नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों पर हुए लाठीचार्ज के विरोध में कटनी में पुरानी कचहरी के पास समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने धरना-प्रदर्शन कर सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन के दौरान सपा कार्यकर्ताओं ने छात्रों के समर्थन में आवाज बुलंद करते हुए घटना की कड़ी निंदा की और दोषी अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। प्रदर्शन के दौरान समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता विन्ध्येश्वरी पटेल ने छात्रों पर हुए लाठीचार्ज को लोकतंत्र पर हमला करार दिया। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में अपनी बात शांतिपूर्ण ढंग से रखना हर नागरिक का संवैधानिक अधिकार है। यदि छात्र अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे, तो सरकार को उनकी बात सुननी चाहिए थी, न कि उन पर बल प्रयोग करना चाहिए था। कार्यकर्ताओं ने कहा कि छात्रों की आवाज को दबाने का प्रयास किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच करने और छात्रों की समस्याओं का शीघ्र समाधान करने की मांग रखी। धरना-प्रदर्शन के अंत में पार्टी नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि छात्रों के साथ अन्याय जारी रहा तो समाजवादी पार्टी लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन को और व्यापक करेगी।
नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों पर हुए लाठीचार्ज के विरोध में कटनी में पुरानी कचहरी के पास समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने धरना-प्रदर्शन कर सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन के दौरान सपा कार्यकर्ताओं ने छात्रों के समर्थन में आवाज बुलंद करते हुए घटना की
कड़ी निंदा की और दोषी अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। प्रदर्शन के दौरान समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता विन्ध्येश्वरी पटेल ने छात्रों पर हुए लाठीचार्ज को लोकतंत्र पर हमला करार दिया। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में अपनी बात शांतिपूर्ण ढंग से रखना हर नागरिक का
संवैधानिक अधिकार है। यदि छात्र अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे, तो सरकार को उनकी बात सुननी चाहिए थी, न कि उन पर बल प्रयोग करना चाहिए था। कार्यकर्ताओं ने कहा कि छात्रों की आवाज को दबाने का प्रयास किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया
जाएगा। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच करने और छात्रों की समस्याओं का शीघ्र समाधान करने की मांग रखी। धरना-प्रदर्शन के अंत में पार्टी नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि छात्रों के साथ अन्याय जारी रहा तो समाजवादी पार्टी लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन को और व्यापक करेगी।
- रीवा के अमहिया थाने में तैनात प्रधान आरक्षक अच्छेलाल सिंह का थाने के भीतर नशे में ड्यूटी करने का वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है। वीडियो में मुंशी के पद पर तैनात आरक्षक नशे में धुत होकर घंटों तक अभद्रता करते हुए दिखाई दे रहे हैं। वायरल वीडियो में मुंशी खुद दो पौवा यानी 6 पैक शराब पीने की बात कबूल कर रहे हैं। वीडियो में वे कहते सुने जा रहे हैं, "मैं पुलिस लाइन रीवा का गुंडा हूं" और "मेरा नाम मेजर लाठी है"। ऑन-ड्यूटी पुलिसकर्मी की यह करतूत पुलिस विभाग के 'नशे से दूरी' अभियान की पोल खोल रही है और खाकी को शर्मसार कर रही है।1
