हापुड़ में वाहन चोरों पर पुलिस का बड़ा वार, चोरी की बाइक समेत दो गिरफ्तार हापुड़। जनपद में अपराध की रोकथाम और वाहन चोरी की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए हापुड़ पुलिस द्वारा चलाए जा रहे अभियान के तहत थाना हापुड़ नगर पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने चेकिंग के दौरान दो आरोपियों को गिरफ्तार करते हुए उनके कब्जे से चोरी की मोटरसाइकिल और मोटरसाइकिल के पार्ट्स बरामद किए हैं। पुलिस की इस कार्रवाई से वाहन चोरी की घटनाओं में शामिल आरोपियों में हड़कंप मच गया है। पुलिस के अनुसार थाना हापुड़ नगर क्षेत्र में अपराधियों और संदिग्ध वाहनों की चेकिंग की जा रही थी। इसी दौरान पुलिस टीम ने दस्तोई जाने वाले अंडरपास के पास संदिग्ध परिस्थितियों में दो युवकों को रोककर पूछताछ की। जांच के दौरान पुलिस को उनके कब्जे से चोरी की मोटरसाइकिल तथा मोटरसाइकिल के विभिन्न पार्ट्स बरामद हुए। इसके बाद दोनों आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान फराज पुत्र रईस अहमद और अदनान पुत्र उमर दराज, के रूप में हुई है। पुलिस ने बरामद मोटरसाइकिल और उसके पार्ट्स को कब्जे में लेकर दोनों आरोपियों के खिलाफ आवश्यक कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि वाहन चोरी करने वाले गिरोह और उनसे जुड़े अन्य लोगों के संबंध में भी जानकारी जुटाई जा रही है। बरामद मोटरसाइकिल के संबंध में पुलिस द्वारा आवश्यक सत्यापन किया जा रहा है। साथ ही आरोपियों से पूछताछ के आधार पर वाहन चोरी की अन्य घटनाओं के खुलासे की भी संभावना जताई जा रही है। थाना हापुड़ नगर के प्रभारी निरीक्षक मनीष चौहान ने बताया कि जनपद में अपराध और वाहन चोरी की घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण के लिए लगातार चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के दौरान पुलिस टीम ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया। उन्होंने कहा कि अपराधियों के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई आगे भी लगातार जारी रहेगी। गिरफ्तारी करने वाली पुलिस टीम में उप निरीक्षक रमेश देशवाल, उप निरीक्षक शुभम यादव, उप निरीक्षक आशीष रस्तोगी, हेड कांस्टेबल रवीश कुमार सहित अन्य पुलिसकर्मी शामिल रहे। पुलिस की इस कार्रवाई को वाहन चोरी की घटनाओं पर अंकुश लगाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
हापुड़ में वाहन चोरों पर पुलिस का बड़ा वार, चोरी की बाइक समेत दो गिरफ्तार हापुड़। जनपद में अपराध की रोकथाम और वाहन चोरी की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए हापुड़ पुलिस द्वारा चलाए जा रहे अभियान के तहत थाना हापुड़ नगर पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने चेकिंग के दौरान दो आरोपियों को गिरफ्तार करते हुए उनके कब्जे से चोरी की मोटरसाइकिल और मोटरसाइकिल के पार्ट्स बरामद किए हैं। पुलिस की इस कार्रवाई से वाहन चोरी की घटनाओं में शामिल आरोपियों में हड़कंप मच गया है। पुलिस के अनुसार थाना हापुड़ नगर क्षेत्र में अपराधियों और संदिग्ध वाहनों की चेकिंग की जा रही थी। इसी