलिसकर्मियों तक पहुंची थी? और यदि पहुंची थी तो मौके पर कार्रवाई से पहले कथित रूप से लोग वहां से कैसे निकल गए? सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो और खबर के बाद इलाके में तरह-तरह की चर्चाएं हैं। लोगों के बीच यह अंदेशा भी उठ रहा है कि यदि जांच में होटल में लंबे समय से ऐसी गतिविधियां संचालित होने की बात सामने आती है तो स्थानीय पुलिस की निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल उठना स्वाभाविक है। आखिर बीट पुलिसकर्मी की निगरानी कहां थी? क्या होटल की गतिविधियों पर कभी नजर रखी गई? क्या आसपास के लोगों से कभी जानकारी जुटाई गई? या फिर पुलिस की निगाहों से यह पूरा मामला लगातार बचता रहा? यही अंदेशा अब कई सवालों की ओर इशारा कर रहा है, जिनका जवाब जांच के बाद ही सामने आएगा। मामला केवल होटल तक सीमित था या इसके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क था, यह भी जांच का विषय है। पुलिस को होटल परिसर के सीसीटीवी फुटेज, प्रवेश-निकास से संबंधित अभिलेख, कर्मचारियों और संचालक से पूछताछ तथा वायरल वीडियो में दिखाई दे रहे घटनाक्रम की सत्यता की जांच करनी चाहिए। साथ ही यह भी स्पष्ट होना चाहिए कि सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम कितने समय में मौके पर पहुंची। बुदावां और आसपास के ग्रामीणों में मामले को लेकर नाराजगी बताई जा रही है। लोगों का कहना है कि यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो ग्रामीण क्षेत्र में ऐसी गतिविधियों को किसी भी स्थिति में नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। वहीं यदि वायरल वीडियो अथवा लगाए गए आरोपों में तथ्य नहीं हैं तो पुलिस की जांच से स्थिति भी साफ होनी चाहिए, ताकि किसी निर्दोष व्यक्ति या प्रतिष्ठान के खिलाफ गलत धारणा न बने। अब निगाहें घूरपुर थाना पुलिस और उच्च पुलिस अधिकारियों की जांच पर टिकी हैं। इस पूरे प्रकरण में सबसे अहम सवाल यही है कि आखिर इतने दिनों से कथित गतिविधियां चलने की बात सामने आ रही है तो स्थानीय पुलिस की निगरानी व्यवस्था कहां थी और पुलिस को सूचना मिलने के बाद मौके पर पहुंचने से पहले ही परिसर कथित रूप से कैसे खाली हो गया? इन सवालों का निष्पक्ष जवाब ही पूरे मामले की असल तस्वीर सामने ला सकता है। प्रयागराजयमुनानगर क्षेत्र के घूरपुर थाना अंतर्गत गौहनिया के बुदावां गांव में स्थित एक होटल को लेकर कथित देह व्यापार का मामला सामने आने के बाद इलाके में हड़कंप मचा हुआ है। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो और इस प्रकरण से जुड़ी खबर सामने आने के बाद चारों तरफ एक ही सवाल चर्चा में है कि यदि होटल परिसर में लंबे समय से ऐसी गतिविधियां संचालित होने के आरोप हैं तो आखिर इतने दिनों तक यह सब घूरपुर पुलिस की निगाहों से कैसे बचा रहा? आरोप है कि ‘इलाहाबाद प्रॉपर्टी एंड होटल ग्रुप’ के परिसर में संदिग्ध गतिविधियां संचालित हो रही थीं। हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। मामले की जानकारी मिलने पर बजरंग दल के कार्यकर्ताओं द्वारा पुलिस को सूचना दिए जाने की बात सामने आ रही है। बताया जाता है कि सूचना के बाद जब लोग मौके पर पहुंचे तो होटल परिसर में अफरा-तफरी का माहौल दिखाई दिया। इसी दौरान बनाए गए वायरल वीडियो में कुछ महिलाएं और युवतियां होटल परिसर से बाहर निकलती हुई दिखाई दे रही हैं। वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन इसके सामने आने के बाद मामले की निष्पक्ष जांच की मांग तेज हो गई है। सबसे बड़ा सवाल पुलिस