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इस आदमी का हीरो शारूख सलमान नहीं बल्कि बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार है बिहार के सिवान निवासी रमेश दास कि हीरो शारूख सलमान नहीं बल्कि बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार है क्योंकि नीतीश कुमार ने आदिवासियों के लिए बहुत कुछ किया

2 hrs ago
user_BN Chitranjan
BN Chitranjan
बैरिया, पश्चिम चंपारण, बिहार•
2 hrs ago

इस आदमी का हीरो शारूख सलमान नहीं बल्कि बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार है बिहार के सिवान निवासी रमेश दास कि हीरो शारूख सलमान नहीं बल्कि बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार है क्योंकि नीतीश कुमार ने आदिवासियों के लिए बहुत कुछ किया

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  • बिहार में पत्थर खनन की रॉयल्टी दर 500 रुपये प्रति घन मीटर हुई, ई-नीलामी से बढ़ेगे अवसर
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    बिहार में पत्थर खनन की रॉयल्टी दर 500 रुपये प्रति घन मीटर हुई, ई-नीलामी से बढ़ेगे अवसर
    user_Niraj Raj
    Niraj Raj
    बैरिया, पश्चिम चंपारण, बिहार•
    12 hrs ago
  • पश्चिम चंपारण के बैरिया थाना क्षेत्र से इंसानियत को शर्मसार कर देने वाला मामला सामने आया है, जहां सहारा वृद्ध आश्रम के नाम पर बुजुर्गों के साथ बर्बरता की जा रही थी। आरोप है कि महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, पटना जंक्शन और हनुमान मंदिर जैसे स्थानों से वृद्धजनों को जबरन उठाकर इस आश्रम में लाया जाता था और उन्हें उनकी मर्जी के खिलाफ बंधक बनाकर रखा जाता था। पीड़ितों की मानें तो यहां रहने वाले बुजुर्गों पर न सिर्फ मानसिक बल्कि शारीरिक अत्याचार भी किया जाता था। एक वृद्ध महिला ने दर्द बयां करते हुए बताया कि रात होते ही आश्रम के लोग उनके मुंह में कपड़ा ठूंस देते और फिर लाठी-डंडों से बेरहमी से पिटाई करते थे। इतना ही नहीं, जब कोई अपने घर लौटने की बात करता, तो उसे बंद कमरे में ले जाकर प्रताड़ित किया जाता था। कई बुजुर्गों को छपरा रेलवे स्टेशन जैसे स्थानों से जबरन उठाकर यहां लाने की बात भी सामने आई है। हैरानी की बात यह है कि इस आश्रम की मान्यता पहले ही रद्द हो चुकी थी, इसके बावजूद यह अवैध रूप से संचालित हो रहा था और अंदर बुजुर्गों को कैद कर अमानवीय हालात में रखा जा रहा था। इस खुलासे ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है और प्रशासन पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं कि आखिर इतनी बड़ी लापरवाही कैसे हुई। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि इन बेबस बुजुर्गों को कब न्याय मिलेगा और इस हैवानियत के जिम्मेदार लोगों पर कब सख्त कार्रवाई होगी।
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    पश्चिम चंपारण के बैरिया थाना क्षेत्र से इंसानियत को शर्मसार कर देने वाला मामला सामने आया है, जहां सहारा वृद्ध आश्रम के नाम पर बुजुर्गों के साथ बर्बरता की जा रही थी। आरोप है कि महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, पटना जंक्शन और हनुमान मंदिर जैसे स्थानों से वृद्धजनों को जबरन उठाकर इस आश्रम में लाया जाता था और उन्हें उनकी मर्जी के खिलाफ बंधक बनाकर रखा जाता था। पीड़ितों की मानें तो यहां