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एक घटिया एजुकेशन मिनिस्टर को बचाने की कोशिशों पर तीखा गुस्सा जाहिर किया गया है और सवाल उठाया गया है कि उन्हें बचाने के लिए ये लोग और कितना गिरेंगे। इस संबंध में भारत सरकार से अपील की गई है कि भारत और लड़की को एक साथ मिलना चाहिए। इसके साथ ही सरकार से मांग की गई है कि इस मामले में लोगों की जल्द से जल्द सुनवाई होनी चाहिए।
AIMIM खुशनूर हंडिया
एक घटिया एजुकेशन मिनिस्टर को बचाने की कोशिशों पर तीखा गुस्सा जाहिर किया गया है और सवाल उठाया गया है कि उन्हें बचाने के लिए ये लोग और कितना गिरेंगे। इस संबंध में भारत सरकार से अपील की गई है कि भारत और लड़की को एक साथ मिलना चाहिए। इसके साथ ही सरकार से मांग की गई है कि इस मामले में लोगों की जल्द से जल्द सुनवाई होनी चाहिए।
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- दिल्ली के जंतर-मंतर पर आयोजित धरना प्रदर्शन में असदुद्दीन ओवैसी और चंद्रशेखर रावण पहुंचे, जहाँ दोनों के बीच मुलाकात भी हुई। दोनों नेता उन स्कूली बच्चों के लिए एकजुट होकर आवाज उठा रहे हैं, जिनके ऊपर अत्याचार हुआ है और लाठियां बरसाई गई हैं। इस प्रदर्शन के जरिए ओवैसी साहब और चंद्रशेखर रावण पीड़ित बच्चों के समर्थन में अपनी बात रख रहे हैं और उनके ऊपर हुए लाठीचार्ज तथा अत्याचार के खिलाफ लगातार आवाज बुलंद कर रहे हैं।1
- पिछले तीन सालों में VIP लोगों की कई जन्मदिन और शादी की पार्टियों में शामिल होने के बावजूद ऐसा अनुभव पहली बार हुआ है। महाराष्ट्र शासन के मुख्यमंत्री एकदम सादे और सरल स्वभाव के नज़र आए हैं। हालांकि वे बीजेपी के कार्यकर्ता हैं, लेकिन उनमें एक सच्चा इंसान देखने को मिला है। आखिरकार एक इंसान दूसरे इंसान के भीतर सादगी और इंसानियत ही ढूंढता है और उसे ही पसंद करता है।1
- उत्तर प्रदेश में हुए विरोध प्रदर्शनों में भाजपा ने अपने गुंडों को पुलिस की वर्दी पहनाकर भेजा था। इन नकली पुलिसकर्मियों की वर्दी पर न तो कोई नाम दर्ज था और न ही कोई बैज लगा हुआ था। दाढ़ी रखे हुए इन फर्जी पुलिसकर्मियों को प्रदर्शन में भेजा गया था, जिन्होंने छात्रों की बेरहमी से पिटाई की। भाजपा ने विरोध प्रदर्शनों में सीधे तौर पर गुंडों को पुलिस की वर्दी पहनाकर भेजा था।1
- दिल्ली से उठे आंदोलन की गूंज अब प्रयागराज तक पहुँच गई है, जिससे छात्रों के बीच भारी आक्रोश बढ़ता जा रहा है। इस आंदोलन की चिंगारी प्रयागराज पहुँचते ही छात्र बड़ी संख्या में अपनी मांगों और विरोध को लेकर सड़कों पर उतर आए हैं। दिल्ली से लेकर प्रयागराज तक छात्रों का यह विरोध-प्रदर्शन लगातार जोर पकड़ रहा है।1
- उत्तर प्रदेश के प्रयागराज से यूपीपीएससी एपीओ भर्ती में आरक्षण को लेकर चल रहे विवाद पर बड़ी खबर सामने आई है। इस विवाद को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट में सुनवाई हुई, जिसके बाद कोर्ट ने अगली सुनवाई के लिए 22 तारीख तय की है। मामले की अगली सुनवाई दोपहर 12:00 बजे से शुरू होगी। कोर्ट की इस कार्यवाही के दौरान लोक सेवा आयोग की ओर से अपना काउंटर हलफनामा भी दाखिल कर दिया गया है।1
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- प्रयागराज के हण्डिया तहसील अंतर्गत बी-पैक्स (B-PACS) खरगपुर में खाद वितरण के दौरान बड़ा विवाद सामने आया है, जहां किसानों ने समिति के कर्मचारियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। क्षेत्र के किसानों का कहना है कि खाद वितरण के दौरान उन्हें खरीद का पक्का बिल (कैश मेमो) देने से साफ मना किया जा रहा है। किसानों का आरोप है कि पक्की रसीद न मिलने से खाद बिक्री में पारदर्शिता की भारी कमी हो रही है और इससे सीधे तौर पर भ्रष्टाचार व कालाबाजारी की बू आ रही है। सचिव विजय शंकर मिश्र के कार्यक्षेत्र के अंतर्गत खरगपुर, बीबीपुर, चकिया गिर्दकोट, केवाई बुजुर्ग, महजना, गिर्दकोट, मिश्री, बिठौली, वैजपुर, वनपुरवा परतीपुर, आमेपुर, डॉड़ी, संसारी पुर और शुकुलपुर सहित कुल 14 गाँव आते हैं, जहाँ बुधवार के रोस्टर के अनुसार कार्य होता है। यहां वितरित होने वाले भारत यूरिया (प्रधानमंत्री भारतीय जन उर्वरक परियोजना) का वास्तविक मूल्य प्रति बोरी ₹1,935.00 है, जिस पर भारत सरकार ₹1,668.50 की सब्सिडी देती है, जिससे इसका अधिकतम खुदरा मूल्य (MRP) ₹266.50 तय है। नर्मदा बायो-केम लिमिटेड, अहमदाबाद, गुजरात द्वारा विपणित इस नीम लेपित यूरिया की बोरी का सकल वजन 45.128 किग्रा है। इस अव्यवस्था से नाराज किसानों ने "जमीन बलवान तो किसान धनवान" का उद्घोष करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप करने की मांग की है। किसानों की मांग है कि उन्हें पर्याप्त मात्रा में यूरिया खाद दी जाए, प्रत्येक खरीद पर पक्का बिल अनिवार्य किया जाए और बिना बिल खाद बेचने वाले दोषी कर्मचारियों पर कड़ी कार्रवाई हो। इसके अलावा, किसानों ने हण्डिया तहसील एवं प्रयागराज जिला सहकारिता विभाग के उच्च अधिकारियों से समितियों के औचक निरीक्षण और स्थानीय प्रशासन की देखरेख में खाद वितरण सुनिश्चित कराने की पुरजोर मांग उठाई है।4