समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता यश भारतीय ने भोपाल में आयोजित एक प्रेस वार्ता में मध्य प्रदेश सरकार के 'तबादला उद्योग' और सरकारी विभागों में व्याप्त भ्रष्टाचार के खिलाफ गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने विशेष रूप से उद्यानिकी विभाग में अधिकारियों और कर्मचारियों की स्थानांतरण नीति पर निशाना साधा। यश भारतीय ने दावा किया कि मध्य प्रदेश सरकार की 'स्थानांतरण नीति 2026' पूरी तरह से विफल रही है और भ्रष्टाचार का एक बड़ा जरिया बन गई है, जिसका उद्देश्य पारदर्शी व्यवस्था सुनिश्चित करना था, लेकिन यह केवल चहेते अधिकारियों को बचाने और भ्रष्टाचार को संरक्षण देने का माध्यम बन गई है। उन्होंने जोर दिया कि उद्यानिकी विभाग ने जानबूझकर इस नीति की खुलेआम अनदेखी की। प्रवक्ता के अनुसार, जहाँ प्रदेश के अन्य बड़े विभागों ने निर्धारित अंतिम तिथि तक अपने सभी स्थानांतरण आदेश जारी कर दिए थे, वहीं उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग में जानबूझकर फाइलें रोकी गईं और आदेश जारी नहीं किए गए। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या इसका कारण सालों से एक ही पद पर जमे अधिकारियों को 'मलाईदार' पदों पर बनाए रखना या कुछ भ्रष्ट अधिकारियों को विशेष संरक्षण देना था। समाजवादी पार्टी ने यह भी बताया कि उनकी जानकारी के अनुसार, विभागीय मंत्री द्वारा स्थानांतरण नीति 2026 की अंतिम तारीख से पहले ही तबादले की सूची जॉन किंग्सली सचिव महोदय को भेजी जा चुकी थी। यश भारतीय ने इन आरोपों को पुष्ट करने के लिए कई विशिष्ट मामलों का उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि मध्य प्रदेश के जिला धार में प्रभारी उप संचालक उद्यान श्री नीरज सांवलिया के विरुद्ध भ्रष्टाचार और अनियमितता संबंधी लोकायुक्त कार्यालय, इंदौर में कार्यवाही प्रक्रियाधीन है, फिर भी उन्हें उसी जिले और पद पर बनाए रखा गया है, जिससे साक्ष्यों में छेड़छाड़ की संभावना है। यह मध्यप्रदेश शासन, सामान्य प्रशासन विभाग की स्थानांतरण नीति – 2026 के बिंदु क्रमांक 8.4 का उल्लंघन है, जिसमें ऐसी स्थिति में जांच प्रभावित न होने के लिए स्थानांतरण का प्रावधान है। दूसरा मामला इंदौर के ग्रामीण उद्यान विस्तार अधिकारी सौरभ व्यास का है, जिनकी गोपनीय चरित्रावली (CR) में नियम विरुद्ध छेड़छाड़ की गई और 12 जनवरी 2026 को आयुक्त द्वारा कारण बताओ नोटिस जारी होने के बाद भी उन्हें पद से नहीं हटाया गया। तीसरा मामला धार जिले के प्रभारी अधिकारी भूपेंद्र सगोरे का है, जिनका एक व्हाट्सएप चैट तेजी से वायरल हो रहा है। इस चैट में भूपेंद्र सगोरे अपने मित्र को बता रहे हैं कि उनका तबादला सीधे सचिव साहब से बात करने पर हुआ है और उन्हें भोपाल आने को कहा गया। मित्र द्वारा यह पूछे जाने पर कि जॉन किंग्सली सचिव सर ने कितने रुपये लिए, भूपेंद्र सगोरे ने जवाब दिया कि भोपाल 'लूप लाइन' है, इसलिए '5 L' लगे। इस मामले में कई सवाल उठाए गए हैं कि तबादला किसके कहने से हुआ, भोपाल तबादला क्यों किया गया, 'लूप लाइन' क्या है, और '5 L' क्यों और कहाँ लगे, जिसकी जांच आवश्यक है। चौथा मामला उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग मंत्रालय में ओएसडी पद पर डॉ. पूजा सिंह की नियुक्ति