प्रयागराज शहर में डिवाइडर पर लगे स्ट्रीट लाइट के खंभे राहगीरों के लिए गंभीर खतरा बन गए हैं। कई जगहों पर इन खंभों के सर्विस चेंबर खुले पड़े हैं, जिनसे बिजली के तार बाहर झाँक रहे हैं। लोग रोजाना इसी डिवाइडर को पार कर आते-जाते हैं, जिससे उनकी जान को जोखिम है। आगामी बरसात के मौसम को देखते हुए यह खतरा कई गुना बढ़ जाएगा, क्योंकि पानी और नमी के संपर्क में आने से खुले तारों से करंट लगने की आशंका तीव्र हो जाएगी। इस स्थिति में जरा सी लापरवाही किसी की जान ले सकती है। `क्राइम एक्सपर्ट न्यूज़` के प्रधान संपादक रंजीत कुमार सोनकर ने प्रशासन पर सवाल उठाते हुए कहा है कि किसी भी हादसे की स्थिति में नगर निगम और जिला प्रशासन एक-दूसरे पर जिम्मेदारी डालते रहेंगे और इसका खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ेगा। उन्होंने प्रशासन से तत्काल संज्ञान लेने और सभी डिवाइडर के स्ट्रीट लाइट खंभों के खुले चेंबर पर ढक्कन लगवाने की मांग की है, यह कहते हुए कि रोकथाम अभी सस्ती पड़ेगी, जबकि बाद में मुआवजा महंगा साबित होगा।
प्रयागराज शहर में डिवाइडर पर लगे स्ट्रीट लाइट के खंभे राहगीरों के लिए गंभीर खतरा बन गए हैं। कई जगहों पर इन खंभों के सर्विस चेंबर खुले पड़े हैं, जिनसे बिजली के तार बाहर झाँक रहे हैं। लोग रोजाना इसी डिवाइडर को पार कर आते-जाते हैं, जिससे उनकी जान को जोखिम है। आगामी बरसात के मौसम को देखते हुए यह खतरा कई गुना बढ़ जाएगा, क्योंकि पानी और नमी के संपर्क में आने से खुले तारों से करंट लगने की आशंका तीव्र हो जाएगी। इस स्थिति में जरा सी लापरवाही किसी की जान ले सकती है। `क्राइम एक्सपर्ट न्यूज़` के प्रधान संपादक रंजीत कुमार सोनकर ने प्रशासन पर सवाल उठाते हुए कहा है कि किसी भी हादसे की स्थिति में नगर निगम और जिला प्रशासन एक-दूसरे पर जिम्मेदारी डालते रहेंगे और इसका खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ेगा। उन्होंने प्रशासन से तत्काल संज्ञान लेने और सभी डिवाइडर के स्ट्रीट लाइट खंभों के खुले चेंबर पर ढक्कन लगवाने की मांग की है, यह कहते हुए कि रोकथाम अभी सस्ती पड़ेगी, जबकि बाद में मुआवजा महंगा साबित होगा।
- कौशाम्बी में पुलिस अधीक्षक सत्यनारायण ने उत्तर प्रदेश आरक्षी नागरिक पुलिस एवं समकक्ष पदों पर सीधी भर्ती-2025 की लिखित परीक्षा को सकुशल, निष्पक्ष और पारदर्शी ढंग से संपन्न कराने के उद्देश्य से जनपद के विभिन्न परीक्षा केंद्रों का गहन निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने परीक्षा केंद्रों पर अभ्यर्थियों की प्रवेश व्यवस्था, सुरक्षा इंतज़ाम, सीसीटीवी कैमरों की कार्यशीलता, परीक्षा कक्षों की व्यवस्थाओं और अन्य आवश्यक सुविधाओं का जायजा लिया। पुलिस अधीक्षक ने केंद्र व्यवस्थापकों तथा ड्यूटी पर तैनात पुलिस अधिकारियों/कर्मचारियों को परीक्षा की शुचिता एवं गोपनीयता बनाए रखने के लिए ज़रूरी दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि परीक्षा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था सुदृढ़ रखी जाए और किसी भी अवांछनीय गतिविधि, नकल या व्यवधान की स्थिति में तत्काल प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। इसके साथ ही, अभ्यर्थियों को परीक्षा केंद्रों पर सुगम एवं व्यवस्थित वातावरण उपलब्ध कराने हेतु आवश्यक व्यवस्थाएं बनाए रखने का भी निर्देश दिया गया। जनपद पुलिस द्वारा इस परीक्षा को शांतिपूर्ण, निष्पक्ष एवं पारदर्शी तरीके से संपन्न कराने के लिए समुचित सुरक्षा प्रबंध किए गए हैं और सभी परीक्षा केंद्रों पर लगातार सतर्क दृष्टि रखी जा रही है।2