की कार्रवाई और सूचना तंत्र को लेकर खड़ा हो रहा है। यदि पुलिस को पहले ही सूचना दी गई थी तो पुलिस के मौके पर पहुंचने से पहले होटल परिसर कथित रूप से खाली कैसे हो गया? सूचना मिलने से लेकर पुलिस के पहुंचने तक कितना समय बीता? क्या सूचना समय रहते संबंधित पुलिसकर्मियों तक पहुंची थी? और यदि पहुंची थी तो मौके पर कार्रवाई से पहले कथित रूप से लोग वहां से कैसे निकल गए? सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो और खबर के बाद इलाके में तरह-तरह की चर्चाएं हैं। लोगों के बीच यह अंदेशा भी उठ रहा है कि यदि जांच में होटल में लंबे समय से ऐसी गतिविधियां संचालित होने की बात सामने आती है तो स्थानीय पुलिस की निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल उठना स्वाभाविक है। आखिर बीट पुलिसकर्मी की निगरानी कहां थी? क्या होटल की गतिविधियों पर कभी नजर रखी गई? क्या आसपास के लोगों से कभी जानकारी जुटाई गई? या फिर पुलिस की निगाहों से यह पूरा मामला लगातार बचता रहा? यही अंदेशा अब कई सवालों की ओर इशारा कर रहा है, जिनका जवाब जांच के बाद ही सामने आएगा। मामला केवल होटल तक सीमित था या इसके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क था, यह भी जांच का विषय है। पुलिस को होटल परिसर के सीसीटीवी फुटेज, प्रवेश-निकास से संबंधित अभिलेख, कर्मचारियों और संचालक से पूछताछ तथा वायरल वीडियो में दिखाई दे रहे घटनाक्रम की सत्यता की जांच करनी चाहिए। साथ ही यह भी स्पष्ट होना चाहिए कि सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम कितने समय में मौके पर पहुंची। बुदावां और आसपास के ग्रामीणों में मामले को लेकर नाराजगी बताई जा रही है। लोगों का कहना है कि यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो ग्रामीण क्षेत्र में ऐसी गतिविधियों को किसी भी स्थिति में नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। वहीं यदि वायरल वीडियो अथवा लगाए गए आरोपों में तथ्य नहीं हैं तो पुलिस की जांच से स्थिति भी साफ होनी चाहिए, ताकि किसी निर्दोष व्यक्ति या प्रतिष्ठान के खिलाफ गलत धारणा न बने। अब निगाहें घूरपुर थाना पुलिस और उच्च पुलिस अधिकारियों की जांच पर टिकी हैं। इस पूरे प्रकरण में सबसे अहम सवाल यही है कि आखिर इतने दिनों से कथित गतिविधियां चलने की बात सामने आ रही है तो स्थानीय पुलिस की निगरानी व्यवस्था कहां थी और पुलिस को सूचना मिलने के बाद मौके पर पहुंचने से पहले ही परिसर कथित रूप से कैसे खाली हो गया? इन सवालों का निष्पक्ष जवाब ही पूरे मामले की असल तस्वीर सामने ला सकता है।
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    प्रयागराजयमुनानगर क्षेत्र के घूरपुर थाना अंतर्गत गौहनिया के बुदावां गांव में स्थित एक होटल को लेकर कथित देह व्यापार का मामला सामने आने के बाद इलाके में हड़कंप मचा हुआ है। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो और इस प्रकरण से जुड़ी खबर सामने आने के बाद चारों तरफ एक ही सवाल चर्चा में है कि यदि होटल परिसर में लंबे समय से ऐसी गतिविधियां संचालित होने के आरोप हैं तो आखिर इतने दिनों तक यह सब घूरपुर पुलिस की निगाहों से कैसे बचा रहा? आरोप है कि ‘इलाहाबाद प्रॉपर्टी एंड होटल ग्रुप’ के परिसर में संदिग्ध गतिविधियां संचालित हो रही थीं। हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। मामले की जानकारी मिलने पर बजरंग दल के कार्यकर्ताओं द्वारा पुलिस को सूचना दिए जाने की बात सामने आ रही है। बताया जाता है कि सूचना के बाद जब लोग मौके