जयपुर में एक सनसनीखेज हत्याकांड का मामला सामने आया है, जिसमें एक 23 वर्षीय युवती को अपनी ही मां की हत्या की साजिश रचने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। प्रारंभिक जांच में जिस घटना को महज एक सड़क हादसा माना जा रहा था, वह गहन जांच के बाद एक सोची-समझी हत्या निकली। पुलिस के अनुसार, आरोपी बेटी ने कथित तौर पर 7 लाख रुपये की सुपारी देकर एक स्कॉर्पियो वाहन से अपनी मां को कुचलवा दिया था। इस अपराध को सड़क दुर्घटना का रूप देने की कोशिश की गई थी, ताकि सच को छिपाया जा सके। जांच एजेंसियों ने खुलासा किया है कि इस जघन्य हत्या के पीछे पारिवारिक संपत्ति पर कब्जा करने की मंशा और मां की मृत्यु के बाद अनुकंपा के आधार पर सरकारी नौकरी पाने का लालच मुख्य कारण था। पुलिस ने आरोपी बेटी के साथ ही इस षड्यंत्र में शामिल अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया है। इस पूरे मामले का पर्दाफाश सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी साक्ष्यों और आरोपियों से हुई पूछताछ के आधार पर हुआ है। फिलहाल मामले की विस्तृत जांच जारी है और अंतिम फैसला अदालत द्वारा लिया जाएगा।
जयपुर में एक सनसनीखेज हत्याकांड का मामला सामने आया है, जिसमें एक 23 वर्षीय युवती को अपनी ही मां की हत्या की साजिश रचने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। प्रारंभिक जांच में जिस घटना को महज एक सड़क हादसा माना जा रहा था, वह गहन जांच के बाद एक सोची-समझी हत्या निकली। पुलिस के अनुसार, आरोपी बेटी ने कथित तौर पर 7 लाख रुपये की सुपारी देकर एक स्कॉर्पियो वाहन से अपनी मां को कुचलवा दिया था। इस अपराध को सड़क दुर्घटना का रूप देने की कोशिश की गई थी, ताकि सच को छिपाया जा सके। जांच एजेंसियों ने खुलासा किया है कि इस जघन्य हत्या के पीछे पारिवारिक संपत्ति पर कब्जा करने की मंशा और मां की मृत्यु के बाद अनुकंपा के आधार पर सरकारी नौकरी पाने का लालच मुख्य कारण था। पुलिस ने आरोपी बेटी के साथ ही इस षड्यंत्र में शामिल अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया है। इस पूरे मामले का पर्दाफाश सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी साक्ष्यों और आरोपियों से हुई पूछताछ के आधार पर हुआ है। फिलहाल मामले की विस्तृत जांच जारी है और अंतिम फैसला अदालत द्वारा लिया जाएगा।
- देवास जिले की कन्नौद जनपद पंचायत के अंतर्गत ग्राम पंचायत थुरिया की उदासीनता के चलते स्थानीय निवासी गंभीर समस्याओं से जूझ रहे हैं। बस्ती में जल निकास की उचित व्यवस्था न होने के कारण ममता नगर में चारों ओर पानी भर गया है, जिससे वहां रहने वाले लोग खासे परेशान हैं। रहवासियों का कहना है कि नाली का पानी बस्ती में जमा होने से बीमारी फैलने का खतरा बना हुआ है, साथ ही विद्युत करंट फैलने का भी डर सता रहा है। सबसे ज्यादा चिंता स्कूली बच्चों को लेकर है, जिन्हें जलभराव के बीच से होकर गुजरना पड़ता है। गजानंद, संतोष, श्री पाल, प्रकाश, विष्णु और सीताराम सहित कई ग्रामीणों ने बताया कि उन्होंने इस समस्या के बारे में पंचायत को कई बार अवगत कराया है, लेकिन स्थिति अब भी जस की