AIMIM के राष्ट्रीय प्रवक्ता आदिल हसन ने कटिहार में आयोजित एक प्रेस वार्ता के दौरान बिहार सरकार पर सीमांचल क्षेत्र की उपेक्षा करने का आरोप लगाते हुए तीखा हमला बोला है। उन्होंने विकास, बिजली, बाढ़ नियंत्रण और उर्दू भाषा के मुद्दों पर सवाल उठाते हुए कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सरकार गठन के समय सीमांचल के साथ न्याय और विकास का वादा किया था, लेकिन छह माह बीत जाने के बाद भी क्षेत्र में कोई ठोस विकास कार्य दिखाई नहीं दे रहा है। आदिल हसन ने आरोप लगाया कि कटिहार, अररिया, पूर्णिया और किशनगंज जैसे जिले आज भी बुनियादी सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रहे हैं। उन्होंने बिजली संकट का मुद्दा उठाते हुए कहा कि जहां पटना में 23 से 24 घंटे बिजली उपलब्ध रहती है, वहीं कटिहार जिले के बलरामपुर, बारसोई, आजमनगर, सलमारी, प्राणपुर और मनिहारी समेत कई क्षेत्रों में बिजली का संकट बना हुआ है। इसके अतिरिक्त, उन्होंने संभावित बाढ़ से निपटने के लिए अब तक पर्याप्त तैयारी न होने पर भी चिंता व्यक्त की। उर्दू भाषा के मुद्दे पर सरकार की आलोचना करते हुए उन्होंने कहा कि हाल ही में घोषित 206 कॉलेजों की सूची में उर्दू को उचित स्थान नहीं दिया गया है, जबकि उर्दू किसी धर्म या जाति की नहीं, बल्कि भारत की साझा सांस्कृतिक विरासत और बिहार की दूसरी राजभाषा है। प्रेस वार्ता के दौरान, आदिल हसन ने कटिहार के सांसद तारिक अनवर पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जनता ने सांसद को वर्षों से समर्थन दिया, लेकिन जिले के ज्वलंत मुद्दों पर उनकी सक्रियता नहीं दिखती। उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन के लिए चचरी पुलों के सहारे चलने की समस्या का भी उल्लेख किया। इस कार्यक्रम में पूर्व विधानसभा प्रत्याशी आफताब आलम ने बताया कि प्राणपुर क्षेत्र में AIMIM को जनता का व्यापक समर्थन मिल रहा है, जबकि कंचन दास ने जोर देकर कहा कि AIMIM किसी एक समुदाय की नहीं, बल्कि सभी वर्गों को साथ लेकर चलने वाली पार्टी है। इस मौके पर पार्टी के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता भी मौजूद रहे।
AIMIM के राष्ट्रीय प्रवक्ता आदिल हसन ने कटिहार में आयोजित एक प्रेस वार्ता के दौरान बिहार सरकार पर सीमांचल क्षेत्र की उपेक्षा करने का आरोप लगाते हुए तीखा हमला बोला है। उन्होंने विकास, बिजली, बाढ़ नियंत्रण और उर्दू भाषा के मुद्दों पर सवाल उठाते हुए कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सरकार गठन के समय सीमांचल के साथ न्याय और विकास का वादा किया था, लेकिन छह माह बीत जाने के बाद भी क्षेत्र में कोई ठोस विकास कार्य दिखाई नहीं दे रहा है। आदिल हसन ने आरोप लगाया कि कटिहार, अररिया, पूर्णिया और किशनगंज जैसे जिले आज भी बुनियादी सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रहे हैं। उन्होंने बिजली संकट का
मुद्दा उठाते हुए कहा कि जहां पटना में 23 से 24 घंटे बिजली उपलब्ध रहती है, वहीं कटिहार जिले के बलरामपुर, बारसोई, आजमनगर, सलमारी, प्राणपुर और मनिहारी समेत कई क्षेत्रों में बिजली का संकट बना हुआ है। इसके अतिरिक्त, उन्होंने संभावित बाढ़ से निपटने के लिए अब तक पर्याप्त तैयारी न होने पर भी चिंता व्यक्त की। उर्दू भाषा के मुद्दे पर सरकार की आलोचना करते हुए उन्होंने कहा कि हाल ही में घोषित 206 कॉलेजों की सूची में उर्दू को उचित स्थान नहीं दिया गया है, जबकि उर्दू किसी धर्म या जाति की नहीं, बल्कि भारत की साझा सांस्कृतिक विरासत और बिहार की दूसरी राजभाषा है। प्रेस वार्ता के दौरान,
