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फिरोजाबाद नगर निगम में महापौर कामिनी राठौर जी पर आरोप है कि वे एक तरफ अपने चहेतों को लाखों के काम दे रही हैं, और दूसरी तरफ एक पार्षद अपने क्षेत्र की LED सही तक नहीं करवा पा रहा है। यह नगर निगम ऐसा है जहां पक्ष और विपक्ष दोनों पार्षद विकास के लिए तरस रहे हैं, जबकि चहेतों का विकास भरपूर हो रहा है। इस दोहरे रवैये से नगर निगम में असंतोष व्याप्त है।
Pt. Shrikant upadhyay
फिरोजाबाद नगर निगम में महापौर कामिनी राठौर जी पर आरोप है कि वे एक तरफ अपने चहेतों को लाखों के काम दे रही हैं, और दूसरी तरफ एक पार्षद अपने क्षेत्र की LED सही तक नहीं करवा पा रहा है। यह नगर निगम ऐसा है जहां पक्ष और विपक्ष दोनों पार्षद विकास के लिए तरस रहे हैं, जबकि चहेतों का विकास भरपूर हो रहा है। इस दोहरे रवैये से नगर निगम में असंतोष व्याप्त है।
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- आगरा के एत्मादपुर तहसील के भागूपुर स्थित जी.एस. पब्लिक इंटर कॉलेज एक बार फिर गंभीर विवादों के केंद्र में आ गया है। स्कूल प्रबंधन पर पहले भी कई गंभीर आरोप लगते रहे हैं, जिनमें अभिभावकों के साथ अभद्र व्यवहार, मनमानी फीस वसूली, जिला प्रशासन के आदेशों की अनदेखी, स्कूल परिसर से ही किताब-कॉपी खरीदने के लिए मजबूर करना, कथित रूप से पुराने वाहनों से परिवहन सेवा संचालित करना और प्रशासनिक निर्देशों के बावजूद छुट्टी के दिन कक्षाएं संचालित करना शामिल हैं। अब एक नया मामला सामने आया है, जिसमें एक पत्रकार के साथ कथित अभद्रता और उनके भांजे को कक्षा से बाहर निकालने का आरोप लगाया गया है। पीड़ित पत्रकार राजेश कुमार का आरोप है कि वह अपने भांजे की स्कूल द्वारा पूर्व में बताई गई फीस जमा करने के लिए विद्यालय पहुंचे थे। उनके अनुसार, स्कूल पहुंचने पर प्रबंधन ने पहले से बताई गई राशि से अधिक फीस की मांग कर दी। जब उन्होंने कहा कि वह स्कूल द्वारा बताई गई फीस ही लेकर आए हैं, तो स्कूल प्रबंधक ने कथित रूप से अपमानजनक भाषा का प्रयोग करते हुए कहा, 'जब फीस देने की औकात नहीं है तो यहां एडमिशन क्यों कराया? पूरे साल की फीस जमा करो, नहीं तो अपने बच्चे को लेकर यहां से निकल जाओ।' राजेश कुमार का आरोप है कि जब उन्होंने इस व्यवहार का विरोध किया और कहा कि वह फीस जमा करने ही आए हैं, तब प्रबंधक और अधिक आक्रोशित हो गया तथा कथित रूप से उन्हें स्कूल से बाहर निकल जाने को कहा। इतना ही नहीं, उनके भांजे को भी कक्षा से बुलाकर स्कूल परिसर से बाहर भेज दिया गया। पीड़ित का दावा है कि पूरी घटना स्कूल के सीसीटीवी कैमरों में रिकॉर्ड हुई है। पीड़ित के अनुसार, एडमिशन के समय करीब 10 दिन पहले ₹6000 स्कूल में जमा किए गए थे, जिसमें स्कूल ने अपनी ओर से किताबें और कॉपियां उपलब्ध कराईं तथा कुछ राशि फीस के रूप में जमा की गई। आरोप है कि शेष फीस तत्काल जमा न होने के कारण बच्चे का नाम काट दिया गया और उसे विद्यालय से बाहर कर दिया गया। राजेश कुमार ने कहा कि वह इस पूरे मामले की शिकायत जिला प्रशासन, शिक्षा विभाग तथा अन्य सक्षम अधिकारियों से करेंगे और दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई होने तक शांत नहीं बैठेंगे।1
