जिला स्तरीय पंच सम्मेलन में वीबी-जी-राम-जी योजना की दी गई विस्तृत जानकारी, ग्रामीण रोजगार और आत्मनिर्भर गांवों पर जोर जिला स्तरीय पंच सम्मेलन में वीबी-जी-राम-जी योजना की दी गई विस्तृत जानकारी, ग्रामीण रोजगार और आत्मनिर्भर गांवों पर जोर *👉दतिया // ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसरों को बढ़ाने, ग्रामीण परिवारों की आजीविका को मजबूत करने तथा गांवों में स्थायी* विकास कार्यों को गति देने के उद्देश्य से विकसित भारत-गारंटी *फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) (वीबी-जी-राम-जी) के अंतर्गत मंगलवार को जिला पंचायत दतिया में जिला स्तरीय पंच सम्मेलन* आयोजित किया गया,सम्मेलन में जिले की ग्राम पंचायतों के *पंचों, सरपंचों, *जिला एवं जनपद पंचायत सदस्यों सहित अन्य जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने भाग* लिया कार्यक्रम में *सेवढ़ा विधायक प्रदीप अग्रवाल, करैरा विधायक रमेश खटीक, दतिया विधायक घनश्याम सिंह, अपर कलेक्टर एवं प्रभारी सीईओ जिला पंचायत भूपेन्द्र सिंह कुशवाह* सहित जनपद पंचायत एवं जिला पंचायत सदस्य, सरपंच, पंच तथा संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। *ग्रामीण रोजगार के साथ स्थायी विकास पर रहेगा फोकस,सम्मेलन में जनप्रतिनिधियों को वीबी-जी-राम-जी योजना के उद्देश्यों, प्रावधानों और* ग्राम पंचायतों की भूमिका के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। अधिकारियों ने बताया कि *योजना का उद्देश्य केवल ग्रामीण परिवारों को रोजगार उपलब्ध कराना नहीं है, बल्कि रोजगार के माध्यम से गांवों में ऐसी स्थायी* परिसंपत्तियों और आधारभूत सुविधाओं का निर्माण करना भी है, जिनका लाभ ग्रामीणों को लंबे समय तक मिल सके। *योजना के अंतर्गत पात्र ग्रामीण परिवारों को एक वित्तीय वर्ष में 125 दिनों तक रोजगार की गारंटी दिए जाने का प्रावधान बताया* गया। इससे ग्रामीण परिवारों को स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे और रोजगार की तलाश में अन्य शहरों या *स्थानों पर पलायन की आवश्यकता को कम करने में मदद मिलेगी।ग्रामसभा की सहभागिता से तय होंगे विकास कार्य* सम्मेलन में बताया गया कि योजना के तहत होने वाले कार्यों के चयन में ग्राम पंचायत *और ग्रामसभा की महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी। गांव की वास्तविक जरूरतों को ध्यान में रखते हुए विकास कार्यों का चयन किया जाएगा।इसमें जल* संरक्षण एवं संवर्धन, ग्रामीण अधोसंरचना, आजीविका से जुड़े कार्य, *प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण तथा ग्रामीण क्षेत्रों की आवश्यकताओं के अनुरूप अन्य विकास कार्यों को प्राथमिकता देने पर जोर दिया गया।अधिकारियों* ने कहा कि यदि गांव की जरूरत के अनुसार कार्यों का चयन किया जाता है तो इससे एक ओर *ग्रामीणों को रोजगार मिलेगा, वहीं दूसरी ओर गांव की दीर्घकालिक समस्याओं का समाधान भी किया जा सकेगा।जल संरक्षण* के कार्यों से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगा लाभ,सम्मेलन में जल संरक्षण और *संवर्धन से जुड़े कार्यों को विशेष रूप से महत्वपूर्ण बताया गया। अधिकारियों ने कहा कि जल संरक्षण से भूजल स्तर में सुधार, कृषि गतिविधियों को* बढ़ावा और ग्रामीण आजीविका को मजबूत करने में सहायता मिलेगी।