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अवैध मलवा डंपिंग के खिलाफ चेचट ग्राम पंचायत ने उठाया सख्त कदम रामगंजमंडी के चेचट खनिज क्षेत्र में चारागाह भूमि पर लगातार हो रहे अवैध मलवा डंपिंग के खिलाफ चेचट ग्राम पंचायत ने सख्त रुख अपनाया है। पंचायत ने जेसीबी मशीन से रास्ते खुदवाकर उन मार्गों को अवरुद्ध कर दिया है, जिनसे भारी वाहन चारागाह भूमि पर मलवा डंप करने पहुंचते थे। इससे पूर्व पंचायत ने तहसीलदार एवं स्थानीय पुलिस थाने को लिखित रिपोर्ट देकर कार्रवाई की मांग की थी, लेकिन प्रभावशाली खान संचालकों द्वारा मलवा डालना जारी रहा। मामला खसरा नंबर 376 से जुड़ा है, जो पूर्व में चारागाह भूमि थी। खनन कार्य समाप्त होने के बाद खनिज विभाग द्वारा इसे मलवे से भरा दर्शाकर सरेंडर प्रमाण-पत्र जारी किया जा चुका है, जबकि मौके पर खान में बड़ी मात्रा में पानी भरा हुआ है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि खान को भरने के नाम पर वर्षों से मलवा डाला जा रहा है। पारेता बंधुओं के बाद अब माइंस एसोसिएशन के अध्यक्ष भी डंपरों से मलवा डालकर भूमि का स्वरूप बदलने में लगे हैं, जिससे मिट्टी और पत्थरों के ऊंचे टीले बन गए हैं। चारागाह भूमि को बचाने के लिए पंचायत ने खसरा नंबर 377 पर गहरे गड्ढे खुदवाकर वाहनों की आवाजाही पूरी तरह रोक दी है।

8 hrs ago
user_Mangilal Charan
Mangilal Charan
Local News Reporter रामगंज मंडी, कोटा, राजस्थान•
8 hrs ago
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अवैध मलवा डंपिंग के खिलाफ चेचट ग्राम पंचायत ने उठाया सख्त कदम रामगंजमंडी के चेचट खनिज क्षेत्र में चारागाह भूमि पर लगातार हो रहे अवैध मलवा डंपिंग के खिलाफ चेचट ग्राम पंचायत ने सख्त रुख अपनाया है। पंचायत ने जेसीबी मशीन से रास्ते खुदवाकर उन मार्गों को अवरुद्ध कर दिया है, जिनसे भारी वाहन चारागाह भूमि पर मलवा डंप करने पहुंचते थे। इससे पूर्व पंचायत ने तहसीलदार एवं स्थानीय पुलिस थाने को लिखित रिपोर्ट देकर कार्रवाई की मांग की थी, लेकिन प्रभावशाली खान संचालकों द्वारा मलवा डालना जारी रहा। मामला खसरा नंबर 376 से जुड़ा है, जो पूर्व में चारागाह भूमि थी। खनन कार्य समाप्त होने के बाद खनिज विभाग द्वारा इसे मलवे से भरा दर्शाकर सरेंडर प्रमाण-पत्र जारी किया जा चुका है, जबकि मौके पर खान में बड़ी मात्रा में पानी भरा हुआ है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि खान को भरने के नाम पर वर्षों से मलवा डाला जा रहा है। पारेता बंधुओं के बाद अब माइंस एसोसिएशन के अध्यक्ष भी डंपरों से मलवा डालकर भूमि का स्वरूप बदलने में लगे हैं, जिससे मिट्टी और पत्थरों के ऊंचे टीले बन गए हैं। चारागाह भूमि को बचाने के लिए पंचायत ने खसरा नंबर 377 पर गहरे गड्ढे खुदवाकर वाहनों की आवाजाही पूरी तरह रोक दी है।

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  • शराब के नशे में बस सड़क किनारे खड़ी कर चालक सीट पर ही सो गया झालावाड़। शहर के मिनी सचिवालय के मुख्य गेट के सामने शुक्रवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब भोपाल से कोटा जा रही राजस्थान रोडवेज की एक बस का चालक कथित रूप से शराब के नशे में बस सड़क किनारे खड़ी कर चालक सीट पर ही सो गया। बस में करीब 60 यात्री सवार थे। काफी देर तक बस नहीं चलने पर यात्रियों और राहगीरों ने चालक को जगाने का प्रयास किया, लेकिन वह भड़क उठा और हंगामा करने लगा। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार चालक सियाराम नशे की हालत में दिखाई दे रहा था। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन चालक पुलिसकर्मियों से भी बहस करता रहा। इस दौरान उसने खुद को मंत्री जवाहर सिंह बेड़म का करीबी बताते हुए कहा कि उसका कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता।
