बरेली में दरगाह आला हज़रत से जुड़े संगठन जमात रज़ा-ए-मुस्तफ़ा ने 108वें उर्स-ए-आला हज़रत की नई तारीखों का आधिकारिक ऐलान कर दिया है। संगठन के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सलमान हसन खान कादरी ने 14 जुलाई 2026 को जारी बयान में बताया कि देश-विदेश से आने वाले लाखों जायरीनों की सुविधा, अमन-ओ-अमान की स्थिति और उलेमा-ए-किराम के मशवरे के बाद इस वर्ष उर्स की तारीखों में बदलाव किया गया है। अब यह ऐतिहासिक तीन दिवसीय आयोजन 6, 7 और 8 अगस्त 2026 (23, 24 और 25 सफर 1448 हिजरी) को बरेली शरीफ स्थित दरगाह आला हज़रत में आयोजित किया जाएगा। उर्स के दौरान होने वाले सभी धार्मिक और रूहानी कार्यक्रम काज़ी-उल-कुज़्ज़ात फिल हिंद हज़रत अल्लामा मुफ्ती असजद रज़ा खान कादरी और दरगाह आला हज़रत के सज्जादानशीन हज़रत सुब्हान रज़ा खान (सुब्हानी मियां) की सरपरस्ती में आयोजित किए जाएंगे। इस बड़े आयोजन में देश भर के उलेमा-ए-किराम, मशायख, हाफिज़-ए-कुरआन, नातख्वां और लाखों अकीदतमंदों के शिरकत करने की उम्मीद है। सलमान हसन खान कादरी ने सभी जायरीनों से अपील की है कि वे घोषित की गई नई तारीखों के अनुसार ही अपने सफर की योजना बनाएं और यात्रा के दौरान कानून-व्यवस्था व प्रशासन के दिशा-निर्देशों का पालन करें। उर्स-ए-आला हज़रत बरेली शरीफ के सबसे बड़े धार्मिक आयोजनों में से एक है, जिसमें भारत के विभिन्न राज्यों के अलावा नेपाल, बांग्लादेश, खाड़ी देशों, यूरोप और अफ्रीका से भी भारी संख्या में जायरीन पहुंचते हैं। तीन दिनों तक चलने वाले इस आयोजन में कुरआनख्वानी, तकरीर, नात-ओ-मनकबत और दुआ जैसे रूहानी कार्यक्रम होंगे, जिसमें लाखों लोग शामिल होकर आला हज़रत इमाम अहमद रज़ा खान फाज़िले बरेलवी को अपनी अकीदत पेश करेंगे।
बरेली में दरगाह आला हज़रत से जुड़े संगठन जमात रज़ा-ए-मुस्तफ़ा ने 108वें उर्स-ए-आला हज़रत की नई तारीखों का आधिकारिक ऐलान कर दिया है। संगठन के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सलमान हसन खान कादरी ने 14 जुलाई 2026 को जारी बयान में बताया कि देश-विदेश से आने वाले लाखों जायरीनों की सुविधा, अमन-ओ-अमान की स्थिति और उलेमा-ए-किराम के मशवरे के बाद इस वर्ष उर्स की तारीखों में बदलाव किया गया है। अब यह ऐतिहासिक तीन दिवसीय आयोजन 6, 7 और 8 अगस्त 2026 (23, 24 और 25 सफर 1448 हिजरी) को बरेली शरीफ स्थित दरगाह आला हज़रत में आयोजित किया जाएगा। उर्स के दौरान होने वाले सभी धार्मिक और रूहानी कार्यक्रम काज़ी-उल-कुज़्ज़ात फिल हिंद हज़रत अल्लामा मुफ्ती असजद रज़ा खान कादरी और दरगाह आला हज़रत के सज्जादानशीन हज़रत सुब्हान रज़ा खान (सुब्हानी मियां) की सरपरस्ती में आयोजित किए जाएंगे। इस बड़े आयोजन में देश भर के उलेमा-ए-किराम, मशायख, हाफिज़-ए-कुरआन, नातख्वां और लाखों अकीदतमंदों के शिरकत करने की उम्मीद है। सलमान हसन खान कादरी ने सभी जायरीनों से अपील की है कि वे घोषित की गई नई तारीखों के अनुसार ही अपने सफर की योजना बनाएं और यात्रा के दौरान कानून-व्यवस्था व प्रशासन के