तालाबों, जल संरचनाओं *और अन्य प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण से गांवों में उपलब्ध जल संसाधनों का बेहतर उपयोग किया जा सकेगा* । इससे किसानों को भी लाभ मिलने की संभावना है और ग्रामीण *अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।विधायक प्रदीप अग्रवाल ने योजना को बताया महत्वपूर्ण सेवढ़ा विधायक प्रदीप अग्रवाल ने कहा कि ग्रामीण* विकास और रोजगार के क्षेत्र में वीबी-जी-राम-जी योजना महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। योजना के *माध्यम से ग्रामीण परिवारों को रोजगार की गारंटी मिलने के साथ ही गांवों में स्थायी परिसंपत्तियों और आवश्यक आधारभूत सुविधाओं का निर्माण* किया जाएगा।उन्होंने कहा कि स्थानीय स्तर पर रोजगार उपलब्ध *होने से ग्रामीण परिवारों को आर्थिक मजबूती मिलेगी। साथ ही गांव में ही रोजगार के अवसर मिलने से मजदूरों और ग्रामीण* परिवारों के पलायन को कम करने में भी मदद मिलेगी। *जनप्रतिनिधियों से ग्रामीणों को जागरूक करने का आह्वान सम्मेलन में पंचों और जनप्रतिनिधियों से कहा गया कि वे अपने-अपने* ग्रामों में योजना के प्रावधानों की जानकारी ग्रामीणों तक पहुंचाएं। *पात्र परिवारों को रोजगार के अवसरों का लाभ दिलाने में सहयोग करें और योजना के प्रभावी क्रियान्वयन में प्रशासन का सहयोग* करें।अधिकारियों ने पंचों को ग्रामीणों और प्रशासन के *बीच महत्वपूर्ण कड़ी बताते हुए कहा कि स्थानीय जनप्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी से योजना का लाभ अंतिम पात्र* व्यक्ति तक पहुंचाया जा सकता है।पारदर्शिता और *गुणवत्तापूर्ण कार्यों पर जोर सम्मेलन में योजना के अंतर्गत होने वाले कार्यों में पारदर्शिता, जवाबदेही और गुणवत्ता सुनिश्चित करने की* आवश्यकता पर भी जोर दिया गया। जनप्रतिनिधियों को समय पर *मजदूरी भुगतान सुनिश्चित कराने तथा योजना के कार्यों की नियमित निगरानी में सहयोग करने की बात कही गई।अधिकारियों* ने कहा कि योजना के कार्यों में गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखा जाए, ताकि *रोजगार उपलब्ध कराने के साथ-साथ निर्मित परिसंपत्तियां ग्रामीणों के लिए लंबे समय तक उपयोगी साबित हों।आत्मनिर्भर* गांवों की दिशा में महत्वपूर्ण कदम सम्मेलन में *इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि ग्राम पंचायतें केवल रोजगार उपलब्ध कराने वाले कार्यों तक सीमित न रहें, बल्कि ऐसे कार्यों को प्राथमिकता* दें जो गांव की दीर्घकालिक जरूरतों को पूरा कर सकें।ग्रामीण अधोसंरचना के विकास से *सड़क, जल, कृषि और अन्य आवश्यक सुविधाओं को बेहतर बनाने में सहायता मिलेगी। वहीं आजीविका से जुड़े कार्य ग्रामीण परिवारों की आय* बढ़ाने में सहायक होंगे। इस प्रकार योजना रोजगार सृजन के साथ गांवों को अधिक सक्षम, *विकसित और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।