भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय के रिपर्ट्री अनुदान के तहत सुल्तानपुर जिले के दोस्तपुर विकास खंड के जमालपुर गांव में एक भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। पंडित दयाशंकर पाण्डेय सेवा बभनैया, पश्चिम नगर पंचायत दोस्तपुर द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में पारंपरिक लोक विधाओं की मनमोहक प्रस्तुतियां दी गईं, जिसने दर्शकों का मन मोह लिया। कार्यक्रम में लोकगीत, लोकनृत्य, भजन, नाटक, सोहर, बधाई और गारी जैसी पारंपरिक कलाओं ने पूरा वातावरण लोक संस्कृति के रंग में रंग दिया, जिससे उपस्थित लोग भाव-विभोर हो उठे। लोक कलाकारों में कृपाशंकर मिश्रा, सौरभ पाण्डेय, लालता प्रसाद, प्रीति, रुचि, दुर्गेश, काजल दुबे सहित पूरी टीम ने अपनी उत्कृष्ट प्रस्तुतियों से खूब सराहना बटोरी। कार्यक्रम का सफल संचालन सौरभ पाण्डेय ने किया। समापन अवसर पर संस्था के अध्यक्ष और सचिव ने सभी लोक कलाकारों, अतिथियों और संगीत प्रेमियों के प्रति आभार व्यक्त किया। इस दौरान लालचंद, देवी प्रसाद, राजेन्द्र मिश्रा, अवनीश, जितेन्द्र, अरुण त्रिपाठी सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण और सांस्कृतिक प्रेमी उपस्थित रहे। यह आयोजन भारतीय लोक संस्कृति के संरक्षण और संवर्धन की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हुआ, जिसने पारंपरिक कला एवं संस्कृति को नई पीढ़ी से सफलतापूर्वक जोड़ा।
भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय के रिपर्ट्री अनुदान के तहत सुल्तानपुर जिले के दोस्तपुर विकास खंड के जमालपुर गांव में एक भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। पंडित दयाशंकर पाण्डेय सेवा बभनैया, पश्चिम नगर पंचायत दोस्तपुर द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में पारंपरिक लोक विधाओं की मनमोहक प्रस्तुतियां दी गईं, जिसने दर्शकों का मन मोह लिया। कार्यक्रम में लोकगीत, लोकनृत्य, भजन, नाटक, सोहर, बधाई और गारी जैसी पारंपरिक कलाओं ने पूरा वातावरण लोक संस्कृति के रंग में रंग दिया, जिससे उपस्थित लोग भाव-विभोर हो उठे। लोक कलाकारों में कृपाशंकर मिश्रा, सौरभ पाण्डेय, लालता प्रसाद, प्रीति, रुचि, दुर्गेश, काजल दुबे सहित पूरी टीम ने अपनी उत्कृष्ट प्रस्तुतियों से खूब सराहना बटोरी। कार्यक्रम का सफल संचालन सौरभ पाण्डेय ने किया। समापन अवसर पर संस्था के अध्यक्ष और सचिव ने सभी लोक कलाकारों, अतिथियों और संगीत प्रेमियों के प्रति आभार व्यक्त किया। इस दौरान लालचंद, देवी प्रसाद, राजेन्द्र मिश्रा, अवनीश, जितेन्द्र, अरुण त्रिपाठी सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण और सांस्कृतिक प्रेमी उपस्थित रहे। यह आयोजन भारतीय लोक संस्कृति के संरक्षण और संवर्धन की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हुआ, जिसने पारंपरिक कला एवं संस्कृति को नई पीढ़ी से सफलतापूर्वक जोड़ा।
- सोजाब क्षेत्र में गंगा एक्सप्रेसवे की स्थिति का जायजा लेने पहुंचे एक पत्रकार को कथित तौर पर अभद्र व्यवहार और धमकी दिए जाने का मामला सामने आया है। इस घटना को पत्रकारिता की स्वतंत्रता पर गंभीर हमला माना जा रहा है, जिसकी पत्रकार संगठनों और समाज के विभिन्न वर्गों ने कड़ी निंदा की है। सभी दोषियों के विरुद्ध उचित कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। पत्रकारिता का मूल उद्देश्य निष्पक्षता के साथ तथ्यों को जनता के सामने लाना है, और यदि किसी समाचार या रिपोर्ट से किसी व्यक्ति या संस्था को आपत्ति है, तो उसका समाधान तथ्यों और कानूनी प्रक्रिया के माध्यम से किया जाना चाहिए, न कि धमकी, अभद्र भाषा या डराने-धमकाने से। विशेषज्ञों का भी कहना है कि यदि किसी रिपोर्ट में तथ्यात्मक त्रुटि हो, तो उसका खंडन या कानूनी प्रतिवाद किया जा सकता है। लेकिन, पत्रकारों को डराकर या दबाव बनाकर सच को रोकने का प्रयास लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है। लोकतंत्र में स्वतंत्र और निर्भीक पत्रकारिता ही जनता तक सच्चाई पहुंचाने का सबसे सशक्त माध्यम है। सवाल पूछना, जनहित के मुद्दों को उजागर करना और सत्ता व व्यवस्था से जवाबदेही मांगना एक पत्रकार का दायित्व है। असहमति का जवाब संवाद, तथ्य और कानून से होना चाहिए, न कि भय और दुर्व्यवहार से, क्योंकि कलम पर दबाव नहीं चलेगा, और पत्रकारों को धमकाना लोकतंत्र व अभिव्यक्ति की आजादी पर सीधा हमला है।1
