आमाडाड खदान में ‘लोडिंग वसूली’ का खेल! ट्रांसपोर्टरों की मनमानी से वाहन मालिक परेशान* *कांटाघर से लोडिंग पॉइंट तक अवैध उगाही का आरोप, कोयला परिवहन व्यवस्था पर उठे सवाल* * मृगेन्द्र सिंह अनूपपुर। एसईसीएल क्षेत्र जमुना-कोतमा अंतर्गत आमाडाड खदान में कोयला लोडिंग के नाम पर बड़े पैमाने पर अवैध वसूली और अनियमितताओं के गंभीर आरोप सामने आए हैं। वाहन मालिकों और चालकों का कहना है कि बूम बैरियर, कांटाघर और लोडिंग पॉइंट तक हर जगह “मैनेज” के नाम पर पैसों की मांग की जाती है, जिससे उनकी आर्थिक कमर टूटती जा रही है। सूत्रों के अनुसार, खदान क्षेत्र में ट्रांसपोर्ट कंपनियों द्वारा अपने कथित लोगों को तैनात कर वाहनों से 35 सौ से 4 हजार रुपये तक की अवैध वसूली की जाती है। आरोप है कि बिना पैसे दिए कई बार वाहनों को लोडिंग नहीं दी जाती और विरोध करने वाले वाहन मालिकों को घंटों लाइन में खड़ा रखकर प्रताड़ित किया जाता है। नाम न छापने की शर्त पर एक वाहन मालिक ने बताया कि केवल आमाडाड ही नहीं, बल्कि रामनगर-हल्दीबाड़ी, बहेराबांध और कोरजा क्षेत्र में भी लंबे समय से इसी प्रकार का खेल चल रहा है। उनका कहना है कि डीजल की बढ़ती कीमतों और लगातार घटते भाड़े के बीच यह अवैध उगाही वाहन मालिकों के लिए भारी संकट बन चुकी है। *लोडिंग के नाम पर ‘मैनेजमेंट’ का पूरा खेल?* वाहन चालकों का आरोप है कि खदानों में कोयला लोडिंग के दौरान कई प्रकार की अनियमितताएं की जाती हैं। आरोप है कि ट्रांसपोर्टरों और कथित सिंडिकेट के माध्यम से कालरी को आर्थिक नुकसान पहुंचाते हुए कुछ ठेकेदारों को विशेष लाभ पहुंचाया जाता है। सूत्र बताते हैं कि लोडिंग के दौरान कोयले की गुणवत्ता और ग्रेडिंग में भी खेल किए जाने की चर्चा है। वाहन चालकों का आरोप है कि कई बार बेहतर गुणवत्ता वाले कोयले को अलग तरीके से मैनेज कर ठेकेदारों तक पहुंचाया जाता है, जबकि रिकॉर्ड में अलग जानकारी दर्ज की जाती है। *“स्टीम कोयला” और “छटाई खेल” की चर्चा से बढ़े सवाल* क्षेत्र में यह भी चर्चा है कि लोडिंग प्रक्रिया के दौरान कोयले की श्रेणी और वजन को लेकर बड़े स्तर पर हेरफेर किया जाता है। वाहन मालिकों का आरोप है कि कुछ मामलों में बेहतर गुणवत्ता वाले कोयले को दूसरे नामों से भेजा जाता है, जबकि कांटाघर में वजन और एंट्री को लेकर भी “मैनेजमेंट” किया जाता है। सूत्रों के मुताबिक, इस पूरे खेल में “छाती” यानी अतिरिक्त लोडिंग और वजन के अंतर का भी खेल चलता है, जिससे एक तरफ कालरी को नुकसान पहुंचता है तो दूसरी तरफ कुछ लोगों को आर्थिक लाभ मिलता है। हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है, लेकिन लगातार उठ रहे सवालों ने पूरे कोयला परिवहन तंत्र को कटघरे में खड़ा कर दिया है। वाहन चालकों ने आरोप लगाया है कि आमाडाड में पदस्थ लोडिंग इंस्पेक्टर राजेश सिंह अपने अधीनस्थ कर्मचारियों और खदान प्रबंधन के कुछ लोगों के साथ मिलकर वाहन चालकों पर दबाव बनाते हैं। आरोप यह भी है कि इस कथित अवैध वसूली की रकम में कई स्तरों तक हिस्सेदारी तय रहती है, जिसके चलते पूरा तंत्र मौन बना हुआ है। *पहले भी हो चुके आंदोलन, फिर भी नहीं रुकी उगाही* स्थानीय ट्रक एसोसिएशन द्वारा खदानों में चल रही अवैध वसूली को लेकर पहले भी कई बार आंदोलन किया जा चुका है। बताया जा रहा है कि समझौते और आश्वासन के बावजूद उगाही का सिलसिला लगातार जारी है। इससे वाहन