जनपद एटा की जलेसर तहसील क्षेत्र के पुन्हैरा गांव में दिनदहाड़े जमीन विवाद के चलते एक खूनी संघर्ष हुआ, जिससे पूरे गांव में हड़कंप मच गया और सनसनी फैल गई। आरोप है कि पुरानी रंजिश और जमीन के विवाद के कारण कुछ भतीजों ने अपने ही बुजुर्ग चाचा पर हमला कर दिया। ग्रामीणों के अनुसार, परिवार के सदस्यों के बीच जमीन को लेकर काफी समय से विवाद चल रहा था और किसी अन्य व्यक्ति को जमीन बेचने को लेकर दोनों पक्षों में कई बार कहासुनी हो चुकी थी, जिसके चलते इस घटना को अंजाम दिया गया। आरोप है कि भतीजों ने बुजुर्ग चाचा को घेरकर लाठी-डंडों से बेरहमी से पीटा, जिससे उनके दोनों पैरों में गंभीर चोटें आईं और वे घायल होकर जमीन पर गिर गए। घटना के तुरंत बाद ग्रामीणों की भीड़ मौके पर जमा हो गई। परिजन घायल बुजुर्ग को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जलेसर ले गए, जहाँ डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। मौत की खबर सुनते ही परिवार में कोहराम मच गया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए एटा भेज दिया। पुलिस फिलहाल पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है। हालांकि, मामले में पुलिस की विस्तृत कार्यवाही और अन्य जानकारी प्राप्त करने के लिए जब कोतवाली जलेसर और क्षेत्राधिकारी जलेसर से संपर्क करने का प्रयास किया गया, तो दोनों अधिकारियों के फोन नहीं उठ सके। पुलिस ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और परिजनों की तहरीर के आधार पर आगे की कार्यवाही की जाएगी। घटना के बाद से गांव में तनावपूर्ण माहौल बना हुआ है।
जनपद एटा की जलेसर तहसील क्षेत्र के पुन्हैरा गांव में दिनदहाड़े जमीन विवाद के चलते एक खूनी संघर्ष हुआ, जिससे पूरे गांव में हड़कंप मच गया और सनसनी फैल गई। आरोप है कि पुरानी रंजिश और जमीन के विवाद के कारण कुछ भतीजों ने अपने ही बुजुर्ग चाचा पर हमला कर दिया। ग्रामीणों के अनुसार, परिवार के सदस्यों के बीच जमीन को लेकर काफी समय से विवाद चल रहा था और किसी अन्य व्यक्ति को जमीन बेचने को लेकर दोनों पक्षों में कई बार कहासुनी हो चुकी थी, जिसके चलते इस घटना को अंजाम दिया गया। आरोप है कि भतीजों ने बुजुर्ग चाचा को घेरकर लाठी-डंडों से बेरहमी से पीटा, जिससे उनके दोनों पैरों में गंभीर चोटें आईं और वे घायल होकर जमीन पर गिर गए। घटना के तुरंत बाद ग्रामीणों की भीड़ मौके पर जमा हो गई। परिजन घायल बुजुर्ग को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जलेसर ले गए, जहाँ डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। मौत की खबर सुनते ही परिवार में कोहराम मच गया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए एटा भेज दिया। पुलिस फिलहाल पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है। हालांकि, मामले में पुलिस की विस्तृत कार्यवाही और अन्य जानकारी प्राप्त करने के लिए जब कोतवाली जलेसर और क्षेत्राधिकारी जलेसर से संपर्क करने का प्रयास किया गया, तो दोनों अधिकारियों के फोन नहीं उठ सके। पुलिस ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और परिजनों की तहरीर के आधार पर आगे की कार्यवाही की जाएगी। घटना के बाद से गांव में तनावपूर्ण माहौल बना हुआ है।
