मजदूर दिवस के अवसर पर परिवहन विभाग के गेटों पर गरजे परिवहन के कच्चे कर्मचारी, जेल से कर्मचारियों को रिहा करने की मांग की 10 मई को परिवहन मंत्री के आवास पर धरना, 18 मई को एक दिवसीय हड़ताल और 25, 26, 27 मई को तीन दिवसीय हड़ताल कर मुख्यमंत्री पंजाब के आवास पर दिया जाएगा धरना परिवहन विभाग का निजीकरण करने और कर्मचारियों के हक छीनने पर लगी पंजाब सरकार फाजिल्का, 1 मई ( सोनू) – आज 1 मई को मजदूर दिवस के अवसर पर पंजाब रोडवेज पनबस/पीआरटीसी कॉन्ट्रैक्ट वर्कर्स यूनियन पंजाब द्वारा पूरे पंजाब के सभी डिपो के गेटों पर झंडा फहराया गया और गेट रैलियां की गईं। फाजिल्का डिपो के गेट पर रैली को संबोधित करते हुए रविंदर सिंह ने कहा कि आज ही के दिन 1886 में शिकागो के शहीदों ने कुर्बानियां देकर 1889 में 8 घंटे का हक लोगों को दिलवाया था। उन शहीदों की कुर्बानी को याद करते हुए उन्होंने कहा कि आज फिर मौजूदा हालातों में भारत सरकार लेबर कोड में संशोधन के नाम पर सारे हक छीनने में लगी है। दूसरी ओर पंजाब सरकार भी पीछे नहीं रही क्योंकि किसान मजदूर कर्मचारी संगठनों के समर्थन का वादा करके और खुद को आम आदमी के नाम से जोड़कर पंजाब की सत्ता पर काबिज हुई आप सरकार अब कॉर्पोरेट घरानों और खास लोगों की सरकार बन चुकी है। इसका नमूना परिवहन विभाग में प्राइवेट मालिकों की किलोमीटर स्कीम बसों के माध्यम से खजाने की करोड़ों रुपये की लूट को छूट देने के लिए कर्मचारियों पर 307 के पर्चे दर्ज करके 5 महीनों से संगरूर जेल में बंद करना है। यह साबित करता है कि अपने चहेतों के घर भरने के लिए मजदूर कर्मचारी किसान संगठनों और पत्रकार भाईचारे की पुलिस तंत्र के डंडे के जोर पर पर्चे दर्ज करके जुबानबंदी की जा रही है, जिसका यूनियन द्वारा कड़ा विरोध किया जाएगा। इसकी शुरुआत 1 मई से की गई है और आज विभिन्न शहरों के बस अड्डों में सरकार के इस चेहरे को बेनकाब करने के लिए विरोध प्रदर्शन शुरू किया जा रहा है। राज्य नेता उडीक कंबोज, महासचिव मनप्रीत सिंह, वरिष्ठ उपाध्यक्ष गुरविंदर सिंह, हरभजन सिंह, प्रितपाल सिंह ने कहा कि सरकार ने अपने चार साल के कार्यकाल में एक भी सरकारी बस नहीं डाली। पुरानी मौजूदा बसों में से लगभग 200 बसों को टायर और स्पेयर पार्ट्स की कमी के कारण डिपो की शोभा बनाकर खड़ा