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सोहागपुर की नवागत एसडीएम (राजस्व) डॉ. बबिता राठौर ने शुक्रवार को जनपद पंचायत सभागार में नरवाई प्रबंधन और बाढ़ आपदा प्रबंधन को लेकर एक बैठक आयोजित की। इस बैठक में जनपद पंचायत अध्यक्ष जालम सिंह पटेल, उपाध्यक्ष राघवेन्द्र पटेल सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे। डॉ. राठौर ने वर्षा ऋतु को देखते हुए अधिकारियों एवं कर्मचारियों को निर्देश दिए कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव की सभी तैयारियां समय पर पूरी की जाएं। उन्होंने संवेदनशील गांवों की पहचान करने और सभी विभागों के बीच बेहतर समन्वय बनाए रखने पर भी जोर दिया।
रीतेश साहू
सोहागपुर की नवागत एसडीएम (राजस्व) डॉ. बबिता राठौर ने शुक्रवार को जनपद पंचायत सभागार में नरवाई प्रबंधन और बाढ़ आपदा प्रबंधन को लेकर एक बैठक आयोजित की। इस बैठक में जनपद पंचायत अध्यक्ष जालम सिंह पटेल, उपाध्यक्ष राघवेन्द्र पटेल सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे। डॉ. राठौर ने वर्षा ऋतु को देखते हुए अधिकारियों एवं कर्मचारियों को निर्देश दिए कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव की सभी तैयारियां समय पर पूरी की जाएं। उन्होंने संवेदनशील गांवों की पहचान करने और सभी विभागों के बीच बेहतर समन्वय बनाए रखने पर भी जोर दिया।
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- मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग की परीक्षा में खाद्य सुरक्षा अधिकारी बनकर पूरे क्षेत्र का नाम रोशन करने वाली शाहिस्ता के निवास स्थान पर 03 जुलाई, दिन शुक्रवार को बधाई देने वालों का तांता लगा रहा। उनकी इस बड़ी कामयाबी ने वॉर्ड की सीमाओं को भी तोड़ दिया, जहाँ इटारसी के कई वॉर्डों के पार्षद उन्हें बधाई देने पहुँचे। इसी कड़ी में, वॉर्ड 22 की भाजपा पार्षद गीता देवेंद्र पटेल जी, वॉर्ड 24 की पार्षद नाज़िया बेग जी और वॉर्ड 26 के पार्षद कुंदन गौर जी विशेष रूप से शाहिस्ता को शुभकामनाएँ देने उनके घर पहुँचे। सभी पार्षदों और अन्य जनप्रतिनिधियों ने शाहिस्ता को बुके भेंट किए, उनका मुँह मीठा कराया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। नेताओं ने इस अवसर पर कहा कि शाहिस्ता ने यह मुकाम हासिल कर पूरे इटारसी की बेटियों का सिर गर्व से ऊँचा कर दिया है। 'इटारसी अपडेट' की ओर से भी शाहिस्ता को उनकी इस शानदार सफलता पर हार्दिक बधाई दी गई।1
- शुक्रवार दोपहर करीब 2:30 बजे भारतीय किसान संघ के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में किसान अपनी विभिन्न समस्याओं और मांगों को लेकर पिपरिया तहसील कार्यालय पहुंचे। यहां उन्होंने मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन तहसीलदार को सौंपकर किसानों की प्रमुख मांगों पर तत्काल कार्रवाई की मांग की। किसानों ने ज्ञापन के माध्यम से शासन से मांग की है कि क्षेत्र में किसानों की शत-प्रतिशत मूंग खरीदी सुनिश्चित की जाए, ताकि उन्हें अपनी उपज का उचित मूल्य मिल सके। इसके साथ ही, किसानों ने आधार के माध्यम से खाद उपलब्ध कराने की मौजूदा व्यवस्था को और अधिक सरल तथा सुचारू बनाने की मांग भी उठाई। किसान संघ के पदाधिकारियों ने इस बात पर जोर दिया कि किसानों को खरीदी और खाद वितरण में कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है, जिससे सीधे तौर पर उनकी खेती-किसानी प्रभावित हो रही है। उन्होंने प्रशासन से इन समस्याओं का जल्द से जल्द समाधान निकालने का आग्रह किया। जवाब में, तहसीलदार ने किसानों को आश्वासन दिया कि उनकी सभी मांगों को शासन तक पहुंचाया जाएगा।1
- नर्मदापुरम जिले के केसला ब्लॉक स्थित प्राथमिक शाला नया रतिबंदर में शिक्षक गोपाल गिरी गोस्वामी पर शराब पीकर बच्चों के साथ दुर्व्यवहार करने और एक छात्रा से अशोभनीय हरकत की कोशिश करने का एक बेहद गंभीर और निंदनीय मामला सामने आया है। इस गंभीर प्रकरण में आरोपी शिक्षक के खिलाफ पुलिस प्रशासन और शिक्षा विभाग द्वारा सख्त कदम उठाए जा रहे हैं। पुलिस प्रशासन ने आरोपी शिक्षक के खिलाफ पॉक्सो (POCSO) एक्ट, बाल संरक्षण अधिनियम और भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। वहीं, शिक्षा विभाग ने शिक्षक को तत्काल प्रभाव से सेवा से निलंबित कर दिया