रहने वाले बुजुर्गों पर न सिर्फ मानसिक बल्कि शारीरिक अत्याचार भी किया जाता था। एक वृद्ध महिला ने दर्द बयां करते हुए बताया कि रात होते ही आश्रम के लोग उनके मुंह में कपड़ा ठूंस देते और फिर लाठी-डंडों से बेरहमी से पिटाई करते थे। इतना ही नहीं, जब कोई अपने घर लौटने की बात करता, तो उसे बंद कमरे में ले जाकर प्रताड़ित किया जाता था। कई बुजुर्गों को छपरा रेलवे स्टेशन जैसे स्थानों से जबरन उठाकर यहां लाने की बात भी सामने आई है। हैरानी की बात यह है कि इस आश्रम की मान्यता पहले ही रद्द हो चुकी थी, इसके बावजूद यह अवैध रूप से संचालित हो रहा था और अंदर बुजुर्गों को कैद कर अमानवीय हालात में रखा जा रहा था। इस खुलासे ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है और प्रशासन पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं कि आखिर इतनी बड़ी लापरवाही कैसे हुई। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि इन बेबस बुजुर्गों को कब न्याय मिलेगा और इस हैवानियत के जिम्मेदार लोगों पर कब सख्त कार्रवाई होगी।
    user_S9 Bihar
    S9 Bihar
    News Anchor बेतिया, पश्चिम चंपारण, बिहार•
    4 hrs ago
  • नौतन प्रखंड मुख्यालय परिसर में मंगलवार को दिव्यांगजनों के बीच बैटरी से चलने वाली तीन पहिया वाहन का वितरण किया गया। इस दौरान लाभुकों को वाहन मिलने से उनके चेहरे पर खुशी साफ झलक रही थी। कार्यक्रम में अधिकारियों ने कहा कि सरकार दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर बनाने और उनकी सुविधा के लिए लगातार कार्य कर रही है। बैटरी चालित तीन पहिया वाहन मिलने से दिव्यांगजनों को अब आने-जाने में काफी सहूलियत होगी तथा वे अपने दैनिक कार्य आसानी से कर सकेंगे। कार्यक्रम में कई जनप्रतिनिधि, कर्मी एवं स्थानीय लोग मौजूद रहे। वाहन पाकर लाभुकों ने सरकार एवं प्रशासन के प्रति आभार जताया।
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    नौतन प्रखंड मुख्यालय परिसर में मंगलवार को दिव्यांगजनों के बीच बैटरी से चलने वाली तीन पहिया वाहन का वितरण किया गया। इस दौरान लाभुकों को वाहन मिलने से उनके चेहरे पर खुशी साफ झलक रही थी। कार्यक्रम में अधिकारियों ने कहा कि सरकार दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर बनाने और उनकी सुविधा के लिए लगातार कार्य कर रही है।
बैटरी चालित तीन पहिया वाहन मिलने से दिव्यांगजनों को अब आने-जाने में काफी सहूलियत होगी तथा वे अपने दैनिक कार्य आसानी से कर सकेंगे। कार्यक्रम में कई जनप्रतिनिधि, कर्मी एवं स्थानीय लोग मौजूद रहे। वाहन पाकर लाभुकों ने सरकार एवं प्रशासन के प्रति आभार जताया।
    user_Abhishek Kumar Shrivastava
    Abhishek Kumar Shrivastava
    Court reporter नौतन, पश्चिम चंपारण, बिहार•
    1 hr ago
  • “बंगाल चुनाव के रुझानों के बीच Mithun Chakraborty का वीडियो वायरल, वोट डालते दिखे अलग अंदाज़ में”
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    “बंगाल चुनाव के रुझानों के बीच Mithun Chakraborty का वीडियो वायरल, वोट डालते दिखे अलग अंदाज़ में”
    user_Ksr bihar news
    Ksr bihar news
    Content Creator (YouTuber) सुगौली, पूर्वी चंपारण, बिहार•
    23 hrs ago
  • यह नगरपालिका कसया कुशीनगर का हाल देखे एक ठेला चालक के घर आके। क्या हाल है।
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    यह नगरपालिका कसया कुशीनगर का हाल देखे एक ठेला चालक के घर आके। क्या हाल है।
    user_सीमा भारती
    सीमा भारती
    Local Politician कसया, कुशी नगर, उत्तर प्रदेश•
    27 min ago
  • कुशीनगर जनपद के तमकुहीराज तहसील परिसर में एक जमीनी विवाद को लेकर तनाव की स्थिति बन गई। तमकुहीराज नगर पंचायत के वार्ड नंबर एक, अंबेडकर नगर निवासी बृजकिशोर यादव (पुत्र सूरज यादव) पानी की टंकी पर चढ़ गए और न्याय की गुहार लगाने लगे। उन्होंने प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। बृजकिशोर यादव दोपहर लगभग पौने दो बजे टंकी पर चढ़े। उनका आरोप है कि उन्हें लगातार न्याय से वंचित किया जा रहा है। उन्होंने तहसील और पुलिस प्रशासन पर जानबूझकर मामले को टालने और विपक्षी पक्ष को लाभ पहुंची का आरोप लगाया। बृजकिशोर यादव ने यह भी कहा कि प्रशासन उन्हें बार-बार रोक रहा है, जबकि विपक्षी पक्ष को विवादित भूमि पर निर्माण कार्य करने की खुली छूट दी जा रही है। उनके अनुसार, यह पूरी प्रक्रिया एकतरफा है और उन्हें न्याय नहीं मिल रहा है। बृजकिशोर ने राजस्व निरीक्षक राजेंद्र यादव पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि राजस्व निरीक्षक विपक्षी से मिलकर गलत रिपोर्ट दे रहे हैं, जिससे उनके पक्ष को नुकसान हो रहा है। उन्होंने बताया कि पहले भी राजस्व टीम द्वारा भूमि की पैमाइश की जा चुकी है, लेकिन इसके बावजूद निर्माण कार्य रुकवाने के बजाय उन्हें ही रोका जा रहा है। बृजकिशोर यादव फिलहाल जिलाधिकारी (डीएम) के मौके पर आने की मांग पर अड़े हुए हैं और टंकी से कूदने की धमकी दे रहे हैं। इस घटना से मौके पर मौजूद स्थानीय लोगों में भय और चिंता का माहौल है। सभी की निगाहें अब प्रशासनिक हस्तक्षेप पर टिकी हैं। विपक्ष द्वारा निर्माण कराने से नाराज था, ऊपर से उड़ाए 500 के नोट नगर पंचायत तमकुहीराज के वार्ड नंबर 01 अम्बेडकर नगर निवासी बृजकिशोर यादव पुत्र सूरज यादव ने आरोप लगाया कि वह पिछले दो वर्षों से जमीनी विवाद को लेकर तहसील और थाने का चक्कर लगा रहा है, लेकिन उसे अब तक न्याय नहीं मिल सका। मामला अम्बेडकर नगर स्थित आबादी की आराजी संख्या 196ज (रकबा 384 डिसमिल) से जुड़ा है। जिसे तहसील प्रशासन पहले ही जब्त कर चुका है। पीड़ित का कहना है कि भूमि जब्त होने के बावजूद विपक्षी पक्ष द्वारा पक्का निर्माण कराया जा रहा है, जबकि उसके अपने निर्माण कार्य को प्रशासन और पुलिस द्वारा रोक दिया गया। इसी से आक्रोशित होकर बृजकिशोर यादव पानी की टंकी पर चढ़ गया और न्याय की मांग करने लगा। 19 दिन पहले भी टंकी पर चढ़े युवक ने नाटकीय अंदाज में 500 रुपए के 20 नोट नीचे फेंक दिए थे। आरोप लगाया कि अधिकारी उससे पैसे मांग रहे थे। उसने कहा था, “पैसा ले लो और मेरा काम करा दो।" तहसीलदार ने निर्माण कार्य रुकवाकर टंकी से नीचे उतरने की अपील पीड़ित ने यह भी आरोप लगाया कि विपक्षी स्थानीय सभासद के प्रभाव में है, जिसके चलते उसकी शिकायत पर कार्रवाई नहीं हो रही है। घटना की सूचना मिलते ही तहसीलदार महेश कुमार मौके पर पहुंचे और तत्काल दूसरे पक्ष का निर्माण कार्य रुकवाया गया। उन्होंने पीड़ित को न्याय का भरोसा दिलाते हुए टंकी से नीचे उतरने की अपील की। काफी समझाने के बाद स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया गया। जिसके बाद भाजपा किसान मोर्चा के जिलाध्यक्ष