गुना जनपद पंचायत के पुरापोसर ग्राम पंचायत भवन में 'सबमिशन ऑन एग्रीकल्चर एक्सटेंशन (आत्मा)' योजना के तहत एक प्राकृतिक कृषि आधारित कृषक संगोष्ठी और कार्यशाला आयोजित की गई। विश्व पर्यावरण दिवस से अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के मध्य आयोजित कार्यक्रमों की श्रृंखला में, कलेक्टर श्री किशोर कुमार कन्याल ने किसानों से प्राकृतिक खेती अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने जोर देकर कहा कि गुना को ऐसा जिला बनाया जाना चाहिए जहाँ खेती पूरी तरह प्राकृतिक पद्धति पर आधारित हो, क्योंकि यह न केवल किसानों की लागत कम करती है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और मानव स्वास्थ्य के लिए भी अत्यंत लाभकारी है। कलेक्टर श्री कन्याल ने अमरूद की खेती का उदाहरण देते हुए बताया कि अमरूद पोषण के मामले में सेब से भी अधिक फायदेमंद है और उन्नत तकनीक से 800 ग्राम तक वजन वाला अमरूद उत्पादित किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष जिले में लगाए गए एक लाख अमरूद के पौधे यदि 10 लाख तक पहुँच जाएँ, तो किसानों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि हो सकती है। अमरूद का पौधा लगभग नौ माह में फल देना शुरू कर देता है और दो वर्ष बाद परिपक्व अवस्था में भरपूर उत्पादन देता है; इसकी औसत आयु लगभग 12 वर्ष होती है तथा इससे प्रति वर्ष लगभग आठ लाख रुपए तक की आय अर्जित की जा सकती है। कार्यक्रम में किसानों को अफीम, गांजा जैसी नशीली फसलों से दूर रहने और उनके स्थान पर फल, सब्जियां व अन्य उपयोगी कृषि उत्पादों की खेती अपनाने के लिए भी प्रेरित किया गया, ताकि वे अपनी आय बढ़ाने के साथ-साथ स्वस्थ समाज के निर्माण में भी योगदान दे सकें। कार्यक्रम के अंत में, उपस्थित कृषकों और कृषि सखियों ने प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने, पर्यावरण संरक्षण में योगदान देने तथा कृषि को अधिक लाभकारी और टिकाऊ बनाने का संकल्प लिया। इस दौरान कृषि सखियों ने अपने अनुभव साझा किए और प्राकृतिक खेती से हुए लाभों की जानकारी दी। कलेक्टर ने कृषि सखियों द्वारा लगाई गई प्रदर्शनी और उनके द्वारा बनाए गए उत्पादों का अवलोकन कर उनके प्रयासों की सराहना की। इस कार्यक्रम में कृषि उपसंचालक श्री संजीव शर्मा, उद्यानिकी विभाग के अधिकारियों सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित रहे, और बड़ी संख्या में कृषकों एवं कृषि सखियों ने इसमें सहभागिता की। इस अवसर पर प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (पीएम-किसान) योजना की 23वीं किस्त जारी किए जाने का सजीव प्रसारण भी किसानों को दिखाया गया। योजना के अंतर्गत, गुना जिले के 1,72,267 किसानों के खातों में कुल 34 करोड़ 45 लाख 34 हजार रुपये की राशि डीबीटी के माध्यम से सीधे अंतरित की गई।