तस बनी हुई है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि पंचायती राज में केवल नेताओं और अफसरों के हित में काम हो रहे हैं, जबकि आम ग्रामीण केवल परेशानियों का सामना कर रहे हैं। उन्होंने सुझाव दिया कि पाइप डालकर नाला बनवा दिया जाए तो इस समस्या से निजात मिल सकती है। इस मामले पर प्रतिक्रिया के लिए जब कन्नौद जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी दीपक मुजाल्दे से संपर्क करने का प्रयास किया गया, तो उनका मोबाइल बंद था। वहीं, थुरिया ग्राम पंचायत के सचिव शिवराम पंचोली ने कहा कि उन्हें इस समस्या की जानकारी मीडिया के माध्यम से मिली है। उन्होंने बताया कि वह आज कुछ काम के सिलसिले में जनपद गए थे, लेकिन कल थुरिया जाकर स्थिति का मुआयना करेंगे और आवश्यक प्रबंध करेंगे।3
- भारतीय किसान यूनियन के नेतृत्व में मध्य प्रदेश के सिवनी मालवा में तहसील कार्यालय के सामने किसानों का अनिश्चितकालीन धरना जारी है। अपनी 100 प्रतिशत मूंग खरीदी और अन्य मांगों को लेकर अड़े किसान गुरुवार-शुक्रवार की दरम्यानी रात भी धरना स्थल पर ही डटे रहे। इस दौरान उन्होंने सड़कों पर डेरा डालकर लकड़ी और कंडों पर दाल-बाटी बनाकर सामूहिक भोजन किया। रात करीब 11 बजे भोजन करने के बाद भी किसान तहसील कार्यालय के सामने डटे रहे और सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अपने संकल्प को दोहराया। भारतीय किसान यूनियन के प्रदेश उपाध्यक्ष संतोष पटवारे ने स्पष्ट किया कि जब तक मांगें पूरी नहीं होंगी, तब तक आंदोलन खत्म नहीं किया जाएगा। किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया, तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा। किसानों की मुख्य मांगों में ग्रीष्मकालीन मूंग की शत-प्रतिशत सरकारी खरीद और खाद वितरण में लागू ई-टोकन व्यवस्था को समाप्त करना शामिल है। किसान अपनी मांगों पर अडिग हैं और तब तक धरने पर बैठने की बात कह रहे हैं जब तक शासन उनकी समस्याओं का समाधान नहीं करता।1
- देवास में राहुल गांधी की मंशा के अनुरूप चलाए जा रहे 'संगठन सृजन अभियान' के अंतर्गत कांग्रेस अल्पसंख्यक विभाग के नए जिला अध्यक्षों के चयन के लिए गंगा पैराडाइज होटल में एक रायशुमारी बैठक का आयोजन किया गया। यह बैठक अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी अल्पसंख्यक विभाग के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद इमरान प्रतापगढ़ी के निर्देशों और मध्य प्रदेश कांग्रेस अल्पसंख्यक विभाग के प्रभारी आबिद कागज़ी एवं सह-प्रभारी लियाकत अली गद्दी के मार्गदर्शन में संपन्न हुई। बैठक में शहर कांग्रेस अध्यक्ष प्रयास गौतम, पूर्व विधानसभा प्रत्याशी प्रदीप चौधरी, वरिष्ठ कांग्रेस नेता शौकत हुसैन, संगठन महासचिव जाहिद पठान, जितेंद्र गौड़, युवा कांग्रेस जिला अध्यक्ष किशोर चौहान, एनएसयूआई जिला अध्यक्ष श्रीकांत चौहान सहित अनेक ब्लॉक अध्यक्षों और वरिष्ठ कांग्रेसजनों ने भाग लिया। इस दौरान पिपलिया मंडी नगर परिषद के नेता प्रतिपक्ष सरफराज मेव और विधायक प्रतिनिधि विश्वास दुबे भी विशेष रूप से उपस्थित रहे। बैठक में आए दावेदारों के साथ वन-टू-वन