दौरान पुलिस टीम ने दस्तोई जाने वाले अंडरपास के पास संदिग्ध परिस्थितियों में दो युवकों को रोककर पूछताछ की। जांच के दौरान पुलिस को उनके कब्जे से चोरी की मोटरसाइकिल तथा मोटरसाइकिल के विभिन्न पार्ट्स बरामद हुए। इसके बाद दोनों आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान फराज पुत्र रईस अहमद और अदनान पुत्र उमर दराज, के रूप में हुई है। पुलिस ने बरामद मोटरसाइकिल और उसके पार्ट्स को कब्जे में लेकर दोनों आरोपियों के खिलाफ आवश्यक कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि वाहन चोरी करने वाले गिरोह और उनसे जुड़े अन्य लोगों के संबंध में भी जानकारी जुटाई जा रही है। बरामद मोटरसाइकिल के संबंध में पुलिस द्वारा आवश्यक सत्यापन किया जा रहा है। साथ ही आरोपियों से पूछताछ के आधार पर वाहन चोरी की अन्य घटनाओं के खुलासे की भी संभावना जताई जा रही है। थाना हापुड़ नगर के प्रभारी निरीक्षक मनीष चौहान ने बताया कि जनपद में अपराध और वाहन चोरी की घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण के लिए लगातार चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के दौरान पुलिस टीम ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया। उन्होंने कहा कि अपराधियों के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई आगे भी लगातार जारी रहेगी। गिरफ्तारी करने वाली पुलिस टीम में उप निरीक्षक रमेश देशवाल, उप निरीक्षक शुभम यादव, उप निरीक्षक आशीष रस्तोगी, हेड कांस्टेबल रवीश कुमार सहित अन्य पुलिसकर्मी शामिल रहे। पुलिस की इस कार्रवाई को वाहन चोरी की घटनाओं पर अंकुश लगाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
- मुरादनगर जलालाबाद गांव में निकला भारी-भरकम अजगर, दो पिल्लों को निगला; वन विभाग ने किया रेस्क्यू गाजियाबाद :- मुरादनगर के जलालाबाद गांव में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब गांव में एक भारी-भरकम अजगर दिखाई दिया। अजगर को देखकर ग्रामीणों में दहशत फैल गई और मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। बताया जा रहा है कि अजगर ने दो पिल्लों को अपना शिकार बना लिया था। ग्रामीणों ने इसकी सूचना वन विभाग को दी। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और काफी मशक्कत के बाद अजगर को सुरक्षित पकड़ लिया। रेस्क्यू के दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर मौजूद रहे और पूरी घटना को देखने के लिए लोगों की भीड़ जुटी रही। वन विभाग की टीम ने अजगर को सुरक्षित स्थान पर ले जाकर छोड़ने की प्रक्रिया शुरू की। भारी-भरकम अजगर को देखकर ग्रामीण हैरान रह गए। वन विभाग के अधिकारियों ने लोगों से अपील की कि जंगल या आबादी क्षेत्र में सांप अथवा अन्य वन्यजीव दिखाई देने पर खुद पकड़ने की कोशिश न करें, बल्कि तुरंत वन विभाग को सूचना दें।1
- कानपुर: ट्रेनी विमान क्रैश, पायलट और ट्रेनी की हुई मौत! UP News: कानपुर में गंगा बैराज के पास, गुरुवार 27 अगस्त की सुबह एक ट्रेनिंग विमान क्रैश हो गया. विमान उड़ा रहे पायलट और ट्रेनी की मौत हो गई. जिस वक्त विमान हवा में डगमगाया, वह करीब 100 फीट ऊपर था. संतुलन बिगड़ने के बाद विमान पेड़ों से टकराता हुआ नीचे जा गिरा. फिर तेज धमाका हुआ.1
