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डूंगरपुर जिले के चिखली पंचायत समिति क्षेत्र के ढेबरा गांव में दूषित भोजन के कारण एक दर्दनाक घटना सामने आई है, जहाँ एक ही परिवार के आठ सदस्य गंभीर रूप से बीमार हो गए। शनिवार को भोजन करने के बाद परिवार के सदस्यों को अचानक तेज उल्टी-दस्त की शिकायत होने लगी, जिसके बाद उनकी तबीयत लगातार बिगड़ती गई। इस दौरान, एक 15 वर्षीय किशोरी की हालत अत्यधिक गंभीर होने से उसकी मौत हो गई, जबकि परिवार के सात अन्य सदस्य, जिनमें पांच बच्चे भी शामिल हैं, अस्पताल में भर्ती हैं। घटना की सूचना मिलने पर परिवार के मुखिया रामा गुजरात तत्काल गांव पहुंचे और बीमार परिजनों को लेकर सागवाड़ा स्थित पंडित दीनदयाल उपाध्याय राजकीय चिकित्सालय गए। सागवाड़ा अस्पताल में भर्ती सात मरीजों की गंभीर स्थिति को देखते हुए, चिकित्सकों की विशेष टीम ने तत्काल उपचार शुरू किया और प्राथमिक उपचार के बाद सभी को डूंगरपुर जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। एक ही परिवार के इतने लोगों के एक साथ गंभीर हालत में अस्पताल पहुंचने से चिकित्सा विभाग में हड़कंप मच गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह सक्रिय हो गया है। खाद्य सुरक्षा विभाग और चिकित्सा अधिकारियों की टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है, जहाँ अधिकारियों ने बताया कि फूड पॉइजनिंग के वास्तविक कारणों का खुलासा भोजन के नमूनों की जांच के बाद ही हो पाएगा। इस दुखद घटना के बाद गांव में शोक, भय और चिंता का माहौल है, और प्रशासन ने लोगों से भोजन की गुणवत्ता व स्वच्छता को लेकर विशेष सावधानी बरतने की अपील की है।

3 hrs ago
user_मुकेश कुमार आर. पंड्या
मुकेश कुमार आर. पंड्या
Local News Reporter सीमलवाड़ा, डूंगरपुर, राजस्थान•
3 hrs ago

डूंगरपुर जिले के चिखली पंचायत समिति क्षेत्र के ढेबरा गांव में दूषित भोजन के कारण एक दर्दनाक घटना सामने आई है, जहाँ एक ही परिवार के आठ सदस्य गंभीर रूप से बीमार हो गए। शनिवार को भोजन करने के बाद परिवार के सदस्यों को अचानक तेज उल्टी-दस्त की शिकायत होने लगी, जिसके बाद उनकी तबीयत लगातार बिगड़ती गई। इस दौरान, एक 15 वर्षीय किशोरी की हालत अत्यधिक गंभीर होने से उसकी मौत हो गई, जबकि परिवार के सात अन्य सदस्य, जिनमें पांच बच्चे भी शामिल हैं, अस्पताल में भर्ती हैं। घटना की सूचना मिलने पर परिवार के मुखिया रामा गुजरात तत्काल गांव पहुंचे और बीमार परिजनों को लेकर सागवाड़ा स्थित पंडित दीनदयाल उपाध्याय राजकीय चिकित्सालय गए। सागवाड़ा अस्पताल में भर्ती सात मरीजों की गंभीर स्थिति को देखते हुए, चिकित्सकों की विशेष टीम ने तत्काल उपचार शुरू किया और प्राथमिक उपचार के बाद सभी को डूंगरपुर जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। एक ही परिवार के इतने लोगों के एक साथ गंभीर हालत में अस्पताल पहुंचने से चिकित्सा विभाग में हड़कंप मच गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह सक्रिय हो गया है। खाद्य सुरक्षा विभाग और चिकित्सा अधिकारियों की टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है, जहाँ अधिकारियों ने बताया कि फूड पॉइजनिंग के वास्तविक कारणों का खुलासा भोजन के नमूनों की जांच के बाद ही हो पाएगा। इस दुखद घटना के बाद गांव में शोक, भय और चिंता का माहौल है, और प्रशासन ने लोगों से भोजन की गुणवत्ता व स्वच्छता को लेकर विशेष सावधानी बरतने की अपील की है।

