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राजस्थान के खंडेला क्षेत्र में 5 करोड़ रुपये की विकास योजना घटिया निर्माण और अधूरे कामों के कारण सवालों के घेरे में है। सुखपुरा, चौहानों की ढाणी जैसे कई गांवों में जनता को कोई वास्तविक लाभ नहीं मिला, जिससे लाखों रुपये की बर्बादी का आरोप लग रहा है। स्थानीय लोग इस योजना की तत्काल जांच और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
Moolchand saini
राजस्थान के खंडेला क्षेत्र में 5 करोड़ रुपये की विकास योजना घटिया निर्माण और अधूरे कामों के कारण सवालों के घेरे में है। सुखपुरा, चौहानों की ढाणी जैसे कई गांवों में जनता को कोई वास्तविक लाभ नहीं मिला, जिससे लाखों रुपये की बर्बादी का आरोप लग रहा है। स्थानीय लोग इस योजना की तत्काल जांच और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
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- भिवाड़ी एसीबी की बड़ी कार्रवाई पटवारी प्रमोद सामरिया 40 हजार रिश्वत लेते गिरफ्तार, पावटा कोटपूतली) भिवाड़ी एसीबी की बड़ी कार्रवाई पटवारी प्रमोद सामरिया 40 हजार रिश्वत लेते गिरफ्तार, पैतृक जमीन बंटवारे की रिपोर्ट के बदले मांगी थी रिश्वत, कुल 1 लाख की डिमांड, 80 हजार में तय हुआ सौदा, पहली किस्त लेते ही एसीबी ने रंगे हाथों दबोचा, भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम में केस दर्ज, जांच जारी, भिवाड़ी एसीबी डीएसपी परमेश्वर लाल के नेतृत्व में हुई कार्रवाई एंकर पावटा (कोटपूतली) भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) चौकी भिवाड़ी ने बड़ी कार्रवाई करते हुए पटवार हल्का भैसलाना, तहसील पावटा के पटवारी प्रमोद सामरिया को 40 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया। आरोपी को परिवादी से पहली किस्त लेते समय ट्रैप कर डिटेन किया गया। एसीबी के डीएसपी परमेश्वर लाल के अनुसार, परिवादी ने शिकायत दी थी कि उसके पिता की पैतृक जमीन के बंटवारे का मामला पिछले 5-6 वर्षों से एसडीएम कोर्ट में लंबित था। 20 जून 2025 को कोर्ट ने फैसला परिवादी के पक्ष में देते हुए पटवारी को रिपोर्ट तैयार कर पेश करने के निर्देश दिए थे। इसके बावजूद पटवारी ने रिपोर्ट पेश नहीं की और इसके एवज में एक लाख रुपये की रिश्वत की मांग शुरू कर दी। शिकायत के सत्यापन के दौरान 29 अप्रैल 2026 को यह स्पष्ट हुआ कि आरोपी पटवारी ने सौदा 80 हजार रुपये में तय किया और इसे तीन किस्तों में लेने पर सहमति जताई। पहली किस्त के रूप में 40 हजार रुपये लेने की बात सामने आई। इसके बाद एसीबी टीम ने उप महानिरीक्षक पुलिस भुवन भूषण यादव के सुपरवीजन में ट्रैप की योजना बनाई। भिवाड़ी चौकी प्रभारी परमेश्वर लाल, उप अधीक्षक पुलिस के नेतृत्व में कार्रवाई करते हुए आरोपी को रिश्वत लेते ही पकड़ लिया गया। फिलहाल आरोपी से पूछताछ जारी है। एसीबी की अतिरिक्त महानिदेशक स्मिता श्रीवास्तव और महानिरीक्षक एस. परिमला के निर्देशन में मामले की जांच की जा रही है। आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई जारी है। बाइट 01 डीएसपी परमेश्वर लाल1
- देशवासियों से अपील की गई है कि वे देश की सुरक्षा, नई पीढ़ी के विकास और संस्कारों को ध्यान में रखते हुए अपने प्रतिनिधियों का चुनाव करें। यह संदेश भारत के नागरिकों की उन्नति और उज्ज्वल भविष्य के लिए देशभक्तिपूर्ण नेतृत्व चुनने पर जोर देता है।1
- राजस्थान के दौसा स्थित खड़का स्कूल में निरीक्षण के दौरान शिक्षकों की गंभीर लापरवाही उजागर हुई, जिससे ग्रामीणों ने जमकर प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने शिक्षकों पर फर्जी हाजिरी, कर्तव्य में लापरवाही और स्कूल के पेड़ बेचकर धन के दुरुपयोग का आरोप लगाया है। उन्होंने दोषी शिक्षकों पर तत्काल कार्रवाई की मांग की है और कार्रवाई न होने तक बच्चों का नामांकन न कराने की चेतावनी दी है।3
- पश्चिम बंगाल में एक साधारण महिला ने विधानसभा चुनाव में चौंकाने वाली जीत हासिल कर सबको हैरान कर दिया है। कभी बर्तन मांजकर जीवनयापन करने वाली यह महिला अब विधायक बनकर समाज के लिए मिसाल बनी है।1
