भिंड मछंड से मिहोना तक उठी आवाज़ UGC रोल बेक की आवाज विरोध में 7 किमी लंबी रैली यूजीसी काला कानून वापस लो के नारों से गूंजा मछंद से मिहोना तक लगभग 7 किलोमीटर चलकर तहसीलदार मिहोना को सौंपा ज्ञापन मछंड से मिहोना तक गरजी आवाज, UGC आरक्षण के विरोध में निकली 7 किमी लंबी रैली UGC आरक्षण के खिलाफ सड़कों पर उतरे लोग, मछंड से मिहोना तक गूंजे विरोध के नारे ‘UGC का काला कानून वापस लो’ के नारों से गूंजा मछंड, तहसीलदार को सौंपा ज्ञापन मछंड से मिहोना तक निकली विरोध रैली, राष्ट्रपति के नाम सौंपा गया ज्ञापन UGC आरक्षण और SC/ST एक्ट के विरोध में प्रदर्शन, सात किलोमीटर तक निकली रैली मछंड में गरजा विरोध, UGC आरक्षण के खिलाफ लोगों ने बुलंद की आवाज ‘स्वर्ण एकता जिंदाबाद’ के नारों से गूंजा मछंड, मिहोना तहसील पहुंचा प्रदर्शन UGC आरक्षण के खिलाफ लामबंद हुए लोग, मछंड से मिहोना तक निकली जोरदार रैली कानूनों पर पुनर्विचार की मांग, मछंड से उठी आवाज पहुंची मिहोना तहसील तक रैली में लगे ‘UGC का काला कानून वापस लो’ के नारे, राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन मछंड में विरोध का बिगुल, UGC आरक्षण और SC/ST एक्ट को लेकर प्रदर्शन सात किलोमीटर तक गूंजे विरोध के नारे, मिहोना तहसीलदार को सौंपा ज्ञापन भाईचारे की दुहाई देते हुए प्रदर्शनकारियों ने उठाई कानूनों को वापस लेने की मांग मछंड से मिहोना तक शक्ति प्रदर्शन, UGC आरक्षण के खिलाफ सड़क पर उतरे प्रदर्शनकारी मछंड में बड़ा प्रदर्शन: UGC आरक्षण और SC/ST एक्ट के विरोध में गरजी रैली, सौंपा ज्ञापन
भिंड मछंड से मिहोना तक उठी आवाज़ UGC रोल बेक की आवाज विरोध में 7 किमी लंबी रैली यूजीसी काला कानून वापस लो के नारों से गूंजा मछंद से मिहोना तक लगभग 7 किलोमीटर चलकर तहसीलदार मिहोना को सौंपा ज्ञापन मछंड से मिहोना तक गरजी आवाज, UGC आरक्षण के विरोध में निकली 7 किमी लंबी रैली UGC आरक्षण के खिलाफ सड़कों पर उतरे लोग, मछंड से मिहोना तक गूंजे विरोध के नारे ‘UGC का काला कानून वापस लो’ के नारों से गूंजा मछंड, तहसीलदार को सौंपा ज्ञापन मछंड से मिहोना तक निकली विरोध रैली, राष्ट्रपति के नाम सौंपा गया ज्ञापन UGC आरक्षण और SC/ST एक्ट के विरोध में प्रदर्शन, सात किलोमीटर तक निकली रैली मछंड में गरजा विरोध, UGC आरक्षण के खिलाफ लोगों ने
बुलंद की आवाज ‘स्वर्ण एकता जिंदाबाद’ के नारों से गूंजा मछंड, मिहोना तहसील पहुंचा प्रदर्शन UGC आरक्षण के खिलाफ लामबंद हुए लोग, मछंड से मिहोना तक निकली जोरदार रैली कानूनों पर पुनर्विचार की मांग, मछंड से उठी आवाज पहुंची मिहोना तहसील तक रैली में लगे ‘UGC का काला कानून वापस लो’ के नारे, राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन मछंड में विरोध का बिगुल, UGC आरक्षण और SC/ST एक्ट को लेकर प्रदर्शन सात किलोमीटर तक गूंजे विरोध के नारे, मिहोना तहसीलदार को सौंपा ज्ञापन भाईचारे की दुहाई देते हुए प्रदर्शनकारियों ने उठाई कानूनों को वापस लेने की मांग मछंड से मिहोना तक शक्ति प्रदर्शन, UGC आरक्षण के खिलाफ सड़क पर उतरे प्रदर्शनकारी मछंड में बड़ा प्रदर्शन: UGC आरक्षण और SC/ST एक्ट के विरोध में गरजी रैली, सौंपा ज्ञापन
