मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने रविवार शाम लखनऊ में आयुष विभाग की समीक्षा बैठक की, जिसमें उन्होंने ‘आयुष हेल्थ एंड वेलनेस नीति-2026’ को प्रभावी ढंग से लागू करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री जी ने कहा कि उत्तर प्रदेश को आयुष, योग, पंचकर्म एवं प्राकृतिक चिकित्सा सेवाओं के समन्वय से राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक प्रमुख वेलनेस डेस्टिनेशन के रूप में विकसित किया जाए। उन्होंने आयुष सेवाओं को आधुनिक प्रबंधन, गुणवत्ता मानकों और पर्यटन से जोड़ते हुए रोजगार एवं निवेश को नई गति देने पर विशेष बल दिया। मुख्यमंत्री ने बताया कि वाराणसी, अयोध्या एवं मथुरा जैसे प्रमुख धार्मिक स्थलों के आसपास वेलनेस एवं हीलिंग आधारित पर्यटन विकसित किए जाने की व्यापक संभावनाएं हैं। उन्होंने निर्देश दिए कि आयुष संस्थानों को केवल उपचार केंद्रों के रूप में नहीं, बल्कि वेलनेस, प्रशिक्षण, अनुसंधान एवं रोजगार सृजन के केंद्र के रूप में भी विकसित किया जाए। इस योजना के तहत, पीपीपी मॉडल के माध्यम से आधुनिक आयुष वेलनेस सेंटर और 100 शैय्या वाले एकीकृत आयुष चिकित्सा एवं प्रशिक्षण केंद्र स्थापित किए जाएंगे। मुख्यमंत्री जी ने मीरजापुर, गोंडा, मेरठ, आगरा एवं बस्ती मंडलों में एकीकृत आयुष महाविद्यालयों की स्थापना की दिशा में तेजी से कार्यवाही करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने आयुष चिकित्सा संस्थानों में बेहतर ओपीडी सेवाएं, दवाओं की पर्याप्त उपलब्धता एवं पंचकर्म जैसी पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों को प्रोत्साहित करने पर भी बल दिया। मुख्यमंत्री जी ने अंत में कहा कि आयुष आधारित वेलनेस इकोनॉमी प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं, निवेश, पर्यटन और रोजगार सृजन का एक नया आधार बनेगी।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने रविवार शाम लखनऊ में आयुष विभाग की समीक्षा बैठक की, जिसमें उन्होंने ‘आयुष हेल्थ एंड वेलनेस नीति-2026’ को प्रभावी ढंग से लागू करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री जी ने कहा कि उत्तर प्रदेश को आयुष, योग, पंचकर्म एवं प्राकृतिक चिकित्सा सेवाओं के समन्वय से राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक प्रमुख वेलनेस डेस्टिनेशन के रूप में विकसित किया जाए। उन्होंने आयुष सेवाओं को आधुनिक प्रबंधन, गुणवत्ता मानकों और पर्यटन से जोड़ते हुए रोजगार एवं निवेश को नई गति देने पर विशेष बल दिया। मुख्यमंत्री ने बताया कि वाराणसी, अयोध्या एवं मथुरा जैसे प्रमुख धार्मिक स्थलों के आसपास वेलनेस एवं हीलिंग आधारित पर्यटन विकसित किए जाने की व्यापक संभावनाएं हैं। उन्होंने निर्देश दिए कि आयुष संस्थानों को केवल उपचार केंद्रों के रूप में नहीं, बल्कि वेलनेस, प्रशिक्षण, अनुसंधान एवं रोजगार सृजन के केंद्र के रूप में भी विकसित किया जाए। इस योजना के तहत, पीपीपी मॉडल के माध्यम से आधुनिक आयुष वेलनेस सेंटर और 100 शैय्या वाले एकीकृत आयुष चिकित्सा एवं प्रशिक्षण केंद्र स्थापित किए जाएंगे। मुख्यमंत्री जी ने मीरजापुर, गोंडा, मेरठ, आगरा एवं बस्ती मंडलों में एकीकृत आयुष महाविद्यालयों की स्थापना की दिशा में तेजी से कार्यवाही करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने आयुष चिकित्सा संस्थानों में बेहतर ओपीडी सेवाएं, दवाओं की पर्याप्त उपलब्धता एवं पंचकर्म जैसी पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों को प्रोत्साहित करने पर भी बल दिया। मुख्यमंत्री जी ने अंत में कहा कि आयुष आधारित वेलनेस इकोनॉमी प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं, निवेश, पर्यटन और रोजगार सृजन का एक नया आधार बनेगी।
