उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव जैसे-जैसे नज़दीक आ रहे हैं, राजनीतिक दलों ने अपनी तैयारियां तेज़ कर दी हैं। इसी कड़ी में बहुजन समाज पार्टी भी पूरे दमखम के साथ मैदान में उतर चुकी है। पार्टी के कार्यकर्ता प्रदेशभर में गांव-गांव और शहर-शहर दीवारों पर बहुजन विचारधारा और बसपा के संदेशों को उकेर रहे हैं, जिसमें "बीएसपी की क्या पहचान... नीला झंडा, हाथी निशान..." जैसे नारे गूंज रहे हैं। युवा कार्यकर्ता इस वॉल पेंटिंग अभियान में पूरे जोश के साथ जुटे हैं और दावा कर रहे हैं कि वर्ष 2027 में बसपा की दमदार वापसी होगी। इसी अभियान के दौरान आगरा में हरियाणा निवासी अजय से मुलाकात हुई, जिनकी कहानी हर किसी को हैरान कर देगी। अजय का दावा है कि उन्होंने वर्ष 2018 में अपना घर छोड़ दिया था और तब से वे वापस नहीं लौटे हैं। उनका कहना है कि उन्होंने अपना जीवन बहुजन आंदोलन और बसपा के प्रचार-प्रसार के लिए समर्पित कर दिया है। क्षेत्रीय बसपा कार्यकर्ताओं के सहयोग से वे बिना किसी शुल्क के देश के अलग-अलग राज्यों और शहरों में जाकर दीवारों पर बहुजन विचारधारा और बसपा के संदेश लिखते हैं, ताकि अधिक से अधिक लोगों तक पार्टी की सोच और आंदोलन पहुंच सके।
उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव जैसे-जैसे नज़दीक आ रहे हैं, राजनीतिक दलों ने अपनी तैयारियां तेज़ कर दी हैं। इसी कड़ी में बहुजन समाज पार्टी भी पूरे दमखम के साथ मैदान में उतर चुकी है। पार्टी के कार्यकर्ता प्रदेशभर में गांव-गांव और शहर-शहर दीवारों पर बहुजन विचारधारा और बसपा के संदेशों को उकेर रहे हैं, जिसमें "बीएसपी की क्या पहचान... नीला झंडा, हाथी निशान..." जैसे नारे गूंज रहे हैं। युवा कार्यकर्ता इस वॉल पेंटिंग अभियान में पूरे जोश के साथ जुटे हैं और दावा कर रहे हैं कि वर्ष 2027 में बसपा की दमदार वापसी होगी। इसी अभियान के दौरान आगरा में हरियाणा निवासी अजय से मुलाकात हुई, जिनकी कहानी हर किसी को हैरान कर देगी। अजय का दावा है कि उन्होंने वर्ष 2018 में अपना घर छोड़ दिया था और तब से वे वापस नहीं लौटे हैं। उनका कहना है कि उन्होंने अपना जीवन बहुजन आंदोलन और बसपा के प्रचार-प्रसार के लिए समर्पित कर दिया है। क्षेत्रीय बसपा कार्यकर्ताओं के सहयोग से वे बिना किसी शुल्क के देश के अलग-अलग राज्यों और शहरों में जाकर दीवारों पर बहुजन विचारधारा और बसपा के संदेश लिखते हैं, ताकि अधिक से अधिक लोगों तक पार्टी की सोच और आंदोलन पहुंच सके।
- भरत तिवारी एनकाउंटर मामले को लेकर रवि किशन ने अपना बयान जारी किया है।1
- किरावली तहसील के बसया नामक चीरमोली बसाईया गाँव में बसाईया रावत क्षेत्र में पोखर न होने के कारण रास्तों में हमेशा पानी भरा रहता है। इस जलभराव के चलते ग्रामीणों को पानी में से होकर निकलने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। इसी समस्या के समाधान हेतु ग्राम प्रधान ने उपजिलाधिकारी (एसडीएम) किरावली को एक ज्ञापन सौंपा है, जिसमें उन्होंने गाँव में पोखर खुदवाने की मांग की है ताकि पानी की उचित निकासी हो सके।1
- रायभा टोल प्लाजा पर किसानों ने टोल फ्री कर दिया और धरने पर बैठ गए। इस दौरान किसान नेताओं की पुलिस और टोल मैनेजर के साथ तीखी नोंकझोंक भी हुई।2
- 30 जून को इंटरनेट पर कई डांस ट्रेंड्स ने खूब धूम मचाई, जो तेज़ी से वायरल हुए और सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बने रहे।1
- आगरा में ताज सुरक्षा पुलिस द्वारा चलाया जा रहा 'ऑपरेशन टूरिस्ट डिलाइट' देश-विदेश के पर्यटकों का भरोसा लगातार जीत रहा है। इस ऑपरेशन के तहत, ताजमहल के पश्चिमी गेट पर तैनात पुलिसकर्मी भारतीय संस्कृति के अनुसार पर्यटकों का स्वागत करते हैं और उन्हें हरसंभव सहायता तथा मार्गदर्शन प्रदान करते हैं। इसी क्रम में, महाराष्ट्र से आए एक पर्यटक का खोया हुआ मोबाइल ताज सुरक्षा पुलिस ने अपनी त्वरित कार्रवाई के बल पर मात्र 30 मिनट के भीतर खोजकर वापस सौंप दिया। इस सफल खोज में पुलिस ने सीसीटीवी कैमरों, रेडियो अनाउंसमेंट और अपनी सक्रियता का सहारा लिया। पर्यटकों ने आगरा पुलिस की इस 'फ्रेंडली पुलिसिंग' की जमकर सराहना की है।1
- आगरा कैंट रेलवे स्टेशन पर यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए, बैटरी चालित कार सेवा शुरू कर दी गई है।1
- कानपुर में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहाँ एक दबंग व्यक्ति ने पुलिसकर्मी को सरेआम धमकी दी। दबंग ने खुद को BJP सांसद भोले सिंह का ताऊ बताते हुए पुलिसवाले पर धौंस जमाने की कोशिश की, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है।1
- अकोला शहर के एक रिहायशी इलाके में तेज रफ्तार बाइक की चपेट में आने से एक बच्चा गंभीर रूप से घायल हो गया। बताया गया है कि बाइक चालक गली में काफी तेज गति से वाहन चला रहा था, जिसके कारण वह बच्चे को बचा नहीं सका। इस हादसे के बाद स्थानीय लोगों ने तुरंत घायल बच्चे को अस्पताल पहुंचाया। घटनास्थल पर लोगों की भीड़ जमा हो गई और बाइक चालक की इस गंभीर लापरवाही पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की गई। पुलिस को घटना की जानकारी दे दी गई है और मामले की जांच जारी है। इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या रिहायशी गलियों में तेज रफ्तार से वाहन चलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं होनी चाहिए।1