गुना जनपद पंचायत के पुरापोसर ग्राम पंचायत भवन में 'सबमिशन ऑन एग्रीकल्चर एक्सटेंशन (आत्मा)' योजना के तहत एक प्राकृतिक कृषि आधारित कृषक संगोष्ठी और कार्यशाला आयोजित की गई। विश्व पर्यावरण दिवस से अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के मध्य आयोजित कार्यक्रमों की श्रृंखला में, कलेक्टर श्री किशोर कुमार कन्याल ने किसानों से प्राकृतिक खेती अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने जोर देकर कहा कि गुना को ऐसा जिला बनाया जाना चाहिए जहाँ खेती पूरी तरह प्राकृतिक पद्धति पर आधारित हो, क्योंकि यह न केवल किसानों की लागत कम करती है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और मानव स्वास्थ्य के लिए भी अत्यंत लाभकारी है। कलेक्टर श्री कन्याल ने अमरूद की खेती का उदाहरण देते हुए बताया कि अमरूद पोषण के मामले में सेब से भी अधिक फायदेमंद है और उन्नत तकनीक से 800 ग्राम तक वजन वाला अमरूद उत्पादित किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष जिले में लगाए गए एक लाख अमरूद के पौधे यदि 10 लाख तक पहुँच जाएँ, तो किसानों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि हो सकती है। अमरूद का पौधा लगभग नौ माह में फल देना शुरू कर देता है और दो वर्ष बाद परिपक्व अवस्था में भरपूर उत्पादन देता है; इसकी औसत आयु लगभग 12 वर्ष होती है तथा इससे प्रति वर्ष लगभग आठ लाख रुपए तक की आय अर्जित की जा सकती है। कार्यक्रम में किसानों को अफीम, गांजा जैसी नशीली फसलों से दूर रहने और उनके स्थान पर फल, सब्जियां व अन्य उपयोगी कृषि उत्पादों की खेती अपनाने के लिए भी प्रेरित किया गया, ताकि वे अपनी आय बढ़ाने के साथ-साथ स्वस्थ समाज के निर्माण में भी योगदान दे सकें। कार्यक्रम के अंत में, उपस्थित कृषकों और कृषि सखियों ने प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने, पर्यावरण संरक्षण में योगदान देने तथा कृषि को अधिक लाभकारी और टिकाऊ बनाने का संकल्प लिया। इस दौरान कृषि सखियों ने अपने अनुभव साझा किए और प्राकृतिक खेती से हुए लाभों की जानकारी दी। कलेक्टर ने कृषि सखियों द्वारा लगाई गई प्रदर्शनी और उनके द्वारा बनाए गए उत्पादों का अवलोकन कर उनके प्रयासों की सराहना की। इस कार्यक्रम में कृषि उपसंचालक श्री संजीव शर्मा, उद्यानिकी विभाग के अधिकारियों सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित रहे, और बड़ी संख्या में कृषकों एवं कृषि सखियों ने इसमें सहभागिता की। इस अवसर पर प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (पीएम-किसान) योजना की 23वीं किस्त जारी किए जाने का सजीव प्रसारण भी किसानों को दिखाया गया। योजना के अंतर्गत, गुना जिले के 1,72,267 किसानों के खातों में कुल 34 करोड़ 45 लाख 34 हजार रुपये की राशि डीबीटी के माध्यम से सीधे अंतरित की गई।
- अशोकनगर जिले में शुक्रवार सुबह एक बड़ा सड़क हादसा टल गया, जब भैंसों के झुंड को बचाने के प्रयास में एक यात्री बस सड़क से नीचे उतर गई। चालक की सूझबूझ और सतर्कता के कारण बस पलटने से बच गई, जिससे इसमें सवार 30 से 40 यात्री पूरी तरह सुरक्षित रहे और किसी प्रकार की जनहानि या गंभीर चोट नहीं हुई। यह घटना बरखेड़ा जमाल गांव के पास सुबह करीब 11 बजे की है। जानकारी के अनुसार, त्रिपति बस बंगला चौराहा से सिरोंज के लिए बमोरीशाला मार्ग से जा रही थी, तभी अचानक सड़क पर भैंसों का एक झुंड आ गया। पशुओं को बचाने के लिए चालक ने तुरंत बस मोड़ी, जिससे बस सड़क से नीचे उतर गई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, बस सड़क से नीचे उतरने के बाद थोड़ी दूर जाकर रुक गई और एक ओर झुक गई थी, लेकिन चालक ने वाहन पर नियंत्रण बनाए रखा, जिससे बस पलटी नहीं। इस घटना के चलते बस में सवार यात्रियों में कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया था। हालांकि, किसी भी यात्री को चोट नहीं आई और सभी सुरक्षित बस से बाहर निकल आए। सूचना मिलने पर स्थानीय ग्रामीण भी मौके पर पहुंचे और यात्रियों की मदद की।1