- गोवर्धन में मुड़िया संतों ने कराया मुंडन, सनातन गोस्वामी को दी श्रद्धांजलि गोवर्धन। विश्वप्रसिद्ध मुड़िया पूर्णिमा मेले के अवसर पर सोमवार को गोवर्धन स्थित राधा श्याम सुंदर मंदिर में मुड़िया संतों ने अपने आराध्य गुरु श्रीपाद सनातन गोस्वामी की स्मृति में पारंपरिक रूप से सिर का मुंडन कराया। मुंडन संस्कार मुड़िया संत रामकृष्ण दास महाराज के नेतृत्व में संपन्न हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में संतों और श्रद्धालुओं ने भाग लिया। मान्यता के अनुसार, गौड़ीय वैष्णव संप्रदाय के महान आचार्य एवं श्री चैतन्य महाप्रभु के प्रमुख शिष्य श्रीपाद सनातन गोस्वामी का आषाढ़ पूर्णिमा के दिन संवत 1615 (1556 ई.) में तिरोभाव हुआ था। गुरु के वियोग में उनके शिष्यों और ब्रजवासियों ने सिर का मुंडन कराया तथा उनके पार्थिव शरीर के साथ गिरिराज गोवर्धन की परिक्रमा की। तभी से यह परंपरा आज तक लगातार निभाई जा रही है। मुड़िया संत रामकृष्ण दास महाराज ने कहा कि "मुड़िया बनने की यह परंपरा गुरु के प्रति श्रद्धा, समर्पण और वैराग्य का प्रतीक है। श्रीपाद सनातन गोस्वामी ने भक्ति और सेवा का जो संदेश दिया, उसी के सम्मान में प्रत्येक वर्ष संत समाज इस परंपरा का निर्वहन करता है। गुरु की कृपा से ही आध्यात्मिक जीवन का मार्ग प्रशस्त होता है।" वाइट, मुड़िया संत रामकृष्ण दास महाराज गोवर्धन में मुड़िया संतों ने कराया मुंडन, सनातन गोस्वामी को दी श्रद्धांजलि गोवर्धन। विश्वप्रसिद्ध मुड़िया पूर्णिमा मेले के अवसर पर सोमवार को गोवर्धन स्थित राधा श्याम सुंदर मंदिर में मुड़िया संतों ने अपने आराध्य गुरु श्रीपाद सनातन गोस्वामी की स्मृति में पारंपरिक रूप से सिर का मुंडन कराया। मुंडन संस्कार मुड़िया संत रामकृष्ण दास महाराज के नेतृत्व में संपन्न हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में संतों और श्रद्धालुओं ने भाग लिया। मान्यता के अनुसार, गौड़ीय वैष्णव संप्रदाय के महान आचार्य एवं श्री चैतन्य महाप्रभु के प्रमुख शिष्य श्रीपाद सनातन गोस्वामी का आषाढ़ पूर्णिमा के दिन संवत 1615 (1556 ई.) में तिरोभाव हुआ था। गुरु के वियोग में उनके शिष्यों और ब्रजवासियों ने सिर का मुंडन कराया तथा उनके पार्थिव शरीर के साथ गिरिराज गोवर्धन की परिक्रमा की। तभी से यह परंपरा आज तक लगातार निभाई जा रही है। मुड़िया संत रामकृष्ण दास महाराज ने कहा कि "मुड़िया बनने की यह परंपरा गुरु के प्रति श्रद्धा, समर्पण और वैराग्य का प्रतीक है। श्रीपाद सनातन गोस्वामी ने भक्ति और सेवा का जो संदेश दिया, उसी के सम्मान में प्रत्येक वर्ष संत समाज इस परंपरा का निर्वहन करता है। गुरु की कृपा से ही आध्यात्मिक जीवन का मार्ग प्रशस्त होता है।" वाइट, मुड़िया संत रामकृष्ण दास महाराज1
- Post by गीताधौरहरा1
- आगरा में *नगला उतू में सत्संग का आयोजन, महापुरुषों ने 'सत्य की जीत' पर दी प्रवचन* *नगला उतू, * — गांव नगला उतू में रविवार को भव्य सत्संग कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में क्षेत्र के कई महापुरुषों ने शिरकत की और बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने भाग लिया। सत्संग के दौरान "सत्य को कैसे अपनाया जाए और बुराइयों पर विजय कैसे पाई जाए" विषय पर गहन चर्चा हुई। महापुरुषों ने अपने प्रवचनों में कहा कि आज के समय में सत्य के मार्ग पर चलना ही सबसे बड़ी साधना है। उन्होंने लोगों को लोभ, मोह और अहंकार को त्यागकर सत्य, प्रेम और सेवा का जीवन जीने का संदेश दिया। वक्ताओं ने बताया कि सत्य को हराने वाला कोई नहीं है, लेकिन इंसान को खुद अपने अंदर के झूठ और नकारात्मकता पर विजय पानी होगी। तभी समाज में शांति और भाईचारा स्थापित हो सकता है। कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने महापुरुषों के उपदेशों को ध्यानपूर्वक सुना और जीवन में उतारने का संकल्प लिया। अंत में प्रसाद वितरण