- पन्ना जिले के पवई में हाट बाजार रोड के किनारे लग रहा है, जिससे कभी भी और किसी भी समय अनहोनी होने का डर बना रहता है। इस स्थिति को देखते हुए तहसीलदार साहब और एसडीएम साहब से माँग की गई है कि हाट बाजार को सही तरीके से लगवाने की महान कृपा की जाए।1
- चित्रकूट धाम में रजौला से आरोग्यधाम तक लगाई गईं रोड लाइटें महज शो पीस बनकर रह गई हैं। यह स्ट्रीट लाइटें केवल तभी जगमगाती हैं जब किसी मंत्री का दौरा होता है, जबकि आम दिनों में सड़क पर चलने वाले राहगीरों, यात्रियों और श्रद्धालुओं के लिए घुप अंधेरा कायम रहता है। सीसी सड़क के बीच में लगे धनुष-बाण के आकार वाली लाइटें दिन में तो दिखाई देती हैं, लेकिन रात के वक्त अंधेरे के कारण वे भी नजर नहीं आतीं। सड़कों पर पसरे इस अंधेरे के बीच, सीसी सड़क के बीचों-बीच बने सीवर लाइन के चैंबरों और गड्ढों के कारण स्थिति और भी जानलेवा बन चुकी है। इन गड्ढों और चैंबरों में गिरकर कई दोपहिया वाहन चालक घायल हो चुके हैं। इस गंभीर लापरवाही पर सवाल खड़ा हो रहा है कि हादसों का कारण बन रही इस अव्यवस्था के लिए आखिर कौन जिम्मेदार है—बिजली विभाग या फिर नगर परिषद?1
- उमरिया जिले के पिपरिया और बिलाईकाप ग्राम पंचायत के ग्रामीणों ने SECL पिपरिया भूमिगत खदान में जारी ब्लास्टिंग और पिलर कटाई पर गंभीर चिंता जताते हुए कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा है। ग्रामीणों का आरोप है कि खदान प्रबंधन सुरक्षा मानकों की अनदेखी कर तकनीकी आंकड़ों में हेरफेर कर रहा है, जिससे हजारों लोगों की जान और संपत्ति खतरे में पड़ गई है। ग्रामीणों का कहना है कि SECL द्वारा सिस्मोग्राफ रीडिंग मात्र 0.875 mm/s दिखाई जाती है, जबकि वास्तविकता में ब्लास्टिंग के दौरान घरों की दीवारें हिलती हैं और बर्तन तक खड़खड़ाने लगते हैं। उनका आरोप है कि कंपन मापने वाली मशीन को आबादी से दूर स्थापित कर भ्रामक रिपोर्ट तैयार की जा रही है। लगभग 35 वर्ष पुरानी इस भूमिगत खदान में महज 60 मीटर की उथली गहराई पर मुख्य पिलरों की कटाई की जा रही है, जो वैज्ञानिक दृष्टि से जोखिमपूर्ण है। बारिश के मौसम में दरारों में पानी रिसने से कमजोर पिलर और चट्टानें और कमजोर हो रही हैं, जिससे जमीन धंसने की आशंका बनी हुई है। ग्रामीणों ने अनूपपुर जिले के मलगा गांव में हुई जमीन धंसने की घटना का भी उल्लेख किया और बताया कि लगातार विस्फोटों से क्षेत्र का भूजल स्तर प्रभावित हुआ है तथा कई हैंडपंप सूख गए हैं। ग्रामीणों ने कलेक्टर से मांग की है कि ब्लास्टिंग एवं पिलर कटाई पर तत्काल अंतरिम रोक लगाई जाए, गांव की चारों दिशाओं में स्वतंत्र वाइब्रेशन मीटर स्थापित किए जाएं और प्रत्येक ब्लास्टिंग से पहले पंचायत को लिखित सूचना व सायरन से अलर्ट किया जाए। इसके अलावा प्रभावित मकानों का निष्पक्ष सर्वे कराकर उचित मुआवजा देने तथा वैध DGMS डी-पिलरिंग अनुमति पत्र सार्वजनिक करने की मांग की गई है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई, तो किसी भी बड़े हादसे की पूरी जिम्मेदारी संबंधित विभाग और खदान प्रबंधन की होगी।1
- Post by BJMP जिला अध्यक्ष सतना भूपेंद्1
- मध्य प्रदेश के मैहर में जिला कांग्रेस कमेटी के तत्वावधान में दिल्ली में छात्रों पर हुए बर्बरतापूर्ण बल प्रयोग और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष आदरणीय श्री राहुल गांधी जी के साथ किए गए बल प्रयोग के विरोध में एसडीएम महोदया को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा गया है। इसके अलावा बढ़ती महंगाई, युवाओं के रोजगार, लगातार हो रहे पेपर लीक, बदहाल शिक्षा व्यवस्था और किसानों के साथ हो रहे अन्याय को लेकर भी कांग्रेस ने पुरजोर विरोध दर्ज