गया जिले के शेरघाटी अनुमंडल के बार भरारी गांव से प्रवीन चौधरी का SDM पद पर चयन हुआ है। इस उपलब्धि को लेखक ने केवल एक व्यक्ति की सफलता नहीं, बल्कि ग्रामीण भारत की अदम्य इच्छाशक्ति की जीत बताया है, जो सीमित संसाधनों के बावजूद बड़े सपने देखने का साहस रखती है। यह सफलता हजारों युवाओं के लिए उम्मीद की नई किरण है, जो बेरोजगारी और संसाधनों की कमी जैसी चुनौतियों से जूझ रहे हैं। लेखक के अनुसार, किसी युवक का SDM बनना केवल सरकारी नौकरी पाना नहीं है, बल्कि यह उस सामाजिक परिवर्तन का प्रतीक है जहाँ खेत-खलिहान और साधारण परिवारों के बच्चे भी प्रशासनिक व्यवस्था के शीर्ष पदों तक पहुँच सकते हैं। यह सिद्ध करता है कि प्रतिभा शहरों की मोहताज नहीं होती, संसाधनों की कमी मेहनत को नहीं रोक सकती, और यदि लक्ष्य स्पष्ट हो, तो गाँव का छात्र भी प्रशासन चला सकता है। शेरघाटी, बांकेबाजार, डोभी, आमस और इमामगंज जैसे क्षेत्रों के युवाओं के सामने अक्सर यह सवाल रहता है कि क्या वे भी बड़े अधिकारी बन सकते हैं। यह सफलता इस प्रश्न का सीधा उत्तर देती है कि हाँ, वे बिल्कुल बन सकते हैं, क्योंकि सफलता का रास्ता जाति, गरीबी या क्षेत्र नहीं बल्कि परिश्रम, अनुशासन और निरंतरता तय करती है। लेखक ने समाज की भी जिम्मेदारी पर जोर दिया है। उनका कहना है कि यदि ग्रामीण समाज वास्तव में और अधिक SDM, DSP, IAS और IPS देखना चाहता है, तो उसे शिक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देनी होगी, कोचिंग और पुस्तकालय संस्कृति को बढ़ावा देना होगा, नशामुक्त और अध्ययन-अनुकूल वातावरण बनाना होगा, और प्रतिभाशाली गरीब छात्रों की सहायता करनी होगी। एक समय था जब बिहार की पहचान पलायन और पिछड़ेपन से जुड़ी थी, लेकिन आज वही बिहार प्रशासनिक सेवाओं, इंजीनियरिंग, चिकित्सा और राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में नई पहचान बना रहा है। गाँव से निकलकर अधिकारी बनने वाले युवा इस परिवर्तन के जीवंत प्रतीक हैं। लेखक ने निष्कर्ष में कहा है कि यदि प्रवीन चौधरी का SDM पद पर चयन आधिकारिक रूप से सत्यापित होता है, तो यह उपलब्धि न केवल बार भरारी गांव बल्कि पूरे शेरघाटी अनुमंडल और गया जिले के लिए गौरव का विषय होगी। यह सफलता आने वाली पीढ़ियों को संदेश देगी कि सपने गाँव में भी जन्म लेते हैं, लेकिन उन्हें साकार करने के लिए शहर नहीं, बल्कि संकल्प चाहिए, और यही नए बिहार की सबसे बड़ी पहचान है जहाँ मिट्टी से उठकर युवा प्रशासन की कुर्सी तक पहुँच रहे हैं और अपने क्षेत्र का नाम रोशन कर रहे हैं।
गया जिले के शेरघाटी अनुमंडल के बार भरारी गांव से प्रवीन चौधरी का SDM पद पर चयन हुआ है। इस उपलब्धि को लेखक ने केवल एक व्यक्ति की सफलता नहीं, बल्कि ग्रामीण भारत की अदम्य इच्छाशक्ति की जीत बताया है, जो सीमित संसाधनों के बावजूद बड़े सपने देखने का साहस रखती है। यह सफलता हजारों युवाओं के लिए उम्मीद की नई किरण है, जो बेरोजगारी और संसाधनों की कमी जैसी चुनौतियों से जूझ रहे हैं। लेखक के अनुसार, किसी युवक का SDM बनना केवल सरकारी नौकरी पाना नहीं है, बल्कि यह उस सामाजिक परिवर्तन का प्रतीक है जहाँ खेत-खलिहान और साधारण परिवारों के बच्चे