पर पहुंचे तो होटल परिसर में अफरा-तफरी का माहौल दिखाई दिया। इसी दौरान बनाए गए वायरल वीडियो में कुछ महिलाएं और युवतियां होटल परिसर से बाहर निकलती हुई दिखाई दे रही हैं। वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन इसके सामने आने के बाद मामले की निष्पक्ष जांच की मांग तेज हो गई है। सबसे बड़ा सवाल पुलिस की कार्रवाई और सूचना तंत्र को लेकर खड़ा हो रहा है। यदि पुलिस को पहले ही सूचना दी गई थी तो पुलिस के मौके पर पहुंचने से पहले होटल परिसर कथित रूप से खाली कैसे हो गया? सूचना मिलने से लेकर पुलिस के पहुंचने तक कितना समय बीता? क्या सूचना समय रहते संबंधित पुलिसकर्मियों तक पहुंची थी? और यदि पहुंची थी तो मौके पर कार्रवाई से पहले कथित रूप से लोग वहां से कैसे निकल गए? सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो और खबर के बाद इलाके में तरह-तरह की चर्चाएं हैं। लोगों के बीच यह अंदेशा भी उठ रहा है कि यदि जांच में होटल में लंबे समय से ऐसी गतिविधियां संचालित होने की बात सामने आती है तो स्थानीय पुलिस की निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल उठना स्वाभाविक है। आखिर बीट पुलिसकर्मी की निगरानी कहां थी? क्या होटल की गतिविधियों पर कभी नजर रखी गई? क्या आसपास के लोगों से कभी जानकारी जुटाई गई? या फिर पुलिस की निगाहों से यह पूरा मामला लगातार बचता रहा? यही अंदेशा अब कई सवालों की ओर इशारा कर रहा है, जिनका जवाब जांच के बाद ही सामने आएगा। मामला केवल होटल तक सीमित था या इसके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क था, यह भी जांच का विषय है। पुलिस को होटल परिसर के सीसीटीवी फुटेज, प्रवेश-निकास से संबंधित अभिलेख, कर्मचारियों और संचालक से पूछताछ तथा वायरल वीडियो में दिखाई दे रहे घटनाक्रम की सत्यता की जांच करनी चाहिए। साथ ही यह भी स्पष्ट होना चाहिए कि सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम कितने समय में मौके पर पहुंची। बुदावां और आसपास के ग्रामीणों में मामले को लेकर नाराजगी बताई जा रही है। लोगों का कहना है कि यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो ग्रामीण क्षेत्र में ऐसी गतिविधियों को किसी भी स्थिति में नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। वहीं यदि वायरल वीडियो अथवा लगाए गए आरोपों में तथ्य नहीं हैं तो पुलिस की जांच से स्थिति भी साफ होनी चाहिए, ताकि किसी निर्दोष व्यक्ति या प्रतिष्ठान के खिलाफ गलत धारणा न बने। अब निगाहें घूरपुर थाना पुलिस और उच्च पुलिस अधिकारियों की जांच पर टिकी हैं। इस पूरे प्रकरण में सबसे अहम सवाल यही है कि आखिर इतने दिनों से कथित गतिविधियां चलने की बात सामने आ रही है तो स्थानीय पुलिस की निगरानी व्यवस्था कहां थी और पुलिस को सूचना मिलने के बाद मौके पर पहुंचने से पहले ही परिसर कथित रूप से कैसे खाली हो गया? इन सवालों का निष्पक्ष जवाब ही पूरे मामले की असल तस्वीर सामने ला सकता है।
प्रयागराजयमुनानगर क्षेत्र के घूरपुर थाना अंतर्गत गौहनिया के बुदावां गांव में स्थित एक होटल को लेकर कथित देह व्यापार का मामला सामने आने के बाद इलाके में हड़कंप मचा हुआ है। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो और इस प्रकरण से जुड़ी खबर सामने आने के बाद चारों तरफ एक ही सवाल चर्चा में है कि यदि होटल परिसर में लंबे समय से ऐसी गतिविधियां संचालित होने के आरोप हैं तो आखिर इतने दिनों तक यह सब घूरपुर पुलिस की निगाहों से कैसे बचा रहा? आरोप है कि ‘इलाहाबाद प्रॉपर्टी एंड होटल ग्रुप’ के परिसर में संदिग्ध गतिविधियां संचालित हो रही थीं। हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। मामले की जानकारी मिलने पर बजरंग दल के कार्यकर्ताओं द्वारा पुलिस को सूचना दिए जाने की बात सामने आ रही है। बताया जाता है कि सूचना के बाद जब लोग मौके पर पहुंचे तो होटल परिसर में अफरा-तफरी का माहौल दिखाई दिया। इसी दौरान बनाए गए वायरल वीडियो में कुछ महिलाएं और युवतियां होटल परिसर से बाहर निकलती हुई दिखाई दे रही हैं। वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन इसके सामने आने के बाद मामले की निष्पक्ष जांच की मांग तेज हो गई है। सबसे बड़ा सवाल पुलिस की कार्रवाई और सूचना तंत्र को लेकर खड़ा हो रहा है। यदि पुलिस को पहले ही सूचना दी गई थी तो पुलिस के मौके पर पहुंचने से पहले होटल परिसर कथित रूप से खाली कैसे हो गया? सूचना मिलने से लेकर पुलिस के पहुंचने तक कितना समय बीता? क्या सूचना समय रहते संबंधित पुलिसकर्मियों तक पहुंची थी? और यदि पहुंची थी तो मौके पर कार्रवाई से पहले कथित रूप से लोग वहां से कैसे निकल गए? सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो और खबर के बाद इलाके में तरह-तरह की चर्चाएं हैं। लोगों के बीच यह अंदेशा भी उठ रहा है कि यदि जांच में होटल में लंबे समय से ऐसी गतिविधियां संचालित होने की बात सामने आती है तो स्थानीय पुलिस की निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल उठना स्वाभाविक है। आखिर बीट पुलिसकर्मी की निगरानी कहां थी? क्या होटल की गतिविधियों पर कभी नजर रखी गई? क्या आसपास के लोगों से कभी जानकारी जुटाई गई? या फिर पुलिस की निगाहों से यह पूरा मामला लगातार बचता रहा? यही अंदेशा अब कई सवालों की ओर इशारा कर रहा है, जिनका जवाब जांच के बाद ही सामने आएगा। मामला केवल होटल तक सीमित था या इसके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क था, यह भी जांच का विषय है। पुलिस को होटल परिसर के सीसीटीवी फुटेज, प्रवेश-निकास से संबंधित अभिलेख, कर्मचारियों और संचालक से पूछताछ तथा वायरल वीडियो में दिखाई दे रहे घटनाक्रम की सत्यता की जांच करनी चाहिए। साथ ही यह भी स्पष्ट होना चाहिए कि सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम कितने समय में मौके पर पहुंची। बुदावां और आसपास के ग्रामीणों में मामले को लेकर नाराजगी बताई जा रही है। लोगों का कहना है कि यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो ग्रामीण क्षेत्र में ऐसी गतिविधियों को किसी भी स्थिति में नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। वहीं यदि वायरल वीडियो अथवा लगाए गए आरोपों में तथ्य नहीं हैं तो पुलिस की जांच से स्थिति भी साफ होनी चाहिए, ताकि किसी निर्दोष व्यक्ति या प्रतिष्ठान के खिलाफ गलत धारणा न बने। अब निगाहें घूरपुर थाना पुलिस और उच्च पुलिस अधिकारियों की जांच पर टिकी हैं। इस पूरे प्रकरण में सबसे अहम सवाल यही है कि आखिर इतने दिनों से कथित गतिविधियां चलने की बात सामने आ रही है तो स्थानीय पुलिस की निगरानी व्यवस्था कहां थी और पुलिस को सूचना मिलने के बाद मौके पर पहुंचने से पहले ही परिसर कथित रूप से कैसे खाली हो गया? इन सवालों का निष्पक्ष जवाब ही पूरे मामले की असल तस्वीर सामने ला सकता है।
    user_पानीपत क्रांति न्यूज़ पानीपत क
    पानीपत क्रांति न्यूज़ पानीपत क
    Court reporter Faridabad, Haryana•
    9 hrs ago