- विश्व खाद्य सुरक्षा दिवस के अवसर पर, प्रयागराज के ओलोपीबाग गुरुद्वारा संगत ने पाठ-सिमरन के उपरांत अन्न की बर्बादी को रोकने का दृढ़ संकल्प लिया। इस दौरान जोर देकर कहा गया कि भोजन की बर्बादी हमारे शास्त्रों और किसानों का अपमान है, और हर फेंका गया निवाला किसी भूखे के हक की रोटी है। गुरुद्वारा प्रधान परमजीत सिंह बग्गा ने इस पहल का नेतृत्व करते हुए कहा कि अन्न को सहेजना सीखना चाहिए, क्योंकि करोड़ों लोग रात को भूखे पेट सोने पर मजबूर होते हैं, जबकि हमारी लापरवाही से भोजन बर्बाद हो जाता है। उन्होंने थाली की मर्यादा को याद दिलाते हुए बचे हुए खाने का सही उपयोग करने को एक सकारात्मक पहल बताया, जो बेहद चिंताजनक स्थिति में सुधार ला सकती है। सुविख्यात समाजसेवी और भारतीय जनता पार्टी अल्पसंख्यक मोर्चा काशी क्षेत्र के क्षेत्रीय उपाध्यक्ष सरदार पतविंदर सिंह ने इस मुद्दे पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि लोग अक्सर प्लेट में ज़रूरत से ज़्यादा खाना लेते हैं और उसका मूल्य समझे बिना छोड़ देते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब हम खाना फेंकते हैं, तो हम उस किसान की मेहनत को अनदेखा करते हैं जिसने तपती धूप में खून-पसीना एक किया होता है, साथ ही सिंचाई में लगे पानी और थाली तक भोजन लाने में खर्च हुई ऊर्जा को भी बर्बाद करते हैं। इतना ही नहीं, यही खाना जब कचरे में सड़ता है, तो वह पर्यावरण को भी नुकसान पहुँचाता है। सरदार पतविंदर सिंह ने इसे केवल भोजन की बर्बादी नहीं, बल्कि किसान के पसीने का अपमान और अपने ही पेट का मजाक बताया। इस दृढ़ संकल्प को लेने वालों में परमजीत सिंह बग्गा, गुरुदीप सिंह सरना, सरदार पतविंदर सिंह, कुलदीप सिंह बग्गा, बलजीत सिंह, मनु सिंह चावल, हरमनजी सिंह, कुलदीप सिंह खालसा, लखविंदर सिंह, राजेंद्र सिंह ग्रोवर, परमिंदर सिंह बंटी, जसवीर सिंह, मनजीत सिंह खालसा, सुदर्शन सिंह, प्रेमजीत गुज़राल, जसवीर कौर, अंजु गुलज़ार, सरगम कौर, दलजीत कौर, गुरदीप सिंह रोमी, अगम सिंह, मनोहर सिंह जग्गी, जसविंदर सिंह नीटू और गुरबख्श सिंह सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।1
- शनिवार को फिट इंडिया अभियान के तहत प्रयागराज मंडल में 'संडे ऑन साइकिल' कार्यक्रम का आयोजन किया गया। मंडल रेल प्रबंधक रजनीश अग्रवाल के नेतृत्व में मंडल कार्यालय से केंद्रीय चिकित्सालय, उत्तर मध्य रेलवे तक एक साइकिल रैली निकाली गई। इस अवसर पर डीआरएम रजनीश अग्रवाल ने स्वास्थ्य को जीवन की सबसे मूल्यवान संपत्ति बताते हुए कहा कि स्वस्थ और सक्रिय जीवन के लिए नियमित व्यायाम आवश्यक है। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि साइकिल चलाना न केवल शारीरिक स्वास्थ्य में योगदान देता है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण के लिए भी महत्वपूर्ण है। रजनीश अग्रवाल ने साइकिल चलाने को एक सरल और सुलभ माध्यम बताया, जिसे दैनिक जीवन का हिस्सा बनाया जाना चाहिए।1