मालिकों और चालकों में भारी आक्रोश व्याप्त है। वाहन मालिकों और चालकों ने कॉलरी प्रबंधन को चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि कोयला लोडिंग के नाम पर अवैध वसूली और कथित अनियमितताओं पर रोक नहीं लगी, तो जल्द ही विशाल आंदोलन किया जाएगा। उन्होंने साफ कहा कि आंदोलन की पूरी जिम्मेदारी कॉलरी प्रबंधक और संबंधित अधिकारियों की होगी। इनका कहना है। हम लोगों द्वारा कालरी क्षेत्र में कोयला लोडिंग पर चल रहे अवैध वसूली को लेकर कई बार अपने मालिकों से शिकायत की गई है लेकिन कालरी में मौजूद अधिकारियों के द्वारा लगातार अवैध वसूली की जा रही है कोयला लोडिंग के नाम पर अवैध वसूली बंद नहीं हुई तो हम सभी वाहन चालकों के द्वारा जल्द ही उग्र आंदोलन किया जाएगा। रामदीन पटेल वाहन चालक इनका कहना है। हमारे थाना क्षेत्र अंतर्गत संचालित खदानों में अगर कोयला लोडिंग के नाम पर अवैध पैसे की वसूली की जाती है तो जिस शख्स द्वारा पैसे लिए गए है उसकी शिकायत प्राप्त होने पर जांच कर उचित कार्यवाही की जाएगी। सुमित कौशिक थाना प्रभारी रामनगर
आमाडाड खदान में ‘लोडिंग वसूली’ का खेल! ट्रांसपोर्टरों की मनमानी से वाहन मालिक परेशान* *कांटाघर से लोडिंग पॉइंट तक अवैध उगाही का आरोप, कोयला परिवहन व्यवस्था पर उठे सवाल* * मृगेन्द्र सिंह अनूपपुर। एसईसीएल क्षेत्र जमुना-कोतमा अंतर्गत आमाडाड खदान में कोयला लोडिंग के नाम पर बड़े पैमाने पर अवैध वसूली और अनियमितताओं के गंभीर आरोप सामने आए हैं। वाहन मालिकों और चालकों का कहना है कि बूम बैरियर, कांटाघर और लोडिंग पॉइंट तक हर जगह “मैनेज” के नाम पर पैसों की मांग की जाती है, जिससे उनकी आर्थिक कमर टूटती जा रही है। सूत्रों के अनुसार, खदान क्षेत्र में ट्रांसपोर्ट कंपनियों द्वारा अपने कथित लोगों को तैनात कर वाहनों से 35 सौ से 4 हजार रुपये तक की अवैध वसूली की जाती है। आरोप है कि बिना पैसे दिए कई बार वाहनों को लोडिंग नहीं दी जाती और विरोध करने वाले वाहन मालिकों को घंटों लाइन में खड़ा रखकर प्रताड़ित किया जाता है। नाम न छापने की शर्त पर एक वाहन मालिक ने बताया कि केवल आमाडाड ही नहीं, बल्कि रामनगर-हल्दीबाड़ी, बहेराबांध और कोरजा क्षेत्र में भी लंबे समय से इसी प्रकार का खेल चल रहा है। उनका कहना है कि डीजल की बढ़ती कीमतों और लगातार घटते भाड़े के बीच यह अवैध उगाही वाहन मालिकों के लिए भारी संकट बन चुकी है। *लोडिंग के नाम पर ‘मैनेजमेंट’ का पूरा खेल?* वाहन चालकों का आरोप है कि खदानों में कोयला लोडिंग के दौरान कई प्रकार की अनियमितताएं की जाती हैं। आरोप है कि ट्रांसपोर्टरों और कथित सिंडिकेट के माध्यम से कालरी को आर्थिक नुकसान पहुंचाते हुए कुछ ठेकेदारों को विशेष लाभ पहुंचाया जाता है। सूत्र बताते हैं कि लोडिंग के दौरान कोयले की गुणवत्ता और ग्रेडिंग में भी खेल किए जाने की चर्चा है। वाहन चालकों का आरोप है कि कई बार बेहतर गुणवत्ता वाले कोयले को अलग तरीके से मैनेज कर ठेकेदारों तक पहुंचाया जाता है, जबकि रिकॉर्ड में अलग जानकारी दर्ज की जाती है। *“स्टीम कोयला” और “छटाई खेल” की चर्चा से बढ़े सवाल* क्षेत्र में यह भी चर्चा है कि लोडिंग प्रक्रिया के दौरान कोयले की श्रेणी और वजन को लेकर बड़े स्तर पर हेरफेर किया जाता है। वाहन मालिकों का आरोप है कि कुछ मामलों में बेहतर गुणवत्ता वाले कोयले को