- जनपद हाथरस के सासनी कोतवाली क्षेत्र स्थित गांव गोपालपुर में एक मकान में बिजली फिटिंग का काम चल रहा था, तभी रिजवान की पत्नी रेशमा को बिजली का करंट लग गया। करंट लगते ही रेशमा बेहोश हो गईं। परिजन तत्काल उन्हें अचेत अवस्था में उपचार के लिए जिला अस्पताल लेकर पहुँचे, जहाँ उन्हें इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कर डॉक्टरों द्वारा उनका उपचार किया जा रहा है। महिला के पति ने बताया कि मकान में बिजली फिटिंग के काम के दौरान ही यह घटना हुई, जिससे उनकी पत्नी अचेत हो गईं।1
- लखनऊ में हुए भीषण अग्निकांड के बाद फ़िरोज़ाबाद प्रशासन सक्रिय हो गया है। इसी क्रम में, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) आदित्य लांग्हे ने जिले के सभी महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों, व्यावसायिक केंद्रों और बहुमंजिला इमारतों में अग्नि सुरक्षा एवं आपदा प्रबंधन व्यवस्थाओं की गहन समीक्षा की। एसएसपी ने इस दौरान कड़ा रुख अपनाते हुए संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी सुरक्षा मानकों का शत-प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने साफ किया कि सुरक्षा व्यवस्थाओं में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और सभी कमियों को तत्काल प्रभाव से दूर किया जाए। आदित्य लांग्हे ने अधिकारियों को एक विशेष अभियान चलाकर जिले की सभी ऊंची इमारतों और व्यावसायिक परिसरों की जांच करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि जिन स्थानों पर अग्निशमन उपकरण मानक के अनुरूप नहीं हैं या खराब हो चुके हैं, उन्हें तुरंत ठीक कराया जाए। सुरक्षा मानकों का उल्लंघन करने वाले भवन स्वामियों और प्रबंधकों के खिलाफ सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाएगी, ताकि किसी भी संभावित आपदा या आगजनी की घटना को समय रहते रोका जा सके और नागरिकों के जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।1
- लखनऊ में हुए भीषण अग्निकांड के बाद हाथरस जिला प्रशासन विद्यार्थियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह सतर्क हो गया है। इसी क्रम में प्रशासन ने जिलेभर में एक विशेष निरीक्षण अभियान शुरू किया है। जिलाधिकारी अतुल वत्स ने शहर की विभिन्न कोचिंग संस्थाओं और लाइब्रेरी का औचक निरीक्षण कर सुरक्षा व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी वत्स ने भवनों में उपलब्ध सुरक्षा व्यवस्थाओं, फायर सेफ्टी उपकरणों, अग्निशमन संसाधनों तथा आपातकालीन निकास द्वार (इमरजेंसी एग्जिट) की स्थिति का आकलन किया। जांच में कई संस्थानों में गंभीर खामियां उजागर हुईं, जहाँ पर्याप्त फायर सेफ्टी के इंतजाम नहीं पाए गए और अनेक भवनों में इमरजेंसी एग्जिट की व्यवस्था भी नदारद मिली। इस पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए संबंधित संचालकों को तत्काल आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी अतुल वत्स ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि छात्रों की सुरक्षा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है और सुरक्षा मानकों की किसी भी अनदेखी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि निर्धारित मानकों का पालन न करने वाले संस्थानों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने यह भी बताया कि यह निरीक्षण अभियान लगातार जारी रहेगा ताकि सभी शिक्षण संस्थानों में सुरक्षा मानकों का पूर्ण पालन सुनिश्चित किया जा सके और किसी भी आपात स्थिति में छात्रों की सुरक्षा से कोई समझौता न हो।1