किया गया है। दूसरी ओर अपने चहेतों की किलोमीटर स्कीम बसें डालकर प्रति साधारण एक बस के जरिए 1 करोड़ 50 लाख रुपये की लूट यानी 4-5 बसों के पैसे 5 सालों में सरकारी खजाने से लूटना चाहती है। इसी तरह एचवीएसी और वोल्वो बसें भी किलोमीटर स्कीम के तहत लाकर करोड़ों रुपये की लूट करवाने की तैयारी की जा रही है। पंजाब सरकार मुफ्त सफर सुविधाओं की लगभग 1200-1300 करोड़ रुपये की बकाया राशि देना नहीं चाहती, जिस कारण नई बसें डालना तो दूर की बात है, टायर, स्पेयर पार्ट्स, टिकट मशीनें और कर्मचारियों का वेतन नहीं दिया जा रहा। पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट और विभिन्न अदालतों के फैसले भी स्पष्ट करते हैं कि कर्मचारियों की मांगें पूरी करने में कोई कानूनी अड़चन नहीं है। यूनियन स्पष्ट कर चुकी है कि कर्मचारियों की मांगें पूरी करने में कोई वित्तीय खर्च नहीं आता बल्कि विभागों का मुनाफा होता है, लेकिन पंजाब सरकार कॉर्पोरेट घरानों और परिवहन माफिया के हाथों में खेल रही है और परिवहन विभागों को खत्म करने की ओर बढ़ रही है। इस कारण कच्चे कर्मचारियों को मजबूरी में अपने संस्थान को बचाने के लिए संघर्ष की राह पर चलना पड़ रहा है। सहायक सचिव सुरेंद्र कुमार, कैशियर प्रिंस कुमार, उपाध्यक्ष हरजिंदर सिंह, मनवीर सिंह, दलजीत सिंह ने बताया कि ठेकेदार बिचौलिए पनबस पीआरटीसी के कच्चे कर्मचारियों की लूट कर रहे हैं। दातार सिक्योरिटी ठेकेदार सिक्योरिटी, ईपीएफ, ईएसआई और ग्रुप बीमा के 11-12 करोड़ रुपये की लूट करके और आउटसोर्स पर रिश्वतखोरी के जरिए भर्ती करके भाग गया। फिर साईं राम, एसएस प्रोवाइडर और अब एस राम ठेकेदार बिचौलिए के जरिए लूट करवाई जा रही है। जहां मुख्यमंत्री पंजाब पक्की भर्ती करने के दावे करते हैं, वहीं परिवहन विभाग में बड़े स्तर पर आउटसोर्स पर रिश्वतखोरी के जरिए भर्तियां की जा रही हैं। किसी को मेडिकल सुविधाएं नहीं मिल रही हैं, यहां तक कि मौत होने पर भी किसी को कोई सुविधा नहीं दी जा रही। सरकार द्वारा कर्मचारियों से किए गए वादे पूरे करने के बजाय उल्टा कर्मचारियों को दबाने की कोशिश की जा रही है। परिवहन विभाग के कर्मचारियों को वाकी-टाकी सेट (वायरलेस) के रूप में जाना जाता है। ये कर्मचारी रोजाना 6 लाख लोगों से सीधे तौर पर मिलते हैं और अब