भी प्रशासनिक व्यवस्था के शीर्ष पदों तक पहुँच सकते हैं। यह सिद्ध करता है कि प्रतिभा शहरों की मोहताज नहीं होती, संसाधनों की कमी मेहनत को नहीं रोक सकती, और यदि लक्ष्य स्पष्ट हो, तो गाँव का छात्र भी प्रशासन चला सकता है। शेरघाटी, बांकेबाजार, डोभी, आमस और इमामगंज जैसे क्षेत्रों के युवाओं के सामने अक्सर यह सवाल रहता है कि क्या वे भी बड़े अधिकारी बन सकते हैं। यह सफलता इस प्रश्न का सीधा उत्तर देती है कि हाँ, वे बिल्कुल बन सकते हैं, क्योंकि सफलता का रास्ता जाति, गरीबी या क्षेत्र नहीं बल्कि परिश्रम, अनुशासन और निरंतरता तय करती है। लेखक ने समाज की भी जिम्मेदारी पर जोर दिया है। उनका कहना है कि यदि ग्रामीण समाज वास्तव में और अधिक SDM, DSP, IAS और IPS देखना चाहता है, तो उसे शिक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देनी होगी, कोचिंग और पुस्तकालय संस्कृति को बढ़ावा देना होगा, नशामुक्त और अध्ययन-अनुकूल वातावरण बनाना होगा, और प्रतिभाशाली गरीब छात्रों की सहायता करनी होगी। एक समय था जब बिहार की पहचान पलायन और पिछड़ेपन से जुड़ी थी, लेकिन आज वही बिहार प्रशासनिक सेवाओं, इंजीनियरिंग, चिकित्सा और राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में नई पहचान बना रहा है। गाँव से निकलकर अधिकारी बनने वाले युवा इस परिवर्तन के जीवंत प्रतीक हैं। लेखक ने निष्कर्ष में कहा है कि यदि प्रवीन चौधरी का SDM पद पर चयन आधिकारिक रूप से सत्यापित होता है, तो यह उपलब्धि न केवल बार भरारी गांव बल्कि पूरे शेरघाटी अनुमंडल और गया जिले के लिए गौरव का विषय होगी। यह सफलता आने वाली पीढ़ियों को संदेश देगी कि सपने गाँव में भी जन्म लेते हैं, लेकिन उन्हें साकार करने के लिए शहर नहीं, बल्कि संकल्प चाहिए, और यही नए बिहार की सबसे बड़ी पहचान है जहाँ मिट्टी से उठकर युवा प्रशासन की कुर्सी तक पहुँच रहे हैं और अपने क्षेत्र का नाम रोशन कर रहे हैं।
- गया जिले के शेरघाटी स्थित NH19 पर हुए एक सड़क हादसे में एक छात्रा की मौत हो गई। इस घटना के बाद गुस्साए ग्रामीणों ने सड़क को घंटों तक जाम कर दिया, जिससे आवागमन बाधित हो गया।1
- हंटरगंज प्रखंड के उरैली स्थित राजकीय उत्क्रमित मध्य विद्यालय में रविवार को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम जिला विधिक सेवा प्राधिकार चतरा के सचिव महोदय के निर्देशानुसार संपन्न हुआ, जिसमें अधिकार मित्र सह पीएलवी कुमार विवेक रंजन और सरयु यादव ने मुख्य रूप से भाग लिया। कार्यक्रम की शुरुआत विद्यालय प्रांगण में सामूहिक योगाभ्यास से हुई, जहाँ शिक्षकों और बच्चों ने मिलकर सूर्य नमस्कार, प्राणायाम, ताड़ासन और वज्रासन सहित कई योगासन किए। इस अवसर पर, पीएलवी सरयु यादव ने बच्चों को योग के महत्व के बारे में बताया, कहा कि नियमित योग से शरीर स्वस्थ और मन शांत रहता है तथा यह बच्चों में अनुशासन और एकाग्रता बढ़ाता है, जो पढ़ाई में सहायक है। उन्होंने यह भी बताया कि जिला विधिक सेवा प्राधिकार का उद्देश्य केवल कानूनी मदद प्रदान करना नहीं, बल्कि समाज के हर वर्ग को जागरूक करना भी है। विद्यालय के सचिव रंजीत कुमार ने सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों को योग जैसी गतिविधियों से जोड़ने की आवश्यकता पर बल दिया, ताकि वे तनावमुक्त रहकर बेहतर भविष्य बना सकें। शिक्षक संदीप कुमार सिंह ने योग के वैज्ञानिक लाभों पर प्रकाश डाला, जबकि कंप्यूटर टीचर अंकित राज और शिक्षक मृत्युंजय पाठक, सरोज कुमारी, राजशेखर कुमार ने बच्चों को योग करने के लिए प्रेरित किया। शिक्षकों ने बच्चों को मोबाइल से दूरी बनाकर सुबह योग करने की सलाह भी दी। कार्यक्रम के अंत में, पीएलवी कुमार विवेक रंजन और सरयु यादव ने जरूरतमंद बच्चों के बीच शिक्षण सामग्री वितरित की, जिसमें कॉपी, पेन, पेंसिल और चार्ट पेपर शामिल थे। सामग्री पाकर बच्चों के चेहरे खिल उठे। इस मौके पर विद्यालय के सभी शिक्षक, ग्रामीण और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे। कार्यक्रम के सफल संचालन में विद्यालय परिवार की अहम भूमिका रही, और सचिव रंजीत कुमार ने जिला विधिक सेवा प्राधिकार का आभार व्यक्त किया।2
- चतरा जिले के हंटरगंज प्रखंड स्थित डाटम गांव के कन्हैया कुमार ने कल्याण पदाधिकारी बनकर क्षेत्र में अपना परचम लहराया है। उनकी इस उल्लेखनीय उपलब्धि पर पूरे इलाके में खुशी और हर्ष का माहौल है, जहां लोग इस सफलता पर गर्व महसूस कर रहे हैं।1
- गया जिले के परैया उत्तरी बाजार में बनी परैया टिकारी रोड के निर्माण की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठाए गए हैं। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि इस सड़क का निर्माण जल्दबाजी में किया गया है और इसकी पिच की मोटाई तथा निर्माण प्रक्रिया की विस्तृत जांच होनी चाहिए। बताया गया है कि सड़क पर पहले काफी मिट्टी जमी हुई थी, जिसे जेसीबी से केवल ऊपर-ऊपर हटाया गया और हल्का झाड़ू लगाने के बाद उसी मिट्टी पर पिचिंग कर दी गई। इससे सड़क की मजबूती पर संदेह व्यक्त किया जा रहा है कि क्या मिट्टी पर बनी यह सड़क लंबे समय तक टिक पाएगी। इस घटिया निर्माण के कारण सड़क काफी ऊंची हो गई है, जिससे घरों से पानी की निकासी में भारी परेशानी हो रही है, क्योंकि परैया उत्तरी बाजार में नाली या नाले की कोई व्यवस्था नहीं है। शिकायतकर्ता का दावा है कि जब इस संबंध में ठेकेदार से निर्माण रोकने के लिए कहा गया, तो उसने धमकी देते हुए कहा, "तुमको जो करना है कर लो, तुमको जहां जाना है चल जाओ, तुमको जहां वीडियो भेजना है भेज दो, हम देख लेंगे।" शिकायतकर्ता के पास इस पूरे मामले से संबंधित वीडियो के माध्यम से सभी सबूत मौजूद होने का दावा किया गया है। लोगों ने इस मामले में शक्तिशाली जांच की मांग की है और जांच में दोषी पाए जाने वाले ठेकेदार पर तत्काल कार्रवाई करने की अपील की है।4
- दिए गए पोस्ट में कई बार 'जय हनुमान' का उद्घोष किया गया है।1