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    शराब के नशे में बस सड़क किनारे खड़ी कर चालक सीट पर ही सो गया
झालावाड़। शहर के मिनी सचिवालय के मुख्य गेट के सामने शुक्रवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब भोपाल से कोटा जा रही राजस्थान रोडवेज की एक बस का चालक कथित रूप से शराब के नशे में बस सड़क किनारे खड़ी कर चालक सीट पर ही सो गया। बस में करीब 60 यात्री सवार थे। काफी देर तक बस नहीं चलने पर यात्रियों और राहगीरों ने चालक को जगाने का प्रयास किया, लेकिन वह भड़क उठा और हंगामा करने लगा। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार चालक सियाराम नशे की हालत में दिखाई दे रहा था। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन चालक पुलिसकर्मियों से भी बहस करता रहा। इस दौरान उसने खुद को मंत्री जवाहर सिंह बेड़म का करीबी बताते हुए कहा कि उसका कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता।
    user_Ravindra Singh
    Ravindra Singh
    पत्रकार झालरापाटन, झालावाड़, राजस्थान•
    19 hrs ago
  • झालावाड़ पुलिस का अवैध साहुकारी व धोखाधडी के खिलाफ जिलास्तरीय बड़ा एक्शन ➤ बिना लाइसेंस भारी ब्याज पर पैसा देकर आर्थिक चंगुल में फसाने वालों पर थाना मनोहरथाना, जावर, पिड़ावा, सुनेल व घाटोली की कार्यवाही, 321 किलो चांदी, 04 किलो सोना, 128 थ्रेशर, 35 कल्टीवेटर, दर्जनों वाहन व जमीनों के संदिग्ध स्टाम्प, झालावाड़ । झालावाड़ पुलिस अधीक्षक श्री अमित कुमार ने बताय कि झालावाड़ पुलिस द्वारा जिले में असंगठित व अवैध रूप से संचालित भारी ब्याज वसूली, आमजन के आर्थिक-मानसिक शोषण एवं धोखाधड़ी के विरुद्ध एक विशेष और वृहद अभियान चलाया गया। इसका मुख्य उद्देश्य गरीब, अनपढ़ काश्तकारों तथा असहाय नागरिकों की लाचारी का अनुचित लाभ उठाकर उनकी जमीन-जायदाद, आभूषण व कृषि उपकरणों को अवैध रूप से हड़पने वाले पर अंकुश लगाना है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री भागचंद एवं संबंधित वृत्ताधिकारियों के निकटतम सुपरविजन में जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों में कार्रवाइयां की गईं। पुलिस कार्यवाहीः- पुलिस अधीक्षक ने बताया कि थानाधिकारी मनोहरथाना के नेतृत्व में टीम द्वारा कार्यवाही करते हुए आंवलहेडा निवासी कृष्णगोपाल, राजाराम, भारत सिंह और मनोहरथाना निवासी भप्या सोनी उर्फ श्रीकिशन ठिकानों तथा बाड़ों की नियमानुसार तलाशी के दौरान से बडी मात्रा में सामग्रियां बरामद की है। इसी प्रकार थाना जावर द्वारा परमानंद तथा थाना पिडावा द्वारा गोविंदपुरा निवासी ओंकार सिंह व शंकरसिंह के यहां से बडी मात्रा में सामग्रियां बरामद की है। बरामदगी आभूषण और नकदीः जिले भर में की गई कार्यवाहियों के दौरान पुलिस को भारी मात्रा में सोना-चांदी और नकदी मिली है। संपूर्ण कार्यवाही के दौरान की गई कुल बरामदगी निम्नलिखित है- कीमती धातुएँः 321 किलोग्राम चांदी एवं 04 किलोग्राम सोना नकद राशिः ₹37,35,300/- सैंतीस लाख पैंतीस हजार तीन सौ रुपये नकद कृषि उपकरणः 128 थ्रेशर मशीनें एवं 35 