- आगरा ब्रेकिंग:-!!! जलभराव ने डुबाया स्कूल परिसर, 700 छात्रों की पढ़ाई प्रभावित सड़क ऊंची, स्कूल में पानी! कचौरा-बस्तई मार्ग के जलभराव से बच्चों की पढ़ाई पर संकट पुलिया बंद होने से स्कूल तक पहुंचा बारिश का पानी, 700 छात्रों के भविष्य पर मंडराया संकट आगरा ब्रेकिंग:-!!! जलभराव ने डुबाया स्कूल परिसर, 700 छात्रों की पढ़ाई प्रभावित सड़क ऊंची, स्कूल में पानी! कचौरा-बस्तई मार्ग के जलभराव से बच्चों की पढ़ाई पर संकट पुलिया बंद होने से स्कूल तक पहुंचा बारिश का पानी, 700 छात्रों के भविष्य पर मंडराया संकट कचौरा-बस्तई मार्ग बना मुसीबत! जल निकासी बंद, विद्यालय परिसर में भरा पानी सड़क निर्माण पर ग्रामीणों ने उठाए सवाल, जलभराव से स्कूल बना तालाब किसकी लापरवाही से डूबा स्कूल? जल निकासी ठप होने पर ग्रामीणों में आक्रोश पहले सड़क के ऊपर से निकल जाता था पानी, सड़क ऊंची होते ही विद्यालय परिसर में भरने लगा जल 700 बच्चों की पढ़ाई पर पानी फिरा! पुलिया बंद होने से स्कूल परिसर में भरा बारिश का पानी बिना स्वीकृति सड़क ऊंची करने का आरोप! ग्रामीण बोले—बंद पुलिया ने रोका पानी का रास्ता अछनेरा में जलभराव का बड़ा संकट, स्कूल की गली से लेकर परिसर तक पहुंचा पानी सड़क निर्माण की तकनीक पर सवाल! जल निकासी का रास्ता बंद, स्कूल परिसर जलमग्न ग्रामीणों की मांग—पुलिया चालू कराओ, स्कूल और गांव को जलभराव से बचाओ....2
- तुरुकपुर में रासलीला के दूसरे दिन हुआ पूतना वध का मंचन, जयकारों से गूंजा परिसर जनपद इटावा के विकास खंड महेवा के ग्राम तुरुकपुर स्थित शिव मंदिर राधा-कृष्ण धाम में आयोजित छह दिवसीय भव्य रासलीला के दूसरे दिन पूतना वध की लीला का मनोहारी मंचन किया गया। कलाकारों ने भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं और पूतना के वध का सजीव मंचन कर श्रद्धालुओं को भाव-विभोर कर दिया। लीला के दौरान दिखाया गया कि किस प्रकार राक्षसी पूतना छलपूर्वक बालक श्रीकृष्ण को विषपान कराने पहुंचती है, लेकिन भगवान श्रीकृष्ण उसके प्राणों का हरण कर उसका उद्धार करते हैं। पूतना वध की लीला देखकर श्रद्धालुओं ने भगवान श्रीकृष्ण के जयकारे लगाए, जिससे पूरा मंदिर परिसर भक्तिमय हो गया। रासलीला का शुभारंभ भाजपा इटावा के मंडल मंत्री पंकज कुशवाहा, कुशवाहा महासभा इटावा के जिलाध्यक्ष यशवंत सिंह कुशवाहा एवं विनोद कुशबंशी ने किया। रासलीला का आयोजन राधा-कृष्ण रासलीला मंडल, कानपुर की ओर से किया जा रहा है। आयोजन के प्रमुख महंत नागा पूरन गिरी महाराज मुड़ाखेड़ा, जिला अमरोहा तथा मंडलाधीश विनय कृष्ण महाराज, औरैया हैं। आयोजन को सफल बनाने में रासलीला कमेटी के देवेंद्र कुशवाहा, तिलक कुशवाहा, सुनील कुशवाहा, पृथ्वीराज सिंह कुशवाहा, नागेंद्र सहित अन्य सदस्य व्यवस्थाओं में जुटे हुए हैं। रासलीला देखने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं।4
