बरेली के थाना भमोरा पुलिस ने ₹25 हजार के इनामी वांछित अपराधी सुरकेश शर्मा के साथ ओमवीर और कृतिका शर्मा को गिरफ्तार कर एक संगठित रंगदारी और अवैध वसूली गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने तीनों अभियुक्तों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। यह कार्रवाई ग्राम चांडपुर निवासी अंकुर मिश्रा उर्फ प्रभात मिश्रा की 18 जून 2026 को भमोरा थाने में दी गई तहरीर के आधार पर की गई। अंकुर मिश्रा ने आरोप लगाया था कि सुरकेश शर्मा और उसके साथियों ने मिलकर एक गिरोह बनाया है, जिसने उन्हें डरा-धमकाकर, फर्जी मुकदमा दर्ज कराने की धमकी देकर ₹3 लाख की रंगदारी मांगी। रंगदारी न देने पर उन्हें गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी भी दी गई। इस शिकायत पर थाना भमोरा में मुकदमा अपराध संख्या 277/2026 भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धाराओं 61(2), 111(3), 308(5), 308(6), 248, 352 और 351(3) के तहत 11 नामजद अभियुक्तों के विरुद्ध मामला दर्ज किया गया था। विवेचना के दौरान, 19 जून 2026 को मिली मुखबिर की सूचना पर पुलिस टीम ने इस मामले में वांछित सुरकेश शर्मा, ओमवीर और कृतिका शर्मा को धर दबोचा। पुलिस के अनुसार, सुरकेश शर्मा साल 2023 में दर्ज मुकदमा अपराध संख्या 287/2023 के तहत आईपीसी की धाराओं 376-डी, 147, 452, 354, 354-ए, 504, 506, पॉक्सो एक्ट की धाराओं 5ए/6 और एससी/एसटी एक्ट की धाराओं 3(1)(डी), 3(2)(वी) के एक गंभीर मामले में करीब तीन साल से फरार चल रहा था। उस पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बरेली द्वारा 18 जुलाई 2024 को ₹15 हजार का इनाम घोषित किया गया था, जिसे 7 जून 2026 को बढ़ाकर ₹25 हजार कर दिया गया। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, सुरकेश शर्मा पहले भी हत्या के प्रयास सहित कई गंभीर मामलों में जेल जा चुका है। उसे पुलिस विभाग से बर्खास्त भी किया जा चुका है और 11 जून 2026 को उसकी हिस्ट्रीशीट खोली गई थी। भमोरा पुलिस ने गिरफ्तार किए गए तीनों अभियुक्तों को न्यायालय में पेश कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
बरेली के थाना भमोरा पुलिस ने ₹25 हजार के इनामी वांछित अपराधी सुरकेश शर्मा के साथ ओमवीर और कृतिका शर्मा को गिरफ्तार कर एक संगठित रंगदारी और अवैध वसूली गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने तीनों अभियुक्तों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। यह कार्रवाई ग्राम चांडपुर निवासी अंकुर मिश्रा उर्फ प्रभात मिश्रा की 18 जून 2026 को भमोरा थाने में दी गई तहरीर के आधार पर की गई। अंकुर मिश्रा ने आरोप लगाया था कि सुरकेश शर्मा और उसके साथियों ने मिलकर एक गिरोह बनाया है, जिसने उन्हें डरा-धमकाकर, फर्जी मुकदमा दर्ज कराने की धमकी देकर ₹3 लाख की रंगदारी मांगी। रंगदारी न देने पर उन्हें गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी भी दी गई। इस शिकायत पर थाना भमोरा में मुकदमा अपराध संख्या 277/2026 भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धाराओं 61(2), 111(3), 308(5), 308(6), 248, 352 और 351(3) के तहत 11 नामजद अभियुक्तों के विरुद्ध मामला दर्ज किया गया था। विवेचना के दौरान, 19 जून 2026 को मिली मुखबिर की सूचना पर पुलिस टीम ने इस मामले में वांछित सुरकेश शर्मा, ओमवीर और कृतिका शर्मा को धर दबोचा। पुलिस के अनुसार, सुरकेश शर्मा साल 2023 में दर्ज मुकदमा अपराध संख्या 287/2023 के तहत आईपीसी की धाराओं 376-डी, 147, 452, 354, 354-ए, 504, 506, पॉक्सो एक्ट की धाराओं 5ए/6 और एससी/एसटी एक्ट की धाराओं 3(1)(डी), 3(2)(वी) के एक गंभीर मामले में करीब तीन साल से फरार चल रहा था। उस पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बरेली द्वारा 18 जुलाई 2024 को ₹15 हजार का इनाम घोषित किया गया था, जिसे 7 जून 2026 को बढ़ाकर ₹25 हजार कर दिया गया। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, सुरकेश शर्मा पहले भी हत्या के प्रयास सहित कई गंभीर मामलों में जेल जा चुका है। उसे पुलिस विभाग से बर्खास्त भी किया जा चुका है और 11 जून 2026 को उसकी हिस्ट्रीशीट खोली गई थी। भमोरा पुलिस ने गिरफ्तार किए गए तीनों अभियुक्तों को न्यायालय में पेश कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
- बरेली पुलिस ने अर्जुन हत्याकांड के वांछित अभियुक्त कुश उर्फ नन्हे को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, इस हत्या की वजह प्रेम-प्रसंग से जुड़ा विवाद था। अर्जुन की गोली मारकर हत्या 15 जून 2026 की रात थाना बारादरी क्षेत्र में हुई थी। पुलिस को उस रात एक युवक को गोली लगने की सूचना मिली थी, जिसके बाद मौके पर पहुँची टीम ने शव की पहचान संजय नगर निवासी अर्जुन पुत्र राकेश के रूप में की। इस मामले में मृतक के परिजनों की शिकायत पर थाना बारादरी में मु0अ0सं0 799/2026, धारा 103(1)/3(5) बीएनएस के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। इस प्रकरण में एक अन्य अभियुक्त अर्पित उर्फ पहाड़ी को पहले ही पुलिस मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। पुलिस ने 20 जून 2026 को घटना में शामिल वांछित अभियुक्त कुश पुत्र अंतराम उर्फ नन्हे को डीडीयूपुरम पार्क के पास से गिरफ्तार किया। पूछताछ में कुश ने बताया कि उसका मृतक अर्जुन की बहन पलक के साथ पिछले लगभग तीन वर्षों से प्रेम संबंध था, जिसका अर्जुन विरोध करता था। 15 जून को अर्जुन ने उसे एक बेकरी के पास थप्पड़ मार दिया था। इसके बाद उसने अपने साथियों अर्पित उर्फ पहाड़ी और कपिल को घटना की जानकारी दी। तीनों ने मिलकर अर्जुन को संजय नगर स्थित गोसाई गैटिया मंदिर के पास तिराहे पर रोक लिया। वहाँ विवाद बढ़ने पर अर्पित उर्फ पहाड़ी ने तमंचे से गोली मार दी, जिससे अर्जुन की मौत हो गई। घटना के बाद सभी आरोपी मौके से फरार हो गए थे। गिरफ्तार अभियुक्त कुश को न्यायालय में पेश कर आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है। इस गिरफ्तारी को अंजाम देने वाली पुलिस टीम में प्रभारी निरीक्षक विजेन्द्र कुमार, निरीक्षक अपराध तारिक खान, उपनिरीक्षक प्रदीप कुमार, कांस्टेबल निखिल तोमर और कांस्टेबल मोहम्मद बिलाल शामिल रहे।2
- पीलीभीत में सड़कों पर स्थित शराब की दुकानों को हटाने की मांग को लेकर गाँव की सैकड़ों महिलाओं ने उग्र विरोध प्रदर्शन किया। यह पहली बार नहीं है, इससे पहले भी इन महिलाओं ने एक शराब की दुकान तोड़ दी थी, जिसके बाद अब एक बार फिर उन्होंने स्वयं मोर्चा संभाला है। महिलाओं ने प्रशासन से सवाल किया कि आखिर क्यों वह स्थानीय जनता की मांग पर कोई कार्रवाई नहीं करता, और क्या शराब की दुकानें ही सरकार की आय का एकमात्र साधन रह गई हैं, भले ही उनसे कितने ही परिवार टूट जाएँ और गंभीर अपराध हों। इन सवालों का जवाब न मिलने पर महिलाओं का गुस्सा भड़क उठा। आक्रोशित महिलाओं ने देसी और अंग्रेजी शराब की दुकानों में घुसकर शराब की बोतलों और क्वार्टरों को जमकर तोड़-फोड़ दिया। लाखों रुपये की शराब की बोतलें दुकान में ही नष्ट कर दी गईं, और काफी देर तक दुकानों में