- गाजियाबाद में रक्षाबंधन से पहले खाद्य विभाग का बड़ा एक्शन, सिंथेटिक मावा फैक्ट्री पर छापा; 1550 किलो सड़ा रसगुल्ला नष्ट गाजियाबाद में रक्षाबंधन पर्व को देखते हुए गाजियाबाद में खाद्य विभाग ने मिलावटखोरों के खिलाफ अभियान तेज कर दिया है। पिछले एक सप्ताह से चल रहे विशेष अभियान के तहत विभाग की टीमों ने कई मिठाई और मावा निर्माण इकाइयों पर छापेमारी की है। कार्रवाई के दौरान सिंथेटिक मावा बनाने वाली एक इकाई से फॉर्मेलिन जैसा खतरनाक केमिकल, सोडियम बायकार्बोनेट, वनस्पति घी और रंग बरामद किए गए हैं। मामले में दो लोगों के खिलाफ थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी आशुतोष राय ने बताया कि रक्षाबंधन मिठाई केंद्रित त्योहार है। ऐसे में खासतौर पर दूर-दराज से आने वाली मिठाइयों और उनके निर्माण में इस्तेमाल होने वाली सामग्री पर निगरानी बढ़ाई गई है। उन्होंने बताया कि पिछले एक सप्ताह में कई कारखानों में कार्रवाई की गई है, जहां खाद्य पदार्थों में इस्तेमाल किए जा रहे प्रतिबंधित और खतरनाक केमिकल मिले हैं। आशुतोष राय के मुताबिक, बुधवार रात एक सिंथेटिक मावा निर्माण इकाई पर छापा मारा गया। यहां फॉर्मेलिन जैसा खतरनाक केमिकल मिला, जिसका मानव उपभोग के लिए इस्तेमाल पूरी तरह प्रतिबंधित है। इसके अलावा सोडियम बायकार्बोनेट, वनस्पति घी और कलर भी बरामद किए गए। मामले में दो आरोपियों के खिलाफ पुलिस में एफआईआर दर्ज कराई गई है। इसके अलावा खाद्य विभाग ने तीन रसगुल्ला गोदामों पर भी कार्रवाई की। अधिकारियों के अनुसार इन गोदामों में बेहद गंदगी थी और रसगुल्लों में कीड़े तक पाए गए। सफेदी लाने के लिए खतरनाक केमिकल का इस्तेमाल किया जा रहा था। तीनों इकाइयों से बरामद 1550 किलोग्राम रसगुल्लों को मौके पर नष्ट कराया गया। मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने बताया कि अभियान के तहत अब तक 44 खाद्य नमूने जांच के लिए भेजे गए हैं, जबकि करीब 160 किलोग्राम मावा जब्त किया गया है। उन्होंने कहा कि रक्षाबंधन तक मिलावट के खिलाफ यह अभियान लगातार जारी रहेगा और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।1
- धौलाना तहसील में श्रद्धा और सेवा का संगम, अधिवक्ताओं ने आयोजित किया छठवां वार्षिक सावन भंडारा धौलाना। सावन माह के पावन अवसर पर धौलाना तहसील परिसर में आस्था, सेवा और सामाजिक सहभागिता का सुंदर संगम देखने को मिला। तहसील परिसर स्थित चैंबर नंबर 57 के अधिवक्ता साथियों की ओर से छठवें वार्षिक सावन भंडारे का आयोजन किया गया। धार्मिक वातावरण के बीच आयोजित इस भंडारे में अधिवक्ताओं के साथ बड़ी संख्या में श्रद्धालु और क्षेत्रीय लोग पहुंचे तथा प्रसाद ग्रहण कर भगवान भोलेनाथ से सुख-समृद्धि की कामना की। आयोजन के दौरान तहसील परिसर में सुबह से ही श्रद्धालुओं की आवाजाही बनी रही। भगवान शिव की आराधना के साथ शुरू हुए कार्यक्रम में सेवा कार्य को विशेष महत्व दिया गया। आयोजक अधिवक्ताओं और सहयोगियों ने श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया। भंडारे में शामिल लोगों ने आयोजन की सराहना करते हुए इसे धार्मिक आस्था के साथ सामाजिक एकजुटता का भी उदाहरण बताया।1