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  • डूंगरपुर के गेजी घाटा स्थित टंट्या भील खेल मैदान में आदिवासी प्रतिभा एवं वरिष्ठजन सम्मान समारोह का आयोजन किया गया, जहाँ भंवरलाल परमार ने एक जोरदार संबोधन दिया। अपने भाषण में परमार ने युवाओं, शिक्षा, समाज की एकता और अधिकारों जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर प्रभावी ढंग से अपनी बात रखी, जिसे एक दमदार भाषण बताया गया।
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    डूंगरपुर के गेजी घाटा स्थित टंट्या भील खेल मैदान में आदिवासी प्रतिभा एवं वरिष्ठजन सम्मान समारोह का आयोजन किया गया, जहाँ भंवरलाल परमार ने एक जोरदार संबोधन दिया। अपने भाषण में परमार ने युवाओं, शिक्षा, समाज की एकता और अधिकारों जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर प्रभावी ढंग से अपनी बात रखी, जिसे एक दमदार भाषण बताया गया।
    user_OFFICIAL NEWS EXPLAINER
    OFFICIAL NEWS EXPLAINER
    News Anchor बांसवाड़ा, राजस्थान•
    8 hrs ago
  • कुशलगढ़ में उपखंड अधिकारी श्रद्धा सिंह ने नगर क्षेत्र के थांदला मार्ग समेत विभिन्न मोहल्लों का औचक निरीक्षण कर सफाई व्यवस्था का जायजा लिया। शनिवार सुबह 9 बजे मिली जानकारी के अनुसार, शुक्रवार को हल्की बारिश होने के बावजूद कई स्थानों पर नालियों में जलभराव और जाम की स्थिति मिलने पर उन्होंने कड़ी नाराजगी व्यक्त की। निरीक्षण के दौरान थांदला मार्ग और आसपास के क्षेत्रों में सफाई कार्य, नालियों की स्थिति और कचरा प्रबंधन व्यवस्था का अवलोकन किया गया। कई जगहों पर नालियों में कचरा जमा होने से पानी की निकासी प्रभावित मिली। इस पर, उपखंड अधिकारी ने नगर पालिका अधिकारियों और कर्मचारियों को तत्काल सुधार करने, नियमित सफाई अभियान चलाने और बरसात को देखते हुए विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए। उन्होंने नगर पालिका निरीक्षक संजय पिठाया और जमादार मनोज समेत सफाई कर्मचारियों को संबोधित करते हुए स्पष्ट किया कि नगर की स्वच्छता और आमजन की सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता है, और किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने कर्मचारियों को नियमित मॉनिटरिंग और जिम्मेदारी से कार्य करने पर ज़ोर दिया। श्रद्धा सिंह ने नगरवासियों से भी अपील की कि वे कचरा निर्धारित पात्रों में और नगर पालिका के कचरा संग्रहण वाहनों में ही डालें, क्योंकि स्वच्छ और सुंदर कुशलगढ़ के निर्माण में प्रशासन और आमजन दोनों की समान भागीदारी आवश्यक है। निरीक्षण के बाद, नगर पालिका प्रशासन ने सफाई एवं कचरा प्रबंधन व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने का आश्वासन दिया है।
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    कुशलगढ़ में उपखंड अधिकारी श्रद्धा सिंह ने नगर क्षेत्र के थांदला मार्ग समेत विभिन्न मोहल्लों का औचक निरीक्षण कर सफाई व्यवस्था का जायजा लिया। शनिवार सुबह 9 बजे मिली जानकारी के अनुसार, शुक्रवार को हल्की बारिश होने के बावजूद कई स्थानों पर नालियों में जलभराव और जाम की स्थिति मिलने पर उन्होंने कड़ी नाराजगी व्यक्त की।

