अनूपपुर पुलिस अधीक्षक विक्रांत मुराब के अधिक से अधिक गुम इंसान बालक/बालिकाओं की दस्तयाबी के निर्देश के अनुपालन में, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जगन्नाथ मरकाम और एस.डी.ओ.पी. कोतमा श्रीमती आरती शाक्य के मार्गदर्शन में, बिजुरी पुलिस ने एक गुमशुदा नाबालिग बालिका को सफलतापूर्वक जोधपुर, राजस्थान से दस्तयाब किया। इस अभियान के तहत, पुलिस टीम ने 30 मई 2026 को बालिका को ढूंढ निकाला और उसे उसके परिजनों को सुपुर्द कर दिया। यह मामला 23 मई 2026 को तब सामने आया जब फरियादिया ने अपने भाई के साथ थाना बिजुरी में मौखिक रिपोर्ट दर्ज कराई कि उसकी छोटी नाबालिग बहन 22-23 मई 2026 की दरमियानी रात बिना बताए कहीं चली गई है। फरियादिया ने आशंका व्यक्त की कि कोई अज्ञात व्यक्ति उसकी नाबालिग बहन को बहला-फुसलाकर अपने साथ भगा ले गया है। इस रिपोर्ट के आधार पर, थाना बिजुरी में अपराध क्रमांक 190/2026 धारा 137(2) बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर अनुसंधान शुरू किया गया। विवेचना के दौरान, अपहृत नाबालिग बालिका का पता लगाने के लिए एक टीम गठित की गई। इस टीम ने तकनीकी साक्ष्यों और मोबाइल टावर लोकेशन का विश्लेषण कर नाबालिग की संभावित उपस्थिति संबंधी जानकारी प्राप्त की। पुलिस टीम द्वारा तत्परता से की गई कार्यवाही के फलस्वरूप, नाबालिग को 30 मई 2026 को जोधपुर, राजस्थान से सकुशल दस्तयाब कर लिया गया। आवश्यक वैधानिक कार्यवाही पूर्ण करने के बाद बालिका को उसके परिजनों को सुपुर्द किया गया, जिन्होंने पुलिस की तत्परता और सराहनीय कार्य के लिए आभार व्यक्त किया। इस पूरी कार्रवाई में निरी. विकास सिंह, सउनि बृजेश पाण्डेय, आर. सुनील यादव और म.आर. संगम तोमर की उल्लेखनीय भूमिका रही।
अनूपपुर पुलिस अधीक्षक विक्रांत मुराब के अधिक से अधिक गुम इंसान बालक/बालिकाओं की दस्तयाबी के निर्देश के अनुपालन में, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जगन्नाथ मरकाम और एस.डी.ओ.पी. कोतमा श्रीमती आरती शाक्य के मार्गदर्शन में, बिजुरी पुलिस ने एक गुमशुदा नाबालिग बालिका को सफलतापूर्वक जोधपुर, राजस्थान से दस्तयाब किया। इस अभियान के तहत, पुलिस टीम ने 30 मई 2026 को बालिका को ढूंढ निकाला और उसे उसके परिजनों को सुपुर्द कर दिया। यह मामला 23 मई 2026 को तब सामने आया जब फरियादिया ने अपने भाई के साथ थाना बिजुरी में मौखिक रिपोर्ट दर्ज कराई कि उसकी छोटी नाबालिग बहन 22-23 मई 2026 की दरमियानी रात बिना बताए कहीं चली गई है। फरियादिया ने आशंका व्यक्त की कि कोई अज्ञात व्यक्ति उसकी नाबालिग बहन को बहला-फुसलाकर अपने साथ भगा ले गया है। इस रिपोर्ट के आधार पर, थाना बिजुरी में अपराध क्रमांक 190/2026 धारा 137(2) बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर अनुसंधान शुरू किया गया। विवेचना के दौरान, अपहृत नाबालिग बालिका का पता लगाने के लिए एक टीम गठित की गई। इस टीम ने तकनीकी साक्ष्यों और मोबाइल टावर लोकेशन का विश्लेषण कर नाबालिग की संभावित उपस्थिति संबंधी जानकारी प्राप्त की। पुलिस टीम द्वारा तत्परता से की गई कार्यवाही के फलस्वरूप, नाबालिग को 30 मई 2026 को जोधपुर, राजस्थान से सकुशल दस्तयाब कर लिया गया। आवश्यक वैधानिक कार्यवाही पूर्ण करने के बाद बालिका को उसके परिजनों को सुपुर्द किया गया, जिन्होंने पुलिस की तत्परता और सराहनीय कार्य के लिए आभार व्यक्त किया। इस पूरी कार्रवाई में निरी. विकास सिंह, सउनि बृजेश पाण्डेय, आर. सुनील यादव और म.आर. संगम तोमर की उल्लेखनीय भूमिका रही।