दिशा-निर्देशों का पालन करें। उर्स-ए-आला हज़रत बरेली शरीफ के सबसे बड़े धार्मिक आयोजनों में से एक है, जिसमें भारत के विभिन्न राज्यों के अलावा नेपाल, बांग्लादेश, खाड़ी देशों, यूरोप और अफ्रीका से भी भारी संख्या में जायरीन पहुंचते हैं। तीन दिनों तक चलने वाले इस आयोजन में कुरआनख्वानी, तकरीर, नात-ओ-मनकबत और दुआ जैसे रूहानी कार्यक्रम होंगे, जिसमें लाखों लोग शामिल होकर आला हज़रत इमाम अहमद रज़ा खान फाज़िले बरेलवी को अपनी अकीदत पेश करेंगे।
- बरेली के बिशारतगंज थाना परिसर में पुलिस और मीडिया के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। संवाद कार्यक्रम के तहत आयोजित इस बैठक की अध्यक्षता थाना प्रभारी प्रदीप कुमार चतुर्वेदी ने की। बैठक के दौरान थाना प्रभारी ने लोकतंत्र में मीडिया की भूमिका को अत्यंत महत्वपूर्ण बताया और कहा कि पत्रकार समाज और प्रशासन के बीच एक मजबूत सेतु का काम करते हैं। उन्होंने पत्रकारों से अपील की कि अफवाहों पर रोक लगाने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए किसी भी घटना की पुष्टि करने के बाद ही समाचार प्रकाशित या प्रसारित करें। आगामी कावड़ यात्रा को लेकर थाना प्रभारी प्रदीप कुमार चतुर्वेदी ने निर्देश दिए कि इस दौरान कोई भी नई परंपरा न डाली जाए। उन्होंने आश्वस्त किया कि पुलिस इस यात्रा में पूरा सहयोग करेगी। इसके साथ ही क्षेत्र में सघन वाहन चेकिंग अभियान चलाया जाएगा और बिना नंबर प्लेट वाली गाड़ियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने पीड़ितों की मदद करने का भरोसा दिलाया और साथ ही पत्रकारों को भी समाचार संकलन के दौरान पुलिस की तरफ से पूरा सहयोग मिलने का आश्वासन दिया। इस बैठक में कानून-व्यवस्था, अपराध नियंत्रण, सोशल मीडिया पर भ्रामक सूचनाओं की रोकथाम और संवेदनशील मामलों में जिम्मेदार रिपोर्टिंग पर विस्तार से चर्चा की गई। पत्रकारों ने भी पुलिस के साथ बेहतर तालमेल बनाए रखने और जनहित से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाने की बात कही। इस बैठक में नरोत्तम साहू (अमर उजाला), बहार अहमद 'गुड्डू' (आज समाचार पत्र), राजकुमार मौर्य (ईएनआई समाचार पत्र), मुनेंद्र गौतम (हिंदुस्तान), मोहित साहू (अमृत विचार), बबलू सागर (दैनिक भास्कर ऐप), रवि साहू (दैनिक भास्कर ऐप एवं RBS 7 Live News), सद्दाम खान (दैनिक भास्कर ऐप हिट न्यूज़ 24, बुलंद संदेश) और सूरज सागर (सनसनी खबर न्यूज़ 24) सहित क्षेत्र के कई पत्रकार उपस्थित रहे।1
- उत्तर प्रदेश के बरेली में पुलिस महानिदेशक के निर्देशन में चलाए गए 'ऑपरेशन Cy-वज्र' के अंतर्गत बरेली पुलिस को साइबर अपराधियों के खिलाफ बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने इस विशेष अभियान के तहत कुल 41 अभियोग पंजीकृत किए हैं और 58 साइबर अपराधियों को गिरफ्तार कर साइबर फ्रॉड का सफल अनावरण किया है। इस पूरी कार्रवाई के संबंध में बरेली के एसपी क्राइम, श्री मनीष कुमार सोनकर ने बयान जारी कर जानकारी साझा की है।1