निरीक्षण के दौरान थांदला मार्ग और आसपास के क्षेत्रों में सफाई कार्य, नालियों की स्थिति और कचरा प्रबंधन व्यवस्था का अवलोकन किया गया। कई जगहों पर नालियों में कचरा जमा होने से पानी की निकासी प्रभावित मिली। इस पर, उपखंड अधिकारी ने नगर पालिका अधिकारियों और कर्मचारियों को तत्काल सुधार करने, नियमित सफाई अभियान चलाने और बरसात को देखते हुए विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए। उन्होंने नगर पालिका निरीक्षक संजय पिठाया और जमादार मनोज समेत सफाई कर्मचारियों को संबोधित करते हुए स्पष्ट किया कि नगर की स्वच्छता और आमजन की सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता है, और किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने कर्मचारियों को नियमित मॉनिटरिंग और जिम्मेदारी से कार्य करने पर ज़ोर दिया।

श्रद्धा सिंह ने नगरवासियों से भी अपील की कि वे कचरा निर्धारित पात्रों में और नगर पालिका के कचरा संग्रहण वाहनों में ही डालें, क्योंकि स्वच्छ और सुंदर कुशलगढ़ के निर्माण में प्रशासन और आमजन दोनों की समान भागीदारी आवश्यक है। निरीक्षण के बाद, नगर पालिका प्रशासन ने सफाई एवं कचरा प्रबंधन व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने का आश्वासन दिया है।
    user_गाण्डीव न्यूज नेटवर्क
    गाण्डीव न्यूज नेटवर्क
    बांसवाड़ा, बांसवाड़ा, राजस्थान•
    17 hrs ago
  • राजस्थान के बांसवाड़ा जिले के कुशलगढ़ उपखंड क्षेत्र की वरसाला ग्राम पंचायत में स्थित पांच डुंगरी और कर्ण घाटी, महाभारत काल से ही धार्मिक आस्था का केंद्र रही हैं। अज्ञातवास के समय पांडवों ने इन स्थलों पर घोर तपस्या की थी, जिससे ये स्थान द्वापर युग की घटनाओं के जीवंत साक्षी बन गए हैं, हालांकि सरकारी उपेक्षा के कारण ये अभी भी पूरी तरह अस्तित्व में नहीं आ पाए हैं। प्राइम न्यूज़ राजस्थान के रिपोर्टर धर्मेंद्र कुमार सोनी द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, कौरवों द्वारा मामा शकुनि की चाल से छल-कपट कर पांडवों को अज्ञातवास दिया गया था, इस शर्त के साथ कि यदि अज्ञातवास भंग हुआ तो उन्हें दोबारा अज्ञातवास भुगतना पड़ेगा। इसी दौरान, पांडवों ने भेस बदलकर माता कुंती और पांचाली द्रौपदी के साथ बांसवाड़ा जिले के घोटीया आंबा में शरण ली। बांसवाड़ा जिले को लोड़ी काशी या लघु काशी भी कहा जाता है, और घोटीया आंबा में आज भी पांचों पांडवों की प्रतिमाएं तथा दो छल कुंड मौजूद हैं, जहाँ गोमुख से निर्मल जलधारा बहती है और प्रतिवर्ष मेला लगता है। इसी पवित्र धाम पर पांडवों ने जप-तप, यज्ञ-हवन और विधि-विधान से पूजा अर्चना की, तब भगवान शिव ने असत्य पर सत्य की जीत का आशीर्वाद दिया। किंवदंती के अनुसार, भगवान शिव के बताए विधि-विधान से पांडवों ने अपनी माता कुंती व पांचाली द्रौपदी के साथ पांच डुंगरी पर बैठकर आराधना शुरू की। जब सुत पुत्र कर्ण को पांडवों के पांच डुंगरी पर होने का पता चला, तो वह अपनी विशाल सेना लेकर अज्ञातवास भंग करने आया। किंतु ईश्वरीय शक्ति के आगे कर्ण भी नतमस्तक हो गया, वह दिग्भ्रमित होकर पांडवों को पहचान नहीं पाया और उल्टे पांव वापस लौट गया। यह स्थल आज कर्ण घाटी के नाम से जाना जाता