दूसरे नामों से भेजा जाता है, जबकि कांटाघर में वजन और एंट्री को लेकर भी “मैनेजमेंट” किया जाता है। सूत्रों के मुताबिक, इस पूरे खेल में “छाती” यानी अतिरिक्त लोडिंग और वजन के अंतर का भी खेल चलता है, जिससे एक तरफ कालरी को नुकसान पहुंचता है तो दूसरी तरफ कुछ लोगों को आर्थिक लाभ मिलता है। हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है, लेकिन लगातार उठ रहे सवालों ने पूरे कोयला परिवहन तंत्र को कटघरे में खड़ा कर दिया है। वाहन चालकों ने आरोप लगाया है कि आमाडाड में पदस्थ लोडिंग इंस्पेक्टर राजेश सिंह अपने अधीनस्थ कर्मचारियों और खदान प्रबंधन के कुछ लोगों के साथ मिलकर वाहन चालकों पर दबाव बनाते हैं। आरोप यह भी है कि इस कथित अवैध वसूली की रकम में कई स्तरों तक हिस्सेदारी तय रहती है, जिसके चलते पूरा तंत्र मौन बना हुआ है। *पहले भी हो चुके आंदोलन, फिर भी नहीं रुकी उगाही* स्थानीय ट्रक एसोसिएशन द्वारा खदानों में चल रही अवैध वसूली को लेकर पहले भी कई बार आंदोलन किया जा चुका है। बताया जा रहा है कि समझौते और आश्वासन के बावजूद उगाही का सिलसिला लगातार जारी है। इससे वाहन मालिकों और चालकों में भारी आक्रोश व्याप्त है। वाहन मालिकों और चालकों ने कॉलरी प्रबंधन को चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि कोयला लोडिंग के नाम पर अवैध वसूली और कथित अनियमितताओं पर रोक नहीं लगी, तो जल्द ही विशाल आंदोलन किया जाएगा। उन्होंने साफ कहा कि आंदोलन की पूरी जिम्मेदारी कॉलरी प्रबंधक और संबंधित अधिकारियों की होगी। इनका कहना है। हम लोगों द्वारा कालरी क्षेत्र में कोयला लोडिंग पर चल रहे अवैध वसूली को लेकर कई बार अपने मालिकों से शिकायत की गई है लेकिन कालरी में मौजूद अधिकारियों के द्वारा लगातार अवैध वसूली की जा रही है कोयला लोडिंग के नाम पर अवैध वसूली बंद नहीं हुई तो हम सभी वाहन चालकों के द्वारा जल्द ही उग्र आंदोलन किया जाएगा। रामदीन पटेल वाहन चालक इनका कहना है। हमारे थाना क्षेत्र अंतर्गत संचालित खदानों में अगर कोयला लोडिंग के नाम पर अवैध पैसे की वसूली की जाती है तो जिस शख्स द्वारा पैसे लिए गए है उसकी शिकायत प्राप्त होने पर जांच कर उचित कार्यवाही की जाएगी। सुमित कौशिक थाना प्रभारी रामनगर
- मध्य प्रदेश के शहडोल नगर पालिका में आधी रात अधिकारियों और कर्मचारियों ने महत्वपूर्ण फाइलें चुरा लीं। इस मिडनाइट स्कैम से पूरे राज्य में हड़कंप है और बड़े खुलासे की आशंका जताई जा रही है।1
- अंबिकापुर..कामोदा रिजॉर्ट की अवैध कब्जा वाली जमीम पर प्रशासन का चला बुलडोजर1
- छत्तीसगढ़ के पेंड्रा में ‘ज्ञानभारतम’ अभियान के तहत 200 से 500 साल पुरानी दुर्लभ पांडुलिपियां मिली हैं। इनमें श्रीमद् भागवत गीता और जमींदारी वंशावली जैसे कई प्राचीन ग्रंथ शामिल हैं, जिन्हें कलेक्टर की उपस्थिति में डिजिटल रूप से संरक्षित किया गया। यह पहल अमूल्य ऐतिहासिक ज्ञान को भावी पीढ़ियों के लिए सुरक्षित रखेगी।4