- महिलाओं के लिए रोडवेज बसों में मुफ्त सफर, 29 अगस्त तक मिलेगा लाभ गाजियाबाद, उत्तर प्रदेश। महिलाओं के लिए राहत भरी खबर है। उत्तर प्रदेश सड़क परिवहन निगम की रोडवेज बसों में महिलाएं अपने एक सहयोगी के साथ 27 अगस्त की सुबह 6 बजे से 29 अगस्त तक निःशुल्क यात्रा कर सकेंगी। इस दौरान महिलाओं को यात्रा के लिए किसी प्रकार का किराया नहीं देना होगा। इस फैसले से उन महिलाओं को खास राहत मिलेगी, जिन्हें इस अवधि में एक स्थान से दूसरे स्थान तक यात्रा करनी है। महिलाओं के साथ उनके एक सहयोगी को भी इस सुविधा का लाभ दिए जाने से परिवारों को अतिरिक्त राहत मिलने की उम्मीद है। महिलाओं की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए बस अड्डों पर भी आवश्यक व्यवस्थाएं की जा रही हैं। यात्रियों को किसी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए साफ-सफाई, बैठने की व्यवस्था और अन्य जरूरी सुविधाओं पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। रोडवेज विभाग का उद्देश्य है कि इस अवधि में महिलाओं को सुरक्षित, सुविधाजनक और परेशानी मुक्त यात्रा उपलब्ध कराई जाए। निःशुल्क यात्रा की यह सुविधा महिलाओं के लिए आर्थिक राहत के साथ-साथ सार्वजनिक परिवहन में उनकी आवाजाही को भी आसान बनाएगी। अब देखना होगा कि 27 से 29 अगस्त तक चलने वाली इस विशेष सुविधा का कितनी महिलाएं लाभ उठाती हैं और रोडवेज विभाग यात्रियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने में कितना सफल रहता है। संवाददाता रेनू पुरी2
- 🚨 बड़ी चेतावनी: डिलीवरी ड्राइवर भाइयों, इस एड्रेस और माल से भूलकर भी मत फँसना! 🚨 अगर आप भी Porter या किसी ऑनलाइन डिलीवरी ऐप पर काम करते हैं, तो यह वीडियो आपकी आँखें खोल देगा। सिर्फ ₹3064 के लालच में एक ड्राइवर भाई को कैसे 15 घंटे की भयानक प्रताड़ना झेलनी पड़ी, उसकी पूरी सच्चाई जान लीजिए! 🛑 इस ट्रिप का काला सच: 👉 बंधक बनाया गया: माल लेकर भागने के बेबुनियाद शक में गाड़ी अंदर बंद! 👉 पुलिस का रवैया: 112 पर मदद माँगने पर जवाब— "यहाँ मिनी पाकिस्तान है, चोरी हुई तो कौन ज़िम्मेदार?" 👉 कांटे का फ्रॉड: बिल पर 'क्वांटिटी' (पीस) होने के बावजूद ज़बरदस्ती कांटा और जेब से वसूली। 👉 ओवरलोडिंग: बिना बताए गाड़ी की क्षमता से 85 किलो एक्स्ट्रा माल लाद दिया गया। 👉 पेमेंट का धोखा: ट्रिप खत्म होते ही कस्टमर गायब और कंपनी का पल्ला झाड़ लेना! यह कोई मनगढ़ंत कहानी नहीं, 100% सच्ची घटना है। सिस्टम की इस मनमानी के खिलाफ जागने का वक्त आ गया है! 🎥 वीडियो पूरा देखें, अपनी राय कमेंट में बताएं और अपने हर ड्राइवर भाई तक शेयर ज़रूर करें! डिस्क्लेमर (Disclaimer): यह वीडियो एक ड्राइवर भाई के साथ घटी 100% सच्ची घटना और उनके द्वारा साझा किए गए सबूतों (स्क्रीनशॉट और पर्ची) पर आधारित है। इस वीडियो का मुख्य उद्देश्य केवल ड्राइवर भाइयों को उनके कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूक करना और उन्हें भविष्य में होने वाली ऐसी परेशानियों से बचाना है। हमारा मकसद किसी भी व्यक्ति, डिलीवरी कंपनी (ऐप), संस्था या पुलिस प्रशासन की छवि खराब करना या उन्हें बदनाम करना नहीं है। दर्शकों से अनुरोध है कि वे अपनी सुरक्षा और विवेक का इस्तेमाल स्वयं करें। #post #youtube #trending #viral #cargopartner1