है। जनश्रुति के अनुसार, पांडवों, माता कुंती और पांचाली द्रौपदी द्वारा तपस्या की गई पांच डुंगरी और उनकी दो अलग डुंगरिया आज भी इस बियाबान जंगल में विद्यमान हैं। राष्ट्रीय मानव धर्म सक्षा संघ के संघ प्रमुख संत नरसिंह गिरी महाराज, जांबुखंड के औघड़ संत प्रेमनाथ ईश्वर नाथ और वरसाला के वर्तमान सरपंच भुरसिंह खराडी ने बताया कि पांच डुंगरी जन आस्था का केंद्र बिंदु है, जहाँ महाभारत की यादें ताजा हो जाती हैं। हालांकि, यह प्राचीन स्थल सरकारी प्रशासन और पुरा संपदा की अनदेखी का हमेशा से शिकार रहा है। राष्ट्रीय मानव धर्म सक्षा संघ ने इस पवित्र स्थल के जीर्णोद्धार की एक कार्य योजना तैयार की है, जिसमें पांचों पांडवों, माता कुंती और पांचाली द्रौपदी की लघु प्रतिमाएं स्थापित की जाएंगी। इसके अतिरिक्त, यहाँ गुरुकुल, गौशाला, साधु-संतों के लिए आश्रम और सुंदर बगीचे का भी निर्माण किया जाएगा। इस संदर्भ में, संघ प्रमुख संत नरसिंह गिरी महाराज, औघड़ संत प्रेमनाथ ईश्वर नाथ, राजस्थान मीडिया प्रभारी धर्मेन्द्र कुमार सोनी सहित संघ के सभी सम्मानित पदाधिकारियों ने पांच डुंगरी का अवलोकन किया। उम्मीद है कि आने वाले समय में यह पवित्र स्थल जन आस्था का एक प्रमुख केंद्र बनेगा।
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    राजस्थान के बांसवाड़ा जिले के कुशलगढ़ उपखंड क्षेत्र की वरसाला ग्राम पंचायत में स्थित पांच डुंगरी और कर्ण घाटी, महाभारत काल से ही धार्मिक आस्था का केंद्र रही हैं। अज्ञातवास के समय पांडवों ने इन स्थलों पर घोर तपस्या की थी, जिससे ये स्थान द्वापर युग की घटनाओं के जीवंत साक्षी बन गए हैं, हालांकि सरकारी उपेक्षा के कारण ये अभी भी पूरी तरह अस्तित्व में नहीं आ पाए हैं।

प्राइम न्यूज़ राजस्थान के रिपोर्टर धर्मेंद्र कुमार सोनी द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, कौरवों द्वारा मामा शकुनि की चाल से छल-कपट कर पांडवों को अज्ञातवास दिया गया था, इस शर्त के साथ कि यदि अज्ञातवास भंग हुआ तो उन्हें दोबारा अज्ञातवास भुगतना पड़ेगा। इसी दौरान, पांडवों ने भेस बदलकर माता कुंती और पांचाली द्रौपदी के साथ बांसवाड़ा जिले के घोटीया आंबा में शरण ली। बांसवाड़ा जिले को लोड़ी काशी या लघु काशी भी कहा जाता है, और घोटीया आंबा में आज भी पांचों पांडवों की प्रतिमाएं तथा दो छल कुंड मौजूद हैं, जहाँ गोमुख से निर्मल जलधारा बहती है और प्रतिवर्ष मेला लगता है। इसी पवित्र धाम पर पांडवों ने जप-तप, यज्ञ-हवन और विधि-विधान से पूजा अर्चना की, तब भगवान शिव ने असत्य पर सत्य की जीत का आशीर्वाद दिया। किंवदंती के अनुसार, भगवान शिव के बताए विधि-विधान से पांडवों ने अपनी माता कुंती व पांचाली द्रौपदी के साथ पांच डुंगरी पर बैठकर आराधना शुरू की। जब सुत पुत्र कर्ण को पांडवों के पांच डुंगरी पर होने का पता चला, तो वह अपनी विशाल सेना लेकर अज्ञातवास भंग करने आया। किंतु ईश्वरीय शक्ति के आगे कर्ण भी नतमस्तक हो गया, वह दिग्भ्रमित होकर पांडवों को पहचान नहीं पाया और उल्टे पांव वापस लौट गया। यह स्थल आज कर्ण घाटी के नाम से जाना जाता है। जनश्रुति के अनुसार, पांडवों, माता कुंती और पांचाली द्रौपदी द्वारा तपस्या की गई पांच डुंगरी और उनकी दो अलग डुंगरिया आज भी इस बियाबान जंगल में विद्यमान हैं।