जनप्रतिनिधियों ने रखे सुझाव पंच सम्मेलन में उपस्थित जनप्रतिनिधियों* ने योजना से संबंधित विभिन्न बिंदुओं की जानकारी प्राप्त की और ग्रामीण क्षेत्रों में *इसके प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर अपने सुझाव भी रखे। उन्होंने स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप कार्यों के चयन* , रोजगार के अवसरों की उपलब्धता और विकास *कार्यों की निगरानी से जुड़े विषयों पर चर्चा की।अधिकारियों ने जनप्रतिनिधियों के सुझावों को महत्वपूर्ण बताते* हुए योजना के सफल क्रियान्वयन में सामूहिक सहभागिता की आवश्यकता बताई।ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने पर *रहेगा जोर,सम्मेलन में बताया गया कि वीबी-जी-राम-जी योजना का प्रभावी क्रियान्वयन ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत* करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है। रोजगार के अवसर बढ़ने से ग्रामीण परिवारों की आय में *वृद्धि होगी और गांवों में ही आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।वहीं विकास कार्यों के माध्यम से* गांवों में स्थायी परिसंपत्तियों और आधारभूत सुविधाओं का विस्तार होगा। इससे ग्रामीणों के जीवन *स्तर में सुधार लाने के साथ ही गांवों के समग्र विकास को गति* मिलने की उम्मीद है।पंचायतों की सक्रिय *भागीदारी जरूरी : अपर कलेक्टर,अपर कलेक्टर एवं प्रभारी सीईओ जिला पंचायत भूपेन्द्र सिंह कुशवाह ने कहा कि पंचायतों की सक्रिय भागीदारी, ग्रामसभा* की प्रभावी भूमिका और ग्रामीणों के *सहयोग से योजना को अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है। उन्होंने जनप्रतिनिधियों से योजना के उद्देश्यों को ग्रामीणों* तक पहुंचाने और पात्र परिवारों को इसका लाभ दिलाने में सक्रिय भूमिका निभाने का *आह्वान किया।उन्होंने कहा कि योजना के माध्यम से रोजगार सृजन के साथ-साथ गांवों की दीर्घकालिक आवश्यकताओं* को पूरा करने वाले कार्यों को प्राथमिकता दी *जानी चाहिए। इससे रोजगार और विकास दोनों को एक साथ गति मिलेगी।जिला स्तरीय पंच सम्मेलन के माध्यम से* जनप्रतिनिधियों को वीबी-जी-राम-जी योजना के प्रति जागरूक करने के साथ उन्हें ग्रामीण *रोजगार, विकास कार्यों और आजीविका संवर्धन में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित किया गया। सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य* ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार की उपलब्धता बढ़ाने के साथ विकसित, *सक्षम और आत्मनिर्भर गांवों के निर्माण की दिशा में पंचायतों की भूमिका को और मजबूत करना रहा।*
जिला स्तरीय पंच सम्मेलन में वीबी-जी-राम-जी योजना की दी गई विस्तृत जानकारी, ग्रामीण रोजगार और आत्मनिर्भर गांवों पर जोर जिला स्तरीय पंच सम्मेलन में वीबी-जी-राम-जी योजना की दी गई विस्तृत जानकारी, ग्रामीण रोजगार और आत्मनिर्भर गांवों पर जोर *👉दतिया // ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसरों को बढ़ाने, ग्रामीण परिवारों की आजीविका को मजबूत करने तथा गांवों में स्थायी* विकास कार्यों को गति देने के उद्देश्य से विकसित भारत-गारंटी *फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) (वीबी-जी-राम-जी) के अंतर्गत मंगलवार को जिला पंचायत दतिया में जिला स्तरीय पंच सम्मेलन* आयोजित किया गया,सम्मेलन