आबादी में पहुंचे चीतल का सुरक्षित रेस्क्यू, ग्रामीणों की सतर्कता से बची जान आबादी में पहुंचे चीतल का सुरक्षित रेस्क्यू, ग्रामीणों की सतर्कता से बची जान अजबधाम (फतेहपुर)/दमोह। शुक्रवार को अजबधाम (फतेहपुर) क्षेत्र में जंगल से भटककर एक चीतल बस स्टैंड के पास आबादी वाले इलाके में पहुंच गया।खुले क्षेत्र में घूम रहे चीतल पर आवारा कुत्तों व अन्य जानवरों के हमले का खतरा बना हुआ था।स्थिति को देखते हुए गांव के तीन युवकों—आयुष तिवारी, राजपूत और कार्तिक कुर्मी—ने सूझबूझ व सावधानी का परिचय देते हुए चीतल को सुरक्षित पकड़ लिया। इसके बाद उन्होंने तत्काल वन विभाग को सूचना दी।सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और चीतल को अपने संरक्षण में लेकर आवश्यक कार्रवाई के बाद सुरक्षित जंगल में छोड़ दिया। ग्रामीणों की सतर्कता और वन विभाग की त्वरित कार्रवाई से चीतल की जान बच गई। स्थानीय लोगों ने वन्यजीव संरक्षण के प्रति जागरूकता दिखाने वाले युवकों और वन विभाग की सराहना की।
आबादी में पहुंचे चीतल का सुरक्षित रेस्क्यू, ग्रामीणों की सतर्कता से बची जान आबादी में पहुंचे चीतल का सुरक्षित रेस्क्यू, ग्रामीणों की सतर्कता से बची जान अजबधाम (फतेहपुर)/दमोह। शुक्रवार को अजबधाम (फतेहपुर) क्षेत्र में जंगल से भटककर एक चीतल बस स्टैंड के पास आबादी वाले इलाके में पहुंच गया।खुले क्षेत्र में घूम रहे चीतल पर आवारा कुत्तों व अन्य जानवरों के हमले का खतरा बना हुआ था।स्थिति को देखते हुए गांव के तीन युवकों—आयुष तिवारी, राजपूत और कार्तिक कुर्मी—ने सूझबूझ व सावधानी का परिचय देते हुए चीतल को सुरक्षित पकड़ लिया। इसके बाद उन्होंने तत्काल वन विभाग को सूचना दी।सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और चीतल को अपने संरक्षण में लेकर आवश्यक कार्रवाई के बाद सुरक्षित जंगल में छोड़ दिया। ग्रामीणों की सतर्कता और वन विभाग की त्वरित कार्रवाई से चीतल की जान बच गई। स्थानीय लोगों ने वन्यजीव संरक्षण के प्रति जागरूकता दिखाने वाले युवकों और वन विभाग की सराहना की।
- दमोह लोकायुक्त की गिरफ्त में आए रिश्वतखोर रोजगार सहायक 8 हजार की रिश्वत लेते गिरफ्तार की1
- पटेरा कृषि कार्यालय से देर रात जिंक की बोरियां भेजने पर मचा हड़कंप, जिला स्तरीय जांच टीम पटेरा पहुंची पटेरा कृषि कार्यालय से देर रात जिंक की बोरियां भेजने पर मचा हड़कंप, जिला स्तरीय जांच टीम पटेरा पहुंची दमोह -पटेरा कृषि कार्यालय से शुक्रवार देर रात करीब 11:30 बजे जिंक की लगभग 50 बोरियां एक छोटा हाथी वाहन में लोड कर कुम्हारी क्षेत्र भेजे जाने की सूचना से क्षेत्र में हड़कंप मच गया। मौके पर पहुंचे कुछ युवाओं ने वाहन की वीडियो रिकॉर्डिंग करते हुए मामले की जानकारी जुटाई। पूछताछ के दौरान कृषि विभाग के कर्मचारी अंकुश शिवहरे ने बताया कि वाहन कुम्हारी क्षेत्र में किसानों के लिए जिंक पहुंचाने भेजा जा रहा था। अंकुश शिवहरे के अनुसार, कार्यालय का नियमित कार्य समाप्त होने के बाद शाम करीब 6:30 बजे सभी कर्मचारी घर चले गए थे। रात करीब 9:30 बजे वरिष्ठ अधिकारी का फोन आया, जिसमें बताया गया कि जमुनिया एवं कुम्हारी क्षेत्र के किसानों के लिए जिंक उपलब्ध हो गई है और किसानों के लगातार फोन आने के कारण इसे तत्काल भिजवाना आवश्यक है। उन्होंने बताया कि भोजन के बाद कार्यालय पहुंचकर ताला खोला गया और लगभग 50 बोरियां वाहन में लोड करने में समय लगने के कारण रात 11:30 बजे तक कार्य चलता रहा। इसी दौरान कुछ लोग पहुंचे और वीडियो रिकॉर्डिंग करने लगे। शिवहरे ने बताया कि वीडियो रिकॉर्डिंग के बाद उन्होंने वरिष्ठ अधिकारी से संपर्क करने का प्रयास किया। पहली बार बात हुई, लेकिन बाद में फोन बंद मिलने पर एहतियात के तौर पर वाहन सहित जिंक की बोरियों को पुलिस थाना पटेरा की अभिरक्षा में सुरक्षित रखवा दिया गया।