राष्ट्रीय मानव धर्म सक्षा संघ के संघ प्रमुख संत नरसिंह गिरी महाराज, जांबुखंड के औघड़ संत प्रेमनाथ ईश्वर नाथ और वरसाला के वर्तमान सरपंच भुरसिंह खराडी ने बताया कि पांच डुंगरी जन आस्था का केंद्र बिंदु है, जहाँ महाभारत की यादें ताजा हो जाती हैं। हालांकि, यह प्राचीन स्थल सरकारी प्रशासन और पुरा संपदा की अनदेखी का हमेशा से शिकार रहा है। राष्ट्रीय मानव धर्म सक्षा संघ ने इस पवित्र स्थल के जीर्णोद्धार की एक कार्य योजना तैयार की है, जिसमें पांचों पांडवों, माता कुंती और पांचाली द्रौपदी की लघु प्रतिमाएं स्थापित की जाएंगी। इसके अतिरिक्त, यहाँ गुरुकुल, गौशाला, साधु-संतों के लिए आश्रम और सुंदर बगीचे का भी निर्माण किया जाएगा। इस संदर्भ में, संघ प्रमुख संत नरसिंह गिरी महाराज, औघड़ संत प्रेमनाथ ईश्वर नाथ, राजस्थान मीडिया प्रभारी धर्मेन्द्र कुमार सोनी सहित संघ के सभी सम्मानित पदाधिकारियों ने पांच डुंगरी का अवलोकन किया। उम्मीद है कि आने वाले समय में यह पवित्र स्थल जन आस्था का एक प्रमुख केंद्र बनेगा।
    user_Dharmendra Soni
    Dharmendra Soni
    कुशलगढ़, बांसवाड़ा, राजस्थान•
    14 hrs ago
  • धरियावद पुलिस थाने में आगामी मोहर्रम पर्व को लेकर एक सीएलजी (कम्युनिटी लाइजन ग्रुप) बैठक का आयोजन किया गया। पुलिस उप अधीक्षक मदन गहलोत की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में नायब तहसीलदार रजनीश व्यास मुख्य अतिथि के रूप में, और धरियावद थाना अधिकारी हजारी लाल मीणा अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। मुस्लिम समाज के शरीफ खा, शहजाद खा, बंटी भाई टेंट वाले और प्रताप मेहता सहित ग्रामीण क्षेत्रों से भी प्रतिनिधि इसमें शामिल हुए। बैठक के दौरान धरियावद पुलिस उप अधीक्षक मदन गहलोत का सभी समाज के प्रतिनिधियों ने माला पहनाकर आत्मीय स्वागत एवं सम्मान किया। उपस्थित नागरिकों और सीएलजी सदस्यों ने श्री गहलोत का अभिनंदन करते हुए क्षेत्र में कानून-व्यवस्था बनाए रखने और आमजन के प्रति उनकी कार्यशैली की सराहना की। इस अवसर पर मोहर्रम पर्व को शांतिपूर्ण, सौहार्दपूर्ण एवं भाईचारे के साथ मनाने पर विस्तृत चर्चा हुई, जिसमें सभी समाजों ने पुलिस प्रशासन को पूर्ण सहयोग का भरोसा दिलाया। साथ ही, बैठक में नगर में करमोई नदी से आवरी माता जाने वाले करबला मार्ग पर सदियों पुराने रास्ते पर बढ़ते अतिक्रमण को हटाने की मांग भी उठाई गई। इसके अलावा, यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए एक अस्थायी पुलिस चौकी खुलवाने का अनुरोध भी किया गया।
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    धरियावद पुलिस थाने में आगामी मोहर्रम पर्व को लेकर एक सीएलजी (कम्युनिटी लाइजन ग्रुप) बैठक का आयोजन किया गया। पुलिस उप अधीक्षक मदन गहलोत की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में नायब तहसीलदार रजनीश व्यास मुख्य अतिथि के रूप में, और धरियावद थाना अधिकारी हजारी लाल मीणा अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। मुस्लिम समाज के शरीफ खा, शहजाद खा, बंटी भाई टेंट वाले और प्रताप मेहता सहित ग्रामीण क्षेत्रों से भी प्रतिनिधि इसमें शामिल हुए।