- *सात बेटियों ने मां को दिया कंधा, छोटी बेटी ने निभाया बेटे का फर्ज रूढ़िवादी सोच को तोड़कर बेटियों ने किया मां का अंतिम संस्कार, भावुक हुआ माहौल* “ओ मां, तू कितनी भोली है, कितनी प्यारी है... मां वो हैं किस्मत वाले, जिनके मां होती है।” यह भावुक कर देने वाला दृश्य उस समय देखने को मिला, जब जनपद इटावा से करीब 50 किलोमीटर दूर कस्बा दिबियापुर में सात बेटियों ने रूढ़िवादी सोच को तोड़ते हुए अपनी मां को अंतिम विदाई दी। दिबियापुर निवासी कृष्णा देवी के पति रामकिशोर का कई वर्ष पूर्व निधन हो गया था। उनके सात बेटियां थीं और कोई बेटा नहीं था। पति के निधन के बाद कृष्णा देवी ने मेहनत-मजदूरी कर अपनी सातों बेटियों का पालन-पोषण किया और उन्हें अच्छी शिक्षा दिलाई। सोमवार शाम कृष्णा देवी के निधन के बाद सभी सात बेटियां एकत्र हुईं। उन्होंने निर्णय लिया कि मां का अंतिम संस्कार वे स्वयं करेंगी। इसके बाद बेटियों ने बारी-बारी से अपनी मां की अर्थी को कंधा दिया और श्मशान घाट तक पहुंचाया। मां की अंतिम विदाई के दौरान सबसे छोटी बेटी ने आगे बढ़कर बेटों का फर्ज निभाते हुए विधि-विधान से अपनी मां को मुखाग्नि दी और अंतिम संस्कार संपन्न किया। यह दृश्य देखकर श्मशान घाट पर मौजूद लोग भावुक हो उठे। लोगों का कहना था कि उन्होंने अपने जीवन में पहली बार ऐसा दृश्य देखा है, जहां सात बेटियों ने मिलकर अपनी मां को कंधा दिया और बेटी ने मुखाग्नि देकर अंतिम संस्कार किया। बेटियों के इस साहसिक कदम की क्षेत्र में चारों ओर सराहना हो रही है। लोगों ने कहा कि बेटियां आज किसी भी क्षेत्र में बेटों से कम नहीं हैं। कृष्णा देवी ने जिस मेहनत और त्याग से अपनी बेटियों का पालन-पोषण किया, अंतिम विदाई के समय बेटियों ने भी मां के प्रति अपना फर्ज निभाकर समाज के सामने एक मिसाल पेश की। रजत यादव पत्रकार जन नीति 24 इटावा मो.74171970641
- इटावा के जसवंतनगर थाना क्षेत्र से एक युवती के लापता होने का मामला सामने आया है। परिजनों ने पुलिस पर गुमशुदगी दर्ज होने के बावजूद प्रभावी कार्रवाई न करने का आरोप लगाते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक से शिकायत की है। इटावा के जसवंतनगर थाना क्षेत्र से एक युवती के लापता होने का मामला सामने आया है। परिजनों ने पुलिस पर गुमशुदगी दर्ज होने के बावजूद प्रभावी कार्रवाई न करने का आरोप लगाते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक से शिकायत की है। दरअसल, प्रार्थी लक्ष्मण सिंह, निवासी परसौआ थाना जसवंतनगर ने एसएसपी इटावा को दिए शिकायती पत्र में बताया कि उनकी करीब 20 वर्षीय पुत्री ज्योति 4 मई 2026 की रात करीब ढाई बजे घर से बिना बताए चली गई। परिजनों ने काफी तलाश करने के बाद 8 मई को थाना जसवंतनगर में गुमशुदगी दर्ज कराई। शिकायत पत्र के मुताबिक, पुलिस ने गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज तो की, लेकिन करीब चार महीने बीत जाने के बाद भी युवती का कोई पता नहीं चल सका है। परिजनों का आरोप है कि उन्हें मामले की जांच और कार्रवाई के संबंध में कोई ठोस जानकारी नहीं दी गई। शिकायत में मोबाइल नंबरों से संबंधित जानकारी मिलने के बावजूद प्रभावी कार्रवाई न होने की बात भी कही गई है। परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि पुलिस कुछ लोगों को पूछताछ के बाद छोड़ चुकी है और युवती के बारे में अभी तक कोई सुराग नहीं मिला है। अब पीड़ित परिवार ने एसएसपी से मामले को गंभीरता से लेते हुए जसवंतनगर थाना पुलिस को तत्काल जांच कर युवती को सकुशल बरामद करने के निर्देश देने की मांग की है। अब देखना होगा कि शिकायत के बाद पुलिस इस मामले में क्या कार्रवाई करती है और लापता युवती की तलाश कब तक पूरी हो पाती है।1