- शहडोल जिले के जयसिंहनगर थाना पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए 350.500 किलोग्राम गांजा, दो चार पहिया वाहन और दो मोबाइल फोन जब्त किए हैं। इस मामले में मिर्जापुर, उत्तर प्रदेश के निवासी 20 वर्षीय राहुल कुमार चर्मकार को गिरफ्तार किया गया है, जबकि तीन अन्य आरोपी अभी भी फरार बताए जा रहे हैं। यह कार्रवाई मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर जनकपुर रोड बाईपास मार्ग पर की गई नाकाबंदी के दौरान हुई। पुलिस ने एक स्विफ्ट कार और एक इनोवा वाहन की तलाशी ली, जिसमें से भारी मात्रा में गांजा बरामद हुआ। बरामद गांजे की अनुमानित कीमत 35.05 लाख रुपये बताई गई है, और जब्त की गई कुल संपत्ति का अनुमानित मूल्य लगभग 61.12 लाख रुपये है। पुलिस ने गिरफ्तार आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया है और फरार चल रहे अन्य आरोपियों की तलाश तेज कर दी है। इस पूरी कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक अजय कुमार के नेतृत्व में पुलिस टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।1
- मनेंद्रगढ़ जिले में स्थित अमृतधारा जलप्रपात में हाल ही में हुई एक दुखद घटना के बाद, जिला प्रशासन ने पर्यटकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। जलप्रपात परिसर के भीतर संवेदनशील और दुर्घटना संभावित स्थानों को चिन्हित किया गया है, और इन जगहों पर चेतावनी एवं सुरक्षा सूचना बोर्ड लगाए गए हैं। प्रशासन ने उन क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया है जहाँ फिसलन, गहराई या अन्य जोखिमों के कारण हादसों की आशंका रहती है। इन बोर्डों के माध्यम से पर्यटकों को स्पष्ट रूप से प्रतिबंधित क्षेत्रों में न जाने और हर संभव सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। जिला प्रशासन ने इस बात पर जोर दिया है कि पर्यटकों की सुरक्षा उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है और सभी आगंतुकों से सुरक्षा निर्देशों का अनिवार्य रूप से पालन करने की अपील की गई है। इस पहल को अमृतधारा जलप्रपात को अधिक सुरक्षित और पर्यटक-अनुकूल बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।1
- अनूपपुर में पुलिस अधीक्षक विक्रांत मुराब (IPS) के निर्देश पर सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम और ब्लैक स्पॉट की पहचान के लिए निरीक्षण कर रही यातायात पुलिस टीम ने एक सड़क हादसे में 15 से अधिक घायलों को तत्काल सहायता पहुंचाई। यह दुर्घटना करणपठार क्षेत्र के लीलाटोला के समीप हुई, जब पिपरतला बुढ़ार से दुधमनिया जा रहा एक पिकअप वाहन अनियंत्रित होकर पलट गया, जिससे उसमें सवार 15 से अधिक लोग घायल हो गए। घटना की सूचना मिलते ही निरीक्षण कर रही यातायात टीम तुरंत मौके पर पहुंची और राहत व बचाव कार्य शुरू किया। पुलिस कर्मियों ने घायलों को वाहन से सुरक्षित बाहर निकाला, प्राथमिक सहायता दी और तत्काल उपचार के लिए अस्पताल भेजने की व्यवस्था की। इस दुर्घटना में एक व्यक्ति का हाथ कट गया और एक अन्य के जबड़े में गंभीर चोट आई। यातायात पुलिस की त्वरित सहायता और स्थानीय नागरिकों के सहयोग से सभी घायलों को समय पर चिकित्सा मिल सकी। पुलिस ने दुर्घटना स्थल पर यातायात व्यवस्था भी सुचारू बनाए रखी। यातायात पुलिस ने आमजन से अपील की है कि वाहन चलाते समय सावधानी बरतें, सड़क सुरक्षा नियमों का पालन करें और सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करें। साथ ही, लोगों से यह भी आग्रह किया गया है कि सड़क दुर्घटना देखकर मुंह न मोड़ें, बल्कि घायलों की सहायता कर एक जिम्मेदार नागरिक बनें।1