बस्ती के बीच से 33 हजार केवीए लाइन ले जाने पर विरोध, सैकड़ों ग्रामीणों का हंगामा नहर पटरी से लाइन ले जाने पर नहर विभाग ने भी जताई आपत्ति मेजा, प्रयागराज। क्षेत्र के मेजारोड इलाके में 33 हजार केवीए बिजली लाइन के रूट को लेकर विवाद गहरा गया है। बंधवा, लूतर और बरसैता होते हुए पौसिया तक दूसरी लाइन से जोड़ने का कार्य शुरू होते ही ग्रामीणों ने विरोध शुरू कर दिया। रविवार को बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर जुट गए और लाइन को बस्ती के बीच से ले जाने का कड़ा विरोध किया। ग्रामीणों का आरोप है कि पहले यह लाइन गांव की आबादी से बाहर से गुजरती थी, लेकिन अब मरम्मत के नाम पर इसे बस्ती के बीचोंबीच ले जाया जा रहा है। उनका कहना है कि नए रूट में कई मकान, यहां तक कि दो मंजिला इमारतें भी हाईटेंशन लाइन की जद में आ रही हैं, जिससे हादसे का खतरा बढ़ गया है। ग्रामीणों ने यह भी बताया कि जिस रास्ते से लाइन ले जाने की तैयारी है, वहां पहले से ही 11 हजार केवीए की लाइन मौजूद है। ऐसे में दो हाईटेंशन लाइनों का एक साथ बस्ती के बीच से गुजरना बेहद खतरनाक साबित हो सकता है। मामले में नहर विभाग ने भी आपत्ति दर्ज कराई है। नहर की पटरी से लाइन ले जाने पर विभाग के कर्मचारी आशुतोष मिश्रा और प्रदीप कुमार यादव मौके पर पहुंचे और ठेकेदार रमेश चन्द्र शुक्ला को ऐसा न करने की चेतावनी दी। शनिवार को भी बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर जमा हुए और विरोध जताया। हसमत अली, रौबेग, जगदेव पाल, जगदन अली, मोहम्मद जिलानी, डॉ. संजीव केशरी, सराफत अली, अकबर अली, रामकली, अमरनाथ, हसनैन बेग, याकूब बेग, रफीक बेग, मंशुक शेख, अभयराज, इंद्रीश, हरिशंकर और फूलचंद समेत दर्जनों लोगों ने ठेकेदार से मांग की कि लाइन को बस्ती के बाहर से ही ले जाया जाए। ग्रामीणों का कहना है कि सुरक्षा के मद्देनजर हाईटेंशन लाइन को आबादी से दूर रखा जाना जरूरी है, अन्यथा किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता है। वहीं ठेकेदार रमेश चन्द्र शुक्ला का कहना है कि विभागीय निर्देश के अनुसार ही कार्य कराया जा रहा है और लाइन बस्ती के बीच से ही निकाली जा रही है। इधर, ग्रामीण अब बिजली विभाग के उच्च अधिकारियों से मिलकर लाइन का रूट बदलवाने की तैयारी में हैं। उनका कहना है कि यदि उनकी मांग नहीं मानी गई तो वे उग्र विरोध करेंगे। लूतर गांव सहित आसपास के क्षेत्रों के सैकड़ों लोग इसको लेकर लामबंद हो गए हैं। बस्ती के बीच से 33 हजार केवीए लाइन ले जाने पर विरोध, सैकड़ों ग्रामीणों का हंगामा नहर पटरी से लाइन ले जाने पर नहर विभाग ने भी जताई आपत्ति मेजा, प्रयागराज। क्षेत्र के मेजारोड इलाके में 33 हजार केवीए बिजली लाइन के रूट को लेकर विवाद गहरा गया है। बंधवा, लूतर और बरसैता होते हुए पौसिया तक दूसरी लाइन से जोड़ने का कार्य शुरू होते ही ग्रामीणों ने विरोध शुरू कर दिया। रविवार को बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर जुट गए और लाइन को बस्ती के बीच से ले जाने का