में जिले की ग्राम पंचायतों के *पंचों, सरपंचों, *जिला एवं जनपद पंचायत सदस्यों सहित अन्य जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने भाग* लिया कार्यक्रम में *सेवढ़ा विधायक प्रदीप अग्रवाल, करैरा विधायक रमेश खटीक, दतिया विधायक घनश्याम सिंह, अपर कलेक्टर एवं प्रभारी सीईओ जिला पंचायत भूपेन्द्र सिंह कुशवाह* सहित जनपद पंचायत एवं जिला पंचायत सदस्य, सरपंच, पंच तथा संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। *ग्रामीण रोजगार के साथ स्थायी विकास पर रहेगा फोकस,सम्मेलन में जनप्रतिनिधियों को वीबी-जी-राम-जी योजना के उद्देश्यों, प्रावधानों और* ग्राम पंचायतों की भूमिका के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। अधिकारियों ने बताया कि *योजना का उद्देश्य केवल ग्रामीण परिवारों को रोजगार उपलब्ध कराना नहीं है, बल्कि रोजगार के माध्यम से गांवों में ऐसी स्थायी* परिसंपत्तियों और आधारभूत सुविधाओं का निर्माण करना भी है, जिनका लाभ ग्रामीणों को लंबे समय तक मिल सके। *योजना के अंतर्गत पात्र ग्रामीण परिवारों को एक वित्तीय वर्ष में 125 दिनों तक रोजगार की गारंटी दिए जाने का प्रावधान बताया* गया। इससे ग्रामीण परिवारों को स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे और रोजगार की तलाश में अन्य शहरों या *स्थानों पर पलायन की आवश्यकता को कम करने में मदद मिलेगी।ग्रामसभा की सहभागिता से तय होंगे विकास कार्य* सम्मेलन में बताया गया कि योजना के तहत होने वाले कार्यों के चयन में ग्राम पंचायत *और ग्रामसभा की महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी। गांव की वास्तविक जरूरतों को ध्यान में रखते हुए विकास कार्यों का चयन किया जाएगा।इसमें जल* संरक्षण एवं संवर्धन, ग्रामीण अधोसंरचना, आजीविका से जुड़े कार्य, *प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण तथा ग्रामीण क्षेत्रों की आवश्यकताओं के अनुरूप अन्य विकास कार्यों को प्राथमिकता देने पर जोर दिया गया।अधिकारियों* ने कहा कि यदि गांव की जरूरत के अनुसार कार्यों का चयन किया जाता है तो इससे एक ओर *ग्रामीणों को रोजगार मिलेगा, वहीं दूसरी ओर गांव की दीर्घकालिक समस्याओं का समाधान भी किया जा सकेगा।जल संरक्षण* के कार्यों से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगा लाभ,सम्मेलन में जल संरक्षण और *संवर्धन से जुड़े कार्यों को विशेष रूप से महत्वपूर्ण बताया गया। अधिकारियों ने कहा कि जल संरक्षण से भूजल स्तर में सुधार, कृषि गतिविधियों को* बढ़ावा और ग्रामीण आजीविका को मजबूत करने में सहायता मिलेगी।तालाबों, जल संरचनाओं *और अन्य प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण से गांवों में उपलब्ध जल संसाधनों का बेहतर उपयोग किया जा सकेगा* । इससे किसानों को भी लाभ मिलने की संभावना है और ग्रामीण *अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।विधायक प्रदीप अग्रवाल ने योजना को बताया महत्वपूर्ण सेवढ़ा विधायक प्रदीप अग्रवाल ने कहा कि ग्रामीण* विकास और रोजगार के क्षेत्र में वीबी-जी-राम-जी योजना महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। योजना के *माध्यम से ग्रामीण परिवारों को रोजगार की गारंटी मिलने के साथ ही गांवों में स्थायी परिसंपत्तियों और आवश्यक आधारभूत सुविधाओं का निर्माण* किया जाएगा।