  • नगर पालिका के नवनिर्वाचित चेयरमैन शिशुपाल शर्मा ने किया पद ग्रहण पहाड़ी डीग नगर पालिका के नवनिर्वाचित चेयरमैन शिशुपाल शर्मा ने किया पद ग्रहण नगर पालिका परिसर में पद ग्रहण समारोह का हुआ आयोजन चेयरमैन शिशुपाल शर्मा ने विधिवत संभाली नगर पालिका की कमान पद ग्रहण के दौरान विधायक नौक्षम चौधरी का किया गया स्वागत चेयरमैन शिशुपाल शर्मा ने विधायक नौक्षम चौधरी को पहनाया चांदी का मुकुट विधायक नौक्षम चौधरी ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए की बड़ी घोषणा पहाड़ी और हरियाणा सीमा पर सिंह द्वार बनाने की घोषणा समारोह में जनप्रतिनिधियों और स्थानीय लोगों की रही मौजूदगी।
    1
    नगर पालिका के नवनिर्वाचित चेयरमैन शिशुपाल शर्मा ने किया पद ग्रहण
पहाड़ी डीग
नगर पालिका के नवनिर्वाचित चेयरमैन शिशुपाल शर्मा ने किया पद ग्रहण
नगर पालिका परिसर में पद ग्रहण समारोह का हुआ आयोजन
चेयरमैन शिशुपाल शर्मा ने विधिवत संभाली नगर पालिका की कमान
पद ग्रहण के दौरान विधायक नौक्षम चौधरी का किया गया स्वागत
चेयरमैन शिशुपाल शर्मा ने विधायक नौक्षम चौधरी को पहनाया चांदी का मुकुट
विधायक नौक्षम चौधरी ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए की बड़ी घोषणा
पहाड़ी और हरियाणा सीमा पर सिंह द्वार बनाने की घोषणा
समारोह में जनप्रतिनिधियों और स्थानीय लोगों की रही मौजूदगी।
    user_Talim khan
    Talim khan
    Financial Analyst कामाँ, भरतपुर, राजस्थान•
    10 hrs ago
  • प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम से तपेंदर बना आत्मनिर्भर सेवा संकल्प अभियान' : 'कहानी बदलाव की' * *- आर्थिक अभाव के बीच रोजगार शुरू करने का सपना* *- 35 प्रतिशत अनुदान से मिली आर्थिक मदद* *- जिला एमएसएमई कार्यालय के सहयोग से आसान हुई आवेेदन प्रक्रिया* *- स्वरोजगार से बनी आजीविका की नई राह* *- युवाओं के लिए प्रेरणादायक बनी सरकारी योजना* *होडल, 23 सितंबर।* होडल निवासी तपेंदर पुत्र सीताराम के मन में अपना रोजगार शुरू कर आत्मनिर्भर बनने का सपना था, लेकिन आर्थिक संसाधनों की कमी के कारण वे अपने इस सपने को साकार नहीं कर पा रहे थे। ऐसे समय में केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम योजना उनके लिए उम्मीद की किरण बनकर सामने आई। प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम के तहत तपेंदर ने अपना रोजगार शुरू करने के लिए ऋण के लिए आवेदन किया। योजना के अंतर्गत उन्हें 35 प्रतिशत अनुदान का लाभ मिला। इस आर्थिक सहायता से उनके लिए अपना रोजगार शुरू करना आसान हुआ और पूंजी की कमी दूर हुई। तपेंदर बताते हैं कि जिला सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम कार्यालय की ओर से उन्हें योजना की प्रक्रिया समझाने के साथ-साथ बैंक से संबंधित आवश्यक कागजी कार्रवाई पूरी करने में भी सहयोग मिला। विभाग के अधिकारियों के मार्गदर्शन से ऋण प्राप्त करने की प्रक्रिया उनके लिए काफी आसान रही। उन्होंने बताया कि सरकारी विभाग से मिले सहयोग ने उन्हें अपना रोजगार शुरू करने में महत्वपूर्ण मदद दी। ऋण के माध्यम से प्राप्त धनराशि का उपयोग कर तपेंदर ने अपना रोजगार शुरू किया। आज उनका रोजगार उनके परिवार के लिए आजीविका का महत्वपूर्ण साधन बन चुका है। वे रोजगार से होने वाली आमदनी से परिवार का जीवनयापन करने के साथ-साथ ऋण की किस्तों का भुगतान भी कर रहे हैं। इससे उनके अंदर आत्मनिर्भरता और आर्थिक स्थिरता का विश्वास मजबूत हुआ है। तपेंदर का कहना है कि आर्थिक संसाधनों की कमी के कारण जो युवा अपना काम शुरू नहीं कर पाते, उनके लिए प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम जैसी योजनाएं बेहद उपयोगी हैं। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा युवाओं को स्वरोजगार के लिए आर्थिक सहायता और मार्गदर्शन उपलब्ध करवाना सराहनीय कदम है। उन्होंने रोजगार शुरू करने में सहयोग देने के लिए सरकार, जिला प्रशासन एवं सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग का तहेदिल से धन्यवाद किया। 000