कड़ा विरोध किया। ग्रामीणों का आरोप है कि पहले यह लाइन गांव की आबादी से बाहर से गुजरती थी, लेकिन अब मरम्मत के नाम पर इसे बस्ती के बीचोंबीच ले जाया जा रहा है। उनका कहना है कि नए रूट में कई मकान, यहां तक कि दो मंजिला इमारतें भी हाईटेंशन लाइन की जद में आ रही हैं, जिससे हादसे का खतरा बढ़ गया है। ग्रामीणों ने यह भी बताया कि जिस रास्ते से लाइन ले जाने की तैयारी है, वहां पहले से ही 11 हजार केवीए की लाइन मौजूद है। ऐसे में दो हाईटेंशन लाइनों का एक साथ बस्ती के बीच से गुजरना बेहद खतरनाक साबित हो सकता है। मामले में नहर विभाग ने भी आपत्ति दर्ज कराई है। नहर की पटरी से लाइन ले जाने पर विभाग के कर्मचारी आशुतोष मिश्रा और प्रदीप कुमार यादव मौके पर पहुंचे और ठेकेदार रमेश चन्द्र शुक्ला को ऐसा न करने की चेतावनी दी। शनिवार को भी बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर जमा हुए और विरोध जताया। हसमत अली, रौबेग, जगदेव पाल, जगदन अली, मोहम्मद जिलानी, डॉ. संजीव केशरी, सराफत अली, अकबर अली, रामकली, अमरनाथ, हसनैन बेग, याकूब बेग, रफीक बेग, मंशुक शेख, अभयराज, इंद्रीश, हरिशंकर और फूलचंद समेत दर्जनों लोगों ने ठेकेदार से मांग की कि लाइन को बस्ती के बाहर से ही ले जाया जाए। ग्रामीणों का कहना है कि सुरक्षा के मद्देनजर हाईटेंशन लाइन को आबादी से दूर रखा जाना जरूरी है, अन्यथा किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता है। वहीं ठेकेदार रमेश चन्द्र शुक्ला का कहना है कि विभागीय निर्देश के अनुसार ही कार्य कराया जा रहा है और लाइन बस्ती के बीच से ही निकाली जा रही है। इधर, ग्रामीण अब बिजली विभाग के उच्च अधिकारियों से मिलकर लाइन का रूट बदलवाने की तैयारी में हैं। उनका कहना है कि यदि उनकी मांग नहीं मानी गई तो वे उग्र विरोध करेंगे। लूतर गांव सहित आसपास के क्षेत्रों के सैकड़ों लोग इसको लेकर लामबंद हो गए हैं।
बस्ती के बीच से 33 हजार केवीए लाइन ले जाने पर विरोध, सैकड़ों ग्रामीणों का हंगामा नहर पटरी से लाइन ले जाने पर नहर विभाग ने भी जताई आपत्ति मेजा, प्रयागराज। क्षेत्र के मेजारोड इलाके में 33 हजार केवीए बिजली लाइन के रूट को लेकर विवाद गहरा गया है। बंधवा, लूतर और बरसैता होते हुए पौसिया तक दूसरी लाइन से जोड़ने का कार्य शुरू होते ही ग्रामीणों ने विरोध शुरू कर दिया। रविवार को बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर जुट गए और लाइन को बस्ती के बीच से ले जाने का कड़ा विरोध किया। ग्रामीणों का आरोप है कि पहले यह लाइन गांव की आबादी से बाहर से गुजरती थी, लेकिन अब मरम्मत के नाम पर इसे बस्ती के बीचोंबीच ले जाया जा रहा है। उनका कहना है कि नए रूट में कई मकान, यहां तक कि दो मंजिला इमारतें भी हाईटेंशन लाइन की जद में आ रही हैं, जिससे हादसे का खतरा बढ़ गया है। ग्रामीणों ने यह भी बताया कि जिस रास्ते से लाइन ले जाने की तैयारी है, वहां पहले से ही 11 हजार केवीए की लाइन मौजूद है। ऐसे में दो हाईटेंशन लाइनों का एक साथ बस्ती के बीच से गुजरना