अजय राय और पीड़ित के अधिवक्ता अशोक पाण्डेय के आग्रह पर पानी की टंकी पर चढ़ा पीड़ित सुरक्षित नीचे उतरा था। तहसीलदार महेश कुमार ने पीड़ित को दिया आश्वासन 16 अप्रैल को भी लगभग ढाई घंटे तक टंकी पर रहने के बाद दोपहर 03.45 बजे नीचे उतरा गया। इस दौरान तहसीलदार महेश कुमार ने पीड़ित को स्पष्ट आश्वासन दिया था कि जब तक इस विवादित मामले का पूरी तरह निस्तारण नहीं हो जाता, तब तक कोई भी पक्ष संबंधित स्थल पर किसी भी प्रकार का निर्माण कार्य नहीं करेगा। मामले की गंभीरता को देखते हुए तहसीलदार ने पीड़ित की समस्याओं को विस्तार से सुना था। इसके बाद भाजपा नेता अजय राय, केशव पाण्डेय, सब इंस्पेक्टर अखिलेश यादव और पीड़ित के परिजनों के साथ एक बैठक हुई। जिसमें तहसीलदार ने नियमानुसार उचित कार्रवाई करने का भरोसा दिलाया। इस आश्वासन के बाद ही स्थिति सामान्य हो सकी और परिजनों ने राहत की सांस ली।
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    कुशीनगर जनपद के तमकुहीराज तहसील परिसर में एक जमीनी विवाद को लेकर तनाव की स्थिति बन गई। तमकुहीराज नगर पंचायत के वार्ड नंबर एक, अंबेडकर नगर निवासी बृजकिशोर यादव (पुत्र सूरज यादव) पानी की टंकी पर चढ़ गए और न्याय की गुहार लगाने लगे। उन्होंने प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
बृजकिशोर यादव दोपहर लगभग पौने दो बजे टंकी पर चढ़े। उनका आरोप है कि उन्हें लगातार न्याय से वंचित किया जा रहा है। उन्होंने तहसील और पुलिस प्रशासन पर जानबूझकर मामले को टालने और विपक्षी पक्ष को लाभ पहुंची का आरोप लगाया।
बृजकिशोर यादव ने यह भी कहा कि प्रशासन उन्हें बार-बार रोक रहा है, जबकि विपक्षी पक्ष को विवादित भूमि पर निर्माण कार्य करने की खुली छूट दी जा रही है। उनके अनुसार, यह पूरी प्रक्रिया एकतरफा है और उन्हें न्याय नहीं मिल रहा है।
बृजकिशोर ने राजस्व निरीक्षक राजेंद्र यादव पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि राजस्व निरीक्षक विपक्षी से मिलकर गलत रिपोर्ट दे रहे हैं, जिससे उनके पक्ष को नुकसान हो रहा है। उन्होंने बताया कि पहले भी राजस्व टीम द्वारा भूमि की पैमाइश की जा चुकी है, लेकिन इसके बावजूद निर्माण कार्य रुकवाने के बजाय उन्हें ही रोका जा रहा है।
बृजकिशोर यादव फिलहाल जिलाधिकारी (डीएम) के मौके पर आने की मांग पर अड़े हुए हैं और टंकी से कूदने की धमकी दे रहे हैं। इस घटना से मौके पर मौजूद स्थानीय लोगों में भय और चिंता का माहौल है। सभी की निगाहें अब प्रशासनिक हस्तक्षेप पर टिकी हैं।
विपक्ष द्वारा निर्माण कराने से नाराज था, ऊपर से उड़ाए 500 के नोट
नगर पंचायत तमकुहीराज के वार्ड नंबर 01 अम्बेडकर नगर निवासी बृजकिशोर यादव पुत्र सूरज यादव ने आरोप लगाया कि वह पिछले दो वर्षों से जमीनी विवाद को लेकर तहसील और थाने का चक्कर लगा रहा है, लेकिन उसे अब तक न्याय नहीं मिल सका।
मामला अम्बेडकर नगर स्थित आबादी की आराजी संख्या 196ज (रकबा 384 डिसमिल) से जुड़ा है। जिसे तहसील प्रशासन पहले ही जब्त कर चुका है। पीड़ित का कहना है कि भूमि जब्त होने के बावजूद विपक्षी पक्ष द्वारा पक्का निर्माण कराया जा रहा है, जबकि उसके अपने निर्माण कार्य को प्रशासन और पुलिस द्वारा रोक दिया गया।
इसी से आक्रोशित होकर बृजकिशोर यादव पानी की टंकी पर चढ़ गया और न्याय की मांग करने लगा। 19 दिन पहले भी टंकी पर चढ़े युवक ने नाटकीय अंदाज में 500 रुपए के 20 नोट नीचे फेंक दिए थे। आरोप लगाया कि अधिकारी उससे पैसे मांग रहे थे। उसने कहा था, “पैसा ले लो और मेरा काम करा दो।"
