बस्ती जिले के कोतवाली थाना क्षेत्र के पोखरभिटवा गांव में एक मानवीय संवेदनाओं को झकझोर देने वाला मामला सामने आया है, जहाँ शोभना सिंह नामक महिला अपने दिवंगत पति के अंतिम संस्कार के कार्यक्रमों को पूरा करने के लिए संघर्ष कर रही है। शोभना सिंह का आरोप है कि गांव के दबंग सूदखोरों के लगातार मानसिक और शारीरिक उत्पीड़न से तंग आकर उनके पति हरेन्द्र सिंह ने आत्महत्या कर ली थी। इस संबंध में कोतवाली थाने में नामजद मुकदमा भी दर्ज कराया गया है, लेकिन पीड़िता का कहना है कि पुलिस द्वारा अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई है, जिससे आरोपियों के हौसले बुलंद हैं। शोभना सिंह ने डीआईजी को सौंपे प्रार्थना पत्र में बताया है कि उनके पति का ब्रह्मभोज (तेरहवीं) कार्यक्रम आयोजित होना है, लेकिन आरोपी अब इसमें भी बाधा उत्पन्न कर रहे हैं। पीड़िता के अनुसार, आरोपियों ने उनके घर का मुख्य रास्ता बाधित कर दिया है और ब्रह्मभोज की तैयारियों में मदद कर रहे सफाईकर्मियों तथा कहारों को भी डराया-धमकाया जा रहा है। इसके साथ ही, उन पर मुकदमा वापस लेने और समझौता करने का भारी दबाव बनाया जा रहा है, तथा विरोध करने पर उन्हें और उनके परिवार को जान से मारने की धमकियाँ भी दी जा रही हैं। पीड़िता का यह भी कहना है कि दबंगों के खौफ के कारण गांव का कोई भी व्यक्ति उनके समर्थन में आने या गवाही देने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहा है। सुरक्षा के अभाव में शोभना सिंह ने स्वयं को और अपने परिवार को असुरक्षित महसूस करते हुए प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की अपील की है। उन्होंने डीआईजी से गुहार लगाई है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपियों को शीघ्र गिरफ्तार किया जाए और ब्रह्मभोज कार्यक्रम को सकुशल संपन्न कराने के लिए पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया जाए। अब देखना यह है कि प्रशासन इस पीड़ित महिला की पुकार पर कितनी तत्परता दिखाता है और कब तक उसे न्याय मिल पाता है।
बस्ती जिले के कोतवाली थाना क्षेत्र के पोखरभिटवा गांव में एक मानवीय संवेदनाओं को झकझोर देने वाला मामला सामने आया है, जहाँ शोभना सिंह नामक महिला अपने दिवंगत पति के अंतिम संस्कार के कार्यक्रमों को पूरा करने के लिए संघर्ष कर रही है। शोभना सिंह का आरोप है कि गांव के दबंग सूदखोरों के लगातार मानसिक और शारीरिक उत्पीड़न से तंग आकर उनके पति हरेन्द्र सिंह ने आत्महत्या कर ली थी। इस संबंध में कोतवाली थाने में नामजद मुकदमा भी दर्ज कराया गया है, लेकिन पीड़िता का कहना है कि पुलिस द्वारा अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई है, जिससे आरोपियों के हौसले बुलंद हैं। शोभना सिंह ने डीआईजी को सौंपे प्रार्थना पत्र में बताया है कि उनके पति का ब्रह्मभोज (तेरहवीं) कार्यक्रम आयोजित होना है, लेकिन आरोपी अब इसमें भी बाधा उत्पन्न कर रहे हैं। पीड़िता के अनुसार, आरोपियों ने उनके घर का मुख्य रास्ता बाधित कर दिया है और ब्रह्मभोज की तैयारियों में मदद कर रहे सफाईकर्मियों तथा कहारों को भी डराया-धमकाया जा रहा है। इसके साथ ही, उन पर मुकदमा वापस लेने और समझौता करने का भारी दबाव बनाया जा रहा है, तथा विरोध करने पर उन्हें और उनके परिवार को जान से मारने की धमकियाँ भी दी जा रही हैं। पीड़िता का यह