*करोड़पति कारोबारी की बहू बोली-21 दिन जेल में तकलीफें सही:* निर्दोष हूं...साबित हुआ, समझ नहीं पा रही पति ने क्यों फंसाया • 21 दिन जेल की तकलीफें: शालू ने कहा कि उन्होंने जेल में 21 दिन बहुत मुश्किल और मानसिक प्रताड़ना में काटे। उन्होंने बताया, "मैं पूरी तरह निर्दोष हूं, यह अब साबित हो चुका है, लेकिन मुझे समझ नहीं आ रहा कि मेरे ही पति ने मुझे इस साजिश में क्यों फंसाया।" • पति की साजिश: पुलिस जांच और कोर्ट की टिप्पणियों से यह साफ हुआ है कि शालू के पति ने ही जायदाद और अन्य विवादों के चलते अपने पिता (विनीत मिनोचा) की हत्या की साजिश रची थी और अपनी पत्नी को इस मामले में मुख्य आरोपी के तौर पर फंसाने की कोशिश की थी। • सच्चाई की जीत: शालू ने न्यायपालिका का आभार जताते हुए कहा कि देर से ही सही, लेकिन उनकी बेगुनाही सबके सामने आ गई है और अब उनका ध्यान अपने बच्चों और खुद को इस गहरे सदमे से बाहर निकालने पर है। ब्रेकिंग न्यूज़ संवाददाता आशीष मिश्रा दैनिक समाचार
*करोड़पति कारोबारी की बहू बोली-21 दिन जेल में तकलीफें सही:* निर्दोष हूं...साबित हुआ, समझ नहीं पा रही पति ने क्यों फंसाया • 21 दिन जेल की तकलीफें: शालू ने कहा कि उन्होंने जेल में 21 दिन बहुत मुश्किल और मानसिक प्रताड़ना में काटे। उन्होंने बताया, "मैं पूरी तरह निर्दोष हूं, यह अब साबित हो चुका है, लेकिन मुझे समझ नहीं आ रहा कि मेरे ही पति ने मुझे इस साजिश में क्यों फंसाया।" • पति की साजिश: पुलिस जांच और कोर्ट की टिप्पणियों से यह साफ हुआ है कि शालू के पति ने ही जायदाद और अन्य विवादों के चलते अपने पिता (विनीत मिनोचा) की हत्या की साजिश रची थी और अपनी पत्नी को इस मामले में मुख्य आरोपी के तौर पर फंसाने की कोशिश की थी। • सच्चाई की जीत: शालू ने न्यायपालिका का आभार जताते हुए कहा कि देर से ही सही, लेकिन उनकी बेगुनाही सबके सामने आ गई है और अब उनका ध्यान अपने बच्चों और खुद को इस गहरे सदमे से बाहर निकालने पर है। ब्रेकिंग न्यूज़ संवाददाता आशीष मिश्रा दैनिक समाचार
- दलित-आदिवासी समाज की आवाज़ कांस्टीट्यूशन क्लब से उठी, SELF MEETING में हुई बड़ी चर्चा1
- *उपाध्यक्ष कोऑर्डिनेटर ज्ञानेंद्र सिंह राघव ने कांग्रेस नेताओं के साथ बेसिक शिक्षा विभाग जनपद बुलंदशहर की अव्यवस्थाओं को लेकर प्रभारी अधिकारी बीएसए को सौंपा ज्ञापन।* *उपाध्यक्ष कोऑर्डिनेटर ज्ञानेंद्र सिंह राघव ने कांग्रेस नेताओं के साथ बेसिक शिक्षा विभाग जनपद बुलंदशहर की अव्यवस्थाओं को लेकर प्रभारी अधिकारी बीएसए को सौंपा ज्ञापन।*1
- एक पल की घबराहट थी, लेकिन हौसला बढ़ाने वाले कई हाथ साथ थे। 🤝 भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री नितिन नवीन जी के जयपुर ‘युवा संवाद’ में जब एक युवा साथी बोलते हुए थोड़ा Nervous हुआ, तो वहां मौजूद हर शख्स ने तालियों की गूंज के साथ कहा, “We’ve got your back!” *एक-दूसरे का हौसला बढ़ाना और साथ मिलकर आगे बढ़ना… यही तो है आज के भारत की असली Youth Power!*1
- पूर्वी दिल्ली जिला की ANS की टीम ने ऑपरेशन कवच के दौरान 5 ड्रग्स तस्करों को गिरफ्तार किया एंटी-नारकोटिक्स स्क्वॉड, ईस्ट डिस्ट्रिक्ट ने ऑपरेशन कवच के तहत, सोर्स समेत 05 ड्रग तस्करों को गिरफ्तार किया और उनके पास से 100 gm MDMA (कमर्शियल क्वांटिटी), 61 gm स्मैक, 3.816 kg गांजा, ₹42,540 कैश, और 02 ज़िंदा कारतूस के साथ एक ऑटोमैटिक पिस्टल बरामद की। इस ऑपरेशन में एक ड्रग-सप्लाई नेटवर्क का पर्दाफाश हुआ जो लोकल डिस्ट्रीब्यूशन के लिए नशीले पदार्थों को खरीदने और रीपैकेज करने में शामिल था; एक अलग आर्म्स एक्ट केस भी दर्ज किया गया है। आगे की जांच जारी है।1
- सौरभ भारद्वाज को दिल्ली पुलिस ने किया डिटेन प्रवेश वर्मा के खिलाफ fir सौरभ भारद्वाज को दिल्ली पुलिस ने किया डिटेन प्रवेश वर्मा के खिलाफ fir1
- आज एक मुस्लिम भाई का फोन आया। उनकी गारमेंट्स कंपनी से जुड़ी कुछ समस्या थी, इसलिए उनसे मिलने के लिए निकलना हुआ। रास्ते में अचानक कबूतरों को देखा तो गाड़ी रोककर उन्हें दाना खिलाया। कुछ पल उनके साथ बिताकर मन को एक अलग ही सुकून मिला। मजहब अलग हो सकते हैं, लेकिन इंसानियत, मदद और दया का रिश्ता सबसे बड़ा होता है। किसी जरूरतमंद की मदद करना और किसी बेजुबान को दाना देना—दोनों ही दिल को सुकून देते हैं। ❤️🕊️1
- अमेरिका कभी चाहता था कि भारत अपने विकल्प सीमित करे, लेकिन अब 'वह दिखावा खत्म हो गया है': एस जयशंकर अमेरिका कभी चाहता था कि भारत अपने विकल्प सीमित करे, लेकिन अब 'वह दिखावा खत्म हो गया है': एस जयशंकर विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा कि पहले US चाहता था कि दूसरा देश सिर्फ हमारे साथ रिश्ता रखे और उसके पास बहुत अधिक विकल्प न हों, सिर्फ अमेरिका ही था जो अपने विकल्प खुले रखता था। इसके आगे उन्होंने कहा कि अब यह ट्रेंड बदल गया है। हर कोई खुले तौर पर एक-दूसरे के साथ डील कर रहा है और इसी तरह हम मल्टी पोलैरिटी (बहु-ध्रुवीयता) की ओर बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा, यह एक ऐसी चीज है जिसे हर कोई अपनाएगा और हर कोई अपनी जरूरतों को बेहतर ढंग से समझते हुए किसी भी स्थिति से सबसे अच्छा फायदा उठाने की कोशिश करेगा।1
- दलित-आदिवासी समाज की बड़ी SELF MEETING, कांस्टीट्यूशन क्लब दिल्ली में जुटे लोग1