चर्चा कर संगठन को मजबूत बनाने के सुझाव मांगे गए। देवास अल्पसंख्यक कांग्रेस के प्रभारी जाहिर पठान के मार्गदर्शन में हुई इस प्रक्रिया का उद्देश्य सक्रिय और समर्पित नेतृत्व का चयन करना है। बैठक में शहर से 5 से 6 तथा ग्रामीण क्षेत्र से 4 दावेदारों ने अपनी दावेदारी पेश की है। ग्रामीण जिला अध्यक्ष पद के लिए निजामुद्दीन (गोलू) काजी अपने सैकड़ों समर्थकों के साथ पहुंचे और उन्हें वरिष्ठ नेताओं, पूर्व मंत्री और पूर्व प्रत्याशियों का व्यापक समर्थन प्राप्त हुआ, जिससे वे इस पद के लिए प्रबल दावेदार बनकर उभरे हैं। वहीं, शहर अध्यक्ष पद को लेकर अभी भी कई दावेदार मैदान में हैं, जिससे उस पद पर अंतिम निर्णय की स्थिति स्पष्ट नहीं हो पाई है। अंत में सभी कार्यकर्ताओं ने बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत करने और कांग्रेस की विचारधारा को जन-जन तक पहुँचाने का संकल्प लिया।1
- मध्य प्रदेश के शाजापुर में करणी सेना की प्रदेश कार्यसमिति की बैठक संपन्न हुई। इस महत्वपूर्ण बैठक में संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री सुरजपाल अम्मुजी और मध्य प्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष योगेन्द्र सिह डोडिया मुख्य रूप से उपस्थित रहे।3
- देवास जिले की सोनकच्छ तहसील के अंतर्गत आने वाले हरनावदा देव गांव में भारी बारिश के चलते प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत बनी सड़क धंस गई है। सड़क के इस तरह धंसने से मार्ग की स्थिति खराब हो गई है, जिससे आवागमन प्रभावित हुआ है।1
- भोपाल में कलेक्ट्रेट कार्यालय में आयोजित दिशा की बैठक के दौरान उस समय हंगामा मच गया जब जनपद अध्यक्ष प्रमोद राजपूत और कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद व आतिफ अकील के बीच तीखी बहस हो गई। यह विवाद शहर के मास्टर प्लान को लेकर चर्चा के दौरान शुरू हुआ, जिसका वीडियो भी सामने आया है। इस दौरान जनपद अध्यक्ष प्रमोद राजपूत ने कांग्रेस विधायकों को 'औकात में रहने' की नसीहत देते हुए कहा कि वह राजपूत हैं और 'बदमाशी भी कर लेंगे व निपट लेंगे'। इस घटनाक्रम के बाद कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद और आतिफ अकील बैठक छोड़कर बाहर निकल आए। आरिफ मसूद ने इस व्यवहार को बदतमीजी और बेइज्जती करार देते हुए कहा कि इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने इस पूरे मामले को विधायकों का विशेषाधिकार हनन बताते हुए विधानसभा अध्यक्ष से इसकी शिकायत करने की बात कही है।1
- ऑपरेशन मुस्कान के तहत कन्नौद पुलिस ने एक नाबालिग बालिका को उसके अपहरण के 37 दिन बाद सकुशल बरामद कर परिजनों को सौंप दिया है। 1 मई 2026 को कन्नौद थाने में इस मामले में प्रकरण दर्ज किया गया था, जिसके बाद से ही बालिका लापता थी। थाना प्रभारी तहजीब काजी के नेतृत्व में पुलिस की एक विशेष टीम मुखबिरों से मिली सूचना और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर लगातार तलाश में जुटी हुई थी। जांच के दौरान पुलिस को सूचना मिली कि नाबालिग राजगढ़ जिले के ग्राम तलेन में मौजूद है। सूचना मिलते ही टीम ने कार्रवाई करते हुए 8 जुलाई 2026 को उसे वहां से ढूंढ निकाला और सुरक्षित वापस लाया गया। पुलिस के अनुसार, नाबालिग को बहला-फुसलाकर घर से दूर ले जाने वाले आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। अब पीड़िता के पुलिस और न्यायालय के समक्ष दर्ज कराए गए कथनों के आधार पर मामले में अग्रिम वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।1