कराया है। ज्ञापन में कहा गया है कि दिल्ली में अपने अधिकारों और भविष्य की सुरक्षा की मांग कर रहे छात्रों पर जिस तरह बर्बरतापूर्ण लाठीचार्ज और बल प्रयोग किया गया, वह लोकतंत्र की भावना के पूरी तरह विपरीत है। वहीं, छात्रों के समर्थन में पहुंचे नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी जी के साथ किया गया बल प्रयोग भी अत्यंत निंदनीय है। आज देश का युवा रोजगार के गंभीर संकट से जूझ रहा है और प्रतियोगी परीक्षाओं में बार-बार हो रहे पेपर लीक से लाखों युवाओं का भविष्य अंधकारमय हो रहा है। इसके साथ ही बदहाल शिक्षा व्यवस्था विद्यार्थियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही है, जबकि युवाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया उपलब्ध कराना सरकार की जिम्मेदारी है। बढ़ती महंगाई ने आम जनता का जीवन कठिन बना दिया है और किसान अपनी उपज के उचित मूल्य, खाद-बीज, सिंचाई तथा अन्य आवश्यक सुविधाओं के लिए आज भी संघर्ष कर रहे हैं। कांग्रेस ने एसडीएम से अनुरोध किया है कि इस ज्ञापन को राष्ट्रपति और भारत सरकार तक प्रेषित कर जल्द से जल्द आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।1
- Post by खबर हम देंगे चित्रकूट न्यूज़1
- उमरिया जिले में पिछले 24 घंटे के दौरान औसतन 24.3 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई है। अधीक्षक भू अभिलेख द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, तहसीलवार आंकड़ों में बांधवगढ़ तहसील में 35.2 मिमी, मानपुर तहसील में 27.6 मिमी, पाली तहसील में 11.4 मिमी, नौरोजाबाद तहसील में 8.2 मिमी, चंदिया में 35.4 मिमी, करकेली तहसील में 28.6 मिमी और बिलासपुर तहसील में 24 मिमी वर्षा दर्ज हुई है। चालू मानसून सीजन में 1 जून से 23 जुलाई तक जिले में कुल 362 मिमी वर्षा दर्ज की गई है। इसमें बांधवगढ़ तहसील में 500.6 मिमी, करकेली तहसील में 444 मिमी, पाली तहसील में 390.8 मिमी, नौरोजाबाद तहसील में 377.4 मिमी, बिलासपुर तहसील में 288.7 मिमी, चंदिया तहसील में 278.2 मिमी और मानपुर तहसील में 255.1 मिमी वर्षा शामिल है। वहीं गत वर्ष इसी अवधि तक जिले में 690.2 मिमी वर्षा दर्ज की गई थी, जिसमें बिलासपुर तहसील में 816.6 मिमी, चंदिया तहसील में 800.1 मिमी, मानपुर तहसील में 703.5 मिमी, करकेली तहसील में 629.1 मिमी, पाली तहसील में 627.5 मिमी, बांधवगढ़ तहसील में 625.8 मिमी और नौरोजाबाद तहसील में 621.8 मिमी वर्षा दर्ज हुई थी।1
- मध्य प्रदेश के मैहर जिला स्थित जनपद पंचायत क्षेत्र की ग्राम पंचायत सोनवारी में ग्रामीण अपनी जान जोखिम में डालकर उफनते नाले को पार करने को मजबूर हैं। विकास के बड़े-बड़े दावों के बीच इस गांव के लोगों को आज भी एक पुलिया जैसी बुनियादी सुविधा के लिए सालों से संघर्ष करना पड़ रहा है। पुलिया निर्माण को लेकर पिछले 4 वर्षों से ग्राम पंचायत, जिला कलेक्टर और अल्ट्राटेक कंपनी के सीएसआर (CSR) विभाग से लगातार मांग की जा रही है। ग्रामीणों द्वारा कई आवेदन और ज्ञापन देने के बावजूद आज तक इस समस्या का समाधान नहीं हो सका। बरसात शुरू होते ही महिलाओं, बुजुर्गों, किसानों और स्कूली बच्चों की परेशानी कई गुना बढ़ जाती है। उफनते नाले को पार करते समय ग्रामीणों के मन में यही सवाल उठता है कि क्या किसी बड़ी दुर्घटना के बाद ही प्रशासन और जिम्मेदार विभाग जागेंगे। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन, जनप्रतिनिधियों और अल्ट्राटेक कंपनी के सीएसआर विभाग से मांग की है कि ग्राम पंचायत सोनवारी में तत्काल पुलिया निर्माण की स्वीकृति देकर काम शुरू कराया जाए, ताकि लोगों की मजबूरी समाप्त हो सके।1