डीएम ने आईजीआरएस व राजस्व कार्यों की समीक्षा की, गुणवत्तापूर्ण निस्तारण पर दिया जोर (ब्यूरो, संतकबीरनगर) ग्राम स्वराज्य संतकबीरनगर, 15 सितंबर। जिलाधिकारी आलोक कुमार की अध्यक्षता में मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभागार में आईजीआरएस, कर-करेत्तर एवं राजस्व विभाग के कार्यों की समीक्षा बैठक आयोजित हुई। बैठक में अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) सत्य प्रकाश तथा अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) चंद्रेश कुमार सिंह सहित सभी विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे। जिलाधिकारी ने आईजीआरएस पोर्टल पर मुख्यमंत्री, आयुक्त, जिलाधिकारी, तहसील दिवस सहित विभिन्न संदर्भों एवं लंबित शिकायतों की विभागवार समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्रत्येक शिकायत का गुणवत्तापूर्ण एवं नियमानुसार निस्तारण किया जाए। उन्होंने कहा कि आवश्यकता पड़ने पर अधिकारी स्वयं मौके का निरीक्षण कर शिकायतकर्ता का पक्ष सुनते हुए निष्पक्ष कार्रवाई सुनिश्चित करें। डीएम ने आवेदकों द्वारा दिए गए संतुष्टि एवं असंतुष्टि फीडबैक की भी समीक्षा की। उन्होंने निर्देशित किया कि निस्तारण के बाद प्रत्येक शिकायतकर्ता से संपर्क कर फीडबैक अवश्य लिया जाए तथा असंतुष्ट फीडबैक वाले मामलों की कारण सहित समीक्षा कर सुधारात्मक कार्रवाई की जाए। ऐसे सभी प्रकरणों में संबंधित अधिकारियों को पूरी रिपोर्ट के साथ बैठक में उपस्थित होने के निर्देश दिए गए। बैठक में सीएम डैशबोर्ड पर जनपद की रैंकिंग बेहतर बनाए रखने के लिए विभागीय योजनाओं एवं निर्माण कार्यों की लक्ष्य के अनुरूप प्रगति सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया। राजस्व समीक्षा के दौरान आबकारी, व्यापार कर, परिवहन, स्टाम्प शुल्क, विद्युत देयों की वसूली, वन विभाग, सिंचाई एवं नलकूप, नगर निकाय, खनन, मंडी समिति, बांट-माप तथा खाद्य सुरक्षा सहित विभिन्न विभागों के राजस्व संग्रह की समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने सभी विभागों को समय सीमा के भीतर लक्ष्य के सापेक्ष शत-प्रतिशत राजस्व वसूली सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
डीएम ने आईजीआरएस व राजस्व कार्यों की समीक्षा की, गुणवत्तापूर्ण निस्तारण पर दिया जोर (ब्यूरो, संतकबीरनगर) ग्राम स्वराज्य संतकबीरनगर, 15 सितंबर। जिलाधिकारी आलोक कुमार की अध्यक्षता में मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभागार में आईजीआरएस, कर-करेत्तर एवं राजस्व विभाग के कार्यों की समीक्षा बैठक आयोजित हुई। बैठक में अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) सत्य प्रकाश तथा अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) चंद्रेश कुमार सिंह सहित सभी विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे। जिलाधिकारी ने आईजीआरएस पोर्टल पर मुख्यमंत्री, आयुक्त, जिलाधिकारी, तहसील दिवस सहित विभिन्न संदर्भों एवं लंबित शिकायतों की विभागवार समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश
दिया कि प्रत्येक शिकायत का गुणवत्तापूर्ण एवं नियमानुसार निस्तारण किया जाए। उन्होंने कहा कि आवश्यकता पड़ने पर अधिकारी स्वयं मौके का निरीक्षण कर शिकायतकर्ता का पक्ष सुनते हुए निष्पक्ष कार्रवाई सुनिश्चित करें। डीएम ने आवेदकों द्वारा दिए गए संतुष्टि एवं असंतुष्टि फीडबैक की भी समीक्षा की। उन्होंने निर्देशित किया कि निस्तारण के बाद प्रत्येक शिकायतकर्ता से संपर्क कर फीडबैक अवश्य लिया जाए तथा असंतुष्ट फीडबैक वाले मामलों की कारण सहित समीक्षा कर सुधारात्मक कार्रवाई की जाए। ऐसे सभी प्रकरणों में संबंधित अधिकारियों को पूरी रिपोर्ट के साथ बैठक में उपस्थित होने के
निर्देश दिए गए। बैठक में सीएम डैशबोर्ड पर जनपद की रैंकिंग बेहतर बनाए रखने के लिए विभागीय योजनाओं एवं निर्माण कार्यों की लक्ष्य के अनुरूप प्रगति सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया। राजस्व समीक्षा के दौरान आबकारी, व्यापार कर, परिवहन, स्टाम्प शुल्क, विद्युत देयों की वसूली, वन विभाग, सिंचाई एवं नलकूप, नगर निकाय, खनन, मंडी समिति, बांट-माप तथा खाद्य सुरक्षा सहित विभिन्न विभागों के राजस्व संग्रह की समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने सभी विभागों को समय सीमा के भीतर लक्ष्य के सापेक्ष शत-प्रतिशत राजस्व वसूली सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
- डीआईजी ने थाना महुली का किया आकस्मिक निरीक्षण, लंबित विवेचनाओं के शीघ्र निस्तारण के दिए निर्देश महुली, संतकबीरनगर। पुलिस उप-महानिरीक्षक बस्ती परिक्षेत्र श्री संजीव त्यागी ने मंगलवार को पुलिस अधीक्षक श्री संदीप कुमार मीना की उपस्थिति में थाना महुली का आकस्मिक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने थाना परिसर, कार्यालय, मालखाना, बैरक, शस्त्रागार तथा अन्य महत्वपूर्ण व्यवस्थाओं का जायजा लिया। डीआईजी ने अभिलेखों के रखरखाव, लंबित प्रार्थना पत्रों, अभियोगों एवं विवेचनाओं की समीक्षा करते हुए गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध निस्तारण के निर्देश दिए। उन्होंने जनशिकायतों का निष्पक्ष व त्वरित समाधान, वांछित अभियुक्तों एवं वारंटियों की गिरफ्तारी, नियमित रात्रि गश्त तथा संदिग्ध व्यक्तियों व वाहनों की सघन चेकिंग पर विशेष जोर दिया। निरीक्षण में थाना परिसर की साफ-सफाई और सुव्यवस्थित व्यवस्था पर संतोष व्यक्त करते हुए डीआईजी ने थाना पुलिस की सराहना की। उन्होंने पुलिसकर्मियों को आमजन के साथ शालीन व्यवहार, पीड़ितों की समस्याओं को गंभीरता से सुनने तथा नियमानुसार त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। आगामी पर्वों एवं सार्वजनिक आयोजनों को देखते हुए डीआईजी ने सुरक्षा तैयारियों की समीक्षा की और संवेदनशील स्थलों पर पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती, नियमित क्षेत्र भ्रमण तथा सोशल मीडिया पर सतर्क निगरानी बनाए रखने के निर्देश दिए। इस दौरान क्षेत्राधिकारी धनघटा अभय नाथ मिश्र, थाना प्रभारी महुली दुर्गेश पाण्डेय सहित थाना महुली का समस्त पुलिस बल उपस्थित रहा।4