उन्होंने कहा कि स्थानीय स्तर पर रोजगार उपलब्ध *होने से ग्रामीण परिवारों को आर्थिक मजबूती मिलेगी। साथ ही गांव में ही रोजगार के अवसर मिलने से मजदूरों और ग्रामीण* परिवारों के पलायन को कम करने में भी मदद मिलेगी। *जनप्रतिनिधियों से ग्रामीणों को जागरूक करने का आह्वान सम्मेलन में पंचों और जनप्रतिनिधियों से कहा गया कि वे अपने-अपने* ग्रामों में योजना के प्रावधानों की जानकारी ग्रामीणों तक पहुंचाएं। *पात्र परिवारों को रोजगार के अवसरों का लाभ दिलाने में सहयोग करें और योजना के प्रभावी क्रियान्वयन में प्रशासन का सहयोग* करें।अधिकारियों ने पंचों को ग्रामीणों और प्रशासन के *बीच महत्वपूर्ण कड़ी बताते हुए कहा कि स्थानीय जनप्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी से योजना का लाभ अंतिम पात्र* व्यक्ति तक पहुंचाया जा सकता है।पारदर्शिता और *गुणवत्तापूर्ण कार्यों पर जोर सम्मेलन में योजना के अंतर्गत होने वाले कार्यों में पारदर्शिता, जवाबदेही और गुणवत्ता सुनिश्चित करने की* आवश्यकता पर भी जोर दिया गया। जनप्रतिनिधियों को समय पर *मजदूरी भुगतान सुनिश्चित कराने तथा योजना के कार्यों की नियमित निगरानी में सहयोग करने की बात कही गई।अधिकारियों* ने कहा कि योजना के कार्यों में गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखा जाए, ताकि *रोजगार उपलब्ध कराने के साथ-साथ निर्मित परिसंपत्तियां ग्रामीणों के लिए लंबे समय तक उपयोगी साबित हों।आत्मनिर्भर* गांवों की दिशा में महत्वपूर्ण कदम सम्मेलन में *इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि ग्राम पंचायतें केवल रोजगार उपलब्ध कराने वाले कार्यों तक सीमित न रहें, बल्कि ऐसे कार्यों को प्राथमिकता* दें जो गांव की दीर्घकालिक जरूरतों को पूरा कर सकें।ग्रामीण अधोसंरचना के विकास से *सड़क, जल, कृषि और अन्य आवश्यक सुविधाओं को बेहतर बनाने में सहायता मिलेगी। वहीं आजीविका से जुड़े कार्य ग्रामीण परिवारों की आय* बढ़ाने में सहायक होंगे। इस प्रकार योजना रोजगार सृजन के साथ गांवों को अधिक सक्षम, *विकसित और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।जनप्रतिनिधियों ने रखे सुझाव पंच सम्मेलन में उपस्थित जनप्रतिनिधियों* ने योजना से संबंधित विभिन्न बिंदुओं की जानकारी प्राप्त की और ग्रामीण क्षेत्रों में *इसके प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर अपने सुझाव भी रखे। उन्होंने स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप कार्यों के चयन* , रोजगार के अवसरों की उपलब्धता और विकास *कार्यों की निगरानी से जुड़े विषयों पर चर्चा की।अधिकारियों ने जनप्रतिनिधियों के सुझावों को महत्वपूर्ण बताते* हुए योजना के सफल क्रियान्वयन में सामूहिक सहभागिता की आवश्यकता बताई।ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने पर *रहेगा जोर,सम्मेलन में बताया गया कि वीबी-जी-राम-जी योजना का प्रभावी क्रियान्वयन ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत* करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है। रोजगार के अवसर बढ़ने से ग्रामीण परिवारों की आय में *वृद्धि होगी और गांवों में ही आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।