इस संबंध में वरिष्ठ कृषि विस्तार अधिकारी दिनेश कुमार साहू ने बताया कि जिंक किसानों को वितरण के लिए भेजी जा रही थी। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह कृषि विभाग का सरकारी माल नहीं, बल्कि एक संस्था द्वारा उपलब्ध कराया गया स्टॉक है। किसानों को 50 किलोग्राम की एक बोरी लगभग ₹3,700 के निर्धारित शुल्क पर दी जाती है। उन्होंने बताया कि बिना राशि जमा कराए किसी को भी जिंक नहीं दी जा सकती, क्योंकि संस्था के भुगतान की जिम्मेदारी विभागीय प्रक्रिया के तहत रहती है। कुम्हारी क्षेत्र में जिंक उपलब्ध नहीं थी, इसलिए पटेरा से वहां भेजी जा रही मामले की जानकारी मिलने पर जिला मुख्यालय दमोह से तीन सदस्यीय जांच दल पटेरा पहुंचा। टीम ने कृषि कार्यालय का निरीक्षण कर दस्तावेजों एवं परिस्थितियों की जांच की। जांच दल में परियोजना संचालक आत्मा एस.एल. कुर्मी, वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी आर.के. जैन तथा कृषि जिला समन्वयक गिरवर पटेल शामिल रहे। अधिकारियों ने बताया कि जांच जारी है और अंतिम रिपोर्ट के बाद स्थिति स्पष्ट की जाएगी। प्रारंभिक जांच में कोई स्पष्ट अनियमितता सामने नहीं आई है।इस बीच कुछ लोगों ने यह भी दावा किया कि एक दिन पूर्व तहसीलदार द्वारा कृषि कार्यालय के स्टोर एवं एक अन्य कक्ष को सील किया गया था। इस पर दिनेश कुमार साहू ने स्पष्ट किया कि जिन कमरों को सील किया गया है, उनमें बीज एवं अन्य सामग्री रखी हुई है। जिंक जिस कक्ष में रखी गई थी, वह सील नहीं था, क्योंकि वह संस्था का स्टॉक था। उन्होंने कहा कि सील किए गए कमरों से किसी प्रकार की छेड़छाड़ नहीं की गई है। फिलहाल पूरे मामले की जांच जारी है। जिला स्तरीय टीम की अंतिम रिपोर्ट के बाद ही पूरे घटनाक्रम की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।1
- सील कृषि विभाग से देर रात बीज, खाद और दवाइयां निकालने का आरोप, जांच के बीच उठे गंभीर सवाल सील कृषि विभाग से देर रात बीज, खाद और दवाइयां निकालने का आरोप, जांच के बीच उठे गंभीर सवाल1
- गंगा झिरिया धाम में 'एक पेड़ माँ के नाम' अभियान के तहत पौधरोपण कार्यक्रम सम्पन्न 11 वर्षों से निरंतर पौधरोपण कर जन्मदिवस मनाने की अनूठी पहल1
- ट्रैक्टर पलटने से ग्राम कोटवार की मौत, सर्विसिंग कराकर लौटते समय हुआ हादसा दमोह। जिले के नोहटा थाना क्षेत्र के पटना खुर्द गांव में शनिवार शाम एक दर्दनाक सड़क हादसे में ग्राम कोटवार की मौत हो गई। बताया जा रहा है कि ट्रैक्टर की सर्विसिंग कराकर दमोह से अपने गांव लौट रहे कोटवार का वाहन गांव के पास मोड़ पर अनियंत्रित होकर पलट गया। हादसे में वह ट्रैक्टर के नीचे दब गए। स्थानीय लोगों ने उन्हें बाहर निकालकर जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद मृत घोषित कर दिया। मृतक की पहचान 45 वर्षीय बहादुर कोटवार, निवासी पटना खुर्द के रूप में हुई है। हादसे के बाद शव को जिला अस्पताल की शवगृह में रखवाया गया है। रविवार सुबह पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंपा जाएगा। मृतक के जीजा कमलेश बांसल ने बताया कि