भी कहना है कि दबंगों के खौफ के कारण गांव का कोई भी व्यक्ति उनके समर्थन में आने या गवाही देने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहा है। सुरक्षा के अभाव में शोभना सिंह ने स्वयं को और अपने परिवार को असुरक्षित महसूस करते हुए प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की अपील की है। उन्होंने डीआईजी से गुहार लगाई है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपियों को शीघ्र गिरफ्तार किया जाए और ब्रह्मभोज कार्यक्रम को सकुशल संपन्न कराने के लिए पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया जाए। अब देखना यह है कि प्रशासन इस पीड़ित महिला की पुकार पर कितनी तत्परता दिखाता है और कब तक उसे न्याय मिल पाता है।
- बस्ती जिले के कप्तानगंज थाना क्षेत्र के महराजगंज कस्बे में सर्विस रोड पर लंबे समय से पड़ी खराब गिट्टी और बारिश से खराब हुए सीमेंट के बोरे राहगीरों व वाहन चालकों के लिए लगातार खतरे का कारण बने हुए हैं। यहां निर्माण कार्य के लिए डाली गई गिट्टी को कई दिनों बाद भी हटाया नहीं गया है। इसके साथ ही, बारिश से खराब हुए सीमेंट के बोरे भी सड़क किनारे पड़े हैं, जिससे निर्माण सामग्री तो बर्बाद हो ही रही है, व्यस्त मार्ग पर दुर्घटना की आशंका भी लगातार बढ़ रही है। जिम्मेदार एनएचआई (NHAI) की घोर लापरवाही को इस स्थिति का जिम्मेदार ठहराया जा रहा है, जिससे सड़क सुरक्षा के नियमों की अनदेखी हो रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि रात के समय यह गिट्टी वाहन चालकों को ठीक से दिखाई नहीं देती, जिससे बाइक सवारों के फिसलने और छोटे वाहनों के अनियंत्रित होने का खतरा बना रहता है। महराजगंज सर्विस रोड पर फैले इस मलबे के कारण राहगीरों के चोटिल होने की घटनाएँ भी सामने आ रही हैं, जिससे आवागमन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। स्थानीय निवासियों ने सड़क सुरक्षा के प्रति बरती जा रही इस लापरवाही पर गहरी चिंता व्यक्त की है। उनकी मांग है कि यदि समय रहते सर्विस रोड से गिट्टी और अन्य खराब सामग्री को नहीं हटाया गया, तो यह लापरवाही किसी दिन बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकती है और किसी की जिंदगी पर भारी पड़ सकती है। जिम्मेदार विभाग की इस उदासीनता पर सवाल खड़े हो रहे हैं कि आखिर प्रशासन किसी बड़े हादसे का इंतजार क्यों कर रहा है, जबकि सर्विस रोड पर पड़ी कंक्रीट की सफाई अत्यंत आवश्यक है ताकि सुरक्षित आवागमन सुनिश्चित हो सके।1
- उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले में एक घटना सामने आई है जहाँ प्रशासन और पुलिस बल द्वारा एक महिला को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलने से रोक दिया गया। महिला उनसे मिलने की इच्छा लेकर आई थी और वीडियो फुटेज में उसे अपने हाथ में कुछ कागजात लिए हुए देखा जा सकता है, जबकि पुलिस उसे वहाँ से हटाती हुई नज़र आ रही थी। इस घटना के बाद मौके पर मौजूद लोगों ने प्रशासन के इस कदम के खिलाफ विरोध जताया। इस पूरे मामले को लेकर यह सवाल उठाया जा रहा है कि अपनी फरियाद लेकर सत्ता के गलियारों तक पहुँचने की कोशिश करने वाले आम नागरिकों के साथ इस तरह का व्यवहार कहाँ तक उचित है।1
