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छत्तीसगढ़ में बारिश को लेकर एक बड़ा अलर्ट जारी हुआ है, जिसके तहत कल से राज्य में मानसून सक्रिय होने वाला है। मौसम विभाग के अनुसार, मानसून की इस सक्रियता के कारण प्रदेश के कई जिलों में झमाझम बादल बरसेंगे। मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, हाल ही में प्रदेश के कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा दर्ज की गई है। इस दौरान दुर्ग में सबसे ज्यादा अधिकतम तापमान 33.6 डिग्री सेल्सियस रहा, वहीं अंबिकापुर में तापमान 23.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है।
Shnakar kumar miahra
छत्तीसगढ़ में बारिश को लेकर एक बड़ा अलर्ट जारी हुआ है, जिसके तहत कल से राज्य में मानसून सक्रिय होने वाला है। मौसम विभाग के अनुसार, मानसून की इस सक्रियता के कारण प्रदेश के कई जिलों में झमाझम बादल बरसेंगे। मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, हाल ही में प्रदेश के कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा दर्ज की गई है। इस दौरान दुर्ग में सबसे ज्यादा अधिकतम तापमान 33.6 डिग्री सेल्सियस रहा, वहीं अंबिकापुर में तापमान 23.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है।
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- सुकमा के कोंटा में थाना कोंटा पुलिस ने 18 मवेशियों को ट्रक से कुचलने के मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी ट्रक चालक को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। ग्राम डोण्ड्रा निवासी मडकम वीरा की रिपोर्ट के अनुसार, 11 जुलाई 2026 की रात करीब 1 बजे ट्रक क्रमांक CG 12 AX 4808 के चालक ने तेज गति एवं लापरवाही से वाहन चलाते हुए बैल, गाय, बछड़ा एवं बछिया सहित 18 मवेशियों को कुचल दिया। इस हादसे में 14 मवेशियों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 4 अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। प्रार्थी की शिकायत पर थाना कोंटा में अपराध क्रमांक 19/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता की धारा 325 तथा छत्तीसगढ़ कृषि पशु परिरक्षण अधिनियम, 2004 की धारा 10 के अंतर्गत मामला दर्ज कर विवेचना शुरू की गई। पुलिस ने जांच के दौरान आरोपी ट्रक चालक राजकुमार उरांव (पिता महेश उरांव, निवासी वार्ड क्रमांक 10, फरठिया, थाना गढ़वा, जिला गढ़वा, झारखंड) को हिरासत में लेकर पूछताछ की और उसके कब्जे से ट्रक तथा वाहन के दस्तावेज जब्त किए। पुलिस ने आरोपी चालक को 11 जुलाई 2026 को शाम 5 बजे विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर माननीय न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। इस घटना के बाद से क्षेत्र के लोगों में भारी आक्रोश देखा गया है। पुलिस ने मामले में आवश्यक वैधानिक कार्रवाई पूरी करते हुए आगे की विवेचना जारी होने की जानकारी दी है।2