आदिल हसन ने कटिहार के सांसद तारिक अनवर पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जनता ने सांसद को वर्षों से समर्थन दिया, लेकिन जिले के ज्वलंत मुद्दों पर उनकी सक्रियता नहीं दिखती। उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन के लिए चचरी पुलों के सहारे चलने की समस्या का भी उल्लेख किया। इस कार्यक्रम में पूर्व विधानसभा प्रत्याशी आफताब आलम ने बताया कि प्राणपुर क्षेत्र में AIMIM को जनता का व्यापक समर्थन मिल रहा है, जबकि कंचन दास ने जोर देकर कहा कि AIMIM किसी एक समुदाय की नहीं, बल्कि सभी वर्गों को साथ लेकर चलने वाली पार्टी है। इस मौके पर पार्टी के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता भी मौजूद रहे।
- कटीहार जिले के कजली गांव के ग्रामीण पिछले पाँच वर्षों से एक जर्जर सड़क के सहारे अपना जीवन यापन करने को मजबूर हैं। गाँववालों का कहना है कि यह सड़क इतनी खराब हालत में है कि उनका दैनिक जीवन मुश्किलों से भरा है। इसी गंभीर स्थिति को देखते हुए, ग्रामीणों द्वारा अब इस महत्वपूर्ण सड़क की तत्काल मरम्मत की मांग जोर-शोर से उठाई गई है।1
- 😭झारखंड के बड़ा तालबोना गांव 🌳🏘️ में तुम लोग 🫣 सुधर जाओ 🙏तुम लोग 😱सिर्फ दूसरे 🕺को फॉलो 😭 करते हो मेरे चैनल को फॉलो 😱नहीं करते हो 😭 😭झारखंड के बड़ा तालबोना गांव 🌳🏘️ में तुम लोग 🫣 सुधर जाओ 🙏तुम लोग 😱सिर्फ दूसरे 🕺को फॉलो 😭 करते हो मेरे चैनल को फॉलो 😱नहीं करते हो 😭1
- प्रेस वार्ता में रौशन आनंद सर ने अपने भाई की मृत्यु के मामले में निष्पक्ष और पारदर्शी जांच की अपील करते हुए, इस पूरे मामले को सीबीआई को सौंपने की मांग की है। इसके अतिरिक्त, उन्होंने यह भी आग्रह किया कि सत्य को पूरी तरह से सामने लाने के लिए उनके भाई का पुनः पोस्टमॉर्टम कराया जाए।1
- पूर्णिया जिले के जलालगढ़ स्थित महर्षि मेंही वेदांत आश्रम, वार्ड संख्या-9 में रविवार को एक सत्संग कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान महर्षि मेंही के शिष्य गणेशानंद बाबा ने बड़ी संख्या में उपस्थित श्रद्धालुओं को ज्ञान, वैराग्य और भक्ति का महत्व समझाया। उन्होंने बताया कि ज्ञान दो प्रकार का होता है—परोक्ष और अपरोक्ष। परोक्ष ज्ञान वह है जो पढ़कर या सुनकर प्राप्त होता है, जबकि प्रत्यक्ष अनुभूति से मिलने वाला ज्ञान अपरोक्ष होता है। गणेशानंद बाबा ने वैराग्य को सांसारिक मोह-माया से ऊपर उठकर ईश्वर की ओर उन्मुख होने का मार्ग बताया। उन्होंने भक्ति की व्याख्या करते हुए कहा कि सच्ची सेवा, जिससे भगवान प्रसन्न हों, वही सच्ची भक्ति है, और उन्होंने नवधा भक्ति के विभिन्न स्वरूपों पर भी विस्तार से चर्चा की। इसी कार्यक्रम में राम बाबा (राम प्रसाद बाबा) ने भी सत्संग के महत्व पर प्रकाश डालते हुए गुरु, माता-पिता एवं बुजुर्गों के सम्मान का संदेश दिया। राम बाबा ने जोर दिया कि नियमित रूप से गुरु-साधना और सत्संग करने से मन को शांति, सुख और संतोष की प्राप्ति होती है। इस सत्संग में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने हिस्सा लिया और प्रवचनों का लाभ उठाया।1
- रोशन आनंद ने एक बड़ा और सनसनीखेज बयान जारी किया है, जिसमें उन्होंने सीधे तौर पर यह गंभीर आरोप लगाया है कि उनके भाई प्रिंस की हत्या फैजल खान (खान सर) और आरएस प्रसाद ने कराई है।1
- अपनी रिहाई के बाद, रौशन आनंद सर ने एक सनसनीखेज आरोप लगाते हुए दावा किया है कि उनके भाई प्रिंस की हत्या फैजल खान (खान सर) और किसान कोल्ड स्टोरेज के मालिक आरएस प्रसाद ने मिलकर करवाई है।1
- जेल से रिहा होते ही रौशन आनंद ने कथित तौर पर गुस्सा ज़ाहिर किया है। इस घटनाक्रम के बाद अब यह सवाल उठाया जा रहा है कि क्या इससे खान सर की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। इस मामले में जल्द ही एक बड़े खुलासे की बात कही जा रही है।1
- ईरान में फंसे भारतीय नाविक मदद की गुहार लगा रहे हैं, उनका दावा है कि केवल भारतीय नाविकों को ही निशाना बनाया जा रहा है। नाविकों ने आरोप लगाया है कि अमेरिका जानबूझकर ऐसे जहाजों पर हमले कर रहा है जिन पर भारतीय नागरिक मौजूद हैं। इसके साथ ही, उन्होंने यह भी कहा है कि नरेंद्र मोदी के 'compromised' होने की कीमत पूरा देश चुका रहा है।1