महतारी वंदन योजना से मिली आर्थिक मजबूती, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति जताया आभार सेवा संकल्प अभियान में महिलाओं के सम्मान और आत्मनिर्भरता का बनेगा संदेश कोरबा, महतारी वंदन योजना से मिली आर्थिक मजबूती, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति जताया आभार सेवा संकल्प अभियान में महिलाओं के सम्मान और आत्मनिर्भरता का बनेगा संदेश कोरबा, गाँव की सड़क किनारे सुबह से शाम तक मेहनत कर उड़द दाल के बड़े बेचने वाली ज्योति यादव के लिए एक हजार रुपये की अहमियत वही समझ सकता है, जिसने एक-एक रुपये जोड़ने के लिए पसीना बहाया हो। दाल खरीदने से लेकर उसकी सफाई, भिगोने, पीसने और फिर गरमा-गरम बड़े तैयार करने तक ज्योति की दिनचर्या कठिन मेहनत से भरी है। कई बार पूरे दिन मेहनत करने के बाद भी दो-तीन सौ रुपये की ही कमाई हो पाती है। ऐसे में हर महीने मिलने वाली एक हजार रुपये की राशि उनके लिए किसी बड़ी राहत से कम नहीं है। कोरबा विकासखंड के ग्राम पंचायत अजगरबहार में सड़क किनारे छोटा सा नाश्ते का होटल संचालित करने वाली ज्योति यादव पिछले एक दशक से अधिक समय से उड़द दाल के बड़े बनाकर अपने परिवार की आजीविका में सहयोग कर रही हैं। बड़े सिलबट्टे पर दाल पीसकर तैयार किए गए उनके स्वादिष्ट बड़े और मिर्ची-इमली की चटनी राहगीरों को खूब पसंद आती है। सीमित आवागमन वाले इस मार्ग पर कई बार ग्राहक कम मिलते हैं, जिससे आमदनी भी प्रभावित होती है। ऐसे समय में महतारी वंदन योजना से मिलने वाली राशि ज्योति के परिवार के लिए सहारा बनती है। ज्योति बताती हैं कि एक हजार रुपये कमाने के लिए उन्हें कई घंटे मेहनत करनी पड़ती है, इसलिए वह महतारी वंदन योजना से मिलने वाली राशि का महत्व अच्छी तरह समझती हैं। वह इस पैसे को अनावश्यक खर्च करने के बजाय घर की जरूरी जरूरतों को पूरा करने में उपयोग करती हैं। कई बार होटल से कम आमदनी होने पर यही राशि घर के जरूरी सामान और अन्य आवश्यक खर्चों में काम आती है। ज्योति कहती हैं कि उनके जैसे मेहनतकश परिवारों के लिए नियमित आर्थिक सहायता बहुत मायने रखती है। महतारी वंदन योजना से हर महीने मिलने वाली राशि ने उन्हें आर्थिक रूप से संबल दिया है और जरूरत के समय परिवार का सहारा बनी है। इसके लिए उन्होंने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि महिलाओं के लिए शुरू की गई यह योजना उनके जीवन में भरोसा और मजबूती लेकर आई है। ज्योति के लिए यह सहायता केवल एक हजार रुपये नहीं, बल्कि उनकी मेहनत की कीमत और परिवार के लिए एक अतिरिक्त सहारे का एहसास है। अब सेवा संकल्प अभियान के दौरान उनके द्वारा दीप प्रज्वलित किया जाएगा। यह दीप केवल एक औपचारिक शुरुआत का प्रतीक नहीं होगा, बल्कि उन महिलाओं की उम्मीद, आत्मसम्मान और आत्मनिर्भरता का संदेश भी देगा, जो अपने श्रम और संघर्ष से परिवार को आगे बढ़ाने में निरंतर योगदान दे रही हैं। ज्योति कहती हैं कि उन्हें खुशी है कि सरकार ने महिलाओं की जरूरतों को समझते हुए उन्हें आर्थिक रूप से मजबूत बनाने की दिशा में कदम उठाया है। वह मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहती हैं कि महतारी वंदन योजना जैसी पहल महिलाओं के जीवन में छोटी-छोटी जरूरतों को पूरा करने की बड़ी ताकत बन रही है।
महतारी वंदन योजना से मिली आर्थिक मजबूती, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति जताया आभार सेवा संकल्प अभियान में महिलाओं के सम्मान और आत्मनिर्भरता का बनेगा संदेश कोरबा, महतारी वंदन योजना से मिली आर्थिक मजबूती, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति जताया आभार सेवा संकल्प अभियान में महिलाओं के सम्मान और आत्मनिर्भरता का बनेगा संदेश कोरबा, गाँव की सड़क किनारे सुबह से शाम तक मेहनत कर उड़द दाल के बड़े बेचने वाली ज्योति यादव के लिए एक हजार रुपये की अहमियत वही समझ सकता है, जिसने एक-एक रुपये जोड़ने के लिए पसीना बहाया हो। दाल खरीदने से लेकर उसकी सफाई, भिगोने, पीसने और फिर गरमा-गरम बड़े तैयार करने तक ज्योति की दिनचर्या कठिन मेहनत से भरी है। कई बार पूरे दिन मेहनत करने के बाद भी दो-तीन सौ रुपये की ही कमाई हो पाती है। ऐसे में हर महीने मिलने वाली एक हजार रुपये की राशि उनके लिए किसी बड़ी राहत से कम नहीं है। कोरबा विकासखंड के ग्राम पंचायत अजगरबहार में सड़क किनारे छोटा सा नाश्ते का होटल संचालित करने वाली ज्योति यादव पिछले एक दशक से अधिक समय से उड़द दाल के बड़े बनाकर अपने परिवार की आजीविका में सहयोग कर रही हैं। बड़े सिलबट्टे पर दाल पीसकर तैयार किए गए उनके स्वादिष्ट बड़े और मिर्ची-इमली की चटनी राहगीरों को खूब पसंद आती है। सीमित आवागमन वाले इस मार्ग पर कई बार ग्राहक कम मिलते हैं, जिससे आमदनी भी प्रभावित होती है। ऐसे समय में महतारी वंदन योजना से मिलने वाली राशि ज्योति के परिवार के लिए सहारा बनती है। ज्योति बताती हैं कि एक हजार रुपये कमाने के लिए उन्हें कई घंटे मेहनत करनी पड़ती है, इसलिए वह महतारी
वंदन योजना से मिलने वाली राशि का महत्व अच्छी तरह समझती हैं। वह इस पैसे को अनावश्यक खर्च करने के बजाय घर की जरूरी जरूरतों को पूरा करने में उपयोग करती हैं। कई बार होटल से कम आमदनी होने पर यही राशि घर के जरूरी सामान और अन्य आवश्यक खर्चों में काम आती है। ज्योति कहती हैं कि उनके जैसे मेहनतकश परिवारों के लिए नियमित आर्थिक सहायता बहुत मायने रखती है। महतारी वंदन योजना से हर महीने मिलने वाली राशि ने उन्हें आर्थिक रूप से संबल दिया है और जरूरत के समय परिवार का सहारा बनी है। इसके लिए उन्होंने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि महिलाओं के लिए शुरू की गई यह योजना उनके जीवन में भरोसा और मजबूती लेकर आई है। ज्योति के लिए यह सहायता केवल एक हजार रुपये नहीं, बल्कि उनकी मेहनत की कीमत और परिवार के लिए एक अतिरिक्त सहारे का एहसास है। अब सेवा संकल्प अभियान के दौरान उनके द्वारा दीप प्रज्वलित किया जाएगा। यह दीप केवल एक औपचारिक शुरुआत का प्रतीक नहीं होगा, बल्कि उन महिलाओं की उम्मीद, आत्मसम्मान और आत्मनिर्भरता का संदेश भी देगा, जो अपने श्रम और संघर्ष से परिवार को आगे बढ़ाने में निरंतर योगदान दे रही हैं। ज्योति कहती हैं कि उन्हें खुशी है कि सरकार ने महिलाओं की जरूरतों को समझते हुए उन्हें आर्थिक रूप से मजबूत बनाने की दिशा में कदम उठाया है। वह मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहती हैं कि महतारी वंदन योजना जैसी पहल महिलाओं के जीवन में छोटी-छोटी जरूरतों को पूरा करने की बड़ी ताकत बन रही है।
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- सक्ती जिले के कटौद के भाटापारा में करंट की चपेट में आने से किसान की मौत, सक्ती जिले के कटौद के भाटापारा में करंट की चपेट में आने से किसान की मौत, सक्ती जिले के डभरा ब्लॉक अंतर्गत ग्राम कटौद के भाटापारा में मंगलवार सुबह करीब 9 बजे बिजली के करंट की चपेट में आने से एक किसान की दर्दनाक मौत हो गई। घटना के बाद पूरे गांव में शोक का माहौल है। जानकारी के अनुसार, गांव में गौधाम सेवा समिति गठित है, जिसके तहत 11 सदस्य बारी-बारी से गांव की गायों को चराने का कार्य करते हैं। मंगलवार को इसी क्रम में रोहित कुमार बरेठ अपने दो साथियों हेम कुमार साहू और ओम कुमार चन्द्रा के साथ गायों को चराने के लिए गए थे। इसी दौरान कुछ गायें फसल की ओर जाने लगीं। गायों को फसल में जाने से रोकने के लिए रोहित कुमार बरेठ उन्हें भगाने के लिए आगे बढ़े। बताया जा रहा है कि उन्हें इस बात की जानकारी नहीं थी कि वहां बिजली का करंट प्रवाहित हो रहा है। जैसे ही उन्होंने गाय को रोकने का प्रयास किया, वह करंट की चपेट में आ गए। घटना की जानकारी मिलते ही उनके दोनों साथी तत्काल मौके पर पहुंचे और उन्हें करंट से अलग किया। इसके बाद परिजन रोहित कुमार बरेठ को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र डभरा लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। इस दर्दनाक हादसे के बाद मृतक किसान के परिवार में मातम पसरा हुआ है। वहीं, ग्रामीणों ने घटना को लेकर दुख जताते हुए उचित कार्रवाई और मृतक के परिजनों को मुआवजा देने की मांग की है।1
- Post by Shubham Mishra1
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