- प्रयागराज के ऐतिहासिक खुसरोबाग उद्यान में 7 जून को हर साल की तरह इस बार भी 'प्रयागराज की पहली आजादी महोत्सव' का भव्य आयोजन किया गया। यह महोत्सव 1857 की उस ऐतिहासिक घटना की याद में मनाया जाता है, जब प्रयागराज (तत्कालीन इलाहाबाद) अंग्रेजी हुकूमत से दस दिनों तक स्वतंत्र रहा था। भारत भाग्य विधाता संस्था द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में देश की आजादी के लिए अपने प्राणों की आहुति देने वाले अमर शहीदों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई। कार्यक्रम की अध्यक्षता और इसमें मुख्य अतिथि के रूप में प्रयागराज के जिलाधिकारी मनीष वर्मा शामिल हुए। उन्होंने अपने संबोधन में 1857 की क्रांति के वीर सपूतों के बलिदान और प्रयागराज के इस गौरवशाली इतिहास को याद किया। जिलाधिकारी ने कहा कि प्रयागराज की धरती क्रांतिकारियों की धरती रही है और 1857 में मिली 10 दिनों की वह आजादी देश के स्वाधीनता संग्राम का एक स्वर्णिम अध्याय है। इस अवसर पर शहर के तमाम प्रबुद्ध जन और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक मौजूद रहे, जिन्होंने पूरे उत्साह के साथ महोत्सव में हिस्सा लिया और शहीदों को नमन किया।1
- कौशाम्बी जिले के थाना सराय अकिल क्षेत्र में पुलिस अधीक्षक सत्यनारायण ने पैदल गश्त कर कानून-व्यवस्था और सुरक्षा व्यवस्था का गहन जायजा लिया। इस दौरान, उन्होंने बाजार, भीड़भाड़ वाले स्थानों, प्रमुख चौराहों और संवेदनशील क्षेत्रों का भ्रमण किया। पुलिस अधीक्षक ने स्थानीय नागरिकों, व्यापारियों और आमजन से सीधा संवाद स्थापित कर उनकी समस्याओं की जानकारी प्राप्त की और उन्हें सुरक्षा का पूर्ण भरोसा दिलाया। उन्होंने उपस्थित पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों को सख्त निर्देश दिए कि वे क्षेत्र में सतत भ्रमणशील रहें, संदिग्ध व्यक्तियों और वाहनों की सघन चेकिंग करें, अपराध एवं अपराधियों पर प्रभावी नियंत्रण बनाए रखें तथा आमजन के साथ सौहार्दपूर्ण व्यवहार करें। पुलिस अधीक्षक सत्यनारायण ने पुनः इस बात पर जोर दिया कि जनपद में शांति, सुरक्षा एवं कानून-व्यवस्था बनाए रखना पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने आमजन से भी अपील की कि किसी भी प्रकार की अवांछनीय गतिविधि अथवा संदिग्ध व्यक्ति की सूचना तत्काल पुलिस को उपलब्ध कराएं। इस पैदल गश्त में क्षेत्राधिकारी चायल श्री अभिषेक सिंह और थाना प्रभारी सराय अकिल सहित अन्य पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारी भी मौजूद रहे।1
- लखनऊ में दबंगों के हौसले बुलंद होने का एक मामला सामने आया है, जहाँ थाना चौक क्षेत्र के नख़ास चौकी अंतर्गत प्रकाश हाल के सामने फुटपाथ पर दुकान लगाने को लेकर खूनी संघर्ष हो गया। इस कहासुनी के बाद दबंगों ने कथित तौर पर मारपीट की और छुरी से हमला कर दिया, जिससे दो लोग चाकूबाजी में घायल हुए हैं। पीड़ितों में से एक ने थाना चौक पुलिस को इस संबंध में लिखित शिकायत दी है। हालांकि, पीड़ित का आरोप है कि पुलिस ने अभी तक इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं की है, जिसके कारण क्षेत्र में दबंगों की मनमानी बढ़ रही है और प्रशासन की ज़िम्मेदारी पर सवाल उठ रहे हैं।1