- जनता की शिकायतों पर विधायक अनिल त्रिपाठी सख्त, मेहदावल थाने में हुई तीखी नोकझोंक संतकबीरनगर। जनता की समस्याओं और शिकायतों को लेकर मेहदावल विधायक अनिल त्रिपाठी मेहदावल थाने पहुंचे। विधायक ने थाना परिसर में पहुंचकर क्षेत्र के लोगों से जुड़ी समस्याओं और पुलिस कार्रवाई की जानकारी ली। इस दौरान कुछ मामलों के निस्तारण को लेकर विधायक और मेहदावल थानाध्यक्ष के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई। विधायक ने जनता की शिकायतों को गंभीरता से लेने और पीड़ितों को न्याय दिलाने के लिए प्रभावी कार्रवाई किए जाने पर जोर दिया। विधायक अनिल त्रिपाठी ने कहा कि जनता की समस्याओं को लेकर वह लगातार आवाज उठाते रहेंगे। किसी भी पीड़ित व्यक्ति को न्याय के लिए परेशान न होना पड़े, यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए। उन्होंने पुलिस से शिकायतों का निष्पक्ष और समयबद्ध तरीके से निस्तारण करने की बात कही। विधायक के थाने पहुंचने और थानाध्यक्ष से हुई तीखी बहस का मामला क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है।1
- हनुमान मंदिर पर भंडारे का आयोजन, श्रद्धालुओं में दिखा उत्साह गोरखपुर के पाली क्षेत्र में नगर पंचायत घघसरा स्थित हनुमान गोरखपुर के पाली क्षेत्र में नगर पंचायत घघसरा स्थित हनुमान मंदिर परिसर में मंगलवार को भंडारे का आयोजन किया गया। धार्मिक एवं श्रद्धा के इस आयोजन में बड़ी संख्या में स्थानीय श्रद्धालुओं और आसपास के लोगों ने पहुंचकर प्रसाद ग्रहण किया। भंडारे के दौरान मंदिर परिसर में भक्तिमय माहौल बना रहा और श्रद्धालुओं में काफी उत्साह देखने को मिला। भंडारे के शुभ अवसर पर हनुमान मंदिर में विधि-विधान से पूजा-अर्चना के बाद प्रसाद वितरण शुरू किया गया। जैसे-जैसे भंडारे की जानकारी लोगों को हुई, वैसे-वैसे मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ती गई। आयोजकों और सहयोगियों की ओर से श्रद्धालुओं को प्रेमपूर्वक प्रसाद वितरित किया गया। लोगों ने कतारबद्ध होकर प्रसाद ग्रहण किया और धार्मिक आयोजन की सराहना की। भंडारे में स्थानीय लोगों के साथ युवाओं और बुजुर्गों ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। आयोजन के दौरान लोगों ने एक-दूसरे के साथ मिलकर सेवा कार्य किया और श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसका विशेष ध्यान रखा गया। मंदिर परिसर में पूरे समय श्रद्धा और भक्ति का वातावरण बना रहा। इस अवसर पर डुमरी के अध्यापक सौरभ राज, अनिल राज, सौरभ राज, सतीश चौबे, प्रदीप वर्मा, राजेश, बड़कू अग्रहरि, ऋषभ राज, राकेश विश्वकर्मा, रमेश प्रधान तथा लाभजनक मौर्य सहित बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौजूद रहे। सभी ने भंडारे के आयोजन में अपना सहयोग दिया और श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरण में सहभागिता की। आयोजकों ने कहा कि धार्मिक आयोजनों और भंडारे का उद्देश्य केवल प्रसाद वितरण करना ही नहीं, बल्कि समाज में आपसी प्रेम, भाईचारा, सेवा और सद्भाव की भावना को मजबूत करना भी है। ऐसे आयोजनों से लोगों को एक साथ आने और सामाजिक एकता को बढ़ावा देने का अवसर मिलता है। भंडारे में शामिल श्रद्धालुओं ने हनुमान जी का दर्शन-पूजन कर प्रसाद ग्रहण किया तथा आयोजन की सफलता के लिए आयोजकों को शुभकामनाएं दीं। देर तक मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की आवाजाही बनी रही और पूरे क्षेत्र में भक्तिमय वातावरण देखने को मिला।3