- समाज सेवक एवं जन सेवक अख्तर खान और उनके सहयोगी टीम द्वारा मुंगावली स्थित सिविल अस्पताल में भर्ती जरूरतमंद गरीब मरीजों को फल वितरित किए गए। यह सेवा कार्य उन मरीजों के लिए किया गया, जिन्हें इसकी आवश्यकता थी।1
- अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के उपलक्ष्य में छीपाबड़ौद के ब्लॉक खेल मैदान में आयोजित दो दिवसीय योग प्रशिक्षण कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हो गया है। इस कार्यक्रम के समापन के बाद, कस्बे में योग के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से एक भव्य जागरूकता रैली निकाली गई, जिसमें पूरा कस्बा “करें योग, रहें निरोग” जैसे नारों से गूंज उठा। रैली में बड़ी संख्या में प्रशिक्षार्थियों, विद्यार्थियों, योग साधकों, विभागीय अधिकारी-कर्मचारियों और गणमान्य नागरिकों ने सक्रिय भागीदारी की। यह रैली कस्बे के प्रमुख मार्गों से गुजरी, जहाँ प्रतिभागियों ने “योग अपनाएं, स्वस्थ जीवन पाएं” और “योग है जीवन का आधार” जैसे नारों के माध्यम से लोगों को योग का महत्वपूर्ण संदेश दिया। दो दिवसीय प्रशिक्षण के दौरान, आयुष मंत्रालय, भारत सरकार के योग प्रोटोकॉल के अनुसार, योग विशेषज्ञों ने विभिन्न योगासनों, प्राणायाम, ध्यान और योग के वैज्ञानिक लाभों की विस्तृत जानकारी प्रदान की। प्रशिक्षार्थियों ने इन आसनों का अभ्यास कर मुख्य कार्यक्रम 21 जून के लिए अपनी तैयारियाँ कीं। समापन समारोह में ब्लॉक योग नोडल अधिकारी डॉ. पवन मेघवाल ने जोर देते हुए कहा कि योग केवल शारीरिक स्वास्थ्य के लिए ही नहीं, बल्कि मानसिक एवं आध्यात्मिक विकास के लिए भी एक सशक्त माध्यम है। उन्होंने सभी नागरिकों से नियमित योगाभ्यास करने और आगामी 21 जून 2026 को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के कार्यक्रमों में सक्रिय रूप से भाग लेने का आह्वान किया। इस अवसर पर सहायक ब्लॉक योग नोडल अधिकारी डॉ. मधुसूदन मीणा, डॉ. पी.डी. शर्मा, योग क्रियान्वयन समिति सदस्य डॉ. गुलाब चंद मीणा सहित कई अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। इस रैली के माध्यम से आमजन को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने और योग को अपनी दैनिक दिनचर्या में शामिल करने के लिए प्रेरित किया गया।3
- योग के अभ्यास से व्यक्ति स्वस्थ वृद्धावस्था प्राप्त कर सकता है, जिससे शरीर और मन दोनों में पूर्ण लचीलापन आता है।1
- छीपाबड़ौद के खेल मैदान में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस से पूर्व दो दिवसीय योग प्रशिक्षण का आयोजन किया गया, जिसका समापन भव्य जागरूकता रैली के साथ हुआ। इस कार्यक्रम का मुख्य लक्ष्य अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के प्रति जन-जागरूकता को बढ़ाना था, जिसमें प्रशिक्षार्थियों, विद्यार्थियों, योग साधकों, विभागीय अधिकारी कर्मचारियों और गणमान्य नागरिकों ने बड़ी संख्या में हिस्सा लिया। प्रशिक्षण सत्र के दौरान, आयुष