वहीं विकास कार्यों के माध्यम से* गांवों में स्थायी परिसंपत्तियों और आधारभूत सुविधाओं का विस्तार होगा। इससे ग्रामीणों के जीवन *स्तर में सुधार लाने के साथ ही गांवों के समग्र विकास को गति* मिलने की उम्मीद है।पंचायतों की सक्रिय *भागीदारी जरूरी : अपर कलेक्टर,अपर कलेक्टर एवं प्रभारी सीईओ जिला पंचायत भूपेन्द्र सिंह कुशवाह ने कहा कि पंचायतों की सक्रिय भागीदारी, ग्रामसभा* की प्रभावी भूमिका और ग्रामीणों के *सहयोग से योजना को अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है। उन्होंने जनप्रतिनिधियों से योजना के उद्देश्यों को ग्रामीणों* तक पहुंचाने और पात्र परिवारों को इसका लाभ दिलाने में सक्रिय भूमिका निभाने का *आह्वान किया।उन्होंने कहा कि योजना के माध्यम से रोजगार सृजन के साथ-साथ गांवों की दीर्घकालिक आवश्यकताओं* को पूरा करने वाले कार्यों को प्राथमिकता दी *जानी चाहिए। इससे रोजगार और विकास दोनों को एक साथ गति मिलेगी।जिला स्तरीय पंच सम्मेलन के माध्यम से* जनप्रतिनिधियों को वीबी-जी-राम-जी योजना के प्रति जागरूक करने के साथ उन्हें ग्रामीण *रोजगार, विकास कार्यों और आजीविका संवर्धन में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित किया गया। सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य* ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार की उपलब्धता बढ़ाने के साथ विकसित, *सक्षम और आत्मनिर्भर गांवों के निर्माण की दिशा में पंचायतों की भूमिका को और मजबूत करना रहा।*
- इंदरगढ़ में बाजार में धर्म ज्वेलर्स एंड संस् का का सेवडाविधायक प्रदीप अग्रवाल ने किया उद्घाटन आज इंदरगढ़ नगर में में बाजार में सेवाड़ा विधायक श्री प्रदीप अग्रवाल ने धर्मा एंड संस ज्वेलर्स का फीता काटकर उद्घाटन किया दुकान के प्रोपराइटर विनोद कुशवाहा ने प्रदीप अग्रवाल आकाश अग्रवाल डल्लू यादव हर नारायण सेन राम ज्ञान शर्मा आदि लोगों को माला पहनकर स्वागत किया तिलक लगाकर आत्मीय स्वागत किया विधायक प्रदीप अग्रवाल ने नवीन प्रतिष्ठान का अवलोकन किया इसके उपरांत विनोद कुशवाहा ने सभी मेहमानों को जलपान कराकर सम्मान किया2
- इंदरगढ़ के नगर भांडेर रोड वार्ड नंबर 6 के पार्षद रवि चौरसिया के घर में भर पानी पार्षद के घर में पानी आमजन क्या करें इंदरगढ़ के नगर भांडेर रोड वार्ड नंबर 6 के पार्षद रवि चौरसिया के घर में भर पानी पार्षद के घर में पानी आमजन क्या करें नेताओं ने जे विकास किया है, देख लो! आज इस पार्षद के घर में भरा है पानी... काश नेताओं ने सिर्फ अपने लिए काम नहीं किया होता, तो आज इंदरगढ़ की ये हालत नहीं होती! नालियां जाम, नाले बंद, सड़कें तालाब... और विकास सिर्फ कागजों पर! जब पार्षद के घर का ये हाल है, तो आम जनता का क्या हाल होगा सोचो? नेताओं ने जय विकास किया है देख लो! ये किसी आम आदमी का नहीं, पार्षद जी के घर में भरा पानी है। काश नेताओं ने अपने लिए नहीं, जनता के लिए काम किया होता, तो आज इंदरगढ़ की ये हालत नहीं होती!"1
