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१२१ सामूहिक विवाह संभाग जबलपुर में 121 जोड़े सामूहिक विवाह का कार्य आयोजन हुआ है
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१२१ सामूहिक विवाह संभाग जबलपुर में 121 जोड़े सामूहिक विवाह का कार्य आयोजन हुआ है
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- लक्ष्यगत हस्तक्षेप परियोजना की हकीकत कैमरे में हुई कैद … लाखों रुपये के कंडोम आग के हवाले...सरकारी फाइलों में जागरूकता,पोस्टरों में रैली…CMHO दिए जांच के आदेश1
- उज्जैन में अंतर्राष्ट्रीय हिंदू परिषद–राष्ट्रीय बजरंग दल का राष्ट्रीय अधिवेशन में जिले के पदाधिकारी होंगे शामिल, हनुमान मंदिर में की बैठक।1
- Post by Mohit Yadav1
- उदितमुनि नाम साहेब के चादर तिलक समारोह में सम्मिलित हुई: पंडरिया विधायक भावना बोहरा सद्गुरु कबीर आश्रम,कबीर धर्मनगर दामाखेड़ा में सद्गुरु कबीर धर्मदास साहब वंशावली के सोलहवें नवोदित वंशाचार्य पंथ श्री उदितमुनि नाम साहेब के चादर तिलक समारोह में पंडरिया विधायक भावना बोहरा सम्मिलित हुई। साथ ही परम पूज्य पंथ श्री हुजूर प्रकाशमुनि नाम साहेब एवं नवोदित वंशाचार्य पंथ श्री उदितमुनि नाम साहेब से आशीर्वाद प्राप्त कर छत्तीसगढ़ की प्रगति की कामना की। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा, भाटापारा के पूर्व विधायक शिवरतन शर्मा , संत समाज, देश-विदेश से पधारे हजारों श्रद्धालुगण, समाज के वरिष्ठजन एवं सदस्यगण उपस्थित रहे।1
- मनचलों को पड़कर निर्भय टीम ने निकाला जुलूस छात्रों पर अश्लील कमेंट करने वालों को सिखाया सबक1
- नरसिंहपुर: खाकी का मानवीय चेहरा! सड़क पर घायल छात्रा को देख रुके ASP संदीप भूरिया, अपनी ही गाड़ी से पहुँचाया अस्पताल नरसिंहपुर। अक्सर सख्त दिखने वाली पुलिस जब अपनी संवेदनशीलता दिखाती है, तो समाज में एक सकारात्मक संदेश जाता है। ऐसा ही एक वाक्या आज नरसिंहपुर में देखने को मिला, जहाँ अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ASP) श्री संदीप भूरिया ने प्रोटोकॉल किनारे रख एक घायल छात्रा की मदद कर मानवीय संवेदनशीलता की अनूठी मिसाल पेश की। घटनास्थल पर मसीहा बनकर पहुँचे ASP मिली जानकारी के अनुसार, एएसपी श्री संदीप भूरिया अपने शासकीय वाहन से विभागीय कार्य हेतु नगर क्षेत्र से गुजर रहे थे। इसी दौरान उनकी नजर एक दुर्घटना पर पड़ी, जहाँ स्कूटी से जा रही एक छात्रा का वाहन अचानक फिसल गया था घटना की गंभीरता को देखते हुए श्री भूरिया ने तत्काल अपना वाहन रुकवाया। उन्होंने एम्बुलेंस का इंतजार कर समय गंवाने के बजाय मानवीय दृष्टिकोण अपनाया और घायल छात्रा को अपने ही शासकीय वाहन में बिठाकर तत्काल जिला अस्पताल पहुँचाया। जिला अस्पताल में एएसपी ने अपनी मौजूदगी में छात्रा का प्राथमिक उपचार करवाया। चिकित्सकों के अनुसार, छात्रा को मामूली चोटें आई थीं। प्राथमिक उपचार के बाद जब छात्रा पूरी तरह सामान्य हो गई, तो पुलिस की देखरेख में उसे उसके परिजनों के साथ सुरक्षित घर रवाना किया गया पुलिस के इस मददगार स्वरूप को देखकर वहां मौजूद लोग और छात्रा के परिजन भावुक हो गए। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि पुलिस का यह संवेदनशील व्यवहार न केवल सराहनीय है, बल्कि इससे आमजन में पुलिस के प्रति विश्वास और सम्मान भी मजबूत होता है।3