- कोंडागांव में बच्चों और किशोरों के मानसिक स्वास्थ्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए विशेष क्षमता-विकास प्रशिक्षण आयोजित किया गया। यह मानसिक स्वास्थ्य एवं मनोसामाजिक सहयोग (MHPSS) प्रशिक्षण कोंडागांव जिला प्रशासन, यूनिसेफ इंडिया और CMHLP के संयुक्त सहयोग से संपन्न हुआ। इस प्रशिक्षण के दौरान मुख्य रूप से बच्चों और किशोरों के मानसिक स्वास्थ्य की पहचान करने, उनके साथ प्रभावी संवाद स्थापित करने और मनोसामाजिक सहयोग प्रदान करने से जुड़े व्यावहारिक कौशल विकसित करने पर जोर दिया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य संबंधित अधिकारियों व कर्मचारियों को प्रशिक्षित करना है ताकि वे जरूरत पड़ने पर बच्चों को समय पर बेहतर सहायता और उचित परामर्श उपलब्ध करा सकें।1
- कांकेर जिले के नरहरपुर विकासखंड के तहसील मुख्यालय सरोना में 11 जुलाई की शाम 5 बजे नवनिर्मित 'मावा मोदोल निःशुल्क लाइब्रेरी' का लोकार्पण किया गया। उप मुख्यमंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री अरुण साव ने इसका लोकार्पण किया, जो जिले की सातवीं मावा मोदोल लाइब्रेरी है। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री ने कहा कि इस लाइब्रेरी से क्षेत्र के युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए आधुनिक एवं निःशुल्क अध्ययन सुविधा मिलेगी। उन्होंने विद्यार्थियों से मेहनत और लगन के साथ पढ़ाई कर अपने लक्ष्य हासिल करने का आह्वान किया। इस लाइब्रेरी में प्रतिदिन 5 बैचों में अध्ययन की व्यवस्था की गई है, जिसमें प्रत्येक बैच में 75 विद्यार्थियों के बैठने की सुविधा है। इसका संचालन सुबह 7 बजे से शाम 7:30 बजे तक किया जाएगा। इस कार्यक्रम में सांसद भोजराज नाग, विधायक आशाराम नेताम सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारी और बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।1
- धमतरी पुलिस द्वारा नवीन आपराधिक कानूनों के प्रभावी, एकरूप और गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से पुलिस लाइन रूद्री के कम्पोजिट भवन में एक दिवसीय विशेष कार्यशाला का सफल आयोजन किया गया। पुलिस अधीक्षक धमतरी सूरज सिंह परिहार के निर्देशन में आयोजित इस कार्यशाला में सेवानिवृत्त पूर्व विशेष पुलिस महानिदेशक आर.के. विज (आईपीएस) मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को भारतीय न्याय संहिता (BNS), भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) तथा भारतीय साक्ष्य अधिनियम (BSA)-2023 के विभिन्न व्यावहारिक और विधिक पक्षों पर विस्तृत व्याख्यान और मार्गदर्शन प्रदान किया। कार्यशाला में पूर्व विशेष पुलिस महानिदेशक आर.के. विज ने विवेचना की नवीन प्रक्रियाओं, इलेक्ट्रॉनिक व डिजिटल साक्ष्यों के वैज्ञानिक संकलन, प्रभावी अभियोजन की रणनीतियों तथा न्यायालयीन कार्यवाही में इन नए कानूनों के व्यावहारिक उपयोग पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने रेखांकित किया कि इन नवीन कानूनों का उद्देश्य न्याय प्रणाली को अधिक पारदर्शी, तकनीक आधारित, पीड़ित-केंद्रित और समयबद्ध बनाना है। वहीं, पुलिस अधीक्षक धमतरी सूरज सिंह परिहार ने कहा कि बदलते विधिक परिदृश्य में पुलिस बल का निरंतर प्रशिक्षण और क्षमता विकास समय की मांग है। उन्होंने कहा कि अपराधियों को शीघ्र सजा दिलाने और पीड़ितों को त्वरित न्याय दिलाने के लिए गुणवत्तापूर्ण विवेचना, वैज्ञानिक साक्ष्यों का प्रभावी उपयोग और सुदृढ़ अभियोजन बेहद जरूरी है। इस प्रशिक्षण कार्यशाला में जिले के विभिन्न थानों, चौकियों और इकाइयों के लगभग 250 पुलिस अधिकारियों व कर्मचारियों ने सक्रिय भागीदारी