बेहद खतरनाक साबित हो सकता है। मामले में नहर विभाग ने भी आपत्ति दर्ज कराई है। नहर की पटरी से लाइन ले जाने पर विभाग के कर्मचारी आशुतोष मिश्रा और प्रदीप कुमार यादव मौके पर पहुंचे और ठेकेदार रमेश चन्द्र शुक्ला को ऐसा न करने की चेतावनी दी। शनिवार को भी बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर जमा हुए और विरोध जताया। हसमत अली, रौबेग, जगदेव पाल, जगदन अली, मोहम्मद जिलानी, डॉ. संजीव केशरी, सराफत अली, अकबर अली, रामकली, अमरनाथ, हसनैन बेग, याकूब बेग, रफीक बेग, मंशुक शेख, अभयराज, इंद्रीश, हरिशंकर और फूलचंद समेत दर्जनों लोगों ने ठेकेदार से मांग की कि लाइन को बस्ती के बाहर से ही ले जाया जाए। ग्रामीणों का कहना है कि सुरक्षा के मद्देनजर हाईटेंशन लाइन को आबादी से दूर रखा जाना जरूरी है, अन्यथा किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता है। वहीं ठेकेदार रमेश चन्द्र शुक्ला का कहना है कि विभागीय निर्देश के अनुसार ही कार्य कराया जा रहा है और लाइन बस्ती के बीच से ही निकाली जा रही है। इधर, ग्रामीण अब बिजली विभाग के उच्च अधिकारियों से मिलकर लाइन का रूट बदलवाने की तैयारी में हैं। उनका कहना है कि यदि उनकी मांग नहीं मानी गई तो वे उग्र विरोध करेंगे। लूतर गांव सहित आसपास के क्षेत्रों के सैकड़ों लोग इसको लेकर लामबंद हो गए हैं। बस्ती के बीच से 33 हजार केवीए लाइन ले जाने पर विरोध, सैकड़ों ग्रामीणों का हंगामा नहर पटरी से लाइन ले जाने पर नहर विभाग ने भी जताई आपत्ति मेजा, प्रयागराज। क्षेत्र के मेजारोड इलाके में 33 हजार केवीए बिजली लाइन के रूट को लेकर विवाद गहरा गया है। बंधवा, लूतर और बरसैता होते हुए पौसिया तक दूसरी लाइन से जोड़ने का कार्य शुरू होते ही ग्रामीणों ने विरोध शुरू कर दिया। रविवार को बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर जुट गए और लाइन को बस्ती के बीच से ले जाने का कड़ा विरोध किया। ग्रामीणों का आरोप है कि पहले यह लाइन गांव की आबादी से बाहर से गुजरती थी, लेकिन अब मरम्मत के नाम पर इसे बस्ती के बीचोंबीच ले जाया जा रहा है। उनका कहना है कि नए रूट में कई मकान, यहां तक कि दो मंजिला इमारतें भी हाईटेंशन लाइन की जद में आ रही हैं, जिससे हादसे का खतरा बढ़ गया है। ग्रामीणों ने यह भी बताया कि जिस रास्ते से लाइन ले जाने की तैयारी है, वहां पहले से ही 11 हजार केवीए की लाइन मौजूद है। ऐसे में दो हाईटेंशन लाइनों का एक साथ बस्ती के बीच से गुजरना बेहद खतरनाक साबित हो सकता है। मामले में नहर विभाग ने भी आपत्ति दर्ज कराई है। नहर की पटरी से लाइन ले जाने पर विभाग के कर्मचारी आशुतोष मिश्रा और प्रदीप कुमार यादव मौके पर पहुंचे और ठेकेदार रमेश चन्द्र शुक्ला को ऐसा न करने की चेतावनी दी। शनिवार को भी बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर जमा हुए और विरोध जताया। हसमत अली, रौबेग, जगदेव पाल, जगदन अली, मोहम्मद जिलानी, डॉ. संजीव केशरी, सराफत अली, अकबर अली, रामकली, अमरनाथ, हसनैन बेग, याकूब बेग, रफीक