- मुरैना नदी नाले उफान पर होने से मंदिर व रास्तों में भरा पानी, एसडीईआरएफ दल ने 3 दिन में आधा सैकड़ा से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया1
- स्लग — महाकाल की शाही सवारी में सिंधिया की आस्था, 150 साल पुरानी परंपरा स्लग — महाकाल की शाही सवारी में सिंधिया की आस्था, 150 साल पुरानी परंपरा एंकर — उज्जैन में बाबा महाकाल की शाही सवारी के दौरान आस्था और मराठा विरासत का संगम देखने को मिला। केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया उज्जैन पहुंचे और भगवान महाकाल की पालकी का पूजन कर पारंपरिक चरण वंदन की परंपरा निभाई। इस दौरान सिंधिया ने उज्जैन से अपने परिवार के ऐतिहासिक जुड़ाव का जिक्र किया और कहा कि उनके पूर्वजों ने मालवा में मराठा शक्ति के विस्तार के साथ महाकाल मंदिर के जीर्णोद्धार में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। वीओ — मालवा की ऐतिहासिक राजधानी उज्जैन... और इसी उज्जैन में बाबा महाकाल की शाही सवारी। शाही सवारी के दौरान केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया अपनी पारंपरिक पूजा और चरण वंदन की परंपरा निभाने उज्जैन पहुंचे। उन्होंने भगवान महाकाल की पालकी का पूजन किया और बाबा महाकाल से मालवा, मध्यप्रदेश और पूरे देश की सुख-समृद्धि की कामना की। वीओ — मीडिया से बातचीत में सिंधिया ने उज्जैन से अपने परिवार के ऐतिहासिक रिश्ते का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि उनके पूर्वज राणोजी भानाजी ने मालवा क्षेत्र में मराठा शक्ति का विस्तार किया था। उज्जैन पहुंचने पर उन्होंने महाकाल मंदिर की तत्कालीन स्थिति देखी और मंदिर के जीर्णोद्धार के बाद इसे पुनः प्रतिष्ठित कराया। वीओ — सिंधिया ने छत्रपति शिवाजी महाराज के हिंदवी स्वराज के विचार और मराठा परंपरा का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इसी परंपरा और प्रेरणा से उज्जैन की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान को फिर से स्थापित करने के प्रयास आगे बढ़े। वीओ — सिंधिया के मुताबिक भगवान महाकाल की सवारी और चरण वंदन की परंपरा करीब डेढ़ सौ वर्षों से चली आ रही है। गोपाल मंदिर के द्वार पर होने वाली इस परंपरा में सिंधिया परिवार की धार्मिक आस्था भी जुड़ी हुई है। वीओ — ज्योतिरादित्य सिंधिया ने बाबा महाकाल से कामना की कि उनका आशीर्वाद उज्जैन ही नहीं, बल्कि पूरे मालवा, मध्यप्रदेश और देश पर बना रहे। उन्होंने सभी के जीवन में सुख-समृद्धि और प्रगति की कामना की। बाइट — ज्योतिरादित्य सिंधिया, केंद्रीय मंत्री1
- समरसता_संपर्क अभियान के अंतर्गत ग्राम बिरखड़ी गोहद से ग्राम यात्रा का हुआ आरंभ समरसता संपर्क अभियान के अंतर्गत ग्राम बिरखड़ी गोहद से सोमवार को लगभग 4 बजे कलश यात्रा का आरंभ हुआ । इस दौरान सभी ने मिलकर संकल्प लिया कि सामाजिक एकता, भाईचारे और समरस समाज के संकल्प को साकार करेंगे।1
