Shuru
Apke Nagar Ki App…
बिजली के करेंट से दो की मौत, घर निर्माण के दौरान हुआ हादसा सिसवन थाना क्षेत्र में बिजली के करेंट की चपेट में आने से दो लोगों की मौत हो गई। मृतकों की पहचान सिसवन गांव के धोबही निवासी राजकुमार बीन तथा छपरा जिले के दाउदपुर थाना क्षेत्र के कुमना गांव निवासी चंद्रिका प्रसाद के रूप में हुई है। बताया जाता है कि चंद्रिका प्रसाद, राजकुमार बीन के ससुर थे। घटना के संबंध में मृतक राजकुमार बीन की पुत्री रीता कुमारी ने बताया कि घर का निर्माण कार्य चल रहा था। इसी दौरान राजकुमार बीन और उनके ससुर चंद्रिका प्रसाद घर बनाने के लिए लोहे का रॉड सीधा कर रहे थे। तभी रॉड घर के बगल से गुजर रहे 11 हजार वोल्ट के बिजली तार से सट गया, जिससे दोनों करंट की चपेट में आ गए और मौके पर ही उनकी मौत हो गई।
Sachita nand pandey
बिजली के करेंट से दो की मौत, घर निर्माण के दौरान हुआ हादसा सिसवन थाना क्षेत्र में बिजली के करेंट की चपेट में आने से दो लोगों की मौत हो गई। मृतकों की पहचान सिसवन गांव के धोबही निवासी राजकुमार बीन तथा छपरा जिले के दाउदपुर थाना क्षेत्र के कुमना गांव निवासी चंद्रिका प्रसाद के रूप में हुई है। बताया जाता है कि चंद्रिका प्रसाद, राजकुमार बीन के ससुर थे। घटना के संबंध में मृतक राजकुमार बीन की पुत्री रीता कुमारी ने बताया कि घर का निर्माण कार्य चल रहा था। इसी दौरान राजकुमार बीन और उनके ससुर चंद्रिका प्रसाद घर बनाने के लिए लोहे का रॉड सीधा कर रहे थे। तभी रॉड घर के बगल से गुजर रहे 11 हजार वोल्ट के बिजली तार से सट गया, जिससे दोनों करंट की चपेट में आ गए और मौके पर ही उनकी मौत हो गई।
More news from बिहार and nearby areas
- खबर सिवान जिला अंतर्गत जीबी नगर थाना क्षेत्र के बलिया पट्टी गांव की है जहां युवा पत्रकार कौशल कुमार सिंह ने पत्रकारों के साथ प्रेस वार्ता का आयोजन किया. इस अवसर पर श्री सिंह द्वारा बताया गया कि उनके पड़ोस के लोगों से ही जमीन के विवाद चल रहा है जहां दोनों पक्षों से करीब एक दर्जन से अधिक मुकदमे दर्ज किए गए हैं जिस पर स्थानीय प्रशासन पर निष्पक्ष नहीं जांच करने एवं प्रताड़ित करने का आरोप है. पीड़ित द्वारा बताया गया कि देश का चौथा स्तंभ भी सुरक्षित नहीं रहेगा निष्पक्ष जांच नहीं होगी तो अन्य लोगों का क्या होगा.1
- Post by जनसत्ता NEWS@1
- निःशुल्क नेत्र जॉच सेवा शुभारंभ किया गया ममता मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल चिंतामनपुर दारौंदा सिवान में जिसमें विवेक रंजन मैत्रेय जिला अधिकारी,सिवान व पुलिस अधीक्षक सिवान, विधायक दारौंदा, कर्णजीत सिंह साथ बीजेपी जिला अध्यक्ष राहुल तिवारी और ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि उमेश सिंह इत्यादि शमिल रहे।1
- Post by Taji khabren up 251