कल्टीवेटर वाहनः 25 ट्रॉलियाँ, 03 ट्रैक्टर, 02 बोलेरो पिकअप डीजे, 01 टाटा 4074, 01 टवेरा, 01 टेम्पो तथा 03 मोटरसाइकिलें अवैध हथियारः 12 बोर के 06 जिंदा कारतूस आर्मस एक्ट के तहत कार्रवाई वित्तीय दस्तावेजः बिना किसी वैध लाइसेंस के ब्याज पर पैसे देकर जमीनों को रहन रखने के व्यापक दस्तावेजी साक्ष्य जुटाए गए हैं। पुलिस ने दर्जनों लेन-देन की डायरियां, बही. खाते, हस्ताक्षरित खाली व दर्ज स्टाम्प पेपर, ब्लैंक चेक, चेकबुक, बैंक पासबुक और गिरवी गहनों से संबंधित पर्चियां बरामद की हैं। धारा 106 बीएनएसएसः सुनेल एवं घाटोली में संदिग्ध दस्तावेजों की जप्ती सुनेल एवं घाटोली थाना क्षेत्रों में संदिग्ध साहूकारी व वित्तीय लेन-देन के संबंध में धारा 106 बीएनएसएस के तहत जप्ती की कार्रवाई की गई। थानाधिकारी सुनेल के नेतृत्व में पुलिस टीम द्वारा ग्राम केसरपुरा में निर्माणाधीन परिसर से 02 लेन-देन की डायरियां, 01 हस्ताक्षरित स्टाम्प जिसमें ₹1.5 लाख का ब्याज लेन-देन अंकित है, 08 बैंक पासबुक बैंक ऑफ बड़ौदा, एसबीआई व केंद्रीय सहकारी बैंक तथा 03 चेकबुक जप्त कर धारा 106 बीएनएसएस के तहत अग्रिम जांच हेतु रिकॉर्ड पर ली गईं। इसी प्रकार थानाधिकारी घाटोली के नेतृत्व में गठित टीम द्वारा घाटोली स्थित मकान / दुकान की नियमानुसार तलाशी ली गई। मौके से लेन-देन व गिरवी का हिसाब दर्ज 04 रोकड़ बही-खाते, 11 स्टाम्प पेपर, 05 बैंक पासबुक, 01 संदिग्ध मोबाइल तथा डिब्बे में सीलशुदा रखे गिरवी गहनों से संबंधित पर्चियां धारा 106 बीएनसएस के तहत जप्त की गईं। झालावाड़ पुलिस की समस्त नागरिकों और काश्तकारों से अपील की है कि वे अपनी किसी भी वित्तीय आवश्यकता के लिए केवल अधिकृत एवं वैध बैंकिंग संस्थानों का ही सहार तथा किसी भी अवैध साहूकार के झांसे में न आएं। यदि कोई व्यक्ति डरा धमकाकर स्टाम्पए चेक या संपत्ति हड़पने की कोशिश करेए तो बिना किसी संकोच के तुरंत पुलिस को सूचित करें। पुलिस आमजन में विश्वास और अपराधियों में भय के संकल् साथ जनता की सुरक्षा के लिए तत्पर है। झालावाड पुलिसः आमजन में विश्वास, अपराधियों में भय
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    झालावाड़ पुलिस का अवैध साहुकारी व धोखाधडी के खिलाफ जिलास्तरीय बड़ा एक्शन

➤ बिना लाइसेंस भारी ब्याज पर पैसा देकर आर्थिक चंगुल में फसाने वालों पर थाना मनोहरथाना, जावर, पिड़ावा, सुनेल व घाटोली की कार्यवाही, 321 किलो चांदी, 04 किलो सोना, 128 थ्रेशर, 35 कल्टीवेटर, दर्जनों वाहन व जमीनों के संदिग्ध स्टाम्प, 
झालावाड़ । झालावाड़  पुलिस अधीक्षक श्री अमित कुमार ने बताय कि झालावाड़ पुलिस द्वारा जिले में असंगठित व अवैध रूप से संचालित भारी ब्याज वसूली, आमजन के आर्थिक-मानसिक शोषण एवं धोखाधड़ी के विरुद्ध एक विशेष और वृहद अभियान चलाया गया। इसका मुख्य उद्देश्य गरीब, अनपढ़ काश्तकारों तथा असहाय नागरिकों की लाचारी का अनुचित लाभ उठाकर उनकी जमीन-जायदाद, आभूषण व कृषि उपकरणों को अवैध रूप से हड़पने वाले पर अंकुश लगाना है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री भागचंद एवं संबंधित वृत्ताधिकारियों के निकटतम सुपरविजन में जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों में कार्रवाइयां की गईं।