- डबरा नगर पालिका के बाहर पार्षदों का आंदोलन थमने का नाम नहीं ले रहा। तीन दिन के धरने के बाद अब भूख हड़ताल शुरू, पेयजल, सफाई और स्ट्रीट लाइट को लेकर उठाए सवाल। पार्षदों का साफ कहना—जनसमस्याओं का समाधान होने तक जारी रहेगा आंदोलन। अब देखना होगा नगर पालिका प्रशासन इस आंदोलन पर क्या कदम उठाता1
- नगर पालिका परिषद पर धरने पर बैठे पार्षदों का आज तीसरा दिन , पार्षद बैठे भूख हड़ताल पर डबरा (ग्वालियर) मध्य प्रदेश डबरा के नगर पालिका परिषद के गेट पर चल रहे पार्षदों के धरना प्रदर्शन के आज तीसरे दिन दो पार्षद महाराज सिंह राजोरिया और सुमित साहू बैठे भूख हड़ताल पर , पार्षदों का कहना है कि आज तीसरा दिन है कोई भी अधिकारी अभी तक नहीं आया है , और हम यहां से जब तक नहीं उठाएंगे जब तक हमारी मांगे पूरी नहीं हो जाती , और जो विकास कार्य रुके हुए हैं उनकी फाइलों पर साइन नहीं हो जाते ।3
- भूख हड़ताल हुई शुरू, पार्षद श्री राजोरिया एवं श्री साहू जी बैठे सोमबार से नगर पालिका भवन पर है धरना जारी, आज तीसरा दिन हुआ कोई भी प्रशासनिक अधिकारी नहीं आया1
- शादी के एक महीने महीने बाद रिश्ते में तूफान ! चाय-दूध में नींद की दवा देने का आरोप, घर में मिला कथित प्रेमी... प्रेमी ने भरी मांग !"1
- सीएम राइज विद्यालय में प्रार्थना के समय 11 वर्षीय बच्ची चक्कर खाकर हुई बेहोश सीएम राइज विद्यालय में प्रार्थना के समय 11 वर्षीय बच्ची चक्कर खाकर हुई बेहोश प्राचार्य के निर्देशन में कराया अस्पताल में भर्ती भांडेर नगर के सीएम राइज विद्यालय में कक्षा 6 में पढ़ने वाली भारती केवट पिता सुरेश केवट 10:30 पर पड़ने पहुंची, प्रार्थना के समय अचानक उसको तेज चक्कर आने से वह बेहोश हो गई,बेहोश हो जाने के कारण विद्यालय परिसर में हड़कंप मच गया तुरंत ही प्राचार्य भीष्म देव श्रीवास्तव के निर्देशन में भांडेर सामुदायिक अस्पताल में भर्ती कराया गया वहीं बेहतर इलाज के लिए डॉक्टरों की टीम के द्वारा उसका इलाज किया जा रहा इसी दौरान प्राचार्य भीष्म देव श्रीवास्तव ने जानकारी देते हुए बताया कि विद्यालय में दो बच्चियों को अचानक चक्कर आ जाते हैं हालांकि बीमारी की ओर संकेत किया गया उनका कहना है जब तक बच्चियों का स्वास्थ्य सही नहीं हो जाता तब तक उन्हें घर पर बेहतर सुविधाएं दी जाए और उनके स्वास्थ्य का ध्यान रखा जाए इसके बाद ही उन्हें विद्यालय में पढ़ने हेतु भेजा जाए।।1
- नगर परिषद खुदहुई बारिश की शिकार नगर परिषद खुद बनी तालाब स्वयं कर्मचारियों को बड़ी मुश्किल से नगर परिषद में प्रवेश मिला आज की बारिश में दूसरों की सुरक्षा सफाई व्यवस्था संभालने वाली नगर परिषद इंदरगढ़ खुद हुई सिस्टम का शिकार अब यह हैबताने की आवश्यकता नहीं की नाली और नालों की ब्लॉकेज की क्या स्थिति होगी नगर परिषद में भ्रष्टाचार चरम पर है चाहे पूरे ब्लॉक का काम हो सीआरसी का काम हो या नाला निर्माण का कार्य हो बगैर भ्रष्टाचार की भेंट चढ़े चले जा रहे हैं निर्माण कार्य अपनी आयु से पहले दम तोड़ देते हैं और गाना गया जाता है विकास का कैसा विकास किसका विकास किसी न किसी को तो यह जवाब दे ही तय करना होगी अब समय यह है कि लोगों को अपने प्रश्नों के जवाब खुद ढूंढने होंगे1