- बरेली के थाना इज्जत नगर के रहने वाले एक बुजुर्ग ने एसएसपी से शिकायत की है कि उनकी बहू उन्हें परेशान करती है। बुजुर्ग का आरोप है कि बहू उनके साथ मारपीट और गाली-गलौज करती है और उन्हें घर से निकाल देती है। इस मामले को लेकर पीड़ित बुजुर्ग ने पुलिस अधिकारियों से न्याय की गुहार लगाई है।2
- हरियाणा के फतेहाबाद जिले के सरदारेवाला की रहने वाली रानी कौर के पति की मृत्यु होने के कारण वे बेहद गरीबी की हालत में अपना जीवन गुजार रही थीं। इस तंगहाली के बीच, पूज्य संत रामपाल जी महाराज ने उनके कच्चे घर को एक आलीशान मकान में तब्दील कर दिया है। संत जी के इस परोपकारी कार्य को लोग 'कबीर के सुदामाओं के महल' की तरह देख रहे हैं। इस मानवीय और कल्याणकारी कार्य का पूरा वीडियो 'Annapurna Muhim' यूट्यूब चैनल पर देखा जा सकता है।1
- बदायूं के जरीफनगर में रास्ते में गाड़ी खड़ी करने को लेकर हुए विवाद के बाद जमकर मारपीट हुई। इस मारपीट में गंभीर रूप से घायल हुए एक युवक की इलाज के दौरान मौत हो गई। गाड़ी पार्किंग के मामूली विवाद में युवक की जान चली गई। पुलिस इस पूरे आपराधिक मामले की जांच में जुट गई है।1
- उत्तर प्रदेश के बरेली में पुलिस ऑफिस के बाहर एक परेशान पीड़िता महिला द्वारा आत्मदाह करने का खौफनाक प्रयास किया गया। इस दौरान वहां ड्यूटी पर तैनात मुस्तैद जवानों ने देवदूत बनकर तत्परता दिखाई और महिला की जान बचा ली। जांबाज जवानों की इस सक्रियता के कारण महिला की आत्मदाह की यह कोशिश नाकाम हो गई। इस घटना को लेकर अधिकारी द्वारा आधिकारिक बयान जारी कर पूरी जानकारी दी गई है कि वहां मौके पर क्या कुछ हुआ था। पुलिस ऑफिस के बाहर परेशान महिला के इस आत्मघाती कदम उठाने के तुरंत बाद सुरक्षा में तैनात जांबाज जवानों ने उसकी जान बचाई।1
- बरेली में एसएसपी कार्यालय के बाहर मंगलवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब बहेड़ी थाना क्षेत्र की रहने वाली मीना नाम की एक महिला ने न्याय न मिलने का आरोप लगाते हुए आत्मदाह की कोशिश की। महिला ने अपने ऊपर डीजल उड़ेल लिया और खुद को आग लगाने का प्रयास किया, लेकिन मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने मुस्तैदी दिखाते हुए तुरंत उसे पकड़ लिया, जिससे एक बड़ा हादसा होने से टल गया। महिला का आरोप है कि उस पर और उसके बेटे पर जानलेवा हमला किया गया था, लेकिन बार-बार शिकायत करने के बावजूद आरोपियों के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। इसी उपेक्षा से परेशान होकर उसने यह कदम उठाने का फैसला किया। इस घटना के तुरंत बाद पुलिस महिला को एसपी साउथ अंशिका वर्मा के कार्यालय ले गई। पूछताछ के बाद महिला को महिला थाने की पुलिस के सुपुर्द कर एहतियातन जिला अस्पताल भेजा गया है, जहां उसकी हालत पर लगातार नजर रखी जा रही है। फिलहाल पुलिस इस पूरे मामले की जांच कर रही है और महिला के आरोपों की जांच के बाद आवश्यक कार्रवाई करने का दावा कर रही है। हालांकि, एसएसपी कार्यालय के बाहर हुई इस घटना ने सुरक्षा व्यवस्था और शिकायतों के निस्तारण की व्यवस्था पर भी कई सवाल खड़े कर दिए हैं।1