यदि सरकार ने हमारी मांगों का समाधान नहीं किया, तो सरकार की घातक नीतियों के बारे में बस और बस स्टैंड पर प्रचार किया जाएगा। यूनियन द्वारा तय कार्यक्रमों के अनुसार 10 मई को परिवहन मंत्री पंजाब के निर्वाचन क्षेत्र में विशाल रोष रैली की जाएगी, 18 मई को एक दिवसीय हड़ताल करके सभी विधायकों के घरों के आगे प्रदर्शन कर मांग पत्र सौंपे जाएंगे और फिर 25, 26, 27 मई को तीन दिवसीय हड़ताल कर मुख्यमंत्री पंजाब के आवास के आगे धरना दिया जाएगा। यदि फिर भी मांगों का समाधान नहीं निकला, तो अनिश्चितकालीन हड़ताल और तीखे संघर्ष किए जाएंगे।
मजदूर दिवस के अवसर पर परिवहन विभाग के गेटों पर गरजे परिवहन के कच्चे कर्मचारी, जेल से कर्मचारियों को रिहा करने की मांग की 10 मई को परिवहन मंत्री के आवास पर धरना, 18 मई को एक दिवसीय हड़ताल और 25, 26, 27 मई को तीन दिवसीय हड़ताल कर मुख्यमंत्री पंजाब के आवास पर दिया जाएगा धरना परिवहन विभाग का निजीकरण करने और कर्मचारियों के हक छीनने पर लगी पंजाब सरकार फाजिल्का, 1 मई ( सोनू) – आज 1 मई को मजदूर दिवस के अवसर पर पंजाब रोडवेज पनबस/पीआरटीसी कॉन्ट्रैक्ट वर्कर्स यूनियन पंजाब द्वारा पूरे पंजाब के सभी डिपो के गेटों पर झंडा फहराया गया और गेट रैलियां की गईं। फाजिल्का डिपो के गेट पर रैली को संबोधित करते हुए रविंदर सिंह ने कहा कि आज ही के दिन 1886 में शिकागो के शहीदों ने कुर्बानियां देकर 1889 में 8 घंटे का हक लोगों को दिलवाया था। उन शहीदों की कुर्बानी को याद करते हुए उन्होंने कहा कि आज फिर मौजूदा हालातों में भारत सरकार लेबर कोड में संशोधन के नाम पर सारे हक छीनने में लगी है। दूसरी ओर पंजाब सरकार भी पीछे नहीं रही क्योंकि किसान मजदूर कर्मचारी संगठनों के समर्थन का वादा करके और खुद को आम आदमी के नाम से जोड़कर पंजाब की सत्ता पर काबिज हुई आप सरकार अब कॉर्पोरेट घरानों और खास लोगों की सरकार बन चुकी है। इसका नमूना परिवहन विभाग में प्राइवेट मालिकों की किलोमीटर स्कीम बसों के माध्यम से खजाने की करोड़ों रुपये की लूट को छूट देने के लिए कर्मचारियों पर 307 के पर्चे दर्ज करके 5 महीनों से संगरूर जेल में बंद करना है। यह साबित करता है कि अपने चहेतों के घर भरने के लिए मजदूर कर्मचारी किसान संगठनों और पत्रकार भाईचारे की पुलिस तंत्र के डंडे