- पुलिस अधीक्षक संतकबीरनगर संदीप कुमार मीणा के निर्देश पर, आगामी मोहर्रम पर्व को शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने के उद्देश्य से, थानाध्यक्ष महुली दुर्गेश कुमार पांडे ने पुलिस बल के साथ थाना क्षेत्र में संध्याकालीन पैदल गश्त की। इस दौरान ताजिया जुलूस मार्ग का सघनता से भ्रमण कर सुरक्षा व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया गया। गश्त के दौरान, पुलिस टीम ने जुलूस मार्ग पर पड़ने वाले संवेदनशील स्थलों, प्रमुख चौराहों और भीड़-भाड़ वाले क्षेत्रों का विशेष तौर पर मुआयना किया। साथ ही, मार्ग में पड़ने वाले विद्युत तारों, अवरोधों और अन्य संभावित जोखिम वाले स्थानों का भी परीक्षण किया गया, जिसकी जानकारी संबंधित विभागों को आवश्यक कार्रवाई के लिए तुरंत दी गई। थानाध्यक्ष ने ताजियेदारों, संभ्रांत नागरिकों और स्थानीय लोगों से सीधा संवाद स्थापित कर उनसे पर्व को शांति, सौहार्द और आपसी भाईचारे के माहौल में मनाने की अपील की। उन्होंने स्पष्ट किया कि पुलिस किसी भी अफवाह, भ्रामक सूचना या कानून-व्यवस्था बिगाड़ने वाले कृत्यों के प्रति पूरी तरह सतर्क है और ऐसे तत्वों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई करने के लिए प्रतिबद्ध है। पैदल गश्त के माध्यम से आमजन को सुरक्षा का एहसास दिलाया गया और उनसे किसी भी संदिग्ध व्यक्ति, वस्तु या गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को देने का आग्रह किया गया। पुलिस सोशल मीडिया पर भी लगातार निगरानी रख रही है, ताकि अफवाहों और भ्रामक प्रचार-प्रसार पर प्रभावी ढंग से नियंत्रण पाया जा सके। थानाध्यक्ष दुर्गेश कुमार पांडे ने संदेश दिया कि मोहर्रम का पर्व शांति, अनुशासन और आपसी सौहार्द का प्रतीक है, और सभी नागरिक प्रशासन एवं पुलिस का सहयोग करते हुए इस पर्व को शांतिपूर्ण एवं गरिमामय ढंग से संपन्न कराएं। महुली पुलिस ने "सुरक्षित पर्व, शांतिपूर्ण आयोजन एवं सौहार्दपूर्ण समाज" का संकल्प लिया है।4
- NEET पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था में लगातार सामने आ रही अनियमितताओं के विरोध में चाणक्य जन परिषद (CJP) द्वारा दिल्ली के जंतर-मंतर पर एक जोरदार प्रदर्शन किया गया। इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में युवाओं और छात्रों ने हिस्सा लिया, जिन्होंने परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग उठाई। प्रदर्शनकारियों का स्पष्ट कहना था कि बार-बार होने वाले पेपर लीक छात्रों के भविष्य के साथ सीधा खिलवाड़ हैं। उन्होंने सरकार से इस मामले में दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने और पूरी परीक्षा प्रणाली को सुरक्षित बनाने की मांग की। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने "छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ बंद करो, जवाब दो या इस्तीफा दो" जैसे नारे भी लगाए। युवाओं ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए तत्काल इस्तीफा देने की मांग की है। प्रदर्शनकारियों ने जोर देकर कहा कि शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता, निष्पक्षता और जवाबदेही सुनिश्चित किए बिना छात्रों का विश्वास बहाल नहीं किया जा सकता। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया गया, तो इस आंदोलन को और भी व्यापक बनाया जाएगा।1
