शहडोल संसद हिमाद्री सिंह ने नागरिकों से योग को अपनी दिनचर्या का अहम हिस्सा बनाने का आग्रह किया है, ताकि वे तन और मन से स्वस्थ रह सकें। उन्होंने कहा कि योग भारत की परंपरा, विरासत और पूज्य ऋषियों का शोध है, जो विश्व भर में मानवमात्र को सुखमय जीवन जीने का मार्ग दिखाता है। सांसद हिमाद्री सिंह ने इस बात पर जोर दिया कि योग की बढ़ती वैश्विक स्वीकार्यता और 21 जून को मनाए जाने वाला अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस इस बात का प्रमाण है। उनके अनुसार, योग भारतीय प्राच्य विद्या और प्राचीन भारतीय संस्कृति का सिर्फ हिस्सा नहीं, बल्कि भारतीय सनातन संस्कृति में रचा-बसा और हमारी जीवनशैली का अनिवार्य अंग है, जिसके बिना भारतीय संस्कृति का उल्लेख अधूरा है। उन्होंने 'अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस' की बधाई देते हुए कहा कि योग, ऋषियों-मुनियों के लिए साधना के उच्चतम शिखर तक पहुँचने का मार्ग रहा है और यह व्यक्ति को मानव से महामानव बनाता है। सांसद हिमाद्री सिंह ने कहा कि आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के अथक प्रयासों से आज योग एक वैश्विक जन-आंदोलन बन चुका है, जिससे भारतीय संस्कृति का विजय पताका विश्वभर में स्थापित हो गया है। उन्होंने योग को केवल व्यायाम नहीं, बल्कि स्वस्थ शरीर, शांत मन और संतुलित जीवन का आधार बताया। उन्होंने सभी से एक स्वस्थ, सशक्त एवं निरोग भारत के निर्माण के लिए प्रतिदिन योग करने का संकल्प लेने और अपने परिवार व समाज को भी योग से जोड़ने का प्रयास करने का आह्वान किया। उन्होंने शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के लिए योग को वरदान बताते हुए कहा कि स्वस्थ, सुखमय, समृद्ध और सफल जीवन जीने के लिए दृढ़ इच्छाशक्ति व साहस हेतु योग अपनाना बहुत ज़रूरी है। सांसद ने आगाह किया कि शारीरिक श्रम के अभाव में व्यक्ति मोटापे, डायबिटीज और रक्तचाप जैसी जीवनशैली से जुड़ी बीमारियों से जल्दी ग्रसित हो जाते हैं। उन्होंने चिंता व्यक्त की कि भारत तेज़ी से डायबिटीज रोग की राजधानी बनता जा रहा है और यह समस्या बच्चों तथा युवाओं में भी बढ़ रही है। उन्होंने शुगर को केवल रोग नहीं, बल्कि 'रोगों का घर' बताते हुए कहा कि यह पूरे शरीर को खोखला कर देती है और अन्य अंगों को भी कमज़ोर बना देती है। इसलिए स्वस्थ दिनचर्या और अच्छा खानपान अपनाना आवश्यक है। उन्होंने सलाह दी कि हर व्यक्ति को प्रतिदिन कम से कम 5-10 किलोमीटर पैदल चलना, दौड़ना, जिम करना, साइकिल चलाना या योग व्यायाम करना चाहिए, और अपने शरीर को स्वस्थ रखने के लिए रोज़ 1 घंटे का समय अवश्य निकालना चाहिए, क्योंकि कार्य तभी तक गतिमान रहेंगे जब तक शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य ठीक है।