का है, जो सवालों के घेरे में है। वह पहले कृषि विभाग में थीं, जहाँ 06 मई 2026 को उनकी सेवाएँ उनके मूल विभाग राजमाता विजयाराजे सिंधिया कृषि विश्वविद्यालय ग्वालियर को वापस कर दी गई थीं। हालांकि, 13 मई 2026 को कृषि विभाग द्वारा सचिव महोदय के अनुमोदन से आदेश में संशोधन कर उन्हें उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग मंत्रालय में ओएसडी पद पर कार्य करने के आदेश जारी कर दिए गए, जबकि नियमों के अनुसार एक विभाग के सचिव को दूसरे विभाग में अधिकारी पदस्थ करने का अधिकार नहीं होता। इसके बाद 03 जून 2026 को उद्यानिकी विभाग ने डॉ. पूजा सिंह को ओएसडी पद पर पदस्थ करने का आदेश निकाला, जिसमें प्रतिनियुक्ति के सामान्य नियमों का पालन नहीं किया गया। समाजवादी पार्टी ने सरकार से इस पूरे स्थानांतरण प्रकरण की उच्चस्तरीय, निष्पक्ष और समयबद्ध न्यायिक जांच कराने की मांग की है। पार्टी ने पूछा है कि शासन द्वारा स्पष्ट समय-सीमा तय किए जाने के बावजूद अंतिम तिथि तक आदेश क्यों नहीं निकाले गए, किसके दबाव में फाइलें रोकी गईं, और किसके हित में नियमों की अनदेखी की गई। उन्होंने यह भी मांग की है कि यदि किसी प्रकार का भ्रष्टाचार या पद का दुरुपयोग सामने आता है तो दोषी अधिकारियों के विरुद्ध कठोर विभागीय एवं कानूनी कार्रवाई की जाए। यश भारतीय ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि प्रदेश सरकार ने इस 'तबादला उद्योग' को तुरंत बंद नहीं किया और दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई नहीं की, तो समाजवादी पार्टी कड़ा रुख अपनाने के लिए बाध्य होगी।
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता यश भारतीय ने भोपाल में आयोजित एक प्रेस वार्ता में मध्य प्रदेश सरकार के 'तबादला उद्योग' और सरकारी विभागों में व्याप्त भ्रष्टाचार के खिलाफ गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने विशेष रूप से उद्यानिकी विभाग में अधिकारियों और कर्मचारियों की स्थानांतरण नीति पर निशाना साधा। यश भारतीय ने दावा किया कि मध्य प्रदेश सरकार की 'स्थानांतरण नीति 2026' पूरी तरह से विफल रही है और भ्रष्टाचार का एक बड़ा जरिया बन गई है, जिसका उद्देश्य पारदर्शी व्यवस्था सुनिश्चित करना था, लेकिन यह केवल चहेते अधिकारियों को बचाने और भ्रष्टाचार को संरक्षण देने का माध्यम बन गई है। उन्होंने जोर दिया कि उद्यानिकी विभाग ने जानबूझकर इस नीति की खुलेआम अनदेखी की। प्रवक्ता के अनुसार, जहाँ प्रदेश के अन्य बड़े विभागों ने निर्धारित अंतिम तिथि तक अपने सभी स्थानांतरण आदेश जारी कर दिए थे, वहीं उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग में जानबूझकर फाइलें रोकी गईं और आदेश जारी नहीं किए गए। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या इसका कारण सालों से एक ही पद पर जमे अधिकारियों को 'मलाईदार' पदों पर बनाए रखना या कुछ भ्रष्ट अधिकारियों को विशेष संरक्षण देना था। समाजवादी पार्टी ने यह भी बताया कि उनकी जानकारी के अनुसार, विभागीय मंत्री द्वारा स्थानांतरण नीति 2026 की अंतिम तारीख से पहले ही तबादले की सूची जॉन किंग्सली सचिव महोदय को भेजी जा चुकी थी। यश भारतीय ने इन आरोपों को पुष्ट करने के लिए कई विशिष्ट मामलों का उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि मध्य प्रदेश के जिला धार में प्रभारी उप संचालक उद्यान श्री नीरज सांवलिया के विरुद्ध भ्रष्टाचार और अनियमितता संबंधी लोकायुक्त कार्यालय, इंदौर में कार्यवाही प्रक्रियाधीन है, फिर भी उन्हें उसी जिले और पद पर बनाए रखा गया है, जिससे साक्ष्यों में छेड़छाड़ की संभावना है। यह मध्यप्रदेश शासन, सामान्य प्रशासन विभाग की स्थानांतरण नीति – 2026 के बिंदु क्रमांक 8.4 का उल्लंघन है, जिसमें ऐसी स्थिति में जांच प्रभावित न होने के लिए स्थानांतरण का प्रावधान है। दूसरा मामला इंदौर के ग्रामीण उद्यान विस्तार अधिकारी सौरभ व्यास का है, जिनकी गोपनीय चरित्रावली (CR) में नियम विरुद्ध छेड़छाड़ की गई और 12 जनवरी 2026 को आयुक्त द्वारा कारण बताओ नोटिस जारी होने के बाद भी उन्हें पद से नहीं हटाया गया। तीसरा मामला धार जिले के प्रभारी अधिकारी भूपेंद्र सगोरे का है, जिनका
एक व्हाट्सएप चैट तेजी से वायरल हो रहा है। इस चैट में भूपेंद्र सगोरे अपने मित्र को बता रहे हैं कि उनका तबादला सीधे सचिव साहब से बात करने पर हुआ है और उन्हें भोपाल आने को कहा गया। मित्र द्वारा यह पूछे जाने पर कि जॉन किंग्सली सचिव सर ने कितने रुपये लिए, भूपेंद्र सगोरे ने जवाब दिया कि भोपाल 'लूप लाइन' है, इसलिए '5 L' लगे। इस मामले में कई सवाल उठाए गए हैं कि तबादला किसके कहने से हुआ, भोपाल तबादला क्यों किया गया, 'लूप लाइन' क्या है, और '5 L' क्यों और कहाँ लगे, जिसकी जांच आवश्यक है। चौथा मामला उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग मंत्रालय में ओएसडी पद पर डॉ. पूजा सिंह की नियुक्ति का है, जो सवालों के घेरे में है। वह पहले कृषि विभाग में थीं, जहाँ 06 मई 2026 को उनकी सेवाएँ उनके मूल विभाग राजमाता विजयाराजे सिंधिया कृषि विश्वविद्यालय ग्वालियर को वापस कर दी गई थीं। हालांकि, 13 मई 2026 को कृषि विभाग द्वारा सचिव महोदय के अनुमोदन से आदेश में संशोधन कर उन्हें उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग मंत्रालय में ओएसडी पद पर कार्य करने के आदेश जारी कर दिए गए, जबकि नियमों के अनुसार एक विभाग के सचिव को दूसरे विभाग में अधिकारी पदस्थ करने का अधिकार नहीं होता। इसके बाद 03 जून 2026 को उद्यानिकी विभाग ने डॉ. पूजा सिंह को ओएसडी पद पर पदस्थ करने का आदेश निकाला, जिसमें प्रतिनियुक्ति के सामान्य नियमों का पालन नहीं किया गया। समाजवादी पार्टी ने सरकार से इस पूरे स्थानांतरण प्रकरण की उच्चस्तरीय, निष्पक्ष और समयबद्ध न्यायिक जांच कराने की मांग की है। पार्टी ने पूछा है कि शासन द्वारा स्पष्ट समय-सीमा तय किए जाने के बावजूद अंतिम तिथि तक आदेश क्यों नहीं निकाले गए, किसके दबाव में फाइलें रोकी गईं, और किसके हित में नियमों की अनदेखी की गई। उन्होंने यह भी मांग की है कि यदि किसी प्रकार का भ्रष्टाचार या पद का दुरुपयोग सामने आता है तो दोषी अधिकारियों के विरुद्ध कठोर विभागीय एवं कानूनी कार्रवाई की जाए। यश भारतीय ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि प्रदेश सरकार ने इस 'तबादला उद्योग' को तुरंत बंद नहीं किया और दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई नहीं की, तो समाजवादी पार्टी कड़ा रुख अपनाने के लिए बाध्य होगी।