- बस्ती जिले की महादेवा विधानसभा के कुदरहा ब्लॉक मुख्यालय स्थित श्रद्धा मैरिज हॉल में प्रत्याशी तेजाजी द्वारा एक महिला सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में महिलाओं का एक विशाल जनसमूह एकत्रित हुआ, जिन्होंने तपती धूप के बावजूद पूरे उत्साह के साथ हिस्सा लिया। प्रत्येक ग्राम सभा से आई इन महिलाओं ने संकल्प लिया कि तेजाजी उनके पुत्र के समान हैं और वे उन्हें अपना बेटा मानकर विजयी बनाएंगी। महिलाओं ने कहा कि तेजाजी उनके सुख-दुख में हमेशा उपस्थित रहते हैं और हर संभव मदद का प्रयास करते हैं। तेजाजी की कर्मठता और कार्यशैली को देखकर सभी महिलाओं तथा महादेवा विधानसभा के नागरिकों ने उन पर गहरा विश्वास जताया। जनसेवा की एक अनोखी पहल के रूप में, तेजाजी ने प्रत्येक चौराहों पर निःशुल्क जल सेवा शुरू की है, जहाँ राहगीरों और आमजन को शुद्ध एवं ठंडा पेयजल उपलब्ध कराया जा रहा है। इस पहल को देखकर महिलाओं ने मन बना लिया है कि वे तेजाजी के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चलेंगी और उन्हें आगे बढ़ने में मदद करेंगी, ताकि वे निस्वार्थ भाव से सेवा में समर्पित रहकर बिना किसी भेदभाव के विधानसभा तक पहुँच सकें। इस दौरान तेजाजी ने लोगों को लू और गर्मी से बचाव के उपाय भी बताए, जैसे दोपहर में अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलना, पर्याप्त पानी पीना, सिर को ढकना और छायादार जगह पर आराम करना। उन्होंने यह भी बताया कि कार्यकर्ताओं के माध्यम से विभिन्न स्थानों पर प्याऊ जल सेवा अभियान चलाया जा रहा है। कार्यक्रम के अंत में सभी महिलाओं को उपहार देकर सम्मानित भी किया गया। इस समारोह में विपिन आलोक यादव, प्रत्येक विश्वकर्मा, अर्जुन कुमार, अनुप, आदित्य, राहुल, सूरज राजभर, दीपक विपिन शर्मा, देव नाथ आर्या, धनश्याम प्रधान, सुदीप कुमार कनौजिया, राजमणि चौधरी, उमर फारूख, अंकुर तिवारी, अरविंद तिवारी, अंकित कुमार, शैलेन्द्र मौर्य सहित सैकड़ों कार्यकर्ता व क्षेत्रवासी मौजूद रहे।2
- संतकबीरनगर जिले के नाथनगर क्षेत्र के टिकुली कोल गांव में एक गंभीर आरोप सामने आया है, जहाँ नाथनगर ब्लॉक प्रमुख रामवृक्ष यादव के कथित भय और दबाव के कारण 14 परिवारों के पलायन करने का दावा किया गया है। टिकुली कोल गांव के निवासी अमरनाथ ने इस संबंध में जिलाधिकारी को एक ज्ञापन सौंपा है। अमरनाथ ने आरोप लगाया है कि लगातार मिल रही प्रताड़ना और डर के माहौल के चलते ये 14 परिवार अपना गांव छोड़कर बस्ती जनपद में रहने को मजबूर हुए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि वे इस डर के कारण अपने गांव में रहने की स्थिति में नहीं हैं। इसी को लेकर अमरनाथ ने जिलाधिकारी से इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराकर प्रभावित परिवारों को सुरक्षा और न्याय दिलाने की मांग की है।1
- अंबेडकरनगर के विकास खंड भियावं की ग्राम सभा भियावं से सामने आई एक हृदयविदारक तस्वीर समाज और व्यवस्था दोनों पर गंभीर सवाल खड़े करती है। यहाँ एक वृद्ध विधवा महिला अपने बुढ़ापे में अकेले एक छप्पर के नीचे रहने को मजबूर है, जबकि उसके तीन-तीन बेटे हैं, जिनमें से कोई भी अपनी माँ की जिम्मेदारी उठाने को तैयार नहीं दिख रहा। यह घटना उस समाज की पहचान पर प्रश्नचिह्न लगाती है, जो अपने बुजुर्गों के साथ किए जाने वाले व्यवहार से आंका जाता है; यदि एक माँ, जिसने अपने बच्चों का पालन-पोषण कर उन्हें बड़ा किया, वही अपने जीवन के