- मध्य प्रदेश के दतिया में उपचुनाव के लिए डॉ. नरोत्तम मिश्रा का टिकट काटे जाने से समर्थकों में भारी आक्रोश है। इस निर्णय के विरोध में स्थानीय लोगों ने हाइवे जाम कर दिया है, जिसके कारण यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ है। विरोध प्रदर्शन का असर शहर की व्यवस्थाओं पर भी स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। डॉ. नरोत्तम मिश्रा का टिकट काटे जाने के विरोध में दतिया के पूरे बाजार बंद करवा दिए गए हैं।1
- भारतीय किसान यूनियन के नेतृत्व में गुरुवार दोपहर 3 बजे मध्य प्रदेश के सिवनी मालवा में ग्रीष्मकालीन मूंग की शत-प्रतिशत खरीदी सहित विभिन्न मांगों को लेकर किसानों ने एक विशाल ट्रैक्टर रैली निकाली। तवा कॉलोनी से शुरू हुई यह रैली तहसीलदार कार्यालय पहुँची, जहाँ किसानों ने मध्य प्रदेश शासन की प्रतीकात्मक शव यात्रा निकालकर सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की। इस दौरान मुख्यमंत्री मोहन यादव के विरोध में भी नारे लगाए गए, जिसमें किसानों का गुस्सा साफ दिखाई दिया। तहसील कार्यालय पहुँचने पर किसानों ने शव यात्रा के साथ कार्यालय के मुख्य द्वार पर धरना दिया, जहाँ भारतीय किसान यूनियन के पदाधिकारियों ने सरकार पर किसान विरोधी नीतियां अपनाने का आरोप लगाया। इसके बाद, यूनियन के प्रतिनिधिमंडल ने एसडीएम विजय राय को मुख्यमंत्री के नाम संबोधित एक ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में बताया गया कि नर्मदापुरम जिले सहित प्रदेश के कई जिलों के किसानों ने भीषण गर्मी और कठिन परिस्थितियों में ग्रीष्मकालीन मूंग का उत्पादन किया, लेकिन सरकार ने केवल 25 प्रतिशत उपज खरीदने का निर्णय लेकर उनके साथ अन्याय किया है। ज्ञापन में किसानों द्वारा उत्पादित पूरी ग्रीष्मकालीन मूंग की 100 प्रतिशत खरीदी की मांग की गई है। किसानों ने खाद वितरण की ई-विकास प्रणाली पर भी गंभीर सवाल उठाए, यह कहते हुए कि ई-टोकन व्यवस्था के कारण उन्हें डीएपी और यूरिया समय पर नहीं मिल पा रही है। भारतीय किसान यूनियन ने मांग की कि छत्तीसगढ़ की तर्ज पर मध्य प्रदेश में भी ई-टोकन प्रणाली को तुरंत बंद कर खाद वितरण की वैकल्पिक व्यवस्था लागू की जाए। यूनियन ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने पूरी मूंग की खरीदी नहीं की, तो किसान अपने सभी ट्रैक्टर तहसील कार्यालय में खड़े कर उनकी चाबियां तहसीलदार को सौंप देंगे और अपनी मांगों के समर्थन में पैदल भोपाल कूच करेंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन की होगी। इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में किसानों ने ट्रैक्टरों के साथ हिस्सा लिया, और तहसील कार्यालय परिसर में सुरक्षा के लिए प्रशासन तथा पुलिस बल तैनात रहे।1