उन्हें फोन पर सूचना मिली थी कि बहादुर ट्रैक्टर के नीचे दब गए हैं। जब वे जिला अस्पताल पहुंचे तो उनका शव अस्पताल की शवगृह में रखा मिला। स्थानीय लोगों के अनुसार बहादुर अपने ट्रैक्टर की सर्विसिंग कराने दमोह आए थे। शनिवार शाम वह ट्रैक्टर लेकर वापस पटना खुर्द लौट रहे थे। गांव के प्रवेश मार्ग पर स्थित मोड़ के पास अचानक ट्रैक्टर अनियंत्रित होकर पलट गया, जिससे वह उसके नीचे दब गए। मौके पर मौजूद ग्रामीणों ने तत्काल राहत कार्य शुरू किया और काफी प्रयास के बाद उन्हें बाहर निकालकर उपचार के लिए जिला अस्पताल भेजा, लेकिन उनकी जान नहीं बच सकी। नोहटा थाना पुलिस ने मामले में मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक तौर पर हादसे के कारणों का पता लगाया जा रहा है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। इधर, घटना के बाद पटना खुर्द गांव में शोक का माहौल है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। बहादुर अपने पीछे पत्नी और तीन बच्चों का परिवार छोड़ गए हैं, जिनमें दो बेटे और एक बेटी शामिल हैं। अचानक हुए इस हादसे से पूरे गांव में शोक की लहर है।2
- दमोह: जिला अस्पताल में 108 एम्बुलेंस सेवा पर उठे सवाल जिला अस्पताल में 108 एम्बुलेंस सेवा की कार्यप्रणाली पर लगातार सवाल उठ रहे हैं। आरोप है कि एम्बुलेंस कई बार समय पर नहीं पहुंचती, जिससे मरीजों और उनके परिजनों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। कई मामलों में मजबूरीवश निजी एम्बुलेंस का सहारा लेना पड़ता है, जिससे आर्थिक बोझ भी बढ़ जाता है। आम नागरिकों का कहना है कि यदि आपातकालीन सेवा ही समय पर उपलब्ध न हो, तो इसका उद्देश्य अधूरा रह जाता है। अब बड़ा सवाल यह है कि क्या इस व्यवस्था में कभी सुधार हो पाएगा? क्या प्रशासन इस ओर गंभीरता से कदम उठाकर लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराएगा, या फिर लापरवाही और मनमानी का सिलसिला इसी तरह चलता रहेगा?1
- बारिश में जर्जर स्कूल बना खतरा, अमतरा प्राथमिक शाला की छत से टपक रहा पानी, 30 बच्चों की जान जोखिम में जबेरा (दमोह)। तहसील जबेरा अंतर्गत ग्राम अमतरा स्थित शासकीय प्राथमिक शाला की भवन स्थिति अत्यंत जर्जर हो चुकी है। लगातार हो रही बारिश के कारण स्कूल की छत से पानी का रिसाव हो रहा है, वहीं छत का प्लास्टर भी टूटकर नीचे गिरने लगा है। ऐसे में स्कूल में अध्ययनरत लगभग 30 छात्र-छात्राओं की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। ग्रामीणों और पालकों का कहना है कि स्कूल भवन की हालत इतनी खराब है कि कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। इसी डर के कारण कई अभिभावक अपने बच्चों को स्कूल भेजने से कतराने लगे हैं। पालकों ने बताया कि कई बार संबंधित अधिकारियों का ध्यान इस समस्या की ओर आकर्षित कराया गया, लेकिन अब तक स्कूल भवन की मरम्मत नहीं कराई गई। उनका कहना है कि यदि समय रहते भवन की मरम्मत या वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की गई तो किसी भी दिन बड़ा हादसा हो सकता है। ग्रामीणों और छात्र-छात्राओं के अभिभावकों ने शासन-प्रशासन से मांग की है कि बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए शासकीय प्राथमिक शाला अमतरा की तत्काल मरम्मत कराई जाए या सुरक्षित भवन में कक्षाओं का संचालन सुनिश्चित किया जाए, ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके।1
- Post by सचिन सिंह राजपूत प्रदेश समय4