- मुख्यमंत्री के खिलाफ कथित आपत्तिजनक बयान पर नेहा बोहरा के खिलाफ FIR की मांग सहजनवां/गोरखपुर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खिलाफ कथित रूप से आपत्तिजनक, मानहानिकारक और भड़काऊ बयान देने का आरोप लगाते हुए सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता प्रशांत त्रिपाठी ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक गोरखपुर को शिकायती प्रार्थना-पत्र देकर एफआईआर दर्ज करने की मांग की है। उन्होंने मामले की गंभीरता को देखते हुए सोशल मीडिया पर प्रसारित संबंधित वीडियो और पोस्ट को साक्ष्य के रूप में सुरक्षित कराने की भी मांग की है। शिकायत के अनुसार, 14 सितंबर 2026 को एक सार्वजनिक सभा के दौरान ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोहरा ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के संबंध में कथित तौर पर अपमानजनक टिप्पणी की। शिकायतकर्ता का कहना है कि उक्त बयान सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफॉर्म पर प्रसारित हुआ, जिससे सार्वजनिक शांति और सामाजिक सद्भाव प्रभावित होने की आशंका है। प्रशांत त्रिपाठी ने आरोप लगाया कि बयान में मुख्यमंत्री के लिए अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल करने के साथ ‘योगी’ और ‘भगवा वस्त्र’ जैसे धार्मिक प्रतीकों को भी कथित रूप से अपमानजनक संदर्भ में प्रस्तुत किया गया। उन्होंने इसे धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाला कृत्य बताते हुए भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की धारा 299 और 352 के तहत कार्रवाई की मांग की है। शिकायती पत्र में पुलिस से मांग की गई है कि मामले की तत्काल जांच कर एफआईआर दर्ज की जाए तथा सोशल मीडिया पोस्ट और वीडियो को संरक्षित किया जाए। साथ ही जांच के दौरान सामने आने वाली अन्य संबंधित धाराओं में भी विधिसम्मत कार्रवाई की जाए। शिकायतकर्ता ने कहा कि वह जांच में पुलिस को आवश्यक सहयोग देने के लिए तैयार हैं और प्रकरण में की गई कार्रवाई की लिखित रूप से जानकारी उपलब्ध कराने का अनुरोध किया है। मुख्यमंत्री के खिलाफ कथित आपत्तिजनक बयान पर नेहा बोहरा के खिलाफ FIR की मांग, अधिवक्ता प्रशांत त्रिपाठी ने एसएसपी को सौंपा शिकायत प्रार्थना-पत्र सहजनवां/गोरखपुर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खिलाफ कथित रूप से आपत्तिजनक, मानहानिकारक और भड़काऊ बयान देने का आरोप लगाते हुए सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता प्रशांत त्रिपाठी ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक गोरखपुर को शिकायती प्रार्थना-पत्र देकर एफआईआर दर्ज करने की मांग की है। उन्होंने मामले की गंभीरता को देखते हुए सोशल मीडिया पर प्रसारित संबंधित वीडियो और पोस्ट को साक्ष्य के रूप में सुरक्षित कराने की भी मांग की है। शिकायत के अनुसार, 14 सितंबर 2026 को एक सार्वजनिक सभा के दौरान ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोहरा ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के संबंध में कथित तौर पर अपमानजनक टिप्पणी की। शिकायतकर्ता का कहना है कि उक्त बयान सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफॉर्म पर प्रसारित हुआ, जिससे सार्वजनिक शांति और सामाजिक सद्भाव प्रभावित होने की आशंका है। प्रशांत त्रिपाठी ने आरोप लगाया कि बयान