मंत्रालय, भारत सरकार के योग विशेषज्ञों ने योगा प्रोटोकॉल का अभ्यास कराते हुए विभिन्न योगासनों, प्राणायाम, ध्यान और योग के वैज्ञानिक लाभों के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान की। समापन समारोह में, ब्लॉक योग नोडल अधिकारी डॉ. पवन मेघवाल ने योग को न केवल शारीरिक स्वास्थ्य बल्कि मानसिक और आध्यात्मिक विकास का भी एक सशक्त माध्यम बताया। उन्होंने सभी नागरिकों से नियमित योगाभ्यास करने और विशेष रूप से 21 जून 2026 को होने वाले अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के कार्यक्रमों में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया। जागरूकता रैली के माध्यम से आमजन को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने और योग को अपनी दैनिक दिनचर्या में शामिल करने के लिए प्रेरित किया गया। इस अवसर पर सहायक ब्लॉक योग नोडल अधिकारी डॉ. मधुसूदन मीणा, डॉ. पी.डी. शर्मा और योग क्रियान्वयन समिति के सदस्य डॉ. गुलाब चंद मीणा भी मौजूद थे।1
- हरनावदाशाहजी के काल्पा जागीर में शुक्रवार को आयोजित ग्रामीण सेवा शिविर के दौरान, बरसत मजरा मालीपुरा गांव में राजस्व विभाग ने खसरा नंबर 431 पर बने आम रास्ते को अतिक्रमण मुक्त कराया। ग्रामीणों की लंबे समय से चली आ रही इस रास्ते को खोलने की मांग के बाद राज्य सरकार के निर्देशों के तहत यह कार्रवाई की गई। तहसीलदार सुरेंद्र सिंह गुर्जर के नेतृत्व में नायब तहसीलदार राधेश्याम लववंशी, कानूनगो सुरेंद्र शर्मा, मनमोहन सिंह मीणा, कैलाश चंद नामदेव, और पटवारी कपिल मालव सहित पुलिस जाब्ते की मौजूदगी में यह अभियान चलाया गया। राजस्व रिकॉर्ड और नक्शे के अनुसार मौके पर पैमाइश करके अवैध रूप से की गई बाड़बंदी, अवरोधों और अवैध कब्जों को जेसीबी की मदद से हटाया गया। इसी दौरान, एडीएम भंवरलाल जनागल ने शिविर का औचक निरीक्षण किया और कई विभागों के अधिकारियों के प्रति नाराजगी व्यक्त की। पीएचडी के सहायक अभियंता की अनुपस्थिति और उपस्थित कार्मिक द्वारा संतोषप्रद जानकारी न दिए जाने पर उन्होंने उपखंड अधिकारी को सहायक अभियंता के खिलाफ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। इसी तरह, विद्युत विभाग के कनिष्ठ अभियंता और लाइनमैन द्वारा शिविर की पूर्व तैयारी और जानकारी संतोषप्रद न मिलने पर उनके विरुद्ध भी नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए। एडीएम ने शिविर में उपस्थित सभी विभागों के अधिकारी-कर्मचारियों से आमजन को दिए गए लाभ और शिविर की प्रगति की जानकारी ली। इस मौके पर उपखंड अधिकारी अभिमन्यु सिंह कुंतल और तहसीलदार सुरेंद्र सिंह गुर्जर भी मौजूद रहे। शिविर में एक ही खाते की जमीन का दो महिला खातेदारों के बीच शांतिपूर्ण तरीके से बंटवारा भी करवाया गया।3
- अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की तैयारियों के तहत समेल में 'नाभि जतका प्रयोग' का आयोजन किया गया है।1
- समरानिया के नजदीकी खुशी यार के के और पहाड़ी के जिओ पेट्रोल के पास एक बहुत बड़ा हादसा हो गया। इस घटना में एक आर्टिगा गाड़ी डिवाइडर से जा टकराई, जिसके चलते गाड़ी के टायर अपनी जगह से निकल गए और उसका इंजन भी बाहर आ गया। हालांकि, इस हादसे में कोई बड़ी जनहानि नहीं हुई है और लोगों को मामूली चोटें आई हैं।1