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    प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम से तपेंदर बना आत्मनिर्भर
सेवा संकल्प अभियान' : 'कहानी बदलाव की'
*
*- आर्थिक अभाव के बीच रोजगार शुरू करने का सपना*
*- 35 प्रतिशत अनुदान से मिली आर्थिक मदद*
*- जिला एमएसएमई कार्यालय के सहयोग से आसान हुई आवेेदन प्रक्रिया*
*- स्वरोजगार से बनी आजीविका की नई राह*
*- युवाओं के लिए प्रेरणादायक बनी सरकारी योजना*
*होडल, 23 सितंबर।*
होडल निवासी तपेंदर पुत्र सीताराम के मन में अपना रोजगार शुरू कर आत्मनिर्भर बनने का सपना था, लेकिन आर्थिक संसाधनों की कमी के कारण वे अपने इस सपने को साकार नहीं कर पा रहे थे। ऐसे समय में केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम योजना उनके लिए उम्मीद की किरण बनकर सामने आई। प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम के तहत तपेंदर ने अपना रोजगार शुरू करने के लिए ऋण के लिए आवेदन किया। योजना के अंतर्गत उन्हें 35 प्रतिशत अनुदान का लाभ मिला। इस आर्थिक सहायता से उनके लिए अपना रोजगार शुरू करना आसान हुआ और पूंजी की कमी दूर हुई।
तपेंदर बताते हैं कि जिला सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम कार्यालय की ओर से उन्हें योजना की प्रक्रिया समझाने के साथ-साथ बैंक से संबंधित आवश्यक कागजी कार्रवाई पूरी करने में भी सहयोग मिला। विभाग के अधिकारियों के मार्गदर्शन से ऋण प्राप्त करने की प्रक्रिया उनके लिए काफी आसान रही। उन्होंने बताया कि सरकारी विभाग से मिले सहयोग ने उन्हें अपना रोजगार शुरू करने में महत्वपूर्ण मदद दी। ऋण के माध्यम से प्राप्त धनराशि का उपयोग कर तपेंदर ने अपना रोजगार शुरू किया। आज उनका रोजगार उनके परिवार के लिए आजीविका का महत्वपूर्ण साधन बन चुका है। वे रोजगार से होने वाली आमदनी से परिवार का जीवनयापन करने के साथ-साथ ऋण की किस्तों का भुगतान भी कर रहे हैं। इससे उनके अंदर आत्मनिर्भरता और आर्थिक स्थिरता का विश्वास मजबूत हुआ है।
तपेंदर का कहना है कि आर्थिक संसाधनों की कमी के कारण जो युवा अपना काम शुरू नहीं कर पाते, उनके लिए प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम जैसी योजनाएं बेहद उपयोगी हैं। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा युवाओं को स्वरोजगार के लिए आर्थिक सहायता और मार्गदर्शन उपलब्ध करवाना सराहनीय कदम है। उन्होंने रोजगार शुरू करने में सहयोग देने के लिए सरकार, जिला प्रशासन एवं सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग का तहेदिल से धन्यवाद किया।
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    user_माथुर पत्रकार
    माथुर पत्रकार
    Voice of people हथीन, पलवल, हरियाणा•
    12 hrs ago
  • apni ladki se apni pasand jile ladki ki shaadi karogi like and share Sher
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    apni ladki se apni pasand jile ladki ki shaadi karogi like and share
Sher
    user_Ishwar Chauhan
    Ishwar Chauhan
    पलवल, पलवल, हरियाणा•
    22 hrs ago