अंतिम पड़ाव में दो वक्त की रोटी और सुरक्षित आश्रय के लिए संघर्ष करे, तो यह केवल एक परिवार नहीं, बल्कि पूरे समाज की विफलता है। मामले में ग्रामीणों का गंभीर आरोप है कि महिला के पास अन्त्योदय राशन कार्ड होने के बावजूद उसे निर्धारित मात्रा से कम राशन दिया जा रहा है। यह स्थिति सिर्फ भ्रष्टाचार नहीं, बल्कि एक असहाय बुजुर्ग के हक पर सीधा डाका है। इस पर सवाल उठता है कि जहाँ सरकार गरीबों और जरूरतमंदों तक योजनाओं का लाभ पहुँचाने के लिए करोड़ों रुपये खर्च करती है, वहीं यदि वास्तविक लाभार्थी तक उसका पूरा हक नहीं पहुँच रहा, तो इसके लिए आखिर जिम्मेदार कौन है? सबसे बड़ा सवाल उन बेटों से पूछा गया है, जो अपनी माँ की देखभाल तक नहीं कर पा रहे। क्या आधुनिकता और स्वार्थ की इस दौड़ में इंसान अपने मूल संस्कारों को भूलता जा रहा है? जिस माँ ने अपनी उँगली पकड़कर चलना सिखाया, उसके बुढ़ापे का सहारा बनना बेटों का कर्तव्य क्यों नहीं है? यह घटना उन सभी लोगों के लिए एक आईना है जो माता-पिता के त्याग को भुला देते हैं, और साथ ही प्रशासन के लिए भी यह एक चेतावनी है कि सरकारी योजनाओं का लाभ केवल कागजों तक सीमित न रहे, बल्कि पूरी ईमानदारी से वास्तविक पात्रों तक पहुँचे। यही सवाल आज भियावं ही नहीं, बल्कि पूरे समाज से जवाब मांग रहा है कि जब एक माँ तीन बेटों का पालन-पोषण कर सकती है, तो तीन बेटे मिलकर एक माँ का सहारा क्यों नहीं बन सकते?1
- पुलिस अधीक्षक संतकबीरनगर संदीप कुमार मीणा के निर्देशन में अंतर्राष्ट्रीय योग सप्ताह के अवसर पर थाना महुली परिसर में एक विशेष स्वच्छता अभियान चलाया गया। थाना अध्यक्ष दुर्गेश पांडे के नेतृत्व में हुए इस अभियान का मुख्य उद्देश्य स्वच्छ एवं स्वस्थ वातावरण बनाए रखने का संदेश देना था। इस अभियान के तहत थाना परिसर, कार्यालय कक्षों, आवासीय परिसर और आसपास के क्षेत्रों की व्यापक साफ-सफाई की गई। इस अवसर पर, थाना अध्यक्ष दुर्गेश पांडे ने उपस्थित पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों को संबोधित करते हुए कहा कि योग केवल शारीरिक व्यायाम तक सीमित नहीं है, बल्कि यह स्वच्छता, अनुशासन और स्वस्थ जीवनशैली का भी महत्वपूर्ण आधार है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि स्वच्छ वातावरण में ही स्वस्थ शरीर और स्वस्थ मन का निर्माण संभव है, और व्यक्तिगत स्वच्छता के साथ-साथ सार्वजनिक स्थलों की साफ-सफाई भी प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है। स्वच्छता अभियान के दौरान थाना परिसर में जमा अनावश्यक कूड़ा-कचरा हटाया गया और साफ-सफाई के प्रति जागरूकता का संदेश दिया गया। इस दौरान पुलिस कर्मियों ने स्वच्छता बनाए रखने और जनसामान्य को भी इसके प्रति प्रेरित करने का संकल्प लिया। थाना महुली पुलिस ने यह भी संदेश दिया कि स्वच्छता और योग दोनों एक-दूसरे के पूरक हैं; जहां योग व्यक्ति को शारीरिक एवं मानसिक रूप से स्वस्थ बनाता है, वहीं स्वच्छता समाज को रोगमुक्त एवं सुंदर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। इस दौरान "स्वच्छता अपनाएं, बीमारियों को दूर भगाएं", "योग और स्वच्छता—स्वस्थ जीवन के दो मजबूत स्तंभ" और "स्वच्छ थाना, स्वस्थ पुलिस, सुरक्षित समाज" जैसे प्रेरक संदेश भी दिए गए। अभियान में थाना महुली के सभी अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।2