बैठक के दौरान धरियावद पुलिस उप अधीक्षक मदन गहलोत का सभी समाज के प्रतिनिधियों ने माला पहनाकर आत्मीय स्वागत एवं सम्मान किया। उपस्थित नागरिकों और सीएलजी सदस्यों ने श्री गहलोत का अभिनंदन करते हुए क्षेत्र में कानून-व्यवस्था बनाए रखने और आमजन के प्रति उनकी कार्यशैली की सराहना की। इस अवसर पर मोहर्रम पर्व को शांतिपूर्ण, सौहार्दपूर्ण एवं भाईचारे के साथ मनाने पर विस्तृत चर्चा हुई, जिसमें सभी समाजों ने पुलिस प्रशासन को पूर्ण सहयोग का भरोसा दिलाया।

साथ ही, बैठक में नगर में करमोई नदी से आवरी माता जाने वाले करबला मार्ग पर सदियों पुराने रास्ते पर बढ़ते अतिक्रमण को हटाने की मांग भी उठाई गई। इसके अलावा, यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए एक अस्थायी पुलिस चौकी खुलवाने का अनुरोध भी किया गया।
    user_जुबेर अहमद पत्रकार व लॉ छात्र
    जुबेर अहमद पत्रकार व लॉ छात्र
    धरियावद, प्रतापगढ़, राजस्थान•
    5 hrs ago
  • आज का मौसम बेहद खुशनुमा है। ऐसा लगता है कि जल्द ही बारिश आने वाली है।
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    आज का मौसम बेहद खुशनुमा है। ऐसा लगता है कि जल्द ही बारिश आने वाली है।
    user_Pushkr Pushk r rawat
    Pushkr Pushk r rawat
    Farmer कुराबाद, उदयपुर, राजस्थान•
    6 hrs ago
  • रावला परिसर स्थित नागणेश्वरी माताजी मंदिर में 15वां पाटोत्सव अत्यंत श्रद्धा, भक्ति और पारंपरिक गरिमा के साथ धूमधाम से मनाया गया। इस पूरे आयोजन में राजपूती संस्कृति, वैदिक परंपरा और सामूहिक आस्था का एक अद्भुत संगम देखने को मिला, जिसने मंदिर परिसर को भक्तिमय वातावरण से सराबोर कर दिया। संरक्षक ठाकुर महिपाल सिंह राठौर ने बताया कि पाटोत्सव के इस पावन अवसर पर पंडित जलज दवे एवं राज दवे के सान्निध्य में मुख्य यजमान प्रह्लाद सिंह और लोकेन्द्र सिंह राठौर द्वारा विधिवत पूजा-अर्चना एवं हवन का आयोजन किया गया। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच सभी धार्मिक अनुष्ठान संपन्न हुए। हवन पूर्णाहुति के बाद ठाकुर महिपाल सिंह, प्रह्लाद सिंह, लोकेन्द्र सिंह सहित उपस्थित क्षत्रिय समाज के सदस्यों ने नागणेश्वरी माताजी की महाआरती उतारी। आरती के दौरान श्रद्धालुओं ने माताजी के जयकारों के साथ सुख-समृद्धि और कल्याण की कामना की। पाटोत्सव का विशेष आकर्षण समाज की एकरूपता और सांस्कृतिक अनुशासन रहा, जहाँ सभी क्षत्रिय पुरुष सफेद पजामा-कुर्ता और साफा धारण कर पहुँचे, जबकि क्षत्रिय महिलाएँ पारंपरिक राजपूती वेशभूषा में नज़र आईं। इससे पूरा आयोजन राजस्थानी संस्कृति की जीवंत झलक प्रस्तुत करता दिखा। धार्मिक कार्यक्रम के समापन के बाद, मुख्य यजमान की ओर से महाप्रसाद का वितरण किया गया, जिसे बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने ग्रहण किया। इस अवसर पर ठाकुर महिपाल सिंह, प्रह्लाद सिंह, हिम्मत सिंह, थाना अधिकारी रघुवीर सिंह, नर्पत सिंह, संग्राम सिंह, नागेंद्र सिंह, दिग्विजय सिंह, हनुमान सिंह, त्रिलोकेश्वर सिंह, गुणवंत सिंह, राजेन्द्र सिंह मांडव, जितेंद्र सिंह, वीरेंद्र सिंह, रविन्द्र सिंह, गजेंद्र सिंह दाड़ोदिया, भारत सिंह मटूवोट, भीम सिंह पाडली, चंद्रवीर सिंह वखतपुरा, प्रदीप सिंह गड़ानाथजी, कमल प्रताप सिंह टेकला, महेन्द्र सिंह देवला, उदय सिंह गरियता, हितेंद्र पाल सिंह, वीरेंद्र पाल सिंह, वीर बहादुर सिंह, निरंजन सिंह, भूपेंद्र पाल सिंह, हेमेंद्र सिंह, हरिश्चंद्र सिंह, तेज बहादुर सिंह, जयवर्धन सिंह, पोपट सिंह, जयवीर सिंह, लोकेन्द्र सिंह, शैलेंद्र सिंह, हरेंद्र पाल सिंह, दीनदयाल सिंह मेड़ी, वैदिक पाल सिंह टमर, धर्मवीर सिंह सहित क्षत्रिय समाज की बड़ी संख्या में महिलाएँ भी उपस्थित थीं।
