मथुरा के पांचजन्य प्रेक्षागृह में आयोजित एक कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री लक्ष्मी नारायण चौधरी ने 'मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना' का विधिवत शुभारंभ किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए, उन्होंने डीबीटी (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) के माध्यम से छात्र-छात्राओं को धनराशि वितरित की और शिक्षामित्रों को बढ़ा हुआ मानदेय भी प्रदान किया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में शिक्षक, शिक्षामित्र और अनुदेशक उपस्थित रहे, जिन्होंने मुख्यमंत्री के सजीव संबोधन का अवलोकन भी किया। कैबिनेट मंत्री लक्ष्मी नारायण चौधरी ने बताया कि इस योजना के अंतर्गत राज्य के शिक्षकों और उनके आश्रितों को सूचीबद्ध अस्पतालों में प्रति वर्ष ₹5 लाख तक कैशलेस उपचार की सुविधा मिलेगी। उन्होंने जानकारी दी कि बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा परिषद से जुड़े लगभग 12 लाख शिक्षक, शिक्षामित्र, अनुदेशक और अन्य कर्मचारी इस योजना का लाभ उठा सकेंगे। पात्र शिक्षक एवं कर्मचारी आयुष्मान भारत पोर्टल या मोबाइल ऐप के माध्यम से अपना कैशलेस हेल्थ कार्ड बनवा सकते हैं। इसी कार्यक्रम के दौरान, परिषदीय विद्यालयों के छात्र-छात्राओं के लिए यूनिफॉर्म, जूता-मोजा, स्वेटर, स्कूल बैग और अन्य आवश्यक सामग्री हेतु प्रति छात्र ₹1,200 की धनराशि सीधे उनके बैंक खातों में डीबीटी के माध्यम से हस्तांतरित की गई। कैबिनेट मंत्री लक्ष्मी नारायण चौधरी ने इस बात पर जोर दिया कि प्रदेश सरकार शिक्षकों के स्वास्थ्य, सम्मान और सामाजिक सुरक्षा के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है, और इन योजनाओं से उनकी आर्थिक एवं सामाजिक स्थिति और अधिक सुदृढ़ होगी।
मथुरा के पांचजन्य प्रेक्षागृह में आयोजित एक कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री लक्ष्मी नारायण चौधरी ने 'मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना' का विधिवत शुभारंभ किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए, उन्होंने डीबीटी (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) के माध्यम से छात्र-छात्राओं को धनराशि वितरित की और शिक्षामित्रों को बढ़ा हुआ मानदेय भी प्रदान किया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में शिक्षक, शिक्षामित्र और अनुदेशक उपस्थित रहे, जिन्होंने मुख्यमंत्री के सजीव संबोधन का अवलोकन भी किया। कैबिनेट मंत्री लक्ष्मी नारायण चौधरी ने बताया कि इस योजना के अंतर्गत राज्य के शिक्षकों और उनके आश्रितों को सूचीबद्ध अस्पतालों में प्रति वर्ष ₹5 लाख तक कैशलेस उपचार की सुविधा मिलेगी। उन्होंने जानकारी दी कि बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा
परिषद से जुड़े लगभग 12 लाख शिक्षक, शिक्षामित्र, अनुदेशक और अन्य कर्मचारी इस योजना का लाभ उठा सकेंगे। पात्र शिक्षक एवं कर्मचारी आयुष्मान भारत पोर्टल या मोबाइल ऐप के माध्यम से अपना कैशलेस हेल्थ कार्ड बनवा सकते हैं। इसी कार्यक्रम के दौरान, परिषदीय विद्यालयों के छात्र-छात्राओं के लिए यूनिफॉर्म, जूता-मोजा, स्वेटर, स्कूल बैग और अन्य आवश्यक सामग्री हेतु प्रति छात्र ₹1,200 की धनराशि सीधे उनके बैंक खातों में डीबीटी के माध्यम से हस्तांतरित की गई। कैबिनेट मंत्री लक्ष्मी नारायण चौधरी ने इस बात पर जोर दिया कि प्रदेश सरकार शिक्षकों के स्वास्थ्य, सम्मान और सामाजिक सुरक्षा के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है, और इन योजनाओं से उनकी आर्थिक एवं सामाजिक स्थिति और अधिक सुदृढ़ होगी।
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- मूल पाठ में लगातार 'जय श्री राम' का जयघोष किया गया है, जिसमें संबंधित भावनात्मक अभिव्यक्ति निहित है।1