  • 27 सितंबर को नूंह में होगी इनेलो की सम्मान दिवस रैली, तैयारियां जोर-शोर पर नूंह में 27 सितंबर को पूर्व उपप्रधानमंत्री चौधरी देवीलाल की जयंती के अवसर पर इनेलो की ओर से सम्मान दिवस समारोह आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम की तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं। इसी कड़ी में इनेलो प्रदेश अध्यक्ष रामपाल माजरा और जिलाध्यक्ष चौधरी ताहिर हुसैन ने नूंह विधानसभा के चंदेनी समेत कई गांवों का दौरा कर लोगों को रैली में शामिल होने का निमंत्रण दिया। इनेलो नेताओं ने दावा किया कि नूंह में होने वाला सम्मान दिवस समारोह ऐतिहासिक होगा और इसमें करीब तीन लाख लोगों के शामिल होने की उम्मीद है।
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    27 सितंबर को नूंह में होगी इनेलो की सम्मान दिवस रैली, तैयारियां जोर-शोर पर 
नूंह में 27 सितंबर को पूर्व उपप्रधानमंत्री चौधरी देवीलाल की जयंती के अवसर पर इनेलो की ओर से सम्मान दिवस समारोह आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम की तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं।
इसी कड़ी में इनेलो प्रदेश अध्यक्ष रामपाल माजरा और जिलाध्यक्ष चौधरी ताहिर हुसैन ने नूंह विधानसभा के चंदेनी समेत कई गांवों का दौरा कर लोगों को रैली में शामिल होने का निमंत्रण दिया।
इनेलो नेताओं ने दावा किया कि नूंह में होने वाला सम्मान दिवस समारोह ऐतिहासिक होगा और इसमें करीब तीन लाख लोगों के शामिल होने की उम्मीद है।
    user_Mk
    Mk
    नूंह, नूंह, हरियाणा•
    13 hrs ago
  • और बाइक की भिड़ंत में एक ही परिवार के चार सदस्यों की मौत, गांव में पसरा मातम रफीक खान नूंह, 23 सितंबर। नूंह के समीप बुधवार को ट्रक और बाइक की जोरदार भिड़ंत में एक ही परिवार के चार सदस्यों की मौत हो गई। हादसे में पति-पत्नी समेत उनके दो बच्चों की जान चली गई। घटना की सूचना मिलते ही गांव में मातम पसर गया। जानकारी के अनुसार, पाडला शाहपुरी निवासी मौलाना साकिर अपनी पत्नी और दो बच्चों के साथ मदरसे से बाइक पर सवार होकर घर लौट रहे थे। नूंह के समीप सड़क क्रॉस करते समय उनकी बाइक की ट्रक से जोरदार टक्कर हो गई। हादसा इतना भीषण था कि बाइक सवार चारों परिवारजनों की मौत हो गई। घटना के बाद मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। हादसे की पूरी घटना सीसीटीवी कैमरे में भी कैद हुई बताई जा रही है। वीडियो कैप्शन: सीसीटीवी कैमरे में कैद हुआ दर्दनाक सड़क हादसा।
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    और बाइक की भिड़ंत में एक ही परिवार के चार सदस्यों की मौत, गांव में पसरा मातम
रफीक खान
नूंह, 23 सितंबर। नूंह के समीप बुधवार को ट्रक और बाइक की जोरदार भिड़ंत में एक ही परिवार के चार सदस्यों की मौत हो गई। हादसे में पति-पत्नी समेत उनके दो बच्चों की जान चली गई। घटना की सूचना मिलते ही गांव में मातम पसर गया।
जानकारी के अनुसार, पाडला शाहपुरी निवासी मौलाना साकिर अपनी पत्नी और दो बच्चों के साथ मदरसे से बाइक पर सवार होकर घर लौट रहे थे। नूंह के समीप सड़क क्रॉस करते समय उनकी बाइक की ट्रक से जोरदार टक्कर हो गई। हादसा इतना भीषण था कि बाइक सवार चारों परिवारजनों की मौत हो गई।
घटना के बाद मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। हादसे की पूरी घटना सीसीटीवी कैमरे में भी कैद हुई बताई जा रही है।
वीडियो कैप्शन:
सीसीटीवी कैमरे में कैद हुआ दर्दनाक सड़क हादसा।
    user_रफीक खान
    रफीक खान
    नूंह, नूंह, हरियाणा•
    23 hrs ago
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