- सूरजपुर में नई कलेक्टर रेना जमील की पहली प्रेस कॉन्फ्रेंस, विकास कार्यों और जनसमस्याओं के त्वरित निराकरण पर दिया जोर सूरजपुर जिले की नवपदस्थ कलेक्टर रेना जमील ने पदभार संभालने के बाद अपनी पहली प्रेस कॉन्फ्रेंस में प्रशासनिक प्राथमिकताओं को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता होगी। कलेक्टर रेना जमील ने साफ कहा कि आम जनता की समस्याओं का त्वरित समाधान, पारदर्शिता और विकास कार्यों की सतत मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को फील्ड में सक्रिय रहकर काम करने और जनता से सीधा संवाद बनाए रखने के निर्देश दिए। प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उन्होंने शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, पेयजल और राजस्व मामलों को प्राथमिकता में बताते हुए कहा कि जिले में लंबित मामलों के निराकरण के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा। साथ ही कानून व्यवस्था और शासकीय योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन पर भी जोर दिया। हाल ही में राज्य सरकार द्वारा जारी बड़े प्रशासनिक फेरबदल में रेना जमील को सूरजपुर जिले का नया कलेक्टर नियुक्त किया गया है।1
- Post by Manoj Gupta Driver4
- विवाहित को आत्महत्या के लिए उकसाने वाला आरोपी गिरफ्तार पुलिस ने भेजा जेल शहडोल (मध्य प्रदेश): सोहागपुर थाना पुलिस ने नवविवाहिता को मानसिक रूप से प्रताड़ित कर आत्महत्या के लिए मजबूर करने वाले आरोपी को गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त की है। आरोपी पर अपनी पत्नी को जाति के नाम पर प्रताड़ित करने और उसे दूसरी शादी की धमकी देने का आरोप है। क्या है पूरा मामला? पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, मृतिका संतोषी यादव (उम्र 22/23 वर्ष), निवासी ग्राम नवलपुर, की मृत्यु 15 अप्रैल 2026 को आग से जलने के कारण हुई थी। संतोषी पिछले तीन वर्षों से आरोपी राकेश बैगा के साथ पति-पत्नी के रूप में रह रही थी। घटना के बाद मेडिकल कॉलेज शहडोल से मिली तहरीर के आधार पर मर्ग कायम कर जांच शुरू की गई थी। जांच में हुआ खुलासा जांच के दौरान मृतिका की माता संजू यादव और बहन रानू यादव के बयानों से यह स्पष्ट हुआ कि राकेश बैगा, संतोषी को उसकी जाति को लेकर लगातार ताने देता था। वह उसे मानसिक रूप से परेशान करता था कि वह अपनी ही जाति की किसी अन्य महिला से शादी करेगा। इसी प्रताड़ना से तंग आकर संतोषी ने आत्मघाती कदम उठाते हुए खुद पर ज्वलनशील पदार्थ डालकर आग लगा ली थी। पुलिस कार्रवाई साक्ष्यों और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने आरोपी राकेश बैगा के खिलाफ धारा 108 बीएनएस (BNS) के तहत मामला दर्ज किया। 11 मई 2026 को थाना प्रभारी अरुण पाण्डेय के नेतृत्व में पुलिस टीम ने नवलपुर से आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया। इस सफल कार्रवाई में निरीक्षक अरुण पाण्डेय, सउनि. रामनारायण पाण्डेय और उनकी टीम की मुख्य भूमिका रही।2
- कलेक्ट्रेट कार्यालय के विराट सभागार में समयावधि पत्रों की समीक्षा बैठक हुई संपन्न अधिकारी कर्मचारी रहे मौजूद शहडोल नगर पालिका क्षेत्र अंतर्गत नगर की जयस्तंभ चौक स्थित कलेक्ट्रेट कार्यालय के विराट सभागार में सोमवार को समयावधि पत्रों की समीक्षा बैठक संपन्न हुई है,बैठक में जिले के कलेक्टर डॉक्टर केदार सिंह ने उपस्थित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि सीएम हेल्पलाइन की प्रकरणों का समय सीमा पर निराकरण करने की निर्देश दिए हैं,इस दौरान जिले के अधिकारी कर्मचारी मौजूद रहे हैं।1
- मध्यप्रदेश के अनूपपुर जिले के कोतमा में गाय के साथ हुई अमानवीय घटना से स्थानीय लोग आक्रोशित हो उठे हैं। बड़ी संख्या में युवा थाने पहुँचकर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग करते हुए ज्ञापन सौंपा।6