तहसीलदार ने निर्माण कार्य रुकवाकर टंकी से नीचे उतरने की अपील
पीड़ित ने यह भी आरोप लगाया कि विपक्षी स्थानीय सभासद के प्रभाव में है, जिसके चलते उसकी शिकायत पर कार्रवाई नहीं हो रही है।
घटना की सूचना मिलते ही तहसीलदार महेश कुमार मौके पर पहुंचे और तत्काल दूसरे पक्ष का निर्माण कार्य रुकवाया गया। उन्होंने पीड़ित को न्याय का भरोसा दिलाते हुए टंकी से नीचे उतरने की अपील की। काफी समझाने के बाद स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया गया। जिसके बाद भाजपा किसान मोर्चा के जिलाध्यक्ष अजय राय और पीड़ित के अधिवक्ता अशोक पाण्डेय के आग्रह पर पानी की टंकी पर चढ़ा पीड़ित सुरक्षित नीचे उतरा था।
तहसीलदार महेश कुमार ने पीड़ित को दिया आश्वासन
16 अप्रैल को भी लगभग ढाई घंटे तक टंकी पर रहने के बाद दोपहर 03.45 बजे नीचे उतरा गया। इस दौरान तहसीलदार महेश कुमार ने पीड़ित को स्पष्ट आश्वासन दिया था कि जब तक इस विवादित मामले का पूरी तरह निस्तारण नहीं हो जाता, तब तक कोई भी पक्ष संबंधित स्थल पर किसी भी प्रकार का निर्माण कार्य नहीं करेगा।
मामले की गंभीरता को देखते हुए तहसीलदार ने पीड़ित की समस्याओं को विस्तार से सुना था। इसके बाद भाजपा नेता अजय राय, केशव पाण्डेय, सब इंस्पेक्टर अखिलेश यादव और पीड़ित के परिजनों के साथ एक बैठक हुई। जिसमें तहसीलदार ने नियमानुसार उचित कार्रवाई करने का भरोसा दिलाया। इस आश्वासन के बाद ही स्थिति सामान्य हो सकी और परिजनों ने राहत की सांस ली।
    user_News of Kushinagar
    News of Kushinagar
    Classified ads newspaper publisher तमकुही राज, कुशी नगर, उत्तर प्रदेश•
    1 hr ago
  • बेतिया के रमना स्थित बापू सभागार में सद्भाव यात्रा के दूसरे दिन का दृश्य पूरी तरह राजनीतिक उत्साह और संगठनात्मक शक्ति के प्रदर्शन में बदल गया, जब जदयू नेता निशांत कुमार ने बड़ी संख्या में जुटे कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए अपने पिता एवं बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पिछले दो दशकों के कार्यकाल की उपलब्धियों को विस्तार से सामने रखा। सभागार में मौजूद भीड़ लगातार बढ़ते जोश के साथ “जय निशांत” और “तय निशांत” के नारों से वातावरण को गूंजाती रही, जिससे पूरा कार्यक्रम एक बड़े राजनीतिक शक्ति प्रदर्शन जैसा प्रतीत हुआ। अपने संबोधन की शुरुआत में निशांत कुमार ने जदयू की विचारधारा को स्पष्ट करते हुए कहा कि उनकी पार्टी समाजवादी और धर्मनिरपेक्ष मूल्यों पर आधारित है, जिसका उद्देश्य समाज के सभी वर्गों को साथ लेकर चलना और अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक विकास की रोशनी पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि उनकी व्यक्तिगत प्राथमिकता संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करना है, और इसके लिए वह लगातार कार्यकर्ताओं के बीच जाकर संवाद स्थापित कर रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि संगठन जितना मजबूत होगा, सरकार उतनी ही प्रभावी होगी, और मजबूत सरकार ही जनता की सुरक्षा, सम्मान और विकास की गारंटी दे सकती है। इसके बाद निशांत कुमार ने बिहार के विकास यात्रा का विस्तृत उल्लेख करते हुए कहा कि वर्ष 