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    रावला परिसर स्थित नागणेश्वरी माताजी मंदिर में 15वां पाटोत्सव अत्यंत श्रद्धा, भक्ति और पारंपरिक गरिमा के साथ धूमधाम से मनाया गया। इस पूरे आयोजन में राजपूती संस्कृति, वैदिक परंपरा और सामूहिक आस्था का एक अद्भुत संगम देखने को मिला, जिसने मंदिर परिसर को भक्तिमय वातावरण से सराबोर कर दिया।

संरक्षक ठाकुर महिपाल सिंह राठौर ने बताया कि पाटोत्सव के इस पावन अवसर पर पंडित जलज दवे एवं राज दवे के सान्निध्य में मुख्य यजमान प्रह्लाद सिंह और लोकेन्द्र सिंह राठौर द्वारा विधिवत पूजा-अर्चना एवं हवन का आयोजन किया गया। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच सभी धार्मिक अनुष्ठान संपन्न हुए। हवन पूर्णाहुति के बाद ठाकुर महिपाल सिंह, प्रह्लाद सिंह, लोकेन्द्र सिंह सहित उपस्थित क्षत्रिय समाज के सदस्यों ने नागणेश्वरी माताजी की महाआरती उतारी। आरती के दौरान श्रद्धालुओं ने माताजी के जयकारों के साथ सुख-समृद्धि और कल्याण की कामना की।

पाटोत्सव का विशेष आकर्षण समाज की एकरूपता और सांस्कृतिक अनुशासन रहा, जहाँ सभी क्षत्रिय पुरुष सफेद पजामा-कुर्ता और साफा धारण कर पहुँचे, जबकि क्षत्रिय महिलाएँ पारंपरिक राजपूती वेशभूषा में नज़र आईं। इससे पूरा आयोजन राजस्थानी संस्कृति की जीवंत झलक प्रस्तुत करता दिखा। धार्मिक कार्यक्रम के समापन के बाद, मुख्य यजमान की ओर से महाप्रसाद का वितरण किया गया, जिसे बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने ग्रहण किया। इस अवसर पर ठाकुर महिपाल सिंह, प्रह्लाद सिंह, हिम्मत सिंह, थाना अधिकारी रघुवीर सिंह, नर्पत सिंह, संग्राम सिंह, नागेंद्र सिंह, दिग्विजय सिंह, हनुमान सिंह, त्रिलोकेश्वर सिंह, गुणवंत सिंह, राजेन्द्र सिंह मांडव, जितेंद्र सिंह, वीरेंद्र सिंह, रविन्द्र सिंह, गजेंद्र सिंह दाड़ोदिया, भारत सिंह मटूवोट, भीम सिंह पाडली, चंद्रवीर सिंह वखतपुरा, प्रदीप सिंह गड़ानाथजी, कमल प्रताप सिंह टेकला, महेन्द्र सिंह देवला, उदय सिंह गरियता, हितेंद्र पाल सिंह, वीरेंद्र पाल सिंह, वीर बहादुर सिंह, निरंजन सिंह, भूपेंद्र पाल सिंह, हेमेंद्र सिंह, हरिश्चंद्र सिंह, तेज बहादुर सिंह, जयवर्धन सिंह, पोपट सिंह, जयवीर सिंह, लोकेन्द्र सिंह, शैलेंद्र सिंह, हरेंद्र पाल सिंह, दीनदयाल सिंह मेड़ी, वैदिक पाल सिंह टमर, धर्मवीर सिंह सहित क्षत्रिय समाज की बड़ी संख्या में महिलाएँ भी उपस्थित थीं।
    user_मुकेश कुमार आर. पंड्या
    मुकेश कुमार आर. पंड्या
    Local News Reporter सीमलवाड़ा, डूंगरपुर, राजस्थान•
    7 hrs ago
  • बांसवाड़ा जिले के आनंदपुरी क्षेत्र की ग्राम पंचायत छाजा भाग-प्रथम में सरकारी राशन वितरण से जुड़ा एक बड़ा मामला सामने आया है। रसद विभाग द्वारा की गई जांच में यह खुलासा हुआ कि रिकॉर्ड में दर्ज 564.78 क्विंटल सरकारी गेहूं गायब है। इस गायब गेहूं की अनुमानित कीमत ₹15.22 लाख बताई जा रही है। इस विभागीय जांच के परिणामस्वरूप, संबंधित राशन डीलर का प्राधिकार पत्र निलंबित कर दिया गया है। साथ ही, इस पूरे प्रकरण के संबंध में आनंदपुरी थाने में एक एफआईआर भी दर्ज करवाई गई है।