के जोर पर पर्चे दर्ज करके जुबानबंदी की जा रही है, जिसका यूनियन द्वारा कड़ा विरोध किया जाएगा। इसकी शुरुआत 1 मई से की गई है और आज विभिन्न शहरों के बस अड्डों में सरकार के इस चेहरे को बेनकाब करने के लिए विरोध प्रदर्शन शुरू किया जा रहा है। राज्य नेता उडीक कंबोज, महासचिव मनप्रीत सिंह, वरिष्ठ उपाध्यक्ष गुरविंदर सिंह, हरभजन सिंह, प्रितपाल सिंह ने कहा कि सरकार ने अपने चार साल के कार्यकाल में एक भी सरकारी बस नहीं डाली। पुरानी मौजूदा बसों में से लगभग 200 बसों को टायर और स्पेयर पार्ट्स की कमी के कारण डिपो की शोभा बनाकर खड़ा किया गया है। दूसरी ओर अपने चहेतों की किलोमीटर स्कीम बसें डालकर प्रति साधारण एक बस के जरिए 1 करोड़ 50 लाख रुपये की लूट यानी 4-5 बसों के पैसे 5 सालों में सरकारी खजाने से लूटना चाहती है।
इसी तरह एचवीएसी और वोल्वो बसें भी किलोमीटर स्कीम के तहत लाकर करोड़ों रुपये की लूट करवाने की तैयारी की जा रही है। पंजाब सरकार मुफ्त सफर सुविधाओं की लगभग 1200-1300 करोड़ रुपये की बकाया राशि देना नहीं चाहती, जिस कारण नई बसें डालना तो दूर की बात है, टायर, स्पेयर पार्ट्स, टिकट मशीनें और कर्मचारियों का वेतन नहीं दिया जा रहा। पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट और विभिन्न अदालतों के फैसले भी स्पष्ट करते हैं कि कर्मचारियों की मांगें पूरी करने में कोई कानूनी अड़चन नहीं है। यूनियन स्पष्ट कर चुकी है कि कर्मचारियों की मांगें पूरी करने में कोई वित्तीय खर्च नहीं आता बल्कि विभागों का मुनाफा होता है, लेकिन पंजाब सरकार कॉर्पोरेट घरानों और परिवहन माफिया के हाथों में खेल रही है और परिवहन विभागों को खत्म करने की ओर बढ़ रही है। इस कारण कच्चे कर्मचारियों को मजबूरी में अपने संस्थान को बचाने के लिए संघर्ष की राह पर चलना पड़ रहा है। सहायक सचिव सुरेंद्र कुमार, कैशियर प्रिंस कुमार, उपाध्यक्ष हरजिंदर सिंह, मनवीर सिंह, दलजीत सिंह ने बताया कि ठेकेदार बिचौलिए पनबस पीआरटीसी के कच्चे कर्मचारियों की लूट कर रहे हैं। दातार सिक्योरिटी ठेकेदार सिक्योरिटी, ईपीएफ, ईएसआई और ग्रुप बीमा के 11-12 करोड़ रुपये की लूट करके और आउटसोर्स पर रिश्वतखोरी के जरिए भर्ती करके भाग गया। फिर साईं राम, एसएस प्रोवाइडर और अब एस राम ठेकेदार बिचौलिए के जरिए लूट