2005 के बाद से लेकर 2026 तक के दौर में राज्य ने कई क्षेत्रों में ऐतिहासिक परिवर्तन देखा है। उन्होंने दावा किया कि पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार ने पिछड़ेपन की छवि से बाहर निकलकर विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बढ़ाए हैं। उन्होंने कहा कि आज राज्य के अधिकांश हिस्सों में बिजली आपूर्ति में उल्लेखनीय सुधार हुआ है और ग्रामीण क्षेत्रों तक भी 20 से 23 घंटे तक विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है, जो पहले एक बड़ी चुनौती हुआ करती थी। उन्होंने सड़क निर्माण को बिहार के विकास की रीढ़ बताते हुए कहा कि आज गांव-गांव को जोड़ने के लिए सड़कों का व्यापक नेटवर्क तैयार हो चुका है, जिससे न केवल आवागमन आसान हुआ है बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिली है। शिक्षा व्यवस्था पर चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि राज्य में हजारों नए स्कूल खोले गए हैं और शिक्षा के स्तर को सुधारने के लिए बड़े पैमाने पर शिक्षकों की बहाली की गई है, जिससे बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध हो रही है। स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति पर बोलते हुए निशांत कुमार ने कहा कि बिहार में स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने के लिए कई नए मेडिकल कॉलेजों की स्थापना की गई है और अस्पतालों की स्थिति में भी सुधार हुआ है। उन्होंने कहा कि अब ग्रामीण क्षेत्रों में भी लोगों को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध हो रही हैं, जिससे उन्हें बड़े शहरों पर निर्भर नहीं रहना पड़ता। इंजीनियरिंग और तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में हुए विकास का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि नए संस्थानों की स्थापना से राज्य के युवाओं को तकनीकी शिक्षा और कौशल विकास के बेहतर अवसर मिले हैं। उन्होंने यह भी कहा कि रोजगार के अवसरों में वृद्धि हुई है और लाखों युवाओं को किसी न किसी रूप में रोजगार से जोड़ा गया है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार हुआ है। निशांत कुमार ने अपने संबोधन में बार-बार इस बात पर जोर दिया कि नीतीश कुमार के 20 वर्षों के कार्यकाल की उपलब्धियों को जनता के बीच और अधिक प्रभावी ढंग से पहुंचाना कार्यकर्ताओं की जिम्मेदारी है, ताकि लोग यह समझ सकें कि बिहार किस तरह विकास के मार्ग पर आगे बढ़ा है। उन्होंने कहा कि लक्ष्य केवल सत्ता प्राप्त करना नहीं, बल्कि बिहार को एक विकसित और आत्मनिर्भर राज्य बनाना है। कार्यक्रम के दौरान बापू सभागार में मौजूद कार्यकर्ताओं और समर्थकों की भारी भीड़ लगातार उत्साह में दिखाई दी। हर वक्त मंच से उठने वाले नारों और तालियों की गूंज ने माहौल को और अधिक ऊर्जा से भर दिया। पूरा परिसर एक राजनीतिक उत्सव के रूप में तब्दील हो गया, जहां समर्थकों का जोश और नेतृत्व के प्रति उनकी निष्ठा साफ तौर पर दिखाई दी।
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    बेतिया के रमना स्थित बापू सभागार में सद्भाव यात्रा के दूसरे दिन का दृश्य पूरी तरह राजनीतिक उत्साह और संगठनात्मक शक्ति के प्रदर्शन में बदल गया, जब जदयू नेता निशांत कुमार ने बड़ी संख्या में जुटे कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए अपने पिता एवं बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पिछले दो दशकों के कार्यकाल की उपलब्धियों को विस्तार से सामने रखा। सभागार में मौजूद भीड़ लगातार बढ़ते जोश के साथ “जय निशांत” और “तय निशांत” के नारों से वातावरण को गूंजाती रही, जिससे पूरा कार्यक्रम एक बड़े राजनीतिक शक्ति प्रदर्शन जैसा प्रतीत हुआ।