में मुख्यमंत्री के लिए अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल करने के साथ ‘योगी’ और ‘भगवा वस्त्र’ जैसे धार्मिक प्रतीकों को भी कथित रूप से अपमानजनक संदर्भ में प्रस्तुत किया गया। उन्होंने इसे धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाला कृत्य बताते हुए भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की धारा 299 और 352 के तहत कार्रवाई की मांग की है। शिकायती पत्र में पुलिस से मांग की गई है कि मामले की तत्काल जांच कर एफआईआर दर्ज की जाए तथा सोशल मीडिया पोस्ट और वीडियो को संरक्षित किया जाए। साथ ही जांच के दौरान सामने आने वाली अन्य संबंधित धाराओं में भी विधिसम्मत कार्रवाई की जाए। शिकायतकर्ता ने कहा कि वह जांच में पुलिस को आवश्यक सहयोग देने के लिए तैयार हैं और प्रकरण में की गई कार्रवाई की लिखित रूप से जानकारी उपलब्ध कराने का अनुरोध किया है। सहजनवां/गोरखपुर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खिलाफ कथित रूप से आपत्तिजनक, मानहानिकारक और भड़काऊ बयान देने का आरोप लगाते हुए सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता प्रशांत त्रिपाठी ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक गोरखपुर को शिकायती प्रार्थना-पत्र देकर एफआईआर दर्ज करने की मांग की है। उन्होंने मामले की गंभीरता को देखते हुए सोशल मीडिया पर प्रसारित संबंधित वीडियो और पोस्ट को साक्ष्य के रूप में सुरक्षित कराने की भी मांग की है। शिकायत के अनुसार, 14 सितंबर 2026 को एक सार्वजनिक सभा के दौरान ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोहरा ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के संबंध में कथित तौर पर अपमानजनक टिप्पणी की। शिकायतकर्ता का कहना है कि उक्त बयान सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफॉर्म पर प्रसारित हुआ, जिससे सार्वजनिक शांति और सामाजिक सद्भाव प्रभावित होने की आशंका है। प्रशांत त्रिपाठी ने आरोप लगाया कि बयान में मुख्यमंत्री के लिए अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल करने के साथ ‘योगी’ और ‘भगवा वस्त्र’ जैसे धार्मिक प्रतीकों को भी कथित रूप से अपमानजनक संदर्भ में प्रस्तुत किया गया। उन्होंने इसे धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाला कृत्य बताते हुए भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की धारा 299 और 352 के तहत कार्रवाई की मांग की है। शिकायती पत्र में पुलिस से मांग की गई है कि मामले की तत्काल जांच कर एफआईआर दर्ज की जाए तथा सोशल मीडिया पोस्ट और वीडियो को संरक्षित किया जाए। साथ ही जांच के दौरान सामने आने वाली अन्य संबंधित धाराओं में भी विधिसम्मत कार्रवाई की जाए। शिकायतकर्ता ने कहा कि वह जांच में पुलिस को आवश्यक सहयोग देने के लिए तैयार हैं और प्रकरण में की गई कार्रवाई की लिखित रूप से जानकारी उपलब्ध कराने का अनुरोध किया है।1
