जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में जिला शिक्षा एवं अनुश्रवण समिति, जिला शिक्षा परियोजना समिति और जिला शिक्षा समिति की बैठक हुई। इस बैठक में बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं और कार्यक्रमों की गहन समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने शिक्षा की गुणवत्ता, छात्र नामांकन और विद्यालयों में सुरक्षित एवं बेहतर आधारभूत सुविधाएं सुनिश्चित करने के लिए महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी किए। उन्होंने शासन की प्राथमिकता वाली योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर भी जोर दिया। जिलाधिकारी ने 'स्कूल चलो अभियान' की समीक्षा करते हुए यह सुनिश्चित करने को कहा कि कोई भी पात्र बच्चा विद्यालय से वंचित न रहे। उन्होंने नवागत बेसिक शिक्षा अधिकारी को एबीएसए के साथ समन्वय स्थापित कर नवीन नामांकन में वृद्धि करने का निर्देश दिया और जनसहभागिता के माध्यम से नामांकन अभियान को और अधिक प्रभावी बनाने पर बल दिया। शिक्षा का अधिकार अधिनियम (आरटीई) के तहत नामांकन की स्थिति की समीक्षा करते हुए, जिलाधिकारी ने उन विद्यालयों से कारण सहित रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा जिन्होंने निर्धारित संख्या के अनुरूप प्रवेश नहीं दिए हैं। उन्होंने सभी बड़े निजी विद्यालयों में आरटीई के अपेक्षित और वास्तविक नामांकन की समीक्षा कर आवश्यक कार्रवाई करने तथा निर्धारित प्रावधानों का अनुपालन न करने वाले विद्यालयों को नोटिस जारी करने का भी निर्देश दिया। शिक्षण गुणवत्ता में सुधार लाने के उद्देश्य से, बालवाटिका संचालन, निपुण भारत मिशन और निपुण मूल्यांकन कार्यक्रम की समीक्षा कर आधारभूत साक्षरता एवं संख्यात्मक ज्ञान के लक्ष्यों की प्राप्ति सुनिश्चित करने तथा विद्यालयों के नियमित निरीक्षण एवं शैक्षणिक अनुश्रवण को प्रभावी बनाने के निर्देश दिए गए। बैठक में मुख्यमंत्री मॉडल कम्पोजिट विद्यालयों के निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा करते हुए संबंधित कार्यदायी संस्थाओं को निर्माण कार्य समय-सीमा में पूर्ण करने को कहा गया। 'ऑपरेशन कायाकल्प' के अंतर्गत शेष पांच पैरामीटरों को भी शीघ्र पूर्ण कराने के निर्देश दिए गए। प्राथमिक विद्यालयों में चहारदीवारी निर्माण, सुरक्षित वातावरण और परिसर की सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष चर्चा हुई, जिसके बाद सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को यह प्रमाण-पत्र प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया कि उनके क्षेत्र में कोई भी विद्यालय जर्जर स्थिति में नहीं है, और यदि ऐसी स्थिति पाई जाती है तो तत्काल कार्रवाई की जाए। सामर्थ्य ऐप पर छात्र विवरण के शत-प्रतिशत डेटा फीडिंग, कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों में विभिन्न सामग्रियों की खरीद हेतु टेंडर प्रक्रिया को समयबद्ध ढंग से पूर्ण करने, तथा मध्याह्न भोजन योजना में भोजन की गुणवत्ता, नियमितता और पौष्टिक मानकों का अनुपालन सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए गए। इसके अतिरिक्त, माध्यमिक शिक्षा विभाग के अंतर्गत शैक्षणिक गतिविधियों, आधारभूत सुविधाओं, प्रयोगशालाओं तथा 'प्रोजेक्ट अलंकार' के कार्यों की गुणवत्तापूर्ण प्रगति की समीक्षा की गई। विद्यार्थियों को स्मार्टफोन एवं टैबलेट वितरण योजना के तहत पात्र लाभार्थियों को समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से उपकरण वितरित करने का निर्देश दिया गया, ताकि उन्हें डिजिटल शिक्षा से जोड़ा जा सके। जिलाधिकारी ने कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों का नियमित निरीक्षण करने, विद्युतीकरण की स्थिति की समीक्षा करने और हाई टेंशन विद्युत तारों से प्रभावित विद्यालय परिसरों में आवश्यक सुरक्षा उपाय सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, सुरक्षित विद्यालय वातावरण और शत-प्रतिशत नामांकन शासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में हैं, और इन लक्ष्यों की प्राप्ति हेतु सभी अधिकारियों को पूर्ण उत्तरदायित्व एवं संवेदनशीलता के साथ कार्य करना होगा। इस बैठक में परियोजना निदेशक पीयूष, जिला विकास अधिकारी अरुण कुमार पांडेय, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अनिल कुमार सिंह सहित अन्य विभागों के संबंधित अधिकारी और समस्त खंड शिक्षा अधिकारी उपस्थित रहे।
जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में जिला शिक्षा एवं अनुश्रवण समिति, जिला शिक्षा परियोजना समिति और जिला शिक्षा समिति की बैठक हुई। इस बैठक में बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं और कार्यक्रमों की गहन समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने शिक्षा की गुणवत्ता, छात्र नामांकन और विद्यालयों में सुरक्षित एवं बेहतर आधारभूत सुविधाएं सुनिश्चित करने के लिए महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी किए। उन्होंने शासन की प्राथमिकता वाली योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर भी जोर दिया। जिलाधिकारी ने 'स्कूल चलो अभियान' की समीक्षा करते हुए यह सुनिश्चित करने को कहा कि कोई भी पात्र बच्चा विद्यालय से वंचित न रहे। उन्होंने नवागत बेसिक शिक्षा अधिकारी को एबीएसए के साथ समन्वय स्थापित कर नवीन नामांकन में वृद्धि करने का निर्देश दिया और जनसहभागिता के माध्यम से नामांकन अभियान को और अधिक प्रभावी बनाने पर बल दिया। शिक्षा
का अधिकार अधिनियम (आरटीई) के तहत नामांकन की स्थिति की समीक्षा करते हुए, जिलाधिकारी ने उन विद्यालयों से कारण सहित रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा जिन्होंने निर्धारित संख्या के अनुरूप प्रवेश नहीं दिए हैं। उन्होंने सभी बड़े निजी विद्यालयों में आरटीई के अपेक्षित और वास्तविक नामांकन की समीक्षा कर आवश्यक कार्रवाई करने तथा निर्धारित प्रावधानों का अनुपालन न करने वाले विद्यालयों को नोटिस जारी करने का भी निर्देश दिया। शिक्षण गुणवत्ता में सुधार लाने के उद्देश्य से, बालवाटिका संचालन, निपुण भारत मिशन और निपुण मूल्यांकन कार्यक्रम की समीक्षा कर आधारभूत साक्षरता एवं संख्यात्मक ज्ञान के लक्ष्यों की प्राप्ति सुनिश्चित करने तथा विद्यालयों के नियमित निरीक्षण एवं शैक्षणिक अनुश्रवण को प्रभावी बनाने के निर्देश दिए गए। बैठक में मुख्यमंत्री मॉडल कम्पोजिट विद्यालयों के निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा करते हुए संबंधित कार्यदायी संस्थाओं को निर्माण कार्य समय-सीमा में पूर्ण करने को
कहा गया। 'ऑपरेशन कायाकल्प' के अंतर्गत शेष पांच पैरामीटरों को भी शीघ्र पूर्ण कराने के निर्देश दिए गए। प्राथमिक विद्यालयों में चहारदीवारी निर्माण, सुरक्षित वातावरण और परिसर की सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष चर्चा हुई, जिसके बाद सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को यह प्रमाण-पत्र प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया कि उनके क्षेत्र में कोई भी विद्यालय जर्जर स्थिति में नहीं है, और यदि ऐसी स्थिति पाई जाती है तो तत्काल कार्रवाई की जाए। सामर्थ्य ऐप पर छात्र विवरण के शत-प्रतिशत डेटा फीडिंग, कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों में विभिन्न सामग्रियों की खरीद हेतु टेंडर प्रक्रिया को समयबद्ध ढंग से पूर्ण करने, तथा मध्याह्न भोजन योजना में भोजन की गुणवत्ता, नियमितता और पौष्टिक मानकों का अनुपालन सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए गए। इसके अतिरिक्त, माध्यमिक शिक्षा विभाग के अंतर्गत शैक्षणिक गतिविधियों, आधारभूत सुविधाओं, प्रयोगशालाओं तथा 'प्रोजेक्ट अलंकार' के कार्यों की गुणवत्तापूर्ण
प्रगति की समीक्षा की गई। विद्यार्थियों को स्मार्टफोन एवं टैबलेट वितरण योजना के तहत पात्र लाभार्थियों को समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से उपकरण वितरित करने का निर्देश दिया गया, ताकि उन्हें डिजिटल शिक्षा से जोड़ा जा सके। जिलाधिकारी ने कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों का नियमित निरीक्षण करने, विद्युतीकरण की स्थिति की समीक्षा करने और हाई टेंशन विद्युत तारों से प्रभावित विद्यालय परिसरों में आवश्यक सुरक्षा उपाय सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, सुरक्षित विद्यालय वातावरण और शत-प्रतिशत नामांकन शासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में हैं, और इन लक्ष्यों की प्राप्ति हेतु सभी अधिकारियों को पूर्ण उत्तरदायित्व एवं संवेदनशीलता के साथ कार्य करना होगा। इस बैठक में परियोजना निदेशक पीयूष, जिला विकास अधिकारी अरुण कुमार पांडेय, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अनिल कुमार सिंह सहित अन्य विभागों के संबंधित अधिकारी और समस्त खंड शिक्षा अधिकारी उपस्थित रहे।
- अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, कुशीनगर द्वारा एक व्यापक योग कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह आयोजन उ०प्र० राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ के निर्देशों तथा प्रभारी जनपद न्यायाधीश, कुशीनगर राम अवतार यादव के मार्गदर्शन में, प्रभारी सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, कुशीनगर प्रभात सिंह के निर्देशन में हुआ। कार्यक्रम का आयोजन दीवानी न्यायालय परिसर, कुशीनगर, जिला कारागार देवरिया, बाल संप्रेक्षण गृह (किशोर) गोरखपुर के साथ-साथ जनपद कुशीनगर के विभिन्न क्षेत्रों में किया गया। इस कार्यक्रम में योग प्रशिक्षक शिवम मिश्रा और योग सहायक योगेन्द्र वर्मा ने उपस्थित न्यायिक अधिकारियों, कर्मचारियों और पैरा लीगल वालंटियर्स को विभिन्न योगासन तथा योगाभ्यास करवाए। उन्होंने नियमित योग से होने वाले शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक लाभों के बारे में विस्तार से जानकारी भी दी। इस अवसर पर प्रभारी जनपद न्यायाधीश राम अवतार यादव, प्रभारी सचिव प्रभात सिंह, सिविल जज (जू.डि.) अजीत मिश्रा, न्यायिक अधिकारी तमकुहीराज विवेक प्रजापति, सिस्टम ऑफिसर सर्फराज सहित कर्मचारी संजय कुमार, राजकुमार वर्मा, संदीप गोविंद राव, अश्वनी, अमरनाथ यादव, अनूज सिंह, विक्रम, अनिश, रविन्द्र एवं मारकण्डेय यादव तथा पैरा लीगल वालंटियर्स अनिल चौहान, इकबाल अंसारी, अमिताभ श्रीवास्तव, धर्मेन्द्र और अन्य लोग उपस्थित रहे।1
- 12वें विश्व योग दिवस के अवसर पर कुशीनगर की ऐतिहासिक महापरिनिर्वाण स्थली पर हजारों लोगों ने योगाभ्यास किया। यह कार्यक्रम जिला प्रशासन, आयुष विभाग और भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के तत्वावधान में आयोजित किया गया था। इस समारोह में भारत नाट्य अकादमी के अध्यक्ष रति शंकर त्रिपाठी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। गोरखपुर के आयुक्त, कुशीनगर के जिलाधिकारी, सांसद, विधायक सहित अन्य कर्मचारी और गणमान्य व्यक्तियों ने भी योग सत्र में भाग लिया। इस पूरे आयोजन का आधार 'स्वस्थ आयु के लिए योग' थीम पर केंद्रित था।4
- अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर कुशीनगर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में योग प्रशिक्षक शिवम मिश्रा और योग सहायक योगेन्द्र वर्मा ने उपस्थित न्यायिक अधिकारियों, कर्मचारियों और पैरा लीगल वालेंटियर्स को विभिन्न प्रकार के योगाभ्यास कराए। उन्होंने योगासन और नियमित योग के लाभों के बारे में भी जानकारी दी। इस अवसर पर प्रभारी जनपद न्यायाधीश राम अवतार यादव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के प्रभारी सचिव प्रभात सिंह, सिविल जज (जू.डि.) अजीत मिश्रा, तमकुहीराज के न्यायाधिकारी विवेक प्रजापति, सिस्टम आफिसर सर्फराज सहित कर्मचारी संजय कुमार, राजकुमार वर्मा, संदीप गोविन्द राव, अश्वनी, अमरनाथ यादव, अनूज सिंह, विक्रम, अनिश, रविन्द्र, मारकण्डेय यादव और पैरा लीगल वालेंटियर्स अनिल चौहान, इकबाल अंसारी, अमिताभ श्रीवास्तव, धर्मेन्द्र भी मौजूद रहे।3
- बगहा में स्वच्छता की स्थिति अत्यंत दयनीय बताई गई है।1
- कुशीनगर के तमकुही राज स्थित मदरसा गौसिया इमदादुल उलूम में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस का भव्य कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस विशेष अवसर पर मदरसे के सभी शिक्षक और कर्मचारी मौजूद रहे, जिन्होंने योग दिवस समारोह में अपनी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की।1
- कुशीनगर जिले के रविन्द्र नगर थाना क्षेत्र स्थित कोहड़ा गांव में एक दर्दनाक ट्रांसफार्मर ब्लास्ट की घटना सामने आई है, जिसमें एक ही परिवार के पति-पत्नी सहित उनके दो मासूम बच्चे गंभीर रूप से झुलस गए। घायलों को तत्काल एंबुलेंस की मदद से जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनकी हालत गंभीर बनी हुई है। इस घटना के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया और पीड़ित परिजनों में चीख-पुकार मच गई। इस भीषण हादसे को विद्युत विभाग की बड़ी लापरवाही का नतीजा बताया जा रहा है, जिससे स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश देखा जा रहा है। लोगों का कहना है कि इस ट्रांसफार्मर ब्लास्ट ने बिजली विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सूचना मिलते ही मौके पर एडीएम, अपर पुलिस अधीक्षक, सीएमओ और पडरौना के एसडीएम सहित कई अधिकारी पहुंचे। स्थानीय लोग इस घटना के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ तत्काल और कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।1