अपने संबोधन की शुरुआत में निशांत कुमार ने जदयू की विचारधारा को स्पष्ट करते हुए कहा कि उनकी पार्टी समाजवादी और धर्मनिरपेक्ष मूल्यों पर आधारित है, जिसका उद्देश्य समाज के सभी वर्गों को साथ लेकर चलना और अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक विकास की रोशनी पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि उनकी व्यक्तिगत प्राथमिकता संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करना है, और इसके लिए वह लगातार कार्यकर्ताओं के बीच जाकर संवाद स्थापित कर रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि संगठन जितना मजबूत होगा, सरकार उतनी ही प्रभावी होगी, और मजबूत सरकार ही जनता की सुरक्षा, सम्मान और विकास की गारंटी दे सकती है।
इसके बाद निशांत कुमार ने बिहार के विकास यात्रा का विस्तृत उल्लेख करते हुए कहा कि वर्ष 2005 के बाद से लेकर 2026 तक के दौर में राज्य ने कई क्षेत्रों में ऐतिहासिक परिवर्तन देखा है। उन्होंने दावा किया कि पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार ने पिछड़ेपन की छवि से बाहर निकलकर विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बढ़ाए हैं। उन्होंने कहा कि आज राज्य के अधिकांश हिस्सों में बिजली आपूर्ति में उल्लेखनीय सुधार हुआ है और ग्रामीण क्षेत्रों तक भी 20 से 23 घंटे तक विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है, जो पहले एक बड़ी चुनौती हुआ करती थी।
उन्होंने सड़क निर्माण को बिहार के विकास की रीढ़ बताते हुए कहा कि आज गांव-गांव को जोड़ने के लिए सड़कों का व्यापक नेटवर्क तैयार हो चुका है, जिससे न केवल आवागमन आसान हुआ है बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिली है। शिक्षा व्यवस्था पर चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि राज्य में हजारों नए स्कूल खोले गए हैं और शिक्षा के स्तर को सुधारने के लिए बड़े पैमाने पर शिक्षकों की बहाली की गई है, जिससे बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध हो रही है।
स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति पर बोलते हुए निशांत कुमार ने कहा कि बिहार में स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने के लिए कई नए मेडिकल कॉलेजों की स्थापना की गई है और अस्पतालों की स्थिति में भी सुधार हुआ है। उन्होंने कहा कि अब ग्रामीण क्षेत्रों में भी लोगों को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध हो रही हैं, जिससे उन्हें बड़े शहरों पर निर्भर नहीं रहना पड़ता।
इंजीनियरिंग और तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में हुए विकास का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि नए संस्थानों की स्थापना से राज्य के युवाओं को तकनीकी शिक्षा और कौशल विकास के बेहतर अवसर मिले हैं। उन्होंने यह भी कहा कि रोजगार के अवसरों में वृद्धि हुई है और लाखों युवाओं को किसी न किसी रूप में रोजगार से जोड़ा गया है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार हुआ है।
