ग्वालियर में पुलिस कस्टडी से चकमा देकर फरार हुआ गुना का कुख्यात सीरियल किलर हनी दुबे आखिरकार पुलिस के हत्थे चढ़ गया है। हैरानी की बात यह है कि पुलिस जिसे पूरे शहर में तलाश रही थी, वह बहोड़ापुर थाने से महज 100 मीटर दूर एक बंद मकान के चौकीदार रूम में छिपकर पुलिस की ही गतिविधियों पर नजर रख रहा था। घटना के करीब चार घंटे बाद जैसे ही मकान का ताला खुलवाया गया, पुलिस ने घेराबंदी कर उसे दबोच लिया और कड़ी सुरक्षा के बीच दोबारा थाने लेकर आई। हनी दुबे अपनी मां के साथ मिलकर साल 2017 में तीन युवकों हेमंत मीणा, लोकेश लोधा और ऋतिक नामदेव की हत्या कर उनके शव जला देने के मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहा है। पैरोल खत्म होने के बाद वह केंद्रीय जेल ग्वालियर वापस नहीं लौटा था, जिसके बाद जेल प्रशासन की शिकायत पर गुरुवार को बहोड़ापुर थाना पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर उसे पकड़ा था। हालांकि, जब पुलिस एफआरवी वाहन से उसे केंद्रीय जेल ले जा रही थी, तब वह पुलिसकर्मियों को धक्का देकर मौके से भाग निकला था। उसके फरार होते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया और कई थानों का बल सीसीटीवी फुटेज खंगालने व इलाके की घेराबंदी में जुट गया था। फिलहाल पुलिस उससे पूछताछ कर रही है और उसे वापस केंद्रीय जेल ग्वालियर भेजा जाएगा। हनी दुबे की दोबारा गिरफ्तारी से पुलिस ने राहत की सांस जरूर ली है, लेकिन हिरासत से भागने और थाने के इतने पास ही छिपे रहने से पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
ग्वालियर में पुलिस कस्टडी से चकमा देकर फरार हुआ गुना का कुख्यात सीरियल किलर हनी दुबे आखिरकार पुलिस के हत्थे चढ़ गया है। हैरानी की बात यह है कि पुलिस जिसे पूरे शहर में तलाश रही थी, वह बहोड़ापुर थाने से महज 100 मीटर दूर एक बंद मकान के चौकीदार रूम में छिपकर पुलिस की ही गतिविधियों पर नजर रख रहा था। घटना के करीब चार घंटे बाद जैसे ही मकान का ताला खुलवाया गया, पुलिस ने घेराबंदी कर उसे दबोच लिया और कड़ी सुरक्षा के बीच दोबारा थाने लेकर आई। हनी दुबे अपनी मां के साथ मिलकर साल 2017 में तीन युवकों हेमंत मीणा, लोकेश लोधा और ऋतिक नामदेव की हत्या कर उनके शव जला देने के मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहा है। पैरोल खत्म होने के बाद वह केंद्रीय जेल ग्वालियर वापस नहीं लौटा था, जिसके बाद जेल प्रशासन की शिकायत पर गुरुवार को बहोड़ापुर थाना पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर उसे पकड़ा था। हालांकि, जब पुलिस एफआरवी वाहन से उसे केंद्रीय जेल ले जा रही थी, तब वह पुलिसकर्मियों को धक्का देकर मौके से भाग निकला था। उसके फरार होते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया और कई थानों का बल सीसीटीवी फुटेज खंगालने व इलाके की घेराबंदी में जुट गया था। फिलहाल पुलिस उससे पूछताछ कर रही है और उसे वापस केंद्रीय जेल ग्वालियर भेजा जाएगा। हनी दुबे की दोबारा गिरफ्तारी से पुलिस ने राहत की सांस जरूर ली है, लेकिन हिरासत से भागने और थाने के इतने पास ही छिपे रहने से पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
- मध्य प्रदेश के भिंड कलेक्ट्रेट में एसडीजे सर को एक प्रार्थना पत्र दिया गया है। पत्र सौंपने के साथ ही यह बात कही गई है कि आगे से इस तरह का काम बिल्कुल नहीं किया जाना चाहिए और पूरे मामले को ध्यान से सुना जाना चाहिए।1
- जंतर मंतर पर चल रहे छात्र आंदोलन के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का एक वीडियो संदेश सामने आया है।1
- कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा ने देशभर में पेपर लीक की घटनाओं और छात्रों पर हुए लाठीचार्ज के मुद्दे पर केंद्र सरकार को घेरते हुए मंत्रियों की जवाबदेही तय करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि पेपर लीक के कारण देश के लाखों युवाओं का भविष्य प्रभावित हुआ है, इसलिए केंद्रीय शिक्षा मंत्री को इसका जवाब देना चाहिए। इसके साथ ही छात्रों पर हुई लाठीचार्ज की कार्रवाई को लेकर केंद्रीय गृहमंत्री से जवाब मांगा गया है। प्रियंका गांधी ने कहा कि इतने गंभीर मामलों के सामने आने के बाद संबंधित मंत्रियों से जवाब मांगा जाना चाहिए था। यदि शिक्षा मंत्री और गृहमंत्री से जवाब नहीं लिया जाता है, तो इसकी जिम्मेदारी प्रधानमंत्री को खुद स्पष्ट करनी चाहिए। वहीं कांग्रेस ने आरोप लगाया कि सरकार देश के युवाओं के भविष्य और उनके अधिकारों को लेकर संवेदनशील नहीं है।1
- देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पेपर लीक के मुद्दे पर एक वीडियो संदेश जारी किया है।1
- दलीप नगर मढैयन तहसील चकर नगर इटावा उप्र1
- इटावा के बढ़पुरा विकासखंड स्थित प्राथमिक विद्यालय नगला बाबा और मानिकपुर बिशु में शिक्षा व्यवस्था की गंभीर लापरवाही सामने आई है। रिपब्लिक हिंदुस्तान न्यूज की टीम द्वारा किए गए निरीक्षण में पाया गया कि कई शिक्षक निर्धारित समय पर स्कूल नहीं पहुंचे। नगला बाबा प्राथमिक विद्यालय में एक शिक्षक सुबह 8:35 बजे पहुंचे, जबकि प्रधानाध्यापक सुशीला यादव लगभग 9:30 बजे विद्यालय पहुंचीं। निरीक्षण के दौरान मौजूद स्थानीय ग्रामीणों ने कड़ा विरोध जताते हुए आरोप लगाया कि शिक्षक अक्सर देर से आते हैं और कुछ समय रुककर मोबाइल फोन चलाने में व्यस्त रहते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि पढ़ाई पर ध्यान न दिए जाने से सरकारी स्कूलों में बच्चों का भविष्य प्रभावित हो रहा है। उन्होंने कहा कि जिनके पास आर्थिक संसाधन हैं, वे अपने बच्चों को निजी विद्यालयों में भेज रहे हैं, जबकि गरीब परिवारों के बच्चों का भविष्य सरकारी स्कूलों की लापरवाही की भेंट चढ़ रहा है, जिससे सरकारी विद्यालयों में बच्चों की संख्या लगातार कम हो रही है। इसके बाद मानिकपुर बिशु प्राथमिक विद्यालय के निरीक्षण में भी स्थिति संतोषजनक नहीं मिली, जहां देरी के संबंध में पूछे जाने पर प्रधानाध्यापक सुमन देवी ने कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया। इस पूरे मामले को लेकर स्थानीय लोगों में भारी नाराजगी है। ग्रामीणों ने शिक्षा विभाग से मांग की है कि ऐसे लापरवाह शिक्षकों और जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध तत्काल जांच कर कठोर कार्रवाई की जाए, ताकि सरकारी विद्यालयों में शिक्षा व्यवस्था में सुधार हो सके और बच्चों का भविष्य सुरक्षित रहे।2
- उत्तर प्रदेश के आगरा जनपद में वन्यजीव तस्करी के खिलाफ वन विभाग, स्थानीय पुलिस और Wildlife SOS के संयुक्त अभियान में बड़ी सफलता हासिल हुई है। थाना सैया क्षेत्र के तेहरा चौकी के पास आगरा-ग्वालियर रोड स्थित एक होटल में छापेमारी कर 10 तेंदुओं (पैंथर) की प्रतिबंधित खाल बरामद की गई है। इस कार्रवाई के दौरान अंतरराज्यीय तस्करी नेटवर्क से जुड़े चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जिसके बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। अधिकारियों के अनुसार, वन विभाग पिछले करीब तीन महीने से इस गिरोह की संदिग्ध गतिविधियों पर लगातार नजर बनाए हुए था। पुख्ता जानकारी मिलने के बाद टीम ने ग्राहक बनकर जाल बिछाया और जैसे ही तस्करों ने सौदे की प्रक्रिया शुरू की, मौके पर दबिश देकर उन्हें धर दबोचा। होटल के कमरे में रखे कई बैगों की तलाशी लेने पर तेंदुओं की यह खालें बरामद हुईं। प्रारंभिक जांच में पकड़े गए आरोपियों के तार हरियाणा, मध्य प्रदेश और मुरैना से जुड़े होने की पुष्टि हुई है। जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि यह गिरोह वन्यजीवों की खाल कहां से लाता था और देश के किन-किन राज्यों में इनकी आपूर्ति की जा रही थी। फिलहाल पुलिस और वन विभाग की टीम आरोपियों से पूछताछ कर रही है, जिससे वन्यजीव तस्करी के एक बड़े नेटवर्क के खुलासे की उम्मीद जताई जा रही है।2
- भिंड के लहर चुंगी पर सीजेपी (CJP) के विरोध प्रदर्शन का आयोजन किया जा रहा है। इस प्रदर्शन में शामिल होने के लिए लोगों से जुड़ने का खुला आह्वान किया गया है और कहा गया है कि जो भी इसमें शामिल होना चाहता है, वह आ सकता है।1