- दिल्ली में कथित ₹650 करोड़ के घोटाले को लेकर आम आदमी पार्टी (AAP) द्वारा लगातार विरोध प्रदर्शन किए जा रहे हैं। ये विरोध प्रदर्शन राजधानी के विभिन्न स्थानों पर जारी हैं, जहाँ पार्टी इस मामले पर अपनी आपत्ति दर्ज करा रही है।1
- उत्तर प्रदेश के हमीरपुर से पुलिस महकमे की साख पर सवाल खड़े करने वाली एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है। एक ट्रक ड्राइवर का पैसा चुराने के आरोप में सब-इंस्पेक्टर गिरीश मिश्रा को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। यह मामला उस वर्दी को शर्मसार करता है, जिस पर आम जनता की सुरक्षा की जिम्मेदारी होती है। यह पूरा मामला तब सामने आया और तूल पकड़ा जब पीड़ित ट्रक ड्राइवर ने अपने साथ हुई इस वारदात की शिकायत दर्ज कराई। आरोप है कि सब-इंस्पेक्टर गिरीश मिश्रा ने अपनी ड्यूटी के दौरान मौके का फायदा उठाते हुए ड्राइवर की मेहनत की कमाई पर हाथ साफ कर दिया था। शिकायत सामने आते ही पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया और मामला सीधे एसपी तक पहुंचा। एसपी ने इस घटना को गंभीरता से लेते हुए तत्काल जांच के आदेश दिए, जिसमें आरोप सही पाए गए। इसके बाद बिना किसी देरी के गिरीश मिश्रा के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। इस कार्रवाई से पुलिस प्रशासन ने यह साफ संदेश दिया है कि कानून तोड़ने वालों को किसी भी हालत में बख्शा नहीं जाएगा, चाहे वे वर्दी में ही क्यों न हों। हालांकि, इस घटना ने आम जनता के बीच कई सवाल खड़े कर दिए हैं कि क्या उन्हें अब अपनी सुरक्षा के लिए उन्हीं लोगों से डरना चाहिए जो उनकी रक्षा की शपथ लेते हैं? एसपी की इस त्वरित और सख्त कार्रवाई ने यह जरूर दिखाया है कि सिस्टम में अभी भी जवाबदेही कायम है और गलत करने वालों के खिलाफ कार्रवाई संभव है। फिलहाल, आरोपी सब-इंस्पेक्टर सलाखों के पीछे है और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है। यह घटना एक बार फिर इस बात की याद दिलाती है कि वर्दी का सम्मान तभी तक है जब तक उसमें ईमानदारी बची रहे।1
- हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय राजा वीरभद्र सिंह की पुण्यतिथि हर साल 8 जुलाई को मनाई जाती है। उनका निधन 8 जुलाई 2021 को हुआ था। स्वर्गीय राजा वीरभद्र सिंह का जीवन और राजनीतिक सफर सफलतापूर्वक रहा है।1
- मेरठ से सामने आई एक चौंकाने वाली घटना ने कानून व्यवस्था और पुलिस की छवि पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आरोप है कि उत्तर प्रदेश पुलिस के “सुरक्षा आपकी, संकल्प हमारा” नारे के ठीक विपरीत, वर्दी पहने एक सिपाही ने कथित तौर पर नशे की हालत में एक युवक को सरेआम अपमानित किया। सिपाही पर आरोप है कि उसने गुस्से और नशे में मर्यादा की सारी हदें पार करते हुए युवक से बेहद आपत्तिजनक भाषा का प्रयोग किया और कहा, “तेरे मुँह में मूत दूंगा।” इन शब्दों ने पूरे सिस्टम की छवि को झकझोर कर रख दिया है। इस घटना के बाद मौके पर मौजूद लोगों में भारी आक्रोश देखा गया। लोगों का कहना था कि जब सुरक्षा देने वाले ही इस तरह का व्यवहार करेंगे, तो आम जनता किससे मदद की उम्मीद रखेगी? यह सवाल भी उठाया गया कि क्या अब वर्दी का अर्थ केवल ताकत का प्रदर्शन करना रह गया है? यह मामला फिलहाल चर्चा का विषय बना हुआ है और लोग इस तरह के शर्मनाक व्यवहार पर सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं, ताकि पुलिस की छवि और जनता का भरोसा दोनों कायम रह सकें।1
- दिल्ली के रोहिणी सेक्टर 16 में एक पाँच मंजिला इमारत ताश के पत्तों की तरह भरभराकर गिर गई। इस घटना के बाद, राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) की टीम तुरंत मौके पर पहुँची है, और घटनास्थल पर बचाव कार्य जारी है।1