निशांत कुमार ने अपने संबोधन में बार-बार इस बात पर जोर दिया कि नीतीश कुमार के 20 वर्षों के कार्यकाल की उपलब्धियों को जनता के बीच और अधिक प्रभावी ढंग से पहुंचाना कार्यकर्ताओं की जिम्मेदारी है, ताकि लोग यह समझ सकें कि बिहार किस तरह विकास के मार्ग पर आगे बढ़ा है। उन्होंने कहा कि लक्ष्य केवल सत्ता प्राप्त करना नहीं, बल्कि बिहार को एक विकसित और आत्मनिर्भर राज्य बनाना है।
कार्यक्रम के दौरान बापू सभागार में मौजूद कार्यकर्ताओं और समर्थकों की भारी भीड़ लगातार उत्साह में दिखाई दी। हर वक्त मंच से उठने वाले नारों और तालियों की गूंज ने माहौल को और अधिक ऊर्जा से भर दिया। पूरा परिसर एक राजनीतिक उत्सव के रूप में तब्दील हो गया, जहां समर्थकों का जोश और नेतृत्व के प्रति उनकी निष्ठा साफ तौर पर दिखाई दी।
    user_S9 Bihar
    S9 Bihar
    News Anchor बेतिया, पश्चिम चंपारण, बिहार•
    21 hrs ago
  • पश्चिम बंगाल की निवर्तमान मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने विधानसभा चुनाव हारने के बाद प्रेस कॉफ्रेंस की। इस दौरान उन्होंने बीजेपी और चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाए। इसके साथ ही ममता ने कहा कि मैं लोकभवन जाकर इस्तीफा नहीं दूंगी। ममता ने दावा किया कि मेरे इस्तीफे का सवाल ही नहीं उठता। ममता ने कहा कि बड़े दुख की बात है कि इस चुनाव में चुनाव आयोग लोगों के लोकतांत्रिक अधिकारों को छीनने और ईवीएम में हेराफेरी करने के मामले में 'खलनायक' बन गया। उन्होंने सवाल किया कि क्या आप मुझे बता सकते हैं कि वोटिंग के बाद भी ईवीएम 80-90 प्रतिशत चार्ज कैसे हो सकता है? यह कैसे संभव है? चुनाव से दो दिन पहले ही उन्होंने हमारे लोगों को गिरफ्तार करना शुरू कर दिया। उन्होंने हर जगह छापेमारी शुरू कर दी। उन्होंने सभी आईपीएस और आईएएस अधिकारियों को बदल दिया।
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    पश्चिम बंगाल की निवर्तमान मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने विधानसभा चुनाव हारने के बाद प्रेस कॉफ्रेंस की। इस दौरान उन्होंने बीजेपी और चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाए। इसके साथ ही ममता ने कहा कि मैं लोकभवन जाकर इस्तीफा नहीं दूंगी। ममता ने दावा किया कि मेरे इस्तीफे का सवाल ही नहीं उठता। ममता ने कहा कि बड़े दुख की बात है कि इस चुनाव में चुनाव आयोग लोगों के लोकतांत्रिक अधिकारों को छीनने और ईवीएम में हेराफेरी करने के मामले में 'खलनायक' बन गया। उन्होंने सवाल किया कि क्या आप मुझे बता सकते हैं कि वोटिंग के बाद भी ईवीएम 80-90 प्रतिशत चार्ज कैसे हो सकता है? यह कैसे संभव है? चुनाव से दो दिन पहले ही उन्होंने हमारे लोगों को गिरफ्तार करना शुरू कर दिया। उन्होंने हर जगह छापेमारी शुरू कर दी। उन्होंने सभी आईपीएस और आईएएस अधिकारियों को बदल दिया।
    user_SUDHANSU KUMAR
    SUDHANSU KUMAR
    Local News Reporter नरकटिया, पूर्वी चंपारण, बिहार•
    1 hr ago
  • वार्ड नंबर 12 वीर अब्दुल हमीद नगर।
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    वार्ड नंबर 12 वीर अब्दुल हमीद नगर।
    user_सीमा भारती
    सीमा भारती
    Local Politician कसया, कुशी नगर, उत्तर प्रदेश•
    1 hr ago
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