करवाई जा रही है। जहां मुख्यमंत्री पंजाब पक्की भर्ती करने के दावे करते हैं, वहीं परिवहन विभाग में बड़े स्तर पर आउटसोर्स पर रिश्वतखोरी के जरिए भर्तियां की जा रही हैं। किसी को मेडिकल सुविधाएं नहीं मिल रही हैं, यहां तक कि मौत होने पर भी किसी को कोई सुविधा नहीं दी जा रही। सरकार द्वारा कर्मचारियों से किए गए वादे पूरे करने के बजाय उल्टा कर्मचारियों को दबाने की कोशिश की जा रही है। परिवहन विभाग के कर्मचारियों को वाकी-टाकी सेट (वायरलेस) के रूप में जाना जाता है। ये कर्मचारी रोजाना 6 लाख लोगों से सीधे तौर पर मिलते हैं और अब यदि सरकार ने हमारी मांगों का समाधान नहीं किया, तो सरकार की घातक नीतियों के बारे में बस और बस स्टैंड पर प्रचार किया जाएगा। यूनियन द्वारा तय कार्यक्रमों के अनुसार 10 मई को परिवहन मंत्री पंजाब के निर्वाचन क्षेत्र में विशाल रोष रैली की जाएगी, 18 मई को एक दिवसीय हड़ताल करके सभी विधायकों के घरों के आगे प्रदर्शन कर मांग पत्र सौंपे जाएंगे और फिर 25, 26, 27 मई को तीन दिवसीय हड़ताल कर मुख्यमंत्री पंजाब के आवास के आगे धरना दिया जाएगा। यदि फिर भी मांगों का समाधान नहीं निकला, तो अनिश्चितकालीन हड़ताल और तीखे संघर्ष किए जाएंगे।
- ਮਾਮਲਾ MP ਅਮ੍ਰਿਤਪਾਲ ਸਿੰਘ ਬਾਰੇ ਕੀਤੀ ਟਿੱਪਣੀ ਦਾ।1
- Post by Inside Story News Chennal1
- ਸ਼੍ਰੋਮਣੀ ਅਕਾਲੀ ਦਲ ਦੇ ਸੀਨੀਅਰ ਵਾਈਸ ਪ੍ਰੈਜ਼ੀਡੈਂਟ ਅਤੇ ਰਾਸ਼ਟਰੀ ਬੁਲਾਰੇ ਪਰਮਬੰਸ ਸਿੰਘ ਬੰਟੀ ਰੋਮਾਣਾ ਵੱਲੋਂ ਫ਼ਰੀਦਕੋਟ ਵਿਖੇ ਜਾਰੀ ਕੀਤੇ ਵੀਡੀਓ ਬਿਆਨ ਵਿੱਚ ਪੰਜਾਬ ਦੇ ਮੁੱਖ ਮੰਤਰੀ ਭਗਵੰਤ ਮਾਨ ‘ਤੇ ਗੰਭੀਰ ਇਲਜ਼ਾਮ ਲਗਾਏ ਗਏ ਹਨ। 📝 ਪੂਰਾ ਵੇਰਵਾ ਬੰਟੀ ਰੋਮਾਣਾ ਨੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਮਜ਼ਦੂਰ ਦਿਹਾੜੇ ਵਾਲੇ ਦਿਨ ਵੀ ਮੁੱਖ ਮੰਤਰੀ ਪੰਜਾਬ ਦੀ ਪਵਿੱਤਰ ਵਿਧਾਨ ਸਭਾ ਵਿੱਚ ਸ਼ਰਾਬ ਪੀ ਕੇ ਪਹੁੰਚੇ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਦਾ ਦਾਅਵਾ ਹੈ ਕਿ ਇਹ ਸਿਰਫ਼ ਇਲਜ਼ਾਮ ਨਹੀਂ, ਸਗੋਂ ਲੋਕਾਂ ਨੇ ਖੁਦ ਲਾਇਵ ਕਾਰਵਾਈ ਵਿੱਚ ਇਹ ਦ੍ਰਿਸ਼ ਦੇਖਿਆ ਹੈ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਇਹ ਵੀ ਕਿਹਾ ਕਿ ਕਈ ਵਿਧਾਇਕਾਂ ਵੱਲੋਂ ਸਪੀਕਰ ਕੋਲ ਐਲਕੋਮੀਟਰ ਟੈਸਟ ਦੀ ਮੰਗ ਕੀਤੀ ਗਈ, ਪਰ ਇਸਨੂੰ ਅਣਗੌਲਿਆ ਕੀਤਾ ਗਿਆ। ਰੋਮਾਣਾ ਦੇ ਮੁਤਾਬਕ, ਇਹ ਪਹਿਲੀ ਵਾਰ ਨਹੀਂ ਅਤੇ ਪਹਿਲਾਂ ਵੀ ਅਜਿਹੀਆਂ ਘਟਨਾਵਾਂ ਨਾਲ ਪੰਜਾਬ ਦੀ ਛਵੀ ਨੂੰ ਨੁਕਸਾਨ ਪਹੁੰਚਿਆ ਹੈ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਲੋਕਾਂ ਨੂੰ ਅਪੀਲ ਕੀਤੀ ਕਿ ਅਜਿਹੇ ਮੁੱਖ ਮੰਤਰੀ ਤੋਂ ਖਹਿੜਾ ਛੁਡਾ ਕੇ Shiromani Akali Dal ਨੂੰ ਮੌਕਾ ਦਿੱਤਾ ਜਾਵੇ। 