- Post by गौरव प्रताप कोरी1
- गाजियाबाद में महिला सुरक्षा को मिले 11 पहिए, अब शिकायत का इंतजार नहीं करेगी पुलिस गाजियाबाद में अब महिला सुरक्षा सिर्फ शिकायत मिलने के बाद पुलिस के पहुंचने तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि पुलिस खुद महिलाओं और बालिकाओं तक पहुंचेगी। रक्षाबंधन से पहले गाजियाबाद पुलिस ने महिला सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करते हुए मिशन शक्ति केंद्रों को 11 चार पहिया वाहन उपलब्ध कराए हैं। इन वाहनों को रिजर्व पुलिस लाइन से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। गाजियाबाद के 11 पुलिस सर्किलों के लिए एक-एक वाहन तैनात किया गया है। इनमें महिला पुलिसकर्मियों की ड्यूटी रहेगी। महिला संबंधी शिकायत मिलने पर टीम तत्काल घटनास्थल पर पहुंच सकेगी। इसके अलावा बाजार, स्कूल-कॉलेज, मेट्रो स्टेशन, रेलवे स्टेशन, बस अड्डे और अन्य भीड़भाड़ वाले इलाकों में भी इन वाहनों के जरिए महिला सुरक्षा की निगरानी की जाएगी। मिशन शक्ति केंद्रों की टीमें इन वाहनों से दूरदराज के इलाकों में भी आसानी से पहुंच सकेंगी। साथ ही स्कूल-कॉलेज, कार्यस्थल, बाजार और सार्वजनिक स्थानों पर जाकर महिलाओं और बालिकाओं को उनके अधिकारों, सुरक्षा उपायों, हेल्पलाइन, साइबर सुरक्षा और सरकारी योजनाओं के बारे में जागरूक किया जाएगा। गाजियाबाद के एडिशनल सीपी केशव कुमार चौधरी ने बताया कि रक्षाबंधन से एक दिन पहले 11 वाहनों को रवाना किया गया है। उन्होंने कहा कि ये वाहन मुख्य रूप से मिशन शक्ति केंद्रों को दिए गए हैं और रक्षाबंधन के बाद भी इनके साथ काम करते रहेंगे। किसी महिला को रात में परेशानी होने या कैब व अन्य वाहन नहीं मिलने की स्थिति में भी पुलिस मदद उपलब्ध कराएगी। जरूरत पड़ने पर महिला को सुरक्षित घर तक पहुंचाने में सहायता की जाएगी। महिलाएं किसी भी आपात स्थिति में 112 नंबर पर संपर्क कर सकती हैं। वहीं, इन वाहनों के आसपास मौजूद महिला पुलिसकर्मियों से सीधे भी मदद ली जा सकती है। छेड़छाड़ या मनचलों की शिकायत पर तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। महिला सुरक्षा के लिए पुलिस ऑपरेशन डिकॉय भी चला रही है। इसके तहत महिला पुलिसकर्मी सादे कपड़ों में बाजार, मॉल, स्कूल-कॉलेज के बाहर और भीड़भाड़ वाले स्थानों पर तैनात रहती हैं। महिलाओं को परेशान करने या छेड़छाड़ करने वालों के खिलाफ मौके पर कार्रवाई की जाती है। आरोपी के परिवार को बुलाकर चेतावनी देने के साथ लाल कार्ड भी दिया जाता है, जबकि गंभीर मामलों में मुकदमा दर्ज कर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाती है। इस पहल का उद्देश्य महिलाओं और बालिकाओं में सुरक्षा का भरोसा बढ़ाने के साथ पुलिस की पहुंच को और तेज एवं प्रभावी बनाना है।1