- अयोध्या के एक पवित्र स्थल को कुछ लोगों द्वारा बदनाम करने पर गहरा खेद व्यक्त किया गया है। यह वह स्थल है जिसके लिए लाखों लोगों ने अपना बलिदान दिया था, और जहाँ पहले पैर रखने की भी जगह नहीं रहती थी, वह हमेशा श्रद्धालुओं से भरा रहता था। अब, राम मंदिर में हुए चढ़ावा चोरी कांड के बाद, इसकी वर्तमान स्थिति पर दुख व्यक्त किया गया है, जो इसकी पूर्व गरिमा के विपरीत है।1
- सुल्तानपुर के शिवगढ़ क्षेत्र में हाईटेंशन तार की चपेट में आने से हुई मौत के बाद बसपा नेता शैलेंद्र कुमार सिंह पीड़ित परिवार से मिलने उनके घर पहुंचे। उन्होंने शोकाकुल परिवार से मुलाकात कर शोक संवेदना व्यक्त की और उन्हें ढांढस बंधाया। इस दौरान बसपा नेता ने परिवार को आर्थिक सहायता भी प्रदान की और यह भरोसा दिलाया कि दुख की इस घड़ी में पार्टी और वे स्वयं परिवार के साथ खड़े हैं। उन्होंने प्रशासन से पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा दिलाने और हर संभव मदद करने की बात कही। इसके अतिरिक्त, नेता ने बिजली विभाग के अधिकारियों से भी संपर्क कर भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति को रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाने की मांग की।1
- मुंबई में एक विशेष नजारा देखने को मिला, जिसे लेकर यह टिप्पणी की गई कि उत्तर प्रदेश में आमतौर पर इतनी अधिक बारिश नहीं होती है।1
- कानपुर के बिधनू क्षेत्र से एक घटना का वायरल वीडियो सामने आया है, जहाँ एक शादी की जयमाला रस्म 'ब्रेकअप-माला' में बदल गई। बताया जा रहा है कि दुल्हन ने अपनी एंट्री के दौरान डांस किया, जो दूल्हे के बड़े भाई (जेठ), ससुर और स्वयं दूल्हे को बेहद फूहड़ लगा। इस अप्रत्याशित घटना के कारण बारात बिना फेरे लिए ही वापस लौट गई और विवाह का पूरा मामला रद्द हो गया। इस घटना के पीछे ईवेंट और फर्जी दिखावे को वजह बताया जा रहा है। पोस्ट में लोगों से यह सवाल किया गया है कि वे कब समझेंगे कि शादी एक पवित्र रस्म होती है, कोई सोशल मीडिया इवेंट नहीं।1
- मूल पाठ में महादेव जी के प्रति गहरी श्रद्धा व्यक्त की गई है, जिसमें 'हर हर महादेव' और 'ॐ नमः शिवाय' जैसे पवित्र मंत्रों का बारंबार जाप किया गया है।1
- श्री राम मंदिर चोरी प्रकरण से जुड़ा आचार्य मिथिलेशनंदिनी जी महाराज का एक बयान सोशल मीडिया पर तेज़ी से चर्चा का विषय बना हुआ है। वायरल संदेशों के माध्यम से लोगों से अपील की जा रही है कि वे इस मामले पर आचार्य मिथिलेशनंदिनी जी महाराज का वक्तव्य अवश्य सुनें, ताकि वे उनके विचारों और इस प्रकरण से जुड़े पक्ष को पूरी तरह समझ सकें। यह संदेश विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर व्यापक रूप से साझा किया जा रहा है और श्रद्धालुओं के बीच भी इसे लेकर चर्चा जारी है। हालांकि, वायरल संदेश में किए गए दावों की अभी तक स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। इसी के मद्देनजर, यह सलाह दी गई है कि लोग किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले, आधिकारिक जानकारी और विश्वसनीय स्रोतों से तथ्यों की सत्यता की जांच अवश्य करें।1
- उत्तर प्रदेश के हमीरपुर में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहाँ दारोगा गिरीश मिश्रा पर एक ट्रक ड्राइवर से 20 हजार रुपये चोरी करने का आरोप लगा है। इस आरोप के बाद बीच सड़क पर ट्रक ड्राइवर ने दारोगा की जमकर पिटाई कर दी। बताया गया कि दारोगा गिरीश मिश्रा वर्दी पहने हुए घाटमपुर से ट्रक में बैठे थे। जब दारोगा ट्रक से उतरकर भागने लगे, तो चालक ने उन्हें दौड़ाकर पकड़ लिया। तलाशी लेने पर दारोगा के पास से चोरी किए गए 20 हजार रुपये बरामद हुए। इसके बाद चालक ने दारोगा को पुलिस के हवाले कर दिया। यह पूरा मामला सदर कोतवाली के यमुना पुल का है।1