🔍 ਸਮੀਖਿਆ (Review) ਇਹ ਮਾਮਲਾ ਸਿਆਸੀ ਤੌਰ ‘ਤੇ ਬਹੁਤ ਸੰਵੇਦਨਸ਼ੀਲ ਹੈ। ਅਜਿਹੇ ਦੋਸ਼ ਆਮ ਤੌਰ ‘ਤੇ ਵਿਰੋਧੀ ਪਾਰਟੀਆਂ ਵੱਲੋਂ ਲਗਾਏ ਜਾਂਦੇ ਹਨ, ਪਰ ਜਦੋਂ ਇਹ ਵਿਧਾਨ ਸਭਾ ਵਰਗੇ ਮੰਚ ਨਾਲ ਜੁੜੇ ਹੋਣ, ਤਾਂ ਇਹ ਜਨਤਕ ਭਰੋਸੇ ‘ਤੇ ਸਿੱਧਾ ਅਸਰ ਪਾਂਦੇ ਹਨ। 🤔 ਅੰਤਿਮ ਵਿਚਾਰ (Final Thoughts) ਸੱਚਾਈ ਕੀ ਹੈ, ਇਹ ਜਾਂਚ ਅਤੇ ਅਧਿਕਾਰਕ ਪੁਸ਼ਟੀ ਨਾਲ ਹੀ ਸਾਹਮਣੇ ਆਵੇਗੀ। ਪਰ ਇਹ ਮਾਮਲਾ ਦਰਸਾਉਂਦਾ ਹੈ ਕਿ ਪੰਜਾਬ ਦੀ ਸਿਆਸਤ ਵਿੱਚ ਤਣਾਅ ਅਤੇ ਦੋਸ਼ਾਰੋਪਣ ਚਰਮ ‘ਤੇ ਹੈ। 🪞 ਪ੍ਰਤੀਬਿੰਬ (Reflection) ਕੀ ਸਿਆਸਤ ਸੇਵਾ ਦਾ ਮਾਧਿਅਮ ਰਹੀ ਹੈ ਜਾਂ ਹੁਣ ਸਿਰਫ਼ ਇਲਜ਼ਾਮਾਂ ਦੀ ਜੰਗ ਬਣ ਚੁੱਕੀ ਹੈ? ਲੋਕਾਂ ਨੂੰ ਸੋਚਣ ਦੀ ਲੋੜ ਹੈ। 🏁 ਨਤੀਜਾ (Conclusion) ਇਹ ਮਾਮਲਾ ਸਿਰਫ਼ ਇੱਕ ਬਿਆਨ ਨਹੀਂ, ਸਗੋਂ ਪੰਜਾਬ ਦੀ ਰਾਜਨੀਤੀ ਵਿੱਚ ਭਰੋਸੇ ਅਤੇ ਇਮেজ ਨਾਲ ਜੁੜਿਆ ਵੱਡਾ ਸਵਾਲ ਬਣ ਸਕਦਾ ਹੈ। 📊 Poll ਸਵਾਲ 👉 ਕੀ ਤੁਹਾਨੂੰ ਲੱਗਦਾ ਹੈ ਕਿ ਇਸ ਮਾਮਲੇ ਦੀ ਨਿਰਪੱਖ ਜਾਂਚ ਹੋਣੀ ਚਾਹੀਦੀ ਹੈ? ਹਾਂ ✅ ਨਹੀਂ ❌ 💬 ਪ੍ਰਤੀਕਿਰਿਆ ਸਵਾਲ 👉 ਤੁਸੀਂ ਇਸ ਮਾਮਲੇ ਬਾਰੇ ਕੀ ਸੋਚਦੇ ਹੋ? ਕਮੈਂਟ ਕਰਕੇ ਆਪਣੀ ਰਾਏ ਜਰੂਰ ਦਿਓ 👇 🏷️ Hashtags #PunjabPolitics #BhagwantMann #AkaliDal #BreakingNews #Faridkot ⚠️ Disclaimer ⚠️ ਇਹ ਜਾਣਕਾਰੀ ਸਿਆਸੀ ਬਿਆਨਾਂ ‘ਤੇ ਆਧਾਰਿਤ ਹੈ। ਅਜੇ ਤੱਕ ਕਿਸੇ ਸਰਕਾਰੀ ਏਜੰਸੀ ਵੱਲੋਂ ਇਸ ਦੀ ਪੁਸ਼ਟੀ ਨਹੀਂ ਕੀਤੀ ਗਈ। ਦਰਸ਼ਕਾਂ ਨੂੰ ਬੇਨਤੀ ਹੈ ਕਿ ਕਿਸੇ ਨਤੀਜੇ ‘ਤੇ ਪਹੁੰਚਣ ਤੋਂ ਪਹਿਲਾਂ ਅਧਿਕਾਰਕ ਤੱਥਾਂ ਦੀ ਉਡੀਕ ਕਰੋ। 👥 ਟੀਮ ਦੀਪਕ ਗਰਗ 📸 ਵੀਡੀਓ : ਸ਼੍ਰੋਮਣੀ ਅਕਾਲੀ ਦਲ1
- ਫਰੀਦਕੋਟ ਦੇ ਨੇੜਲੇ ਪਿੰਡ ਪੱਕਾ ਨਾਲ ਸਬੰਧਤ ਨੌਜਵਾਨ ਦੀ ਦਰਦਨਾਕ ਮੌਤ ਹੋ ਜਾਣ ਦਾ ਸਮਾਚਾਰ ਪ੍ਰਾਪਤ ਹੋਇਆ ਹੈ ਅਤੇ ਉਸ ਦੇ ਨਾਲ ਦੇ ਸਾਥੀ ਦੀ ਗੰਭੀਰ ਹਾਲਤ ਦੇਖਦਿਆਂ ਹੋਇਆਂ ਉਸ ਨੂੰ ਬਠਿੰਡਾ ਵਿਖੇ ਰੈਫਰ ਕੀਤਾ ਗਿਆ, ਪ੍ਰਾਪਤ ਜਾਣਕਾਰੀ ਅਨੁਸਾਰ ਪਿੰਡ ਪੱਕਾ ਦਾ ਰਹਿਣ ਵਾਲਾ ਨੌਜਵਾਨ ਆਪਣੇ ਕੰਮ ਤੋਂ ਵਾਪਿਸ ਆਪਣੇ ਪਿੰਡ ਪੱਕਾ ਨੂੰ ਜਾ ਰਿਹਾ ਸੀ ਤਾਂ ਰਸਤੇ ਵਿੱਚ ਟਰੈਕਟਰ ਟਰਾਲੀ ਨਾਲ ਇਕ ਦਰਦਨਾਕ ਸੜਕ ਹਾਦਸਾ ਵਾਪਰ ਗਿਆ। everyone highlights public people news today latest news police sad news1
- ਮਾਨਯੋਗ ਡਿਪਟੀ ਕਮਿਸ਼ਨਰ ਫ਼ਿਰੋਜ਼ਪੁਰ ਸ੍ਰੀਮਤੀ ਦੀਪਸ਼ਿਖਾ ਸ਼ਰਮਾ(ਆਈ.ਏ.ਐਸ.) ਵੱਲੋਂ ਭਾਰਤ ਦੀ ਜਨਗਣਨਾ 2027 ਤਹਿਤ ਅੱਜ ਆਪਣੀ ਸਵੈ-ਗਣਨਾ ਕੀਤੀ ਗਈ। ਇਸ ਮੌਕੇ ਓਹਨਾਂ ਵੱਲੋਂ ਜ਼ਿਲ੍ਹਾ ਫ਼ਿਰੋਜ਼ਪੁਰ ਦੇ ਵਾਸੀਆਂ ਦੇ ਨਾਮ ਸਵੈ-ਗਣਨਾ ਕਰਨ ਲਈ ਸੰਦੇਸ਼ ਦਿੱਤਾ ਗਿਆ।1
- Post by Harmesh Singh poohla1
- Post by द कहर न्यूज़ एजेंसी1
- Post by Inside Story News Chennal1