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    बांसवाड़ा जिले के आनंदपुरी क्षेत्र की ग्राम पंचायत छाजा भाग-प्रथम में सरकारी राशन वितरण से जुड़ा एक बड़ा मामला सामने आया है। रसद विभाग द्वारा की गई जांच में यह खुलासा हुआ कि रिकॉर्ड में दर्ज 564.78 क्विंटल सरकारी गेहूं गायब है। इस गायब गेहूं की अनुमानित कीमत ₹15.22 लाख बताई जा रही है।

इस विभागीय जांच के परिणामस्वरूप, संबंधित राशन डीलर का प्राधिकार पत्र निलंबित कर दिया गया है। साथ ही, इस पूरे प्रकरण के संबंध में आनंदपुरी थाने में एक एफआईआर भी दर्ज करवाई गई है।
    user_OFFICIAL NEWS EXPLAINER
    OFFICIAL NEWS EXPLAINER
    News Anchor बांसवाड़ा, राजस्थान•
    8 hrs ago
  • शहर के हाउसिंग बोर्ड सेक्टर-5 स्थित रिया केट्स नामक एक केट्स शॉप में शनिवार शाम अज्ञात कारणों से भीषण आग लग गई। आग लगते ही दुकान से घना काला धुआं उठने लगा, जो तेजी से आसपास के आवासीय क्षेत्र में फैल गया, जिससे पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। धुएं की वजह से घबराकर लोग अपने घरों से बाहर निकल आए, क्योंकि आग ने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया था और काले धुएं का गुबार छा गया था, जिससे आसपास के रहवासियों में हड़कंप मच गया। घटना की सूचना मिलते ही कोतवाली थाना पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम तुरंत मौके पर पहुंची। दमकल कर्मी फिलहाल आग पर काबू पाने के प्रयासों में जुटे हुए हैं। पुलिस और प्रशासन की टीम स्थिति पर नजर बनाए हुए है। फिलहाल, आग लगने के स्पष्ट कारणों का पता नहीं चल पाया है, और आग से हुए नुकसान का आकलन भी किया जा रहा है। आग पर पूरी तरह से काबू पा लेने के बाद ही कारणों की विस्तृत जांच की जाएगी।
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    शहर के हाउसिंग बोर्ड सेक्टर-5 स्थित रिया केट्स नामक एक केट्स शॉप में शनिवार शाम अज्ञात कारणों से भीषण आग लग गई। आग लगते ही दुकान से घना काला धुआं उठने लगा, जो तेजी से आसपास के आवासीय क्षेत्र में फैल गया, जिससे पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। धुएं की वजह से घबराकर लोग अपने घरों से बाहर निकल आए, क्योंकि आग ने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया था और काले धुएं का गुबार छा गया था, जिससे आसपास के रहवासियों में हड़कंप मच गया।

घटना की सूचना मिलते ही कोतवाली थाना पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम तुरंत मौके पर पहुंची। दमकल कर्मी फिलहाल आग पर काबू पाने के प्रयासों में जुटे हुए हैं। पुलिस और प्रशासन की टीम स्थिति पर नजर बनाए हुए है। फिलहाल, आग लगने के स्पष्ट कारणों का पता नहीं चल पाया है, और आग से हुए नुकसान का आकलन भी किया जा रहा है। आग पर पूरी तरह से काबू पा लेने के बाद ही कारणों की विस्तृत जांच की जाएगी।
    user_Naresh Bhoi
    Naresh Bhoi
    पत्रकार डूंगरपुर, डूंगरपुर, राजस्थान•
    5 hrs ago
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