बेग, मंशुक शेख, अभयराज, इंद्रीश, हरिशंकर और फूलचंद समेत दर्जनों लोगों ने ठेकेदार से मांग की कि लाइन को बस्ती के बाहर से ही ले जाया जाए। ग्रामीणों का कहना है कि सुरक्षा के मद्देनजर हाईटेंशन लाइन को आबादी से दूर रखा जाना जरूरी है, अन्यथा किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता है। वहीं ठेकेदार रमेश चन्द्र शुक्ला का कहना है कि विभागीय निर्देश के अनुसार ही कार्य कराया जा रहा है और लाइन बस्ती के बीच से ही निकाली जा रही है। इधर, ग्रामीण अब बिजली विभाग के उच्च अधिकारियों से मिलकर लाइन का रूट बदलवाने की तैयारी में हैं। उनका कहना है कि यदि उनकी मांग नहीं मानी गई तो वे उग्र विरोध करेंगे। लूतर गांव सहित आसपास के क्षेत्रों के सैकड़ों लोग इसको लेकर लामबंद हो गए हैं।
- प्रयागराज के पत्रकारों के लिए बड़ी खुशखबरी डिप्टी सीएम एवं स्वास्थ्य मंत्री बृजेश पाठक जी ने प्रयागराज के पत्रकारों को बड़ी सौगात देते हुए निर्देश दिए हैं कि सभी सरकारी अस्पतालों में पत्रकारों के लिए अलग काउंटर की व्यवस्था की जाए।1
- डिप्टी सीएम बृजेश पाठक का बड़ा बयान पत्रकारों को प्रयागराज में मिले मुफ्त इलाज...सभी सरकारी अस्पताल में मिलें सुविधा न हो कोई समस्या... डिप्टी सीएम बृजेश पाठक का बड़ा बयान पत्रकारों को प्रयागराज में मिले मुफ्त इलाज...सभी सरकारी अस्पताल में मिलें सुविधा न हो कोई समस्या...1
- अगस्त 2026 शनिवार को RJP के राष्ट्रीय अध्यक्ष सत्यपाल सिंह सिसोदिया* *1 अगस्त 2026 शनिवार को RJP के राष्ट्रीय अध्यक्ष सत्यपाल सिंह सिसोदिया* साथ में महेश सिसोदिया उत्तर प्रदेश नियुक्ति प्रभारी, विजेंद्र सिंह सोम पश्चिमी उत्तर प्रदेश प्रभारी, संदीप राणा जी जिला गाजियाबाद उपाध्यक्ष, उत्तर प्रदेश उपाध्यक्ष राजेश चौहान जी, रामराज सिंह दिल्ली उपाध्यक्ष , ठाकुर राम सिंह सचिव दिल्ली प्रदेश राजस्थान प्रदेश अध्यक्ष विजय गोरिसर , प्रदेश यूथ अध्यक्ष धर्वेंद्र सिंह सिकरवार , प्रताप सिंह शेखावत प्रदेश महासचिव ,सीकर जिला अध्यक्ष बलवीर सिंह सीकर , जोधपुर से महिला मोर्चा जिला अध्यक्ष सज्जन कंवर, और अपनी पार्टी पदाधिकारी भारी संख्या में पहुंचे जयपुर राजस्थान में *श्री महिपाल सिंह मकराना जी के द्वारा UGC काले कानून विरोध में 22वें दिन की 750 किलोमीटर की यात्रा में* शामिल होने पंहुचे वहां पहुंचने पर जानकारी मिली कि महिपाल मकराना जी की तबीयत अचानक खराब हो गई है प्रदेश कार्यकारिणी के द्वारा सभी का जोरदार स्वागत किया गया उसके बाद सभी महिपाल सिंह मकराना जी के स्वास्थ्य की जानकारी लेने के लिए अस्पताल गए फिर 22वें दिन से 750 किलोमीटर की यात्रा यूजीसी काले कानून के विरोध में चल रहे कार्यक्रम में शामिल होकर राष्ट्रवादी जनलोक पार्टी (सत्य) ने अपना इस यात्रा आंदोलन में अपना समर्थन दिया !3
- जसरा की सरकारी सब्जी मंडी बनी दलदल, कीचड़ में धंसी बाइक, व्यापारी घायल और सब्जी बर्बाद। जसरा की सरकारी सब्जी मंडी बनी दलदल, कीचड़ में धंसी बाइक, व्यापारी घायल और सब्जी बर्बाद।1
