गाजियाबाद में सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट कर्नल (डॉ.) अश्वनी कुमार, एमआईडी, वीएसएम ने समाज और व्यवस्था में सैनिकों के प्रति बढ़ती उदासीनता पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए इसे राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा बताया है। उन्होंने हालिया घटनाओं का हवाला देते हुए कहा कि एक सेवारत लेफ्टिनेंट कर्नल के साथ मारपीट, देहरादून में एक ब्रिगेडियर की हत्या और चंडीगढ़ में सड़क दुर्घटना के दौरान एक लेफ्टिनेंट जनरल की मौत ने पूरे सैन्य समुदाय को झकझोर कर रख दिया है। कर्नल कुमार के अनुसार, इससे भी अधिक दुख तब होता है जब पिंजौर जैसे स्थानों पर सम्मानित और दिव्यांग सैनिक न्याय के लिए भटकते नजर आते हैं। कल्याण और पेंशन जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर होने वाली देरी की वजह से सैनिकों का व्यवस्था से विश्वास टूट रहा है। उन्होंने फील्ड मार्शल मानेकशॉ को याद करते हुए स्पष्ट किया कि एक सैनिक निडर होकर केवल इसलिए लड़ता है क्योंकि उसे भरोसा होता है कि देश उसके साथ खड़ा है। उन्होंने जोर देकर कहा कि विकास का असली पैमाना मेट्रो और हाईवे नहीं, बल्कि अपने रक्षकों के साथ किया जाने वाला व्यवहार है, और सैनिकों का सम्मान करना कोई उपकार नहीं बल्कि राष्ट्र का दायित्व है।
गाजियाबाद में सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट कर्नल (डॉ.) अश्वनी कुमार, एमआईडी, वीएसएम ने समाज और व्यवस्था में सैनिकों के प्रति बढ़ती उदासीनता पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए इसे राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा बताया है। उन्होंने हालिया घटनाओं का हवाला देते हुए कहा कि एक सेवारत लेफ्टिनेंट कर्नल के साथ मारपीट, देहरादून में एक ब्रिगेडियर की हत्या और चंडीगढ़ में सड़क दुर्घटना के दौरान एक लेफ्टिनेंट जनरल की मौत ने पूरे सैन्य समुदाय को झकझोर कर रख दिया है। कर्नल कुमार के अनुसार, इससे भी अधिक दुख तब होता है जब पिंजौर जैसे स्थानों पर सम्मानित और दिव्यांग सैनिक न्याय के लिए भटकते नजर आते हैं। कल्याण और पेंशन जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर होने वाली देरी की वजह से सैनिकों का व्यवस्था से विश्वास टूट रहा है। उन्होंने फील्ड मार्शल मानेकशॉ को याद करते हुए स्पष्ट किया कि एक सैनिक निडर होकर केवल इसलिए लड़ता है क्योंकि उसे भरोसा होता है कि देश उसके साथ खड़ा है। उन्होंने जोर देकर कहा कि विकास का असली पैमाना मेट्रो और हाईवे नहीं, बल्कि अपने रक्षकों के साथ किया जाने वाला व्यवहार है, और सैनिकों का सम्मान करना कोई उपकार नहीं बल्कि राष्ट्र का दायित्व है।