की। कार्यक्रम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक धमतरी शैलेन्द्र कुमार पांडेय, नगर पुलिस अधीक्षक अभिषेक चतुर्वेदी, उप पुलिस अधीक्षक भानूप्रताप चंद्राकर, उप पुलिस अधीक्षक सुश्री मोनिका मरावी, उप पुलिस अधीक्षक सुश्री मीना साहू, उप पुलिस अधीक्षक यशकरण दीप ध्रुव, अनुविभागीय अधिकारी (पुलिस) नगरी विपिन रंगारी, वैज्ञानिक अधिकारी अमित कुमार पटेल, डीपीओ अजय सिंह, रक्षित निरीक्षक दीपक शर्मा सहित सभी थाना-चौकी प्रभारी, विवेचक, सीसीटीएनएस ऑपरेटर और प्रशिक्षु उप निरीक्षक उपस्थित रहे। इस दौरान प्रकरण आधारित उदाहरणों के माध्यम से विवेचना, डिजिटल साक्ष्य, गिरफ्तारी, तलाशी, जब्ती और अदालती प्रक्रिया से जुड़ी पुलिसकर्मियों की शंकाओं का समाधान किया गया।1
- राजनांदगांव के रक्षित केंद्र में 12 जुलाई को शहीद दिवस मनाया गया। इस दौरान मदनवाड़ा-कोरकोट्टी नक्सली हमले में वीरगति को प्राप्त हुए तत्कालीन पुलिस अधीक्षक वीके चौबे और अन्य शहीद पुलिस जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इस कार्यक्रम में सांसद संतोष पांडे, पूर्व सांसद अभिषेक सिंह, महापौर मधुसूदन यादव और पर्यटन मंडल अध्यक्ष नीलू शर्मा उपस्थित रहे। इनके साथ ही पुलिस अधिकारी, जनप्रतिनिधि और कई विशिष्ट अतिथियों ने भी कार्यक्रम में हिस्सा लिया और शहीदों के बलिदान को याद करते हुए उन्हें नमन किया।1
- राष्ट्रीय मछुआरा दिवस के अवसर पर कोण्डागांव के कोपाबेड़ा स्थित शासकीय मत्स्य बीज प्रक्षेत्र में एक मत्स्य कृषक संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इस संगोष्ठी में उपस्थित मत्स्य कृषकों और मछुआ सहकारी समितियों को एनएफडीपी पंजीयन, मत्स्यजीवी दुर्घटना बीमा, जलीय कृषि बीमा और किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) सहित विभिन्न शासकीय योजनाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। इसके साथ ही, कार्यक्रम में आधुनिक मत्स्य पालन को बढ़ावा देकर आत्मनिर्भर आजीविका विकसित करने पर विशेष जोर दिया गया।1
- छत्तीसगढ़ के कांकेर स्थित थाना सिटी कोतवाली में 11 जुलाई दोपहर साढ़े 3 बजे शनिवार को आयोजित एक कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने कांकेर पुलिस को मिले नए वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। पुलिस अधीक्षक निखिल राखेचा के नेतृत्व में कांकेर पुलिस को एक नई बस और तीन स्कॉर्पियो वाहन प्राप्त हुए हैं। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री श्री साव ने कहा कि आधुनिक संसाधनों से पुलिस व्यवस्था और अधिक सशक्त होगी। उन्होंने उम्मीद जताई कि इन नए वाहनों के बेड़े में शामिल होने से क्षेत्र में कानून-व्यवस्था दुरुस्त रखने के साथ-साथ आम नागरिकों को भी बेहतर और त्वरित पुलिस सेवाएं प्रदान करने में पुलिस को काफी सहायता मिलेगी।1