- हाथरस जनपद में सार्वजनिक सुरक्षा और अग्नि सुरक्षा मानकों का अनुपालन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से, जिलाधिकारी अतुल वत्स और पुलिस अधीक्षक चिरंजीव नाथ सिन्हा ने विभिन्न पुस्तकालयों और कोचिंग सेंटरों का स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान, जिलाधिकारी ने विशेष रूप से प्रोग्रेस पॉइंट लाइब्रेरी, भारद्वाज लाइब्रेरी और प्रेमहरि लाइब्रेरी का दौरा किया, जहाँ यह पाया गया कि ये सभी लाइब्रेरी बेसमेंट में संचालित हो रही थीं। जिलाधिकारी ने इन संचालकों से विनियमित क्षेत्र का नक्शा, फायर NOC और विद्युत उपकरणों के सत्यापन संबंधी जानकारी माँगी। निरीक्षण के बाद, जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि शासनादेश के अनुसार बेसमेंट में किसी भी व्यावसायिक गतिविधि का संचालन नहीं किया जा सकता, क्योंकि भवन मानचित्र में बेसमेंट आमतौर पर पार्किंग, स्टोर या शौचालय के लिए स्वीकृत होता है। इस गंभीर उल्लंघन को देखते हुए, जिलाधिकारी अतुल वत्स ने तीनों लाइब्रेरी संचालकों को तत्काल प्रभाव से लाइब्रेरी बंद करने और छात्र-छात्राओं की जमा की गई फीस वापस करने के निर्देश दिए। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि बेसमेंट में स्वीकृत उपयोग के अलावा व्यावसायिक गतिविधि या सुरक्षा मानकों का उल्लंघन पाए जाने पर अग्नि सुरक्षा और भवन उपविधियों के तहत कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। जिलाधिकारी ने उन प्रतिष्ठानों पर भी नियमानुसार कार्रवाई के निर्देश दिए, जिन्हें पहले नोटिस जारी किए गए थे, लेकिन उन्होंने अपनी कमियों को दूर नहीं किया। अंत में, उन्होंने सभी संस्थानों को अग्नि सुरक्षा, आपातकालीन निकास, पार्किंग और अन्य मानकों का शत-प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। इस निरीक्षण के दौरान अपर जिलाधिकारी वि/रा, उप जिलाधिकारी सदर, क्षेत्राधिकारी पुलिस और अग्निशमन अधिकारी सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।4
- उत्तर प्रदेश के आगरा में एक युवती को लेकर थाने में जोरदार हंगामा हुआ। युवती के परिजनों ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं, जिसके चलते थाने में तनाव का माहौल बन गया।2
- आज दिनांक 23-06-2026 को फिरोजाबाद में जिलाधिकारी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, मुख्य अग्निशमन अधिकारी और मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने संयुक्त रूप से जिला अस्पताल, ट्रॉमा सेंटर, 100 शैय्या अस्पताल सहित अन्य महत्वपूर्ण संस्थानों का निरीक्षण किया। इस निरीक्षण के दौरान, अग्नि सुरक्षा उपकरणों, फायर इंस्टॉलेशन, आपातकालीन निकास मार्ग, जल उपलब्धता एवं अन्य सुरक्षा व्यवस्थाओं का परीक्षण किया गया, जिसमें कई कमियां पाई गईं। इन कमियों को देखते हुए, संबंधित विभागीय अधिकारियों को तत्काल सुधारात्मक कार्रवाई सुनिश्चित करने हेतु निर्देशित किया गया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक फिरोजाबाद ने विशेष निर्देश दिए कि सभी संस्थानों में फायर सेफ्टी मानकों का पूर्ण अनुपालन सुनिश्चित किया जाए तथा आपात स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक संसाधन एवं व्यवस्थाएं सदैव क्रियाशील रखी जाएं। उनका लक्ष्य था कि भविष्य में किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना की संभावना को न्यूनतम किया जा सके और जनसुरक्षा सुनिश्चित रहे। ये निर्देश फायर सेफ्टी एवं आपदा प्रबंधन व्यवस्थाओं की समीक्षा के बाद दिए गए, जिसमें संबंधित अधिकारियों को आवश्यक सुरक्षा मानकों का शत-प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित करने और पाई गई कमियों को तत्काल दूर करने पर जोर दिया गया।1