है। विभागीय जांच में दोषी पाए जाने पर उसे सेवा से स्थायी रूप से बर्खास्त करने का प्रावधान है। ऐसे मामलों की पुनरावृत्ति रोकने और भविष्य में बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कुछ महत्वपूर्ण उपाय सुझाए गए हैं। इनमें आदिवासी क्षेत्रों और हॉस्टलों में शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा नियमित औचक निरीक्षण, स्कूलों में बच्चों के लिए एक सुरक्षित शिकायत पेटी या हेल्पलाइन की स्थापना, और ग्राम पंचायत व शाला प्रबंधन समिति (SMC) को शराब पीकर आने वाले या अनुशासनहीनता करने वाले कर्मचारियों पर नजर रखने के लिए अधिक सक्रिय भूमिका निभाना शामिल है। यह स्पष्ट किया गया है कि इन गंभीर मामलों में आरोपी के खिलाफ कानून और प्रशासनिक स्तर पर सख्त से सख्त कदम उठाए जा रहे हैं और आगे भी उठाए जाने चाहिए।1
- उदयपुर तहसील के मनकापुर क्षेत्र में वर्तमान में काम चल रहा है।2
- मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर जिला कलेक्टरेट कार्यालय में कलेक्टर रजनी सिंह को विदाई दी गई। इस अवसर पर उन्होंने कार्यालय के कर्मचारियों को सम्मानित भी किया। इसके जवाब में, सभी कर्मचारियों ने नरसिंहपुर कलेक्टर रजनी सिंह के प्रति अपना हार्दिक आभार व्यक्त किया।1
- Post by हल्के भैया कौरव सुखदेव गिरि1
- पुरानी इटारसी के मुख्य मार्ग (शनि मंदिर से स्टेट बैंक तिराहे तक) में बिछाई गई नई पाइपलाइन की टेस्टिंग पिछले तीन दिनों से स्थानीय निवासियों के लिए एक बड़ी मुसीबत बन गई है। यह टेस्टिंग सुबह आधे घंटे की पानी की सप्लाई के दौरान की जा रही है, जिसके चलते भारी लीकेज की समस्या उत्पन्न हो गई है। इस दौरान पाइपलाइन में पाँच अलग-अलग स्थानों से पानी का भारी रिसाव हो रहा है। सबसे ज्यादा प्रभावित आजाद चौराहा है, जहाँ लीकेज का पानी सीधे लोगों के घरों के भीतर तक घुस गया है। आज शुक्रवार को इस समस्या के समाधान के लिए जेसीबी मशीन से गड्ढे खोदने का कार्य किया गया, लेकिन फिलहाल सुधार कार्य अभी भी अधूरा है, जिससे लोगों की परेशानी बनी हुई है।1
- मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर जिले की गाडरवारा विधानसभा के अंतर्गत स्थित जनपद पंचायत साईं खेड़ा का बोर्ड टूट गया था। इस मामले पर हमने विस्तार से समाचार प्रकाशित किया था, जिसके बाद हमारी खबर का सकारात्मक असर देखने को मिला। खबर दिखाए जाने के परिणामस्वरूप, जनपद पंचायत साईं खेड़ा के सामने से इस टूटे हुए बोर्ड को अलग कर दिया गया।1
- मध्य प्रदेश के प्रसिद्ध हिल स्टेशन पचमढ़ी में पहली जोरदार बारिश के बाद झरने और नदी-नाले उफान पर आ गए हैं, जिससे प्राकृतिक सौंदर्य अपने चरम पर पहुँच गया है। इस अनुपम छटा का आनंद लेने के लिए बड़ी संख्या में पर्यटक पचमढ़ी पहुँच रहे हैं, लेकिन प्रशासन को चिंता है कि यह रोमांच कहीं जानलेवा साबित न हो जाए। एक दिन पहले ही पचमढ़ी में कुछ ही घंटों में करीब 3.48 इंच बारिश दर्ज की गई थी, जिसके परिणामस्वरूप कई नदी-नाले और झरने अपनी पूर्ण क्षमता से बह रहे हैं। तेज बहाव के बावजूद, पर्यटन स्थलों और झरनों के पास पर्यटकों की भारी भीड़ देखी जा रही है। लोग बहते झरनों और तेज धाराओं के बीच फोटो और वीडियो बनाने में व्यस्त हैं, जिससे किसी दुर्घटना की आशंका काफी बढ़ गई है। पिछले वर्षों में भी बारिश के मौसम में झरनों और नदी-नालों के तेज बहाव के कारण कई दुर्घटनाएँ सामने आ चुकी हैं। ऐसे में, स्थानीय प्रशासन और एमपी टूरिज्म से यह अपेक्षा की जा रही है कि वे संवेदनशील स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करें और पर्यटकों को सावधानी बरतने के लिए लगातार जागरूक करें। पचमढ़ी के हरे-भरे जंगल, ऊंचे पहाड़, प्राकृतिक झरने और छोटी पहाड़ी नदियां मानसून में अपनी अद्भुत खूबसूरती से पर्यटकों को आकर्षित कर रही हैं। जिला टूरिज्म प्रबंधक मनोज ठाकुर ने बताया कि जहां गर्मी के मौसम में देशभर से पर्यटक राहत पाने पचमढ़ी आते हैं, वहीं अब मानसून सीजन में भी बड़ी संख्या में लोग यहाँ के प्राकृतिक नजारों का आनंद लेने और उन्हें अपने कैमरे में कैद करने के लिए पहुँच रहे हैं। प्रशासन और पर्यटन विभाग की सतर्कता के साथ ही पर्यटकों को भी अपनी ओर से सावधानी बरतने की आवश्यकता है, ताकि प्रकृति का यह मनोरम आनंद किसी अप्रिय दुर्घटना में न बदल जाए।1