- भागलपुर जिले के सुल्तानगंज स्थित नमामि गंगे घाट पर रविवार को एक बड़ा हादसा टल गया, जब मानसिक तनाव और कर्ज से जूझ रही एक महिला ने गंगा नदी में छलांग लगा दी। घाट पर मौजूद लोगों ने महिला को डूबते देख शोर मचाया, जिसके बाद गश्त कर रही SDRF टीम तत्काल मौके पर पहुंची और एक साहसिक अभियान चलाकर महिला को सुरक्षित बाहर निकाला। महिला की पहचान बांका जिले के अमरपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत केंदवार गांव निवासी भिखारी यादव की पत्नी प्रियंका कुमारी के रूप में हुई है। घटना स्थल पर महिला के पति और उनके बेटे के पहुंचने के बाद घंटों तक हाई वोल्टेज ड्रामा चलता रहा। बताया गया है कि दो साल पहले पति के इलाज और घरेलू खर्चों के लिए विभिन्न बैंकों से दो लाख रुपये से अधिक का ऋण लिया गया था। आर्थिक तंगी बढ़ने के साथ ही पति-पत्नी के बीच विवाद भी गहराता चला गया। प्रियंका ने आरोप लगाया कि उनके पति, जो पेशे से एक ट्रक चालक हैं, अक्सर उन पर किसी अन्य व्यक्ति से संबंध होने का शक कर ताने मारते थे। वहीं, पति का कहना है कि पत्नी के कथित अफेयर के कारण उन्होंने कर्ज चुकाने से इनकार कर दिया था। लगातार बढ़ते तनाव से परेशान होकर महिला ने यह आत्मघाती कदम उठाया। सूचना मिलने पर सुल्तानगंज थाना पुलिस दोनों को थाने ले गई, जहाँ समझौते और आगे की कार्रवाई की प्रक्रिया जारी है।1
- बिहार में अवैध खनन माफियाओं का कारोबार धड़ल्ले से जारी है, जिससे आम जनता को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। रिपोर्ट के अनुसार, इस अवैध कारोबार से पैसा कमाने वाले तो कमा लेते हैं, लेकिन सरकार को हो रहे राजस्व के कुल घाटे की जानकारी किसी को नहीं है। इस गंभीर समस्या पर सरकार से कड़ी कार्रवाई करने की मांग की गई है। जनपद बहराइच के मोतीपुर तहसील क्षेत्र में, अवैध खनन का कारोबार दिन के उजाले में भी बेरोकटोक जारी है, जहाँ अवैध खनन की ट्रैक्टर-ट्रॉलियां दौड़ती नजर आती हैं। सूत्रों की मानें तो मिट्टी के ट्रैक्टर पर ₹5,000 और बालू के ट्रैक्टर पर ₹10,000 तक की अवैध वसूली की जाती है। यह भी आरोप है कि अवैध खनन कारोबारियों को राजस्व प्रशासन का भी सहयोग मिल रहा है। सूत्रों से मिली बड़ी जानकारी के अनुसार, तहसील के कुछ बड़े अधिकारी रात में मौके पर जाकर अवैध खनन कारोबारियों से सीधे अवैध वसूली करते हैं। दिन में अवैध खनन करने वाली ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के वीडियो भी सामने आए हैं। ये अवैध खनन कारोबारी उपजाऊ मिट्टी को बंजर कर रहे हैं, जिससे बड़े पैमाने पर राजस्व का भी नुकसान हो रहा है। रिपोर्ट में सवाल उठाया गया है कि आखिर इस अवैध खनन का जिम्मेदार कौन है और सरकार इस पर कब कड़ी कार्रवाई करेगी।1
- खगड़िया के परबत्ता प्रखंड निवासी शैलेश कुमार की हरियाणा के बहादुरगढ़ फैक्ट्री हादसे में दर्दनाक मौत हो गई। इस खबर से बैसा गांव में मातम पसर गया है और शैलेश की पत्नी व मासूम बच्ची का रो-रोकर बुरा हाल है। ग्रामीण अब इस बेसहारा परिवार के भविष्य को लेकर चिंतित हैं।1
- मुंगेर पुलिस और एसटीएफ ने अवैध हथियार तस्करी के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई करते हुए मुफस्सिल थाना क्षेत्र के वाकरपुर गांव में छापेमारी की और तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। इस दौरान पुलिस ने मौके से एक देशी पिस्टल, एक मैगजीन, 120 जिंदा कारतूस, 4.50 लाख रुपये नकद, छह मोबाइल फोन, एक बाइक और एक चारपहिया वाहन बरामद किया। मुंगेर के एसपी सैयद इमरान मसूद ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि यह कार्रवाई गुप्त सूचना के आधार पर सदर एसडीपीओ अभिषेक आनंद के नेतृत्व में गठित एक टीम द्वारा की गई। छापेमारी के बाद मो. साहिल, मो. आजाद और गोपाल दास को गिरफ्तार किया गया। एसपी ने आगे जानकारी दी कि मो. साहिल, मल्लिक गिरोह का मुख्य सरगना है, जिसका काम अवैध हथियार खरीदना और फिर उन्हें ग्राहकों तक पहुंचाना था। पुलिस अब बरामद हुए कारतूस के स्रोत, बैंक ट्रांजेक्शन और मो. साहिल की अवैध संपत्ति की गहराई से जांच कर रही है।1