- भोपाल की अयोध्या नगर पुलिस ने मोबाइल लूटपाट करने वाले एक गिरोह का पर्दाफाश करते हुए 4 शातिर बदमाशों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उनके पास से कुल 22 मोबाइल फोन और वारदात में इस्तेमाल की गई 4 स्पोर्ट बाइकें जब्त की हैं, जिनकी कुल कीमत लगभग 11 लाख रुपये आंकी गई है। आरोपी स्पोर्ट्स बाइक का इस्तेमाल करते थे और घटना को अंजाम देने के लिए बाइक की नंबर प्लेट बदल देते थे। ये बदमाश रास्ते में हाथ में मोबाइल लेकर चलने वाले राहगीरों को निशाना बनाते थे और अब तक अयोध्या नगर, पिपलानी, गोविंदपुरा, हबीबगंज, बागसेवनिया और टीला क्षेत्रों की कुल 12 घटनाओं का खुलासा हुआ है। आरोपियों पर चोरी, मारपीट और आर्म्स एक्ट जैसे कई आपराधिक मामले दर्ज हैं, और वे बड़े पैसे कमाने व महंगे शौक पूरे करने के लिए इन वारदातों को अंजाम देते थे। पुलिस आयुक्त भोपाल श्री संजय कुमार और अतिरिक्त पुलिस आयुक्त श्री शैलेन्द्र सिंह चौहान के निर्देशों के क्रम में, पुलिस उपायुक्त जोन-2 श्री विकास सहवाल के मार्गदर्शन में एक टीम गठित की गई थी। इस टीम ने दिनांक 11.06.26 को नरेला जोड़ के पास हुई मोबाइल लूट की एक घटना का पर्दाफाश किया। पीड़ित निखिल ओझा से दो लड़कों ने केटीएम ड्यूक बाइक पर आकर छुरी अड़ाकर वीवो कंपनी का मोबाइल फोन छीन लिया था, जिसके बाद अयोध्या नगर थाने में अपराध क्रमांक 264/26 धारा 309(4), 3(5) बीएनएस के तहत मामला दर्ज किया गया था। तकनीकी और गैर-तकनीकी सुरागों के आधार पर पुलिस ने साहिल खान (23), फैजान पठान (21), समीर अंसारी (25) और तालिब खान (28) नामक चार आरोपियों को दबोचा। आरोपी साहिल के पास से घटना में इस्तेमाल की गई छुरी और लूटे गए वीवो मोबाइल के साथ कुल 22 मोबाइल फोन और केटीएम, पल्सर 200 एनएस, चोरी की होंडा साइन और आरवन-5 सहित 4 मोटरसाइकिलें बरामद की गईं। बरामद किए गए मोबाइलों में आईफोन 17 प्रो मेक्स, सैमसंग, रेडमी, रियलमी, ओप्पो, मोटोरोला और इंटेल कंपनियों के फोन शामिल हैं। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि उन्होंने लगभग एक साल पहले फरार मास्टरमाइंड सबदर ईरानी के साथ मिलकर मोबाइल लूटने की योजना बनाई थी। इस गैंग में साहिल, फैजान, समीर, तालिब और एक अन्य फरार आरोपी शाहरुख शामिल थे। वे शाम 7 बजे से 10 बजे के बीच शहर के विभिन्न इलाकों में दो स्पोर्ट बाइक पर निकलते थे, जहाँ आगे वाली बाइक मोबाइल छीनती थी और पीछे वाली बाइक में 2-3 लोग बैकअप के लिए चलते थे। यदि मोबाइल छीनने में परेशानी होती तो वे छुरी अड़ाकर लूट को अंजाम देते थे। लूटे गए मोबाइल फोन 2-3 दिनों में या जब 10-12 मोबाइल जमा हो जाते थे, तब मुख्य सरगना सबदर अली ईरानी को दिए जाते थे, जो प्रत्येक मोबाइल के लिए 3 से 4 हजार रुपये का भुगतान करता था, जिसमें से 1 हजार रुपये खुद रखकर बाकी राशि अन्य आरोपियों को देता था। यह भुगतान नकद या फैजान के फोन पे के माध्यम से किया जाता था। आरोपियों ने घटना के लिए केटीएम बाइक फाइनेंस कराई थी, जबकि आरवन-5 और होंडा साइन चोरी की थीं, और नंबर प्लेट बदलकर फर्जी नंबर प्लेट लगाई थी। प्रकरण में गैंग के सरगना सबदर ईरानी और आरोपी शाहरुख अभी फरार हैं, जिनकी तलाश में अयोध्या नगर, पिपलानी और निशातपुरा के लगभग 30 पुलिसकर्मियों की टीम दबिश दे रही है। मामले की विवेचना जारी है। इस कार्रवाई में थाना प्रभारी श्री महेश लिल्हारे, उनि. सुदील देशमुख, उनि विजयसिंह, उनि सुरेखा आर्मो सहित कई पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों ने सराहनीय भूमिका निभाई।1