महिलाओं का यह हंगामा चलता रहा। इस घटना के बाद, प्रशासन उन आरोपियों पर मुकदमा दर्ज करने की तैयारी कर रहा है, जिन्होंने लाखों रुपये की शराब की बोतलें तोड़ीं और दुकान में बिक्री के लिए रखी नकदी की कथित तौर पर लूटपाट की। हालांकि, इसके साथ ही यह सवाल भी उठ रहा है कि आखिर प्रशासन जनता की अपीलों और मांगों को क्यों अनसुना करता है, और कैसे स्थानीय पुलिस प्रशासन खतरे व आंदोलन को भांपने में विफल हो जाता है। मीडिया सूत्र संकेत दे रहे हैं कि यह सारा घटनाक्रम पहले से ही सुनियोजित था।1
- पीलीभीत में 9 साल की नाबालिग बच्ची के साथ हुए दुष्कर्म के मामले में राज्य मंत्री संजय सिंह गंगवार ने महत्वपूर्ण घोषणाएँ की हैं। मंत्री ने ऐलान किया है कि रविवार को पीड़िता के घर के पीछे बनी मजार पर 'बाबा का बुलडोजर' चलेगा। इस मामले में राज्य मंत्री संजय सिंह गंगवार ने पीड़िता नाबालिग बच्ची को गोद लेने का बड़ा फैसला लिया है, और उन्होंने खुद उसका कन्यादान करने का संकल्प भी व्यक्त किया है।1
- पीलीभीत के माधव टांडा रोड स्थित कल्याणपुर में एक कंपोजिट अंग्रेजी शराब की दुकान पर कथित ओवररेटिंग का मामला सामने आया है। जानकारी के अनुसार, 'ब्रो कोड' नामक बीयर की बोतल पर अधिकतम खुदरा मूल्य (MRP) ₹160 अंकित है, जिसका बैच नंबर 036 और निर्माण तिथि 15/01/2025 है। आरोप है कि इस बीयर को दुकान पर ₹200 में बेचा जा रहा है, जिसका अर्थ है कि ग्राहकों से ₹40 अधिक वसूले जा रहे हैं। जब एक ग्राहक ने इस संबंध में दुकान संचालक से पूछताछ की, तो कथित तौर पर बताया गया कि यह शराब पिछले एक सप्ताह से इसी बढ़ी हुई कीमत पर बेची जा रही है। इस मामले की सूचना नजदीकी पुलिस चौकी को भी दिए जाने की बात कही गई है। शिकायतकर्ता करण और सुखदेव ने संबंधित विभाग से इस ओवररेटिंग के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की मांग की है, क्योंकि ₹160 के अंकित मूल्य वाले उत्पाद के लिए ₹200 वसूले जा रहे हैं।1
- अंतरराष्ट्रीय योग दिवस से पहले शनिवार को पीलीभीत नगर पालिका परिषद ने पूरे शहर में एक विशेष स्वच्छता अभियान चलाया। इस अभियान का उद्देश्य योग दिवस के लिए शहर के वातावरण को स्वच्छ बनाना था, जिसमें जिलाधिकारी और एसडीएम ने स्वयं झाड़ू थामकर स्वच्छता का संदेश दिया।1
- आज बरेली के स्पोर्ट्स स्टेडियम में 12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के उपलक्ष्य में एक विशाल कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर मंत्रियों, विधायकों और प्रशासन के अधिकारियों सहित हजारों की संख्या में लोगों ने बढ़-चढ़कर योग किया। कार्यक्रम के दौरान एक बड़ी स्क्रीन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का उद्बोधन भी प्रसारित किया गया, जिसे उपस्थित जनसमूह ने सुना।1
- पीलीभीत जिले में नेशनल हाईवे-730 पर एक अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया गया, जिसके तहत गजरौला कस्बे के चौराहे से अवैध कब्ज़े हटाए गए। दुकानदारों द्वारा हाईवे पर किए गए इन कब्ज़ों के कारण राहगीरों को आवागमन में काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। इस संयुक्त कार्रवाई को भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI), राजस्व टीम और पुलिस बल ने अंजाम दिया, जिससे हाईवे को अतिक्रमण मुक्त किया जा सका।1
- प्रसारित जानकारी में यह दावा किया गया है कि भारतीय हिन्दूराष्ट्र संविधान अब लागू हो चुका है। इस संदेश के माध्यम से लोगों को 'देख सुन बोल' कहकर इस जानकारी पर विशेष ध्यान देने के लिए कहा गया है।1