- मुंगेर के संग्रामपुर में दो सांपों का अद्भुत नजारा देखने को मिला, जिसका वीडियो वायरल हो गया है। यह घटना सम्राट चौधरी के क्षेत्र में हुई, जिसे देखकर स्थानीय लोग हैरान हैं।1
- भागलपुर के नाथनगर थाना परिसर में बकरीद पर्व को शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न कराने के उद्देश्य से एक शांति समिति की बैठक आयोजित की गई। यह बैठक थानाध्यक्ष अभय शंकर की अध्यक्षता में संपन्न हुई, जिसमें पूजा समिति, शांति समिति के सदस्यों और स्थानीय गणमान्य लोगों ने हिस्सा लिया। इस बैठक के दौरान, पूर्व थानाध्यक्ष राजीव रंजन और वर्तमान थानाध्यक्ष अभय शंकर को पूजा समिति अध्यक्ष पप्पू यादव द्वारा भागलपुरी चादर देकर सम्मानित किया गया। पप्पू यादव ने इस अवसर पर कहा कि राजीव रंजन ने अपने कार्यकाल के दौरान सभी पर्वों को शांति, सद्भाव और भाईचारे के साथ संपन्न कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। नाथनगर की जनता, पूजा समिति और शांति समिति की ओर से उन्हें भावभीनी विदाई दी गई। साथ ही, उन्हें कोतवाली थानाध्यक्ष के रूप में उनकी नई जिम्मेदारी के लिए शुभकामनाएं भी दी गईं।1
- खगड़िया जिले के भगवान हाई स्कूल के ऐतिहासिक मैदान में भीषण गर्मी और तपती धूप के बावजूद खिलाड़ी आपस में क्रिकेट खेलने में जुटे हुए हैं। इन खिलाड़ियों को पूरी उम्मीद है कि जल्द ही बिहार से भी एक क्रिकेट टीम का गठन होगा, जो इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) में राज्य का प्रतिनिधित्व करेगी और उसका नेतृत्व करेगी। इस उम्मीद के बीच, पोस्ट ने दर्शकों से पूछा है कि इस विषय पर उनकी क्या राय है।1
- भागलपुर जिले के सुलतानगंज थाना क्षेत्र स्थित लक्ष्मी नारायण मंदिर प्रांगण में जयसवाल समिति अजगैबीनाथ द्वारा हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी प्रखंड स्तरीय 'जयसवाल प्रतिभा सम्मान समारोह' का भव्य आयोजन किया गया। समिति के संरक्षक अरुण चौधरी की अध्यक्षता में आयोजित इस समारोह में सीबीएसई एवं बीएसईबी बोर्ड से मैट्रिक और इंटर परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले दर्जनों छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया गया। उनके उज्ज्वल भविष्य को ध्यान में रखते हुए पठन-पाठन की सामग्री भी वितरित की गई। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने इस बात पर जोर दिया कि शिक्षा समाज के विकास की सबसे बड़ी ताकत है। उनके अनुसार, मेधावी छात्र-छात्राओं का सम्मान करने से बच्चों में आगे बढ़ने की प्रेरणा जागृत होती है और इससे समाज में शिक्षा के प्रति जागरूकता भी बढ़ती है। वक्ताओं ने यह भी बताया कि समिति केवल शिक्षा के क्षेत्र में ही नहीं, बल्कि सामाजिक सरोकारों में भी सक्रिय भूमिका निभा रही है। इस अवसर पर समिति ने एक महत्वपूर्ण घोषणा की कि जो परिवार अपनी बेटियों की शादी कराने में सक्षम नहीं हैं, उनकी सहायता के लिए समिति हरसंभव पहल करेगी। समिति का यह संकल्प उपस्थित लोगों के बीच चर्चा का विषय बना रहा और इसकी व्यापक सराहना की गई। समारोह में डॉक्टर अजीत चौधरी, प्रकाश चौधरी, चंद्रशेखर चौधरी, सीताराम चौधरी, महेश चौधरी, शत्रुघ्न चौधरी और राजीव रंजन सनी चौधरी सहित शहर के कई गणमान्य व्यक्ति, साथ ही बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं और उनके अभिभावक भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समापन विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना और समाज में शिक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने के संकल्प के साथ हुआ।1