- जिले में पिछले वर्ष 317 लोगों की हुई सड़क हादसे में मौत, 119 लोगों की बिना हेलमेट पहनने से गई जान, पुलिस अधीक्षक ने दी जानकारी पुलिस अधीक्षक रजत सकलेचा ने शुक्रवार को शाम 6 बजे बताया कि मंडला जिले में पिछले वर्ष कुल 317 लोगों की सड़क हादसों में मौत हुई, जिनमें से 119 लोगों की जान सिर्फ इसलिए गई क्योंकि उन्होंने हेलमेट नहीं पहना था। एसपी रजत सकलेचा ने कहा कि पुलिस अब माइक्रो बिट स्तर पर अधिकारी काम कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि पुलिसकर्मी गांव-गांव जाकर लोगों को जागरूक कर रहे हैं, ताकि हादसों पर प्रभावी नियंत्रण लगाया जा सके।1
- सुभाष चंद्र बोस की जयंती पर भाजयुमो ने सुभाष चौक में किया माल्यार्पण, उनके द्वारा दिए गए बलिदान को किया याद।1
- *“गरीब के घर पर सौदा”: पीएम आवास की किश्त पर रिश्वत, ग्राम पंचायत साले में लोकायुक्त की दबिश* लोकेशन -- बरघाट/सिवनी संवाददाता - मोहित यादव जिला ब्यूरो चीफ़ सिवनी *9584667143* सिवनी/बरघाट। गरीबों को पक्की छत देने के उद्देश्य से चल रही प्रधानमंत्री आवास योजना में रिश्वत का खेल सामने आने से एक बार फिर सिस्टम की संवेदनहीनता उजागर हुई है। बरघाट जनपद पंचायत क्षेत्र की ग्राम पंचायत साले में लोकायुक्त जबलपुर की टीम ने गुरुवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए पदस्थ रोजगार सहायक ओमेंद्र परिधि को रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है।जानकारी के अनुसार, रोजगार सहायक ओमेंद्र परिधि पर आरोप है कि उसने प्रधानमंत्री आवास योजना की किश्त जारी करने के एवज में ग्राम पंचायत के उप सरपंच वहाब खान एवं एक हितग्राही से कुल 10,000 रुपये की रिश्वत की मांग की थी। योजना से जुड़ा हितग्राही लंबे समय से किश्त के लिए कार्यालयों के चक्कर काट रहा था, लेकिन हर बार उसे टाल दिया जाता रहा। रिश्वत की मांग से मानसिक रूप से प्रताड़ित होकर उप सरपंच वहाब खान ने पूरे मामले की शिकायत लोकायुक्त कार्यालय जबलपुर में दर्ज कराई।शिकायत की सत्यता की पुष्टि के बाद लोकायुक्त टीम ने योजनाबद्ध तरीके से जाल बिछाया। तय योजना के अनुसार जैसे ही आरोपी रोजगार सहायक ने रिश्वत की पहली किश्त के रूप में 5,000 रुपये स्वीकार किए, मौके पर मौजूद लोकायुक्त टीम ने उसे रंगे हाथों दबोच लिया। कार्रवाई के दौरान टीम ने रिश्वत की रकम बरामद की और आवश्यक पंचनामा तैयार किया।इसके बाद आरोपी को लेकर लोकायुक्त टीम बरघाट स्थित रेस्ट हाउस पहुंची, जहां उससे गहन पूछताछ की जा रही है। इस कार्रवाई से पूरे जनपद क्षेत्र में हड़कंप मच गया है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि ऐसी कार्रवाई पहले होती, तो गरीबों को योजनाओं का लाभ लेने के लिए रिश्वत नहीं देनी पड़ती। यह मामला साबित करता है कि “गरीब के घर पर सौदा” सिर्फ एक हेडलाइन नहीं, बल्कि उस सच की तस्वीर है, जहां छोटी सी रिश्वत भी बड़े भ्रष्टाचार की कहानी कह देती है।1