- हेलो मेरे दोस्तों, आज मैं अपनी कंपनी में अपनी टीम के साथ काम कर रहा हूं, शॉप में काम कर रहा था तभी बहुत तेज बारिश शुरू हुई 4 घंटे हो चुके हैं अभी बारिश थमाने का नाम नहीं है धन्यवाद1
- जागुवास में ग्राम सभा: चारागाह भूमि अतिक्रमण पर उठे सवाल, कई अहम फैसले बहरोड़। कस्बे के गांव जागुवास स्थित सामुदायिक भवन में बुधवार को ग्राम सभा का आयोजन किया गया, जिसमें ग्रामीणों ने विभिन्न मुद्दों पर चर्चा करते हुए महत्वपूर्ण निर्णय लिए। सभा के दौरान ग्रामीणों ने बताया कि गांव की चारागाह भूमि पर कुछ बंगाली परिवार अवैध रूप से निवास कर रहे हैं। ग्रामीणों के अनुसार इन परिवारों की गतिविधियां सामान्य नहीं लगतीं। साथ ही वहां एक मजार का निर्माण भी किया गया है और अक्सर बाहरी लोगों का आना-जाना बना रहता है। पूछने पर उन्हें रिश्तेदार या परिचित बताया जाता है, जबकि उनका मूल निवास पास के सिक्कों की ढाणी, ककरा मोहम्मदपुर बताया गया। ग्रामीणों ने इस स्थिति को संदिग्ध बताते हुए सरपंच प्रतिनिधि के नेतृत्व में उपखंड अधिकारी को ज्ञापन सौंपा और चारागाह भूमि से अवैध कब्जा हटाने की मांग की। इस संबंध में शीघ्र कार्रवाई की मांग करते हुए प्रार्थना पत्र भी दिया गया। ग्राम सभा में सामाजिक मुद्दों पर भी निर्णय लिए गए। सर्वसम्मति से तय किया गया कि शादी-विवाह या अन्य शुभ अवसरों पर किन्नरों को अधिकतम 1100 रुपये ही दिए जाएंगे। इसके साथ ही मृत्यु भोज को पूरी तरह बंद करने का भी निर्णय लिया गया। इस दौरान सरपंच, वार्ड पंच सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।3
- पंकज सोनी की पुलिस के साथ हुई बहस का वीडियो आया सामने | #PankajSoni #PoliceVideo1
- प्रदेशभर में कर्मचारियों ने काली पट्टी बांधकर जताया विरोध, सरकार को दिया 7 दिन का अल्टीमेटम* *प्रदेशभर में कर्मचारियों ने काली पट्टी बांधकर जताया विरोध, सरकार को दिया 7 दिन का अल्टीमेटम* जयपुर। अखिल राजस्थान राज्य कर्मचारी संयुक्त महासंघ (एकीकृत) के आह्वान पर आज प्रदेश के हज़ारों कर्मचारियों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर 'काली पट्टी' बांधकर जबरदस्त विरोध दर्ज कराया। सचिवालय से लेकर ग्राम स्तर तक के कार्यालयों में कर्मचारियों ने हाथ पर काली पट्टी बांधकर काम किया और सरकार के प्रति अपना असंतोष व्यक्त किया। *एकजुटता का संदेश:* महासंघ के प्रदेशाध्यक्ष गजेन्द्र सिंह राठौड़ ने बताया कि आज का यह सांकेतिक विरोध ऐतिहासिक रहा। गवर्नमेंट प्रेस,वन, शिक्षा, स्वास्थ्य, सचिवालय, परिवहन रोडवेज, जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी और तकनीकी, मंत्रालय,अधीनस्थ सहित सभी प्रमुख विभागों एवं संवर्ग के सभी जिलों के हजारों कर्मचारियों ने एकजुट होकर यह संदेश दिया है कि अब कर्मचारी अपने हक के लिए और इंतजार नहीं करेंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि कर्मचारियों ने पूरी निष्ठा से राजकीय कार्य करते हुए यह शांतिपूर्ण विरोध दर्ज कराया है। *प्रमुख मांगों पर अडिग कर्मचारी:* प्रदर्शन के दौरान मुख्य रूप से दो मांगों पर जोर दिया गया: *RGHS:* कैशलेस इलाज में आ रही तकनीकी खामियों को दूर कर कर्मचारियों के सुचारू इलाज की व्यवस्था की जाए। *समर्पित अवकाश*: समर्पित अवकाश का भुगतान तुरंत जारी किया जाए। *आगामी रणनीति और चेतावनी:* प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए प्रदेशाध्यक्ष ने कहा, "आज का विरोध केवल सांकेतिक था। यदि सरकार ने अगले 7 दिवस के भीतर हमारी मांगों पर सकारात्मक आदेश जारी नहीं किए, तो महासंघ प्रदेशव्यापी आंदोलन की घोषणा करेगा, जिसकी समस्त जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी।" महासंघ ने चेतावनी दी है कि अगले चरण में जिला मुख्यालयों पर घेराव और कार्य बहिष्कार जैसे कड़े कदम उठाए जा सकते हैं।1
- एक वायरल पोस्ट ने महात्मा गांधी को लेकर नया विवाद खड़ा कर दिया है। पोस्ट में दावा किया गया है कि गांधीजी भारत के नहीं, बल्कि पाकिस्तान के राष्ट्रपिता हैं, क्योंकि पाकिस्तान का जन्म उनके प्रभाव से हुआ। इस दावे को लेकर सोशल मीडिया पर नई बहस छिड़ गई है।1