शहडोल संसद हिमाद्री सिंह ने नागरिकों से योग को अपनी दिनचर्या का अहम हिस्सा बनाने का आग्रह किया है, ताकि वे तन और मन से स्वस्थ रह सकें। उन्होंने कहा कि योग भारत की परंपरा, विरासत और पूज्य ऋषियों का शोध है, जो विश्व भर में मानवमात्र को सुखमय जीवन जीने का मार्ग दिखाता है। सांसद हिमाद्री सिंह ने इस बात पर जोर दिया कि योग की बढ़ती वैश्विक स्वीकार्यता और 21 जून को मनाए जाने वाला अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस इस बात का प्रमाण है। उनके अनुसार, योग भारतीय प्राच्य विद्या और प्राचीन भारतीय संस्कृति का सिर्फ हिस्सा नहीं, बल्कि भारतीय सनातन संस्कृति में रचा-बसा और हमारी जीवनशैली का अनिवार्य अंग है, जिसके बिना भारतीय संस्कृति का उल्लेख अधूरा है। उन्होंने 'अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस' की बधाई देते हुए कहा कि योग, ऋषियों-मुनियों के लिए साधना के उच्चतम शिखर तक पहुँचने
का मार्ग रहा है और यह व्यक्ति को मानव से महामानव बनाता है। सांसद हिमाद्री सिंह ने कहा कि आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के अथक प्रयासों से आज योग एक वैश्विक जन-आंदोलन बन चुका है, जिससे भारतीय संस्कृति का विजय पताका विश्वभर में स्थापित हो गया है। उन्होंने योग को केवल व्यायाम नहीं, बल्कि स्वस्थ शरीर, शांत मन और संतुलित जीवन का आधार बताया। उन्होंने सभी से एक स्वस्थ, सशक्त एवं निरोग भारत के निर्माण के लिए प्रतिदिन योग करने का संकल्प लेने और अपने परिवार व समाज को भी योग से जोड़ने का प्रयास करने का आह्वान किया। उन्होंने शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के लिए योग को वरदान बताते हुए कहा कि स्वस्थ, सुखमय, समृद्ध और सफल जीवन जीने के लिए दृढ़ इच्छाशक्ति व साहस हेतु योग अपनाना बहुत ज़रूरी है। सांसद ने आगाह किया कि शारीरिक श्रम के
अभाव में व्यक्ति मोटापे, डायबिटीज और रक्तचाप जैसी जीवनशैली से जुड़ी बीमारियों से जल्दी ग्रसित हो जाते हैं। उन्होंने चिंता व्यक्त की कि भारत तेज़ी से डायबिटीज रोग की राजधानी बनता जा रहा है और यह समस्या बच्चों तथा युवाओं में भी बढ़ रही है। उन्होंने शुगर को केवल रोग नहीं, बल्कि 'रोगों का घर' बताते हुए कहा कि यह पूरे शरीर को खोखला कर देती है और अन्य अंगों को भी कमज़ोर बना देती है। इसलिए स्वस्थ दिनचर्या और अच्छा खानपान अपनाना आवश्यक है। उन्होंने सलाह दी कि हर व्यक्ति को प्रतिदिन कम से कम 5-10 किलोमीटर पैदल चलना, दौड़ना, जिम करना, साइकिल चलाना या योग व्यायाम करना चाहिए, और अपने शरीर को स्वस्थ रखने के लिए रोज़ 1 घंटे का समय अवश्य निकालना चाहिए, क्योंकि कार्य तभी तक गतिमान रहेंगे जब तक शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य ठीक है।
- उमरिया जिले के घुलघुली क्षेत्र में आज, 21 जून 2026 को, लगातार दूसरे दिन तेज आंधी-तूफान के साथ झमाझम बारिश दर्ज की गई है। इस बारिश के चलते आम जनता को भीषण गर्मी और उमस से बड़ी राहत मिली है, वहीं खेतों में भी रौनक लौट आई है। ग्रामीण इलाकों में खेती-किसानी की गतिविधियों ने रफ्तार पकड़ ली है, जिससे पूरे क्षेत्र के किसानों के चेहरे खुशी से खिल उठे हैं और उनमें भारी उत्साह की लहर देखी जा रही है।1
- अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर, माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने योग के महत्व पर प्रकाश डाला है। अपने संदेश में, उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि योग सभी को जोड़ने और साथ लाने का कार्य करता है।1