- शंकरगढ़ क्रेशर प्लांटों में हो रही लगातार ब्लास्टिंग से वन जिओ के जीवन पर मडरा रहे संकट के बादल मोर जैसे राष्ट्रीय पक्षी की हो रही मौत प्रयागराज, बारा क्षेत्र के मखदूम्बा पहाड़ पर रविवार को राष्ट्रीय पक्षी मोर का शव मिलने से ग्रामीणों और किसानों में भारी आक्रोश है।सूचना मिलते ही मौके पर बड़ी संख्या में लोग इकट्ठा हो गए। किसानों का आरोप है। कि इलाके में संचालित क्रेशर प्लांटों में लगातार हो रही ब्लास्टिंग की वजह से वन्यजीवों के जीवन से खिलवाड़ क्रेशर प्लांट में लगातार हो रही ब्लास्टिंग से वन जिओ का जीवन संकट में है। तेज धमाकों और धूल के कारण मोर समेत अन्य पक्षी और जानवर दहशत में हैं।भारतीय किसान यूनियन प्रयाग के जिलाध्यक्ष *ऋषि कुमार पांडेय*ने मृत मोर मिलने पर गहरा दुख जताया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय पक्षी का इस तरह मरना बेहद शर्मनाक है। प्रशासन की लापरवाही से मखदूम्बा का पूरा इको-सिस्टम खतरे में है। प्रशासन से 3 प्रमुख मांगें रखी हैं: मृत मोर के शव का पोस्टमार्टम कराकर मौत का कारण सार्वजनिक किया जाए अवैध खनन और क्रेशर प्लांटों में ब्लास्टिंग पर तत्काल रोक लगाई जाए दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई हो आंदोलन की चेतावनी ऋषि कुमार पांडेय ने चेतावनी दी कि अगर 7 दिन के अंदर कार्रवाई नहीं हुई तो किसान जिलाधिकारी कार्यालय का घेराव कर बड़ा आंदोलन करेंगे।स्थानीय ग्रामीणों ने भी वन विभाग से मांग की है। कि मखदूम्बा क्षेत्र को संरक्षित घोषित कर ब्लास्टिंग पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाए। फिलहाल वन विभाग की टीम ने शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है।1
- सड़कों पर उतरे अयोध्या के संत. संसद परिसर में संत वेष धारण कर "सनातन आस्था का मजाक" उड़ाने वाले सांसदों, विडियो वायरल पप्पू यादव, खड़गे राहुल गांधी अवधेश प्रसाद अखिलेश यादव इनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने की मांग।संतों ने साफ कहा — ये छद्म वेष में किया गया आघात बर्दाश्त नहीं होगा। विडियो वायरल सड़कों पर उतरे अयोध्या के संत. संसद परिसर में संत वेष धारण कर "सनातन आस्था का मजाक" उड़ाने वाले सांसदों, विडियो वायरल पप्पू यादव, खड़गे राहुल गांधी अवधेश प्रसाद अखिलेश यादव इनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने की मांग।संतों ने साफ कहा — ये छद्म वेष में किया गया आघात बर्दाश्त नहीं होगा। विडियो वायरल1
- उत्तर प्रदेश: प्रयागराज में सावन माह में निशान चढ़ाकर फाफामऊ की ओर लौट रहे तीन बाइक सवारों को रोडवेज बस ने जोरदार टक्कर मार दी। हादसे में तीनों युवक गंभीर रूप से घायल हो गए।* *सूचना मिलते ही थरवई थाना पुलिस मौके पर पहुँची और घायलों को तत्काल उपचार के लिए स्वरूप रानी नेहरू चिकित्सालय भेज दिया। घायलों की पहचान दीपक कुमार (32 वर्ष), संतोष कुमार और चवन्नी लाल के रूप में हुई है। तीनों रेरुवा थाना नवाबगंज के निवासी हैं।* *पुलिस मामले की जाँच कर रही है।*1