- Arvind Kejriwal ने कई बार सार्वजनिक रूप से कहा है कि उनके बच्चे राजनीति में नहीं आएंगे और उनका मानना है कि देश में आम आदमी के बच्चों को भी आगे बढ़कर विधायक, मंत्री और मुख्यमंत्री बनने का मौका मिलना चाहिए। उनका यह बयान आमतौर पर राजनीति में परिवारवाद के विरोध के रूप में देखा जाता है। केजरीवाल का कहना रहा है कि राजनीति केवल नेताओं के परिवार तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि सामान्य परिवारों के प्रतिभाशाली युवाओं को भी अवसर मिलना चाहिए। इसी विचार को ध्यान में रखकर उन्होंने आम लोगों को राजनीति में भागीदारी देने की बात की है।1
- छपरा में जीविका दीदियों का फूटा गुस्सा, सरकार और जीविका कर्मियों पर लगाए गंभीर आरोप। छपरा: जिले में जीविका से जुड़ी महिलाओं (जीविका दीदीयों) ने अपनी समस्याओं को लेकर जोरदार विरोध दर्ज कराया और सरकार व जीविका से जुड़े कर्मियों पर कई गंभीर आरोप लगाए। महिलाओं का कहना है कि उन्हें योजनाओं का पूरा लाभ नहीं मिल रहा है और कई स्तरों पर लापरवाही व अनदेखी की जा रही है। जीविका दीदियों ने आरोप लगाया कि समूह के संचालन, भुगतान, प्रशिक्षण और अन्य सुविधाओं में पारदर्शिता की कमी है। कई महिलाओं ने यह भी कहा कि उनकी मेहनत के अनुसार उन्हें सम्मान और सहयोग नहीं मिल रहा है। इसको लेकर उन्होंने प्रशासन से निष्पक्ष जांच और उचित कार्रवाई की मांग की। महिलाओं का कहना है कि जीविका योजना का उद्देश्य महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना है, लेकिन जमीन पर कई समस्याएं सामने आ रही हैं। अगर इन समस्याओं का जल्द समाधान नहीं हुआ तो वे आगे बड़ा आंदोलन करने को मजबूर होंगी। इस दौरान जीविका दीदियों ने प्रशासन और सरकार से अपील की कि उनकी समस्याओं को गंभीरता से लिया जाए और जल्द से जल्द समाधान किया जाए, ताकि योजना का लाभ सही मायने में महिलाओं तक पहुंच सके। #ChapraNews #JeevikaDidis #BiharNews #WomenEmpowerment #LocalNews #BBNMedia1
- सावधान! सावधान हो जाएं, सावधान! रसोई गैस की बढ़ती कीमतें अब सिर्फ महंगाई की खबर नहीं, बल्कि हर घर और रोज़गार के लिए चेतावनी बनती जा रही हैं। ऐसे समय में कुछ नेता बयानबाज़ी और बहकावे की राजनीति में लगे हैं, लेकिन जनता को समझना होगा कि भाषणों से चूल्हा नहीं जलता। हालात को समझिए और अपनी सूझबूझ से फैसला लीजिए, क्योंकि महंगाई का सीधा असर आम आदमी की रसोई और रोज़मर्रा की जिंदगी पर पड़ता है। अब हालत यह है कि होटल और बाहर का खाना भी महंगा होता जा रहा है, क्योंकि वहां भी खाना गैस पर ही बनता है। गैस की कीमत बढ़ने से छोटी-छोटी दुकानें, ठेले और ढाबे चलाना मुश्किल होता जा रहा है। अगर यही हाल रहा तो कई छोटे होटल और ढाबे बंद होने की कगार पर पहुंच सकते हैं, क्योंकि महंगा खाना हर कोई खरीद नहीं पाएगा। इसलिए समय रहते हालात को समझना जरूरी है। #सावधान #रसोईगैस #महंगाई #आमआदमीकीपरेशानी #ढाबे_पर_संकट #जनताकीसोच #महंगाईपरकटाक्ष #GasPrice #PublicIssue1
- Post by जनसत्ता NEWS@1