- शहडोल में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 'स्वस्थ आयु के लिए योग' थीम के तहत धूमधाम से आयोजित किया गया। इस गरिमामय कार्यक्रम में सांसद ने मुख्य अतिथि के रूप में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।2
- नौरोजाबाद नगर परिषद में उस समय माहौल गरमा गया जब जनप्रतिनिधियों ने मुख्य नगर पालिका अधिकारी (सीएमओ) की कार्यशैली को लेकर खुलकर नाराजगी जताई। पार्षदों ने मीडिया के सामने अपनी बात रखते हुए सीएमओ पर गंभीर आरोप लगाए। पार्षदों का आरोप है कि सीएमओ नियमित रूप से समय पर कार्यालय नहीं पहुंचते और कई बार कार्यालय से भी अनुपस्थित रहते हैं, जिससे आम नागरिकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।3
- शहडोल के ब्यौहारी रेलवे स्टेशन पर नियमों को ताक पर रखकर नौनिहालों के भविष्य से खिलवाड़ किया जा रहा है, जहाँ यात्रियों की जेब पर डाका डालने और बच्चों के भविष्य को अंधकार में धकेलने का एक बड़ा खेल चल रहा है। रिपोर्ट के अनुसार, इस महत्वपूर्ण रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म पर संचालित एक खान-पान प्रतिष्ठान द्वारा न केवल रेल प्रशासन के कायदे-कानूनों का खुलेआम उल्लंघन किया जा रहा है, बल्कि आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के सीधे-साधे नाबालिग बच्चों को बहला-फुसलाकर बाल श्रम में झोंका जा रहा है। ये मासूम बच्चे प्लेटफॉर्म से लेकर पटरियों के बीच जान जोखिम में डालकर दिन-रात खाद्य सामग्रियां बेचते हैं। यह सब कुछ स्थानीय रेल प्रशासन की जानकारी में हो रहा है, लेकिन उच्च अधिकारी सब कुछ जानते हुए भी आँखें मूंदे बैठे हैं और पूरी तरह मूकदर्शक बने हुए हैं। उनकी यह रहस्यमयी चुप्पी इस पूरे अवैध कारोबार को मौन संरक्षण देने की ओर इशारा करती है। इस खान-पान प्रतिष्ठान के संचालक और उसके मुख्य प्रबंधक रेलवे द्वारा जारी किए गए वेंडर पहचान पत्रों का जमकर दुरुपयोग कर रहे हैं, जिनकी आड़ में इस रूट से गुजरने वाली तमाम यात्री ट्रेनों के भीतर अवैध वेंडिंग का एक बड़ा नेटवर्क चलाया जा रहा है। जबकि आधिकारिक साइड पैंट्री का टेंडर स्वीकृत है, जिसके कर्मचारी ही यात्रियों को भोजन उपलब्ध कराने के लिए अधिकृत हैं, लेकिन अनधिकृत वेंडर बिना किसी वैध अनुमति के निडर होकर चलती ट्रेनों के भीतर घुस जाते हैं और अवैध रूप से खाद्य सामग्री बेचते हैं। जब ट्रेनों के वैध पैंट्री कर्मचारी इन बाहरी तत्वों को व्यापार करने से रोकते हैं, तो ये वेंडर गुंडागर्दी पर उतारू हो जाते हैं, जिससे स्टेशन और ट्रेनों के भीतर खुलेआम बाद-विवाद, गाली-गलौज और मारपीट की नौबत आ जाती है। ये अवैध वेंडर रेलवे द्वारा जारी किए गए कैंटीन कार्ड को दिखाकर यात्रियों और पैंट्री स्टाफ पर धौंस जमाते हैं, दावा करते हैं कि उन्हें ट्रेनों के अंदर भी सामग्री बेचने का पूरा अधिकार मिला हुआ है। इस दबंगई के पीछे मुख्य रूप से कुछ स्थानीय रसूखदार लोगों का हाथ बताया जा रहा है, जिनके इशारे पर वैध और अवैध वेंडरों की पूरी फौज ट्रेनों को निशाना बना रही है और सुरक्षा व्यवस्था को ठेंगा दिखा रही है। इस अवैध तंत्र का सबसे काला पक्ष यह है कि इसमें मासूम बच्चों का इस्तेमाल किया जा रहा है, जिन्हें कानूनन बाल श्रम प्रतिबंधित होने के बावजूद गरीबी