- चंडीगढ़ कमाने गया 30 वर्षीय युवक लापता, ₹500 भेजने के बाद मोबाइल बंद धनघटा। संत कबीर नगर जिले के धनघटा थाना क्षेत्र के बैसा (लाल तुरकौलिया) गांव निवासी 30 वर्षीय अजीत निषाद पुत्र राधेश्याम रोजी-रोटी कमाने के लिए चंडीगढ़ गए थे। परिजनों के अनुसार शुक्रवार की रात करीब आठ बजे अजीत ने फोन कर बताया कि उसके पास खाने के लिए पैसे नहीं हैं और कुछ रुपये भेजने को कहा। इसके बाद परिजनों ने उसके खाते में ₹500 भेजे। परिजनों का कहना है कि रुपये भेजने के बाद से ही अजीत का मोबाइल फोन बंद हो गया। काफी खोजबीन और संभावित स्थानों पर पता लगाने के बावजूद उसका कोई सुराग नहीं मिल सका। इसके बाद से परिवार के लोग बेहद परेशान हैं। अजीत के घर पर उसकी मां सुभावती देवी, पत्नी मीरा और तीन बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है। परिजन लगातार उसकी तलाश कर रहे हैं और लोगों से भी सहयोग की अपील की है। परिजनों ने बताया कि यदि अजीत निषाद कहीं दिखाई दें या उनके संबंध में कोई जानकारी मिले तो 7754910939 अथवा 07755040121 पर फोन कर सूचना दें।1
- प्रेमी को छुड़ाने थाने पहुंची शादीशुदा महिला, साथ जाने की जिद पर अड़ी संभल, उत्तर प्रदेश: रजपुरा थाना क्षेत्र में प्रेम-प्रसंग से जुड़ा एक मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि एक शादीशुदा महिला ने रात के समय अपने प्रेमी को घर बुलाया। इसी दौरान परिजनों को दोनों के बारे में जानकारी हो गई और उन्होंने दोनों को पकड़ लिया। परिजनों द्वारा दोनों के साथ मारपीट किए जाने का आरोप है। इसके बाद प्रेमी को पुलिस के हवाले कर दिया गया। मामला सामने आने के अगले दिन महिला अपने प्रेमी को छुड़ाने के लिए थाने पहुंच गई। बताया जा रहा है कि महिला थाने में अपने प्रेमी के साथ जाने की जिद पर अड़ गई। इस दौरान काफी देर तक मामला चर्चा का विषय बना रहा। आरोप है कि बाद में महिला के परिजन उसे थाने के बाहर से अपने साथ ले गए। जानकारी के मुताबिक महिला का पति दिल्ली में मजदूरी करता है। फिलहाल पूरे मामले को लेकर पुलिस की ओर से जांच की जा रही है। महिला और उसके प्रेमी के संबंध में सामने आए दावों की पुष्टि जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।1
- राष्ट्रवादी पार्टी जिंदाबाद माननीय अखिलेश सिंह जिंदाबाद1
- सहकारी गन्ना विकास समिति टिनिच में बभनान चीनी मिल का हुआ विरोध कृषको ने घाटोली एवं अन्य समस्या को लेकर चीनी मिल के अधिकारियों को घेरा सहकारीगन्ना विकास समिति टिनिच में आज सामान्य निकाय की बैठक का आयोजन किया गया जिसमें गन्ना विकास समिति के अध्यक्ष प्रेम प्रकाश सिंह सहकारी गन्ना विकास समिति के सचिव लाल बहादुर औरबोर्ड के सभी डायरेक्टर एवं सदस्य उपस्थित रहे कृष को ने बभनान चीनी मिल को लेकर अपने आक्रोश व्यक्त किए कृषको का आरोप था की बभनान चीनी मिल के द्वारा घाटोली की जाती है और केंद्र पर किसानों को अनावश्यकपरेशान करने के लिए अगेती गन्ना प्रजाति कोआस्वीकृत प्रजाति कहकर उत्पीड़न किया जाता है आए दिन सेंटर पर ट्रांसपोर्ट की समस्या बरकरार रहती है समय से तोल पर्ची न मिलने से कृषक गेहूं की बुवाई समय से नहीं कर पाते हैं चीनी मिल के द्वारा कृषको का उत्पीड़न किया जाता है और उनकी बात सुनने के लिए चीनी मिल का कोई भी अधिकारी नहीं आता है जिसे लेकर कृषको ने अपनी आवाज बुलंद की गन्ना समिति के अध्यक्ष प्रेम प्रकाश सिंह ने कहा की कृषको का उत्पीड़न कदापि बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और सभी बिंदुओं पर विचार किया जाएगा इस दौरान क्षेत्र के कृषक उपस्थित रहे2