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को कोलकाता के रेड रोड पर 12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के राष्ट्रीय कार्यक्रम का नेतृत्व किया। इस अवसर पर उन्होंने स्वस्थ जीवन और कल्याण पर केंद्रित इस वैश्विक आयोजन के प्रतिभागियों के साथ हिस्सा लिया, जहाँ उन्होंने जोर देकर कहा कि योग दुनिया के बेहतर भविष्य के लिए भी आवश्यक है। अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस का यह 12वां संस्करण इस वर्ष पूरे देश और दुनिया भर में 'स्वस्थ वृद्धावस्था के लिए योग' ('योग फॉर हेल्दी एजिंग') की थीम के तहत मनाया जा रहा है। यह थीम जीवन के सभी अवस्थाओं में एक स्वस्थ और सक्रिय जीवन को बढ़ावा देने में योग की महत्वपूर्ण भूमिका पर विशेष बल देती है। जैसे-जैसे दुनिया भर में आबादी की उम्र बढ़ रही है और गैर-संचारी बीमारियों व जीवनशैली से जुड़ी स्वास्थ्य समस्याएं बढ़ रही हैं, वैश्विक ध्यान अब केवल जीवन के वर्षों को बढ़ाने से हटकर स्वास्थ्य अवधि, जीवन की गुणवत्ता और समग्र कल्याण को बेहतर बनाने पर केंद्रित हो रहा है।1
- अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर चतरा जिला प्रशासन और जिला आयुष समिति द्वारा जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में एक भव्य योगाभ्यास कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों, सुरक्षा बलों के जवानों, छात्रों और आमजनों ने बड़े उत्साह के साथ भाग लिया और योग को अपने दैनिक जीवन का अभिन्न अंग बनाने का संकल्प लिया। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। इस महत्वपूर्ण अवसर पर सांसद कालीचरण सिंह मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उनके साथ जिला परिषद उपाध्यक्ष बृजकिशोर तिवारी, वन प्रमंडल पदाधिकारी राहुल मीणा, मुकेश कुमार, अपर समाहर्ता अरविंद कुमार, एसएसबी कमांडेंट और जिला आयुष पदाधिकारी डॉ. एसएन तिवारी समेत कई अन्य पदाधिकारी भी मौजूद थे। योग प्रशिक्षकों के कुशल मार्गदर्शन में उपस्थित सभी लोगों ने आसन, प्राणायाम और ध्यान का अभ्यास किया। वक्ताओं ने योग को भारत की एक अमूल्य धरोहर बताते हुए इसे अपनाकर स्वस्थ और संतुलित जीवन जीने का संदेश दिया, जहाँ हजारों लोगों ने इस भव्य योगाभ्यास में सक्रियता से हिस्सा लेते हुए संकल्प लिया।1
- चतरा जिले के हंटरगंज थाना क्षेत्र के बिहिया गांव में पुरानी ज़मीनी रंजिश के चलते दो पक्षों के बीच बड़ा विवाद हो गया, जो जल्द ही हिंसक झड़प में बदल गया। जानकारी के अनुसार, दोनों पक्षों के बीच ज़मीन को लेकर लंबे समय से चला आ रहा विवाद तब और बढ़ गया जब एक पक्ष द्वारा विवादित ज़मीन पर ईंटें गिराई जा रही थीं। इसी बात पर दोनों में कहासुनी शुरू हुई और देखते ही देखते वे आमने-सामने आ गए, एक-दूसरे पर जमकर ईंट-पत्थर फेंकने लगे। इस झड़प में छत पर रखे सोलर पैनल, सीमेंट एस्बेस्टस और कई अन्य सामान क्षतिग्रस्त हो गए। घटना की सूचना मिलते ही हंटरगंज थाना के एएसआई अजय कुमार महतो अपने दल बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए स्थिति को नियंत्रित किया और दोनों पक्षों को शांत कराया। मामले में दोनों पक्षों की ओर से हंटरगंज थाने में आवेदन दिए गए हैं, जिनके आधार पर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। थाना पुलिस ने बताया कि यह मामला पुरानी ज़मीनी रंजिश से जुड़ा है और वे पूरे प्रकरण की गंभीरता से जांच कर रहे हैं। जांच के निष्कर्षों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी, वहीं गांव में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस लगातार निगरानी कर रही है।1