- दिल्ली मेट्रो के अंदर एक वानर की एंट्री ने सबको हैरान कर दिया। सराय काले खां स्टेशन के पास, पिंक लाइन पर यह 'कपिराज' यात्रियों के बीच खूब मस्ती और उधम मचाते हुए नजर आया। उसने कभी यात्रियों के कंधे पर चढ़कर तो कभी उनकी गोद में बैठकर सफर का आनंद लिया। इतना ही नहीं, यह नटखट वानर मेट्रो की खिड़की पर बैठकर बाहर के नजारों का भी लुत्फ उठाता दिखा, जैसे वह कोई आम यात्री हो। यात्रियों के साथ उसकी यह शरारती और मजेदार यात्रा काफी चर्चा में रही।1
- जनपद हाथरस के हाथरस गेट कोतवाली क्षेत्र के गांव जोगिया में राजकुमार नामक एक व्यक्ति के साथ कई महिलाओं ने जमकर मारपीट की। इस मारपीट के दौरान राजकुमार के शरीर के विभिन्न हिस्सों में गंभीर चोटें आईं, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। पीड़ित राजकुमार ने कोतवाली पहुंचकर पुलिस से शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद पुलिस ने घायल व्यक्ति का डॉक्टरी परीक्षण कराया। राजकुमार ने आरोप लगाया है कि गांव की महिलाओं ने उस पर धारदार हथियार से जानलेवा हमला कर उसे घायल किया है। पीड़ित की शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामले में आगे की आवश्यक जांच शुरू कर दी है।1
- भारत सरकार के आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय द्वारा स्ट्रीट वेंडरों (रेहड़ी-पटरी वालों) को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना शुरू की गई है। यह एक विशेष सूक्ष्म-ऋण योजना है, जिसके तहत पात्र वेंडरों को बिना किसी गारंटी के ₹50,000 तक का कार्यशील पूंजी ऋण प्रदान किया जाता है। इस योजना के अंतर्गत, ऋण तीन चरणों में दिया जाता है। पहले चरण में ₹10,000 या ₹15,000 का ऋण मिलता है, जिसे 12 मासिक किस्तों में चुकाना होता है। पहला ऋण समय पर चुकाने पर दूसरे चरण में ₹20,000 या ₹25,000 तक का ऋण प्राप्त किया जा सकता है। पिछले ऋणों के सफल भुगतान के बाद, तीसरे चरण में ₹50,000 तक का ऋण प्रदान किया जाता है। इस ऋण पर कोई संपार्श्विक या प्रोसेसिंग शुल्क नहीं लगता है, और नियमित रूप से ऋण चुकाने वालों को सरकार द्वारा 7% प्रति वर्ष की ब्याज सब्सिडी भी मिलती है। साथ ही, डिजिटल लेनदेन (जैसे UPI) करने पर प्रति माह ₹100 तक (प्रति वर्ष ₹1,200 तक) का कैशबैक प्रोत्साहन भी दिया जाता है। इस योजना के लिए शहरी, अर्ध-शहरी या ग्रामीण क्षेत्रों में काम करने वाले सभी स्ट्रीट वेंडर पात्र हैं, जिनमें सब्जी वाले, फल वाले, नाई, मोची आदि शामिल हैं, बशर्ते उनके पास वेंडिंग पहचान पत्र हो या वे स्थानीय निकायों द्वारा मान्यता प्राप्त हों। आवेदन प्रक्रिया और विस्तृत जानकारी के लिए पीएम स्वनिधि पोर्टल या जनसमर्थ पोर्टल का उपयोग किया जा सकता है, जहाँ आवेदक अपनी पात्रता भी जांच सकते हैं, जैसे कि उनके पास स्थानीय निकाय द्वारा जारी वेंडिंग सर्टिफिकेट या पहचान पत्र है या नहीं और क्या वे शहरी क्षेत्र में रेहड़ी-पटरी लगाते हैं।1