- इंदौर के झलारिया स्थित शिशुकुंज स्कूल में अभिभावकों ने जमकर हंगामा किया। यह विरोध योग दिवस पर स्कूल द्वारा दिए गए भोजन या पानी के सेवन के बाद के.जी. कक्षा से लेकर चौथी कक्षा तक के कई बच्चों के बीमार पड़ने को लेकर था। बच्चों को पेट दर्द की शिकायत के चलते अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। यह पूरा मामला दूषित भोजन या पानी का बताया जा रहा है, जिसके कारण आज भी के.जी. से चौथी कक्षा तक के कई बच्चे स्कूल नहीं जा पाए। अभिभावकों ने इस गंभीर मुद्दे पर दूषित पानी और भोजन की तत्काल जांच की मांग की है।1
- कमला नगर पुलिस थाना क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण घटना में, पुलिस कर्मियों ने बड़े तालाब में डूब रहे एक युवक को तत्परतापूर्वक और कुशलता के साथ बचाया। पुलिस की त्वरित कार्रवाई के चलते युवक को सुरक्षित बाहर निकाला जा सका।1
- समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता यश भारती ने तबादला नीति को 'बिजनेस प्वाइंट' करार दिया है।2
- भोपाल के अयोध्यानगर थाना क्षेत्र में जोन-2 पुलिस ने मोबाइल लुटेरे गैंग का पर्दाफाश करते हुए चार बदमाशों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इन आरोपियों के पास से कुल 22 मोबाइल फोन और चार स्पोर्ट बाइक जब्त की हैं, जिनकी अनुमानित कीमत लगभग 11 लाख रुपये है। यह कार्रवाई पुलिस उपायुक्त जोन-2 श्री विकास सहवाल के निर्देशन में की गई। पुलिस के अनुसार, ये आरोपी स्पोर्ट बाइक का इस्तेमाल कर मोबाइल लूट और झपटमारी की घटनाओं को अंजाम देते थे। वे अपनी बाइक की नंबर प्लेट बदलकर पुलिस से बचने की कोशिश करते थे और रास्ते में हाथ में मोबाइल लेकर चलने वाले लोगों को अपना निशाना बनाते थे। जांच में खुलासा हुआ कि आरोपी बड़ा पैसा कमाने और अपने महंगे शौक पूरे करने के लिए इन अपराधों को अंजाम देते थे। आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद अयोध्यानगर, पिपलानी और शहर के विभिन्न हिस्सों से छीने गए कुल 22 मोबाइल फोन बरामद हुए हैं। पुलिस ने घटना में प्रयुक्त 04 मोटरसाइकिलें – केटीएम, पल्सर 200 एनएस, तथा चोरी की होंडा साइन और आर1-5 – को भी जब्त किया है। इसके अतिरिक्त, थाना टीला और अयोध्यानगर क्षेत्र से चुराई गई मोटरसाइकिलें भी बरामद की गई हैं। पुलिस ने यह भी बताया कि गिरफ्तार किए गए आरोपियों पर चोरी, मारपीट और आर्म्स एक्ट जैसे विभिन्न पूर्व आपराधिक रिकॉर्ड दर्ज हैं। इन गिरफ्तारियों से अयोध्यानगर, पिपलानी, गोविंदपुरा, हबीबगंज, बागसेवनिया और टीला क्षेत्र की कुल 12 घटनाओं का खुलासा हुआ है।1
- भोपाल के मंगलवारा थाना पुलिस ने एक जानलेवा चाकूबाजी के मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी मोहम्मद शाकिर (24) को घटना के 36 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी शाकिर ने बीते 18 जून को छावनी रोड पर एक युवक पर चाकू से हमला किया था। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और बाइक नंबर की मदद से आरोपी की पहचान की और उसे ऐशबाग की बिस्मिल्ला कॉलोनी से पकड़ा। इस कार्रवाई के दौरान, घटना में इस्तेमाल की गई पल्सर बाइक को भी जब्त कर लिया गया है। इस वारदात में शामिल दूसरा आरोपी अमन फिलहाल फरार है, जिसकी तलाश पुलिस द्वारा लगातार जारी है।1