- धारेश्वर स्थित बाबा धारनाथ की शाही सवारी उल्लास उमंग और श्रद्धा के साथ निकाली गई। धारेश्वर स्थित बाबा धारनाथ की शाही सवारी उल्लास उमंग और श्रद्धा के साथ निकाली गई। पूरा शहर भक्ति से सरोबार रहा। धार के राजा अधिपति बाबा धारनाथ आज शाही पालकी में विराज कर धारेश्वर मंदिर से धार शहर में निकलकर प्रजा का हाल-चाल जानने निकले हर घर से महिलाएं बाबा धारनाथ की आरती उतारती नजर आई और अपने परिवार की सुख समृद्धि की कामना की रास्ते भर श्रद्धालु बाबा के दर्शन को आतुर दिखाई दिए धारनाथ की शाही सवारी में झांकियां का कारवां निकला। प्रशासन व पुलिस की तैयारियां के सुरक्षा व्यवस्था चाक चौबंद रही धर्म स्थान रक्षक मंडल ,आरती मंडल के तत्वाधान में यह शाही सवारी निकली। 450 से अधिक पुलिसकर्मी तैनात रहें सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता के इंतजाम किए गए हैं। बाबा धारनाथ को पालकी में विराज कर धार कलेक्टर राजीव रंजन मीना और पुलिस अधीक्षक सचिन शर्मा, विधायक नीना वर्मा, के द्वारा आरती की गई तत्पश्चात बाबा धारनाथ को गॉड ऑफ ऑनर दिया गया और बाबा धार शहर मैं नगर भ्रमण कर प्रजा का हाल-चाल जानने निकले । आपको बता दे की महाकाल की तर्ज पर धार में धार नाथ बाबा भी धार में प्रजा के हाल-चाल जानने निकलते हैं आपको बता दें कि 7 से अधिक डमरू वादन दल और अखाड़े भी शामिल हुए हैं । युवतियां का दल ढोल बजा रहा हे धर्म रक्षक मंडल समिति के सचिव अजय ठाकुर ने बताया कि बाबा धारनाथ का छबीना स्टेट काल में बैलगाड़ी से निकाला जाता था । सन 1946 के बाद बैलगाड़ी पर केले के पत्ते के सजावट कर ढोल मंजीरो के साथ बाबा का छबीना निकलना शुरू हुआ। उसे दौर में केवल छविने में समिति के लोग ही शामिल होते थे। जैसे-जैसे अब समय में परिवर्तन हुआ और अब बाबा धारनाथ की शाही सवारी में भारी तादाद में लोग शामिल होते हैं। जहां पुराने समय में बाबा का छविना कैंडल लाइट में निकाला जाता था वहां अब शाही सवारी का भव्य रूप देखा जा सकता है अब बाबा धरनाथ की शाही सवारी के आगे धार शहर के विधायक, सहित आम जनमानस सड़क बुहारते हुए चलते है। वही आपको बता दें की धार विधायक नीना वर्मा धार कलेक्टर राजीव रंजन मीणा ने धार जिले के सुख शांति और समृद्धि की कामना की अच्छी फसलों की कामना की बारिश की कामना की। बाइट कलेक्टर बाइट विधायक नीना वर्मा1
- अतिक्रमण कारी नहीं माने तो चला बुल्डोजर लहार सीएमओ एवं थाना प्रभारी मौक़े पर मौजूद* लहार नगर मे बारिश की वजह से भरे पानी को निकालने के लिए नगर पालिका लहार को लगातार मशक्क करनी पड़ रही हैँ लगातार जा रहें सफाई कर्मियों को नाले पर अस्थाई अतिक्रमण करने वाले लोगों को लगातार धुतकारा जा रहा था जिसके चलते आज सीएमओ नगर पालिका ज्योति सुनहरे एवं थाना प्रभारी लहार शिव सिंह यादव मौक़े पर पहुंचे और अतिक्रमण कारियों को समझाकर अतिक्रमण हटाया और सफाई ब्यबस्था को सुचारु रूप से शुरू कराया एवं जल्द ही पानी निकासी की ब्यबस्था को सूद्रण कराया। सुनिए क्या बोली अधिकारी महोदया हमारे द्वारा नगर पालिका लहार का जिस दिन चार्ज लिया नगर मे सफाई ब्यबस्था को लेकर हाहा कार मचा हुआ था जिसको मेने बात करके हल कराया नगर मे निचली बस्तियों मे पानी भरा हैँ जिसे निकलने के लिए आज प्रशासन की सहायता से नाला पर अस्थाई अतिक्रमण को हटाकर नाला साफ करने की प्रक्रिया शुरू की गयी जल्द ही पानी निकालकर लोगों को समस्या से निजात दिलाया जायेगा । ज्योति सुनहरे सीएमओ नगर पालिका लहार*1