के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ। गांवासियों ने ऐसे आयोजन के लिए आयोजकों का आभार व्यक्त किया और भविष्य में भी ऐसे सत्संग कराने की मांग की। श्री श्री 1008 श्री पर्वत गिर के महाराज जी के उपलक्ष में सत्संग समारोह किया गया आगरा से हरिचंद की रिपोर्ट आगरा में *नगला उतू में सत्संग का आयोजन, महापुरुषों ने 'सत्य की जीत' पर दी प्रवचन* *नगला उतू, * — गांव नगला उतू में रविवार को भव्य सत्संग कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में क्षेत्र के कई महापुरुषों ने शिरकत की और बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने भाग लिया। सत्संग के दौरान "सत्य को कैसे अपनाया जाए और बुराइयों पर विजय कैसे पाई जाए" विषय पर गहन चर्चा हुई। महापुरुषों ने अपने प्रवचनों में कहा कि आज के समय में सत्य के मार्ग पर चलना ही सबसे बड़ी साधना है। उन्होंने लोगों को लोभ, मोह और अहंकार को त्यागकर सत्य, प्रेम और सेवा का जीवन जीने का संदेश दिया। वक्ताओं ने बताया कि सत्य को हराने वाला कोई नहीं है, लेकिन इंसान को खुद अपने अंदर के झूठ और नकारात्मकता पर विजय पानी होगी। तभी समाज में शांति और भाईचारा स्थापित हो सकता है। कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने महापुरुषों के उपदेशों को ध्यानपूर्वक सुना और जीवन में उतारने का संकल्प लिया। अंत में प्रसाद वितरण के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ। गांवासियों ने ऐसे आयोजन के लिए आयोजकों का आभार व्यक्त किया और भविष्य में भी ऐसे सत्संग कराने की मांग की। श्री श्री 1008 श्री पर्वत गिर के महाराज जी के उपलक्ष में सत्संग समारोह किया गया आगरा से हरिचंद की रिपोर्ट1
- उत्तर प्रदेश के आगरा जिले में प्रशासन ने नशे की कमाई के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। प्रशासन ने एक करोड़ रुपये की संपत्ति को फ्रीज कर दिया है। यह कार्रवाई नशे के कारोबार में शामिल लोगों के खिलाफ की गई है। संपत्ति को फ्रीज करने का यह कदम नशे के कारोबार पर लगाम कसने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इस कार्रवाई से नशे के कारोबार में शामिल लोगों में हड़कंप मच गया है। प्रशासन की इस कार्रवाई का स्थानीय लोगों ने स्वागत किया है। उम्मीद है कि इस तरह की कार्रवाई से नशे के कारोबार पर रोक लगेगी और समाज में नशे की समस्या कम होगी।1
- आगरा जनपद में बच्चों और किशोरों को कृमि संक्रमण से सुरक्षित रखने के लिए 10 अगस्त 2026 को राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस मनाया जाएगा। इसके बाद 14 अगस्त को मॉपअप राउंड आयोजित किया जाएगा, ताकि कोई भी पात्र बच्चा इस अभियान से वंचित न रह जाए। इस अभियान के सफल संचालन के लिए मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) कार्यालय सभागार में स्वास्थ्य, शिक्षा एवं महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारियों का अभिमुखीकरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों के चिकित्सा अधीक्षक, प्रभारी चिकित्सा अधिकारी, महिला एवं बाल विकास विभाग के सीडीपीओ, खंड शिक्षा अधिकारी, बीपीएम, बीसीपीएम सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। सभी को अभियान के संचालन, दवा वितरण की प्रक्रिया तथा बच्चों की सुरक्षा से संबंधित आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। प्रभारी नोडल अधिकारी डॉ. उपेंद्र कुमार ने बताया कि अभियान के तहत एक वर्ष से 19 वर्ष तक के सभी बच्चों एवं किशोर-किशोरियों को एल्बेंडाजोल की