के कारण मजदूरी के जाल में फंसाया गया है। इन बच्चों से सुबह से देर रात तक समोसा, आलूबोंडा और अन्य सामग्रियां बिकवाई जाती हैं, जिससे चलती ट्रेनों में चढ़ने और उतरने के दौरान कई बार उनकी जान को खतरा होता है, लेकिन प्रबंधन पैसों की हवस में अंधा होकर मासूमों की जिंदगी को खतरे में डालने से बाज नहीं आ रहा है। इसके अलावा, प्लेटफॉर्म एक पर अन्य स्टॉलों की कमी का फायदा उठाकर यात्रियों को दोनों हाथों से लूटा जा रहा है। भीषण गर्मी और मजबूरी का लाभ उठाते हुए, ₹14 की सीलबंद पानी बोतल यात्रियों को ₹30 की मनमानी कीमत पर जबरन बेची जा रही है। यात्रियों की मजबूरी का फायदा सिर्फ पानी की बोतलों तक ही सीमित नहीं है, बल्कि स्टेशन पर मिलने वाली अन्य खाद्य सामग्रियां भी पूरी तरह गुणवत्ताविहीन और सेहत के लिए हानिकारक होती हैं। यात्रियों को मजबूरी में सड़ा-गला और अस्वच्छ खाना खाने को विवश होना पड़ता है। ब्यौहारी स्टेशन से गुजरने वाले हजारों यात्री हर दिन इस बदइंतजामी और लूटपाट का शिकार हो रहे हैं, जिससे भारतीय रेल की विश्वसनीयता और स्टेशन की छवि दिन-प्रतिदिन धूमिल होती जा रही है। इन तमाम गंभीर समस्याओं, बाल श्रम और अवैध वेंडिंग के काले कारोबार पर रेलवे के वरिष्ठ अधिकारियों की लापरवाही ने बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।3
- बड़वारा क्षेत्र की पुलिस और स्थानीय प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं कि वे क्षेत्र के दलित और आदिवासी बच्चों को नशे की आग में धकेल रहे हैं। आरोप है कि लगातार विरोध प्रदर्शनों के बावजूद, पुलिस और प्रशासन शराब माफियाओं पर लगाम लगाने में पूरी तरह असमर्थ हैं। इस स्थिति पर यह सवाल भी उठाया गया है कि आखिर किसके इशारे पर यह सब हो रहा है।1
- सोशल मीडिया पर भगवान श्रीराम के विरुद्ध आपत्तिजनक चित्र और अभद्र टिप्पणी युक्त पोस्ट करने के मामले में प्रबोध पांडे के खिलाफ थाना में एक शिकायत दर्ज कराई गई है। शिकायतकर्ताओं ने बताया है कि इस पोस्ट से करोड़ों सनातन धर्मावलंबियों की धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं तथा समाज में वैमनस्य एवं तनाव की स्थिति उत्पन्न होने की आशंका है। उन्होंने प्रशासन से इस मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी व्यक्ति के विरुद्ध विधिसम्मत कार्रवाई किए जाने की मांग की है। शिकायत दर्ज कराते समय सिल्लू रजक, अविनाश मिश्रा, धीरू मिश्रा, मुकेश दुवेदी, विकाश जोतवानी, अमन यादव, देव केवट, मोनु सेन, अमित धुर्वे, शनि रिशु पनिका, नितिन सूरी, रज्जन रजक एवं अन्य लोग उपस्थित थे। उन्होंने स्पष्ट किया कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के नाम पर किसी भी धर्म, देवी-देवता अथवा धार्मिक प्रतीकों का अपमान स्वीकार नहीं किया जा सकता। इन सभी ने कहा कि सभी धर्मों एवं आस्थाओं का सम्मान बनाए रखना प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है। प्रशासन से यह भी मांग की गई है कि मामले को गंभीरता से लेते हुए आवश्यक कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, जिससे भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।3
- Post by पंडित कृष्णा मिश्रा पत्रकार1