- गाजियाबाद के राकेश मार्ग स्थित गुलमोहर एन्क्लेव सोसायटी में पिछले दिनों हुई आग की घटनाओं को लेकर अग्निशमन विभाग ने कड़ा संज्ञान लिया है। चीफ फायर ऑफिसर राहुल पाल के निर्देश पर शनिवार को फायर स्टेशन कोतवाली के अग्निशमन अधिकारी शेष नाथ यादव ने अपनी टीम के साथ सोसायटी का दौरा किया और फायर सेफ्टी व्यवस्थाओं की विस्तृत जांच की। हाल ही में सोसायटी के एसपी-2 टावर के एक फ्लैट, टी-1 टावर की लिफ्ट के पंखे और एक इलेक्ट्रिक स्कूटी में आग लगने की घटनाओं से यहां के निवासी अपनी सुरक्षा को लेकर बेहद चिंतित थे। इस निरीक्षण के दौरान शिकायतकर्ता गौरव बंसल और राजेश गर्ग भी मौजूद रहे, जिन्होंने अधिकारियों को सोसायटी में फायर सेफ्टी की कमियों और सुरक्षा से जुड़े मुद्दों से अवगत कराया। अग्निशमन अधिकारी शेष नाथ यादव ने विभिन्न टावरों में लगे फायर अलार्म सिस्टम, हाइड्रेंट, होज़ रील, अग्निशमन यंत्र, फायर पंप और ईवी चार्जिंग प्वाइंटों का बारीकी से निरीक्षण किया। इसके बाद उन्होंने सोसायटी के स्टेट मैनेजर राहुल त्यागी को निर्देश दिए कि सभी उपकरणों और सुरक्षा व्यवस्थाओं को मानकों के अनुरूप हमेशा कार्यशील रखा जाए और नियमों का कड़ाई से पालन किया जाए। शिकायतकर्ता गौरव बंसल ने यह भी बताया कि वर्तमान आरडब्ल्यूए के पास अग्निशमन विभाग की वैध फायर एनओसी नहीं है। इस पर अग्निशमन अधिकारी ने जानकारी दी कि सोसायटी की अग्निशमन व्यवस्थाओं की कार्यशीलता को लेकर अध्यक्ष और सचिव के खिलाफ गाजियाबाद न्यायालय में वाद संख्या 37350/2026 लंबित है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कोर्ट में मामला विचाराधीन होने के कारण सभी फायर सेफ्टी मानकों का पालन अनिवार्य है और किसी भी लापरवाही के गंभीर परिणाम हो सकते हैं।4
- गाजियाबाद के थाना क्रॉसिंग रिपब्लिक पुलिस ने एक 17 वर्षीय किशोरी को बहला-फुसलाकर ले जाने के मामले में फरार चल रहे आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के अनुसार, परिजनों की शिकायत पर 4 जुलाई को मामला दर्ज किया गया था, जिसमें किशोरी के 2 जुलाई से लापता होने की जानकारी दी गई थी। इसके बाद पुलिस टीम ने लगातार तलाश अभियान चलाते हुए 7 जुलाई को किशोरी को सकुशल बरामद कर लिया था। जांच और पीड़िता के बयान के आधार पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ संबंधित धाराओं में कार्रवाई बढ़ाई। इसके बाद 12 जुलाई को मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने बुलंदशहर निवासी आरोपी कबीर को पंचशील पार्क के पास से गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के दौरान आरोपी कबीर ने स्वीकार किया कि उसका किशोरी से पिछले डेढ़ वर्ष से परिचय था और वह उसे बहला-फुसलाकर हरिद्वार ले गया था। फिलहाल पुलिस आरोपी के खिलाफ अग्रिम वैधानिक कार्रवाई कर रही है।1
- गाजियाबाद के खोड़ा कॉलोनी की नहर वाली रोड की स्थिति इतनी बदहाल हो चुकी है कि वहां से गुजरना खतरे से खाली नहीं है। इस सड़क पर इतने अधिक खड्डे हो चुके हैं कि ऐसा लगता है जैसे किसी भी समय गाड़ी के टायर ही फट जाएंगे। बारिश के मौसम में इस सड़क की स्थिति और भी विकराल हो जाती है, जब इसमें भारी मात्रा में पानी भर जाता है। पानी भरने के बाद तो यह पता ही नहीं लगता कि सड़क कहां पर है और यह पूरी तरह किसी जंगली रास्ते जैसी नजर आने लगती है। इस अव्यवस्था को लेकर लोग काफी परेशान हैं और सवाल उठा रहे हैं कि खोड़ा नगर निगम आखिर क्यों इस सड़क का निर्माण नहीं करा रहा है। सड़क की इस दुर्दशा पर तीखा तंज कसते हुए लोग कह रहे हैं कि खोड़ा कॉलोनी नगर निगम ने नहर के किनारे कितनी 'अच्छी' सड़क बनाकर तैयार की है।1
- उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में सड़कों की स्थिति इतनी ज्यादा खराब हो चुकी है कि लोगों का बाहर निकलना भी मुश्किल हो गया है। सड़कों पर जगह-जगह पानी भरा हुआ है और इतने ज्यादा गड्ढे हैं कि पैदल चलने वाले लोग गिर जाते हैं। इसके साथ ही इस बदहाली के कारण गाड़ियां भी रास्ते में ही फंसकर खड़ी हो जाती हैं।1
- गाजियाबाद में गैस एजेंटों द्वारा सिलेंडर में कम गैस दिए जाने की शिकायतें लगातार बढ़ रही हैं। गैस चोरी करने के लिए एजेंटों द्वारा कई तरह के तरीके अपनाए जा रहे हैं, जिनमें सिलेंडर का वजन कम रखना, टूटी सील देना और पुराना रेगुलेटर लगाना शामिल है। इस प्रकार की धोखाधड़ी से बचाव के लिए ग्राहकों को सलाह दी गई है कि वे डिलीवरी लेते समय सिलेंडर का वजन, सील और बिल की जांच जरूर करें। सही वजन का पता लगाने के लिए सिलेंडर पर लिखे खाली वजन (Tare Weight) में 14.2 किलोग्राम जोड़ना चाहिए, जिससे फुल सिलेंडर का वजन ज्ञात हो सके। किसी भी प्रकार की गड़बड़ी होने पर उपभोक्ता सीधे डिस्ट्रीब्यूटर से शिकायत कर सकते हैं या फिर हेल्पलाइन नंबर 1906 और 1800-11-4000 पर अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं।1
- गाजियाबाद के शालीमार गार्डन एक्सटेंशन-2 स्थित सी-5 क्षेत्र में एक रेस्टोरेंट की किचन में अचानक आग लग गई। आग लगते ही पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई, जिसके बाद स्थानीय लोगों ने तुरंत फायर ब्रिगेड को इस घटना की सूचना दी। सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया। समय रहते आग पर नियंत्रण पा लिए जाने से एक बड़ा हादसा टल गया, हालांकि घटना में हुए नुकसान और आग लगने के सटीक कारणों की जांच की जा रही है। इस घटना से स्थानीय निवासियों में गहरा आक्रोश है। लोगों का कहना है कि यह रेस्टोरेंट पूरी तरह से रिहायशी क्षेत्र में संचालित किया जा रहा था। स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन की भूमिका पर सवाल उठाते हुए पूछा है कि प्रतिबंध के बावजूद आवासीय इलाकों में इस तरह के व्यावसायिक प्रतिष्ठान कैसे चल रहे हैं। लोगों का मानना है कि यदि आग आसपास के मकानों तक फैल जाती, तो भारी जनहानि और भारी नुकसान हो सकता था। अब स्थानीय निवासी प्रशासन से मांग कर रहे हैं कि रिहायशी क्षेत्रों में चल रहे ऐसे सभी व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की तुरंत जांच की जाए, उनके अग्नि सुरक्षा मानकों की समीक्षा की जाए और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ उचित कार्रवाई हो। फिलहाल फायर विभाग और संबंधित प्रशासनिक अधिकारी मामले की जांच में जुटे हैं।4
- ऋषिकेश की चीला रोड पर लगातार हो रही बारिश के कारण बीन नदी उफान पर आ गई। नदी पार करते समय एक स्कूटी सवार पानी की तेज धारा के बीच में फंस गया, जिसके चलते उसकी स्कूटी में रखा सामान तेज बहाव में बह गया। इस दौरान मौके पर मौजूद लोगों ने तत्परता दिखाई और नदी में उतरकर स्कूटी सवार को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।1