- वार्ड 41 (बाग फरहत अफ़ज़ा) के निवासी जावेद खान, जिन्हें 'ऑटो एम्बुलेंस' के नाम से भी जाना जाता है, ने बेहद दुखी और भारी मन से एक वीडियो जारी किया है, जिसमें उन्होंने 190 मीटर की एक सड़क के लिए 2018 से जारी अपने संघर्ष को बताया है। उन्होंने कहा कि इस सड़क के निर्माण के लिए वे सीएम हाउस से लेकर कलेक्टर ऑफिस तक 150 से अधिक बार चक्कर लगा चुके हैं। जावेद खान के अनुसार, ज़ोन-11 के अधिकारियों ने स्वयं इस सड़क को 'अति आवश्यक' माना था और इस पर काम शुरू भी हो गया था। हालांकि, कुछ लोगों ने अपने निजी स्वार्थ के चलते महज़ 6 घंटे के भीतर ही काम रुकवा दिया। नतीजतन, आज यह पूरी सड़क कीचड़ और गड्ढों का तालाब बन चुकी है, जिससे बुजुर्ग गिर रहे हैं और बीमार लोग परेशान हो रहे हैं। जावेद खान ने आरोप लगाया है कि जब वह इस मुद्दे पर आवाज़ उठाते हैं तो उन्हें डराया-धमकाया जाता है। उन्होंने बिहार के वीर समाजसेवी भरत तिवारी जी के साथ हुए दुखद हादसे का भी जिक्र किया और प्रशासन से साफ कहा कि वह भी एक समाज सेवक हैं। उन्होंने घोषणा की है कि यदि हक की इस लड़ाई में उनके साथ कोई हादसा होता है या उनकी जान भी चली जाती है, तो उन्हें यह स्वीकार है; वह समाज के लिए शहीद होने को तैयार हैं, लेकिन अपने मोहल्ले के बच्चों और बुजुर्गों के हक को मरने नहीं देंगे। जावेद खान ने इस लड़ाई को पूरे वार्ड 41 की लड़ाई बताते हुए लोगों से वीडियो को इतना साझा करने का आग्रह किया है ताकि उनकी चीख 'सोए हुए प्रशासन' और मानवाधिकार आयोग तक पहुँच सके।1
- इंदौर क्राइम ब्रांच की स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) ने लॉ स्टूडेंट अक्षय मालवीय को गिरफ्तार किया है। अक्षय पर आरोप है कि वह NEET परीक्षा का पेपर उपलब्ध कराने का झांसा देकर छात्रों से ऑनलाइन ठगी करता था। आरोपी छात्रों को इंस्टाग्राम पर फर्जी पोस्ट डालकर अपनी ओर आकर्षित करता और उनसे ऑनलाइन भुगतान करवाता था। जांच में पता चला है कि अक्षय पुराने प्रश्नपत्रों और अध्ययन सामग्री को संपादित करके उन्हें नए पेपर के नाम पर छात्रों को बेचता था। उसने UPI के माध्यम से 30 से अधिक लोगों से पैसे वसूले हैं। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि इस ऑनलाइन ठगी के पूरे नेटवर्क में और कौन-कौन से लोग शामिल हैं।1
- इंदौर क्राइम ब्रांच की एसआईटी ने एक लॉ स्टूडेंट अक्षय मालवीय को गिरफ्तार किया है। उस पर आरोप है कि वह छात्रों को नीट (NEET) परीक्षा का पेपर उपलब्ध कराने का झांसा देकर उनसे ऑनलाइन ठगी करता था। आरोपी इंस्टाग्राम पर फर्जी पोस्ट डालकर छात्रों को अपनी ओर आकर्षित करता और फिर उनसे ऑनलाइन भुगतान करवाता था। पुलिस की जांच में पता चला है कि उसने यूपीआई (UPI) के माध्यम से 30 से अधिक लोगों से पैसे वसूले हैं। वह पुराने प्रश्नपत्रों और अध्ययन सामग्री में हेरफेर करके उन्हें नए पेपर के नाम पर बेचता था। पुलिस अब इस ठगी के नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों की पहचान करने के लिए आगे की जांच कर रही है।1