- गरियाबंद पुलिस अधीक्षक वेदव्रत सिरमौर के दिशा-निर्देश में आज मालगांव के शिवम नर्सिंग कॉलेज में छात्र-छात्राओं और स्टाफ के लिए एक विधिक व सुरक्षा जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कर्ण कुमार उके, डीएसपी गोपाल वैश्य, जिला अस्पताल के डॉक्टर एम.के. श्याम, मेमीचंद सोनवानी और गरियाबंद थाना प्रभारी शिशिर पाण्डेय मुख्य रूप से उपस्थित रहे। कार्यशाला के दौरान उपस्थित सभी छात्र-छात्राओं को कानून, सुरक्षा और साइबर अपराधों से बचाव के कड़े नियमों की जानकारी दी गई। कार्यक्रम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कर्ण कुमार उके ने बढ़ते ऑनलाइन फ्रॉड और साइबर अपराधों पर प्रकाश डालते हुए छात्रों को अनजान लिंक पर क्लिक न करने, ओटीपी साझा न करने और डिजिटल बैंकिंग में सावधानी बरतने के टिप्स दिए। वहीं, थाना प्रभारी शिशिर पाण्डेय ने देश में लागू हुए नए कानूनी प्रावधानों और धाराओं के बारे में विस्तार से बताया ताकि भावी नर्स और नागरिक अपने अधिकारों व कर्तव्यों के प्रति सजग रह सकें। इसके साथ ही, डीएसपी गोपाल वैश्य ने सड़क सुरक्षा व यातायात नियमों का पालन करने की अपील करते हुए लोगों को हेलमेट पहनने, सीट बेल्ट लगाने और नाबालिगों द्वारा वाहन न चलाने की सख्त हिदायत दी। तत्पश्चात, आपातकालीन चिकित्सा स्थिति से निपटने के लिए जिला अस्पताल के डॉक्टर एम.के. श्याम ने दिल का दौरा पड़ने या सांस रुकने की स्थिति में मरीज की जान बचाने के लिए सीपीआर (कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेसन) तकनीक का लाइव डेमो दिया। इस प्रशिक्षण में नर्सिंग स्टाफ और उपस्थित पुलिस स्टाफ को जान बचाने की बारीकियां सिखाई गईं। इसी कड़ी में, राजिम थाना क्षेत्र के प्रेमरतन पैलेस में क्रेडिट एक्सेस फाउंडेशन द्वारा आयोजित सामाजिक आर्थिक कार्यशाला में भी राजिम पुलिस टीम और गरियाबंद साइबर सेल की टीम ने पहुंचकर उपस्थित लोगों को साइबर जागरूकता के संबंध में विस्तृत जानकारी दी।2
- गरियाबंद जिले के राजिम क्षेत्र में स्थित जतमई मंदिर प्रांगण के बड़े पार्किंग के पास शनिवार सुबह सड़क पर निर्माण कंपनी का डामर ऑयल बिखरने से कई राहगीर हादसे का शिकार हो गए। सड़क पर बिखरे इस तेल को राहगीर देख नहीं पाए, जिसके कारण लगभग 5 से 7 दुपहिया वाहन चालक फिसलकर गिर गए और उनके शरीर के विभिन्न हिस्सों में चोटें आईं। बारिश के सीजन और शनिवार का दिन होने की वजह से बड़ी संख्या में लोग माता के दर्शन करने और जतमई मंदिर के झरने का आनंद लेने पहुंच रहे थे। हादसे को बढ़ता देख आसपास के दुकानदारों और पार्किंग वालों ने मुस्तैदी दिखाई और आने-जाने वाले लोगों को रोक-रोक कर सड़क पर ऑयल बिखरा होने की जानकारी दी और किनारे से जाने को कहा। यह सड़क निर्माण कार्य एडीबी प्रोजेक्ट के तहत पांडुका से लेकर मुंडागांव तक कराया जा रहा है, जो लगभग पूरा हो चुका है। गायडबरी गांव के पास बचे हुए थोड़े काम के लिए शुक्रवार को डामरीकरण किया गया था, जिसके बाद निर्माण कंपनी की गाड़ियों को जतमई मंदिर की बड़ी पार्किंग में खड़ा कर दिया गया था। इन्हीं गाड़ियों से ऑयल धीरे-धीरे बहकर मुख्य सड़क पर आ गया। इस घोर लापरवाही की जानकारी देने के बाद भी जिम्मेदार निर्माण कंपनी के लोग समय पर मौके पर नहीं पहुंचे। जब वे पहुंचे भी, तो उन्होंने सड़क किनारे की मिट्टी-मटेरियल डालकर खानापूर्ति करने की कोशिश की, जो नाकाफी रही। वर्तमान में जतमई घटारानी मंदिर में भारी भीड़ उमड़ रही है, लेकिन सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं हैं। यह घटना जतमई सेवा समिति, स्थानीय जनप्रतिनिधियों और जिला प्रशासन की उदासीनता और गैर-जिम्मेदाराना रवैये को उजागर करती है, जिससे साफ है कि श्रद्धालुओं को अब प्रशासन के भरोसे रहने के बजाय अपनी सुरक्षा खुद ही करनी होगी।4