दवा खिलाई जाएगी। एक से पांच वर्ष तक के बच्चों को आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से दवा दी जाएगी, जबकि छह से 19 वर्ष तक के बच्चों और किशोरों को विद्यालयों में स्वास्थ्य विभाग की टीम शिक्षकों के सहयोग से दवा खिलाएगी। एनयूएचएम एवं अर्बन स्वास्थ्य कार्यक्रम के नोडल अधिकारी डॉ. ऋषि गोपाल ने बताया कि एल्बेंडाजोल की गोली बच्चों को चबाकर खिलाई जाएगी। स्वास्थ्य विभाग की टीम दवा बच्चों को अपने सामने ही खिलाएगी। किसी भी बच्चे या अभिभावक को दवा बाद में खाने के लिए घर नहीं भेजी जाएगी। उन्होंने कृमि संक्रमण के लक्षण, उससे होने वाले दुष्प्रभाव और समय पर दवा लेने के महत्व की भी विस्तार से जानकारी दी। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के जिला सामुदायिक प्रक्रिया प्रबंधक डॉ. विजय सिंह ने बताया कि एक से दो वर्ष तक के बच्चों को एल्बेंडाजोल की आधी गोली पीसकर दी जाएगी, जबकि दो से 19 वर्ष तक के बच्चों और किशोरों को पूरी गोली चबाकर खिलाई जाएगी। उन्होंने बताया कि अभियान को सफल बनाने में एविडेंस एक्शन इंडिया संस्था भी महत्वपूर्ण सहयोग प्रदान कर रही है। इस अवसर पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय के अधिकारी एवं कर्मचारी तथा एविडेंस एक्शन इंडिया के जिला समन्वयक शाहिद खान भी मौजूद रहे। सभी अधिकारियों ने अभियान को शत-प्रतिशत सफल बनाने के लिए विभागों के बीच बेहतर समन्वय और जनजागरूकता पर विशेष जोर दिया। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अरुण श्रीवास्तव ने जनपद के सभी अभिभावकों, शिक्षकों और विद्यालय प्रबंधन से अपील करते हुए कहा कि कृमि संक्रमण बच्चों के शारीरिक एवं मानसिक विकास पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकता है। इसलिए प्रत्येक पात्र बच्चे को राष्ट्रीय कृमि मुक्ति अभियान के तहत एल्बेंडाजोल की दवा अवश्य खिलाई जाए, ताकि बच्चे स्वस्थ, सुरक्षित और रोगमुक्त जीवन जी सकें।4
- आगरा जिले में गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर लोगों ने 'जय श्री राम', 'जय भारत माता की' और 'वंदे मातरम' के नारों के साथ एक-दूसरे को हार्दिक शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर गुरुओं के प्रति आदर और सम्मान व्यक्त किया गया।1
- आगरा के ताजमहल में बंदरों का आतंक लगातार जारी है। हाल ही में दक्षिण कोरिया से आई एक महिला पर्यटक पर बंदर ने हमला कर दिया, जिससे वह घायल हो गई। इस घटना में केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) के जवानों ने तत्परता दिखाते हुए महिला को तत्काल उपचार दिलाया। इस हमले के बाद ताजमहल में पर्यटकों की सुरक्षा और भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) की व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। पर्यटकों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।1
- एनसीईआरटी ने नई शिक्षा नीति के अनुरूप कक्षा 7, 8, 11 और 12 की इतिहास की पुस्तकों में कुछ बदलाव किए हैं। इन बदलावों में मुग़ल काल से संबंधित कुछ अध्यायों को संक्षिप्त किया गया है या कुछ सामग्री हटाई गई है। एनसीईआरटी का कहना है कि इन बदलावों का उद्देश्य पाठ्यक्रम का पुनर्गठन, विषयवस्तु का संतुलन और विद्यार्थियों पर अध्ययन का बोझ कम करना है। इन बदलावों को लेकर अलग-अलग मत सामने आ रहे हैं। कुछ लोग इन बदलावों को आवश्यक सुधार मानते हैं, जबकि अन्य इसे इतिहास की प्रस्तुति में बदलाव के रूप में देखते हैं। यह विषय सार्वजनिक और शैक्षणिक चर्चा का हिस्सा बना हुआ है।1