पुलिस कार्यवाहीः- पुलिस अधीक्षक ने बताया कि थानाधिकारी मनोहरथाना के नेतृत्व में टीम द्वारा कार्यवाही करते हुए आंवलहेडा निवासी कृष्णगोपाल, राजाराम, भारत सिंह और मनोहरथाना निवासी भप्या सोनी उर्फ श्रीकिशन ठिकानों तथा बाड़ों की नियमानुसार तलाशी के दौरान से बडी मात्रा में सामग्रियां बरामद की है। इसी प्रकार थाना जावर द्वारा परमानंद तथा थाना पिडावा द्वारा गोविंदपुरा निवासी ओंकार सिंह व शंकरसिंह के यहां से बडी मात्रा में सामग्रियां बरामद की है।
बरामदगी आभूषण और नकदीः जिले भर में की गई कार्यवाहियों के दौरान पुलिस को भारी मात्रा में सोना-चांदी और नकदी मिली है। संपूर्ण कार्यवाही के दौरान की गई कुल
बरामदगी निम्नलिखित है-
कीमती धातुएँः 321 किलोग्राम चांदी एवं 04 किलोग्राम सोना
नकद राशिः ₹37,35,300/- सैंतीस लाख पैंतीस हजार तीन सौ रुपये नकद
कृषि उपकरणः 128 थ्रेशर मशीनें एवं 35 कल्टीवेटर
वाहनः 25 ट्रॉलियाँ, 03 ट्रैक्टर, 02 बोलेरो पिकअप डीजे, 01 टाटा 4074, 01 टवेरा, 01
टेम्पो तथा 03 मोटरसाइकिलें
अवैध हथियारः 12 बोर के 06 जिंदा कारतूस आर्मस एक्ट के तहत कार्रवाई
वित्तीय दस्तावेजः बिना किसी वैध लाइसेंस के ब्याज पर पैसे देकर जमीनों को रहन रखने के व्यापक दस्तावेजी साक्ष्य जुटाए गए हैं। पुलिस ने दर्जनों लेन-देन की डायरियां, बही. खाते, हस्ताक्षरित खाली व दर्ज स्टाम्प पेपर, ब्लैंक चेक, चेकबुक, बैंक पासबुक और गिरवी गहनों से संबंधित पर्चियां बरामद की हैं।
धारा 106 बीएनएसएसः सुनेल एवं घाटोली में संदिग्ध दस्तावेजों की जप्ती
सुनेल एवं घाटोली थाना क्षेत्रों में संदिग्ध साहूकारी व वित्तीय लेन-देन के संबंध में धारा 106 बीएनएसएस के तहत जप्ती की कार्रवाई की गई।
थानाधिकारी सुनेल के नेतृत्व में पुलिस टीम द्वारा ग्राम केसरपुरा में निर्माणाधीन परिसर से 02 लेन-देन की डायरियां, 01 हस्ताक्षरित स्टाम्प जिसमें ₹1.5 लाख का ब्याज लेन-देन अंकित है, 08 बैंक पासबुक बैंक ऑफ बड़ौदा, एसबीआई व केंद्रीय सहकारी बैंक तथा 03 चेकबुक जप्त कर धारा 106 बीएनएसएस के तहत अग्रिम जांच हेतु रिकॉर्ड पर ली गईं। इसी प्रकार थानाधिकारी घाटोली के नेतृत्व में गठित टीम द्वारा घाटोली स्थित मकान / दुकान की नियमानुसार तलाशी ली गई। मौके से लेन-देन व गिरवी का हिसाब दर्ज 04 रोकड़ बही-खाते, 11 स्टाम्प पेपर, 05 बैंक पासबुक, 01 संदिग्ध मोबाइल तथा डिब्बे में सीलशुदा रखे गिरवी गहनों से संबंधित पर्चियां धारा 106 बीएनसएस के तहत जप्त की गईं।
झालावाड़ पुलिस की समस्त नागरिकों और काश्तकारों से अपील की है कि वे अपनी किसी भी वित्तीय आवश्यकता के लिए केवल अधिकृत एवं वैध बैंकिंग संस्थानों का ही सहार तथा किसी भी अवैध साहूकार के झांसे में न आएं। यदि कोई व्यक्ति डरा धमकाकर स्टाम्पए चेक या संपत्ति हड़पने की कोशिश करेए तो बिना किसी संकोच के तुरंत पुलिस को सूचित करें। पुलिस आमजन में विश्वास और अपराधियों में भय के संकल् साथ जनता की सुरक्षा के लिए तत्पर है।
झालावाड पुलिसः आमजन में विश्वास, अपराधियों में भय
    user_Hadoti Khabar
    Hadoti Khabar
    Newspaper publisher झालरापाटन, झालावाड़, राजस्थान•
    19 hrs ago
  • लिखित आश्वासन के 15 दिन बाद भी नहीं मिली राशि, बारिश के बीच तीसरे दिन भी डटे हजारों किसान प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की बकाया राशि एवं आपदा राहत मुआवजे की मांग को लेकर भारतीय किसान संघ के नेतृत्व में बकानी, पिड़ावा एवं सुनेल में अनिश्चितकालीन धरना जारी रायपुर 1 अगस्त। झालावाड़ जिले में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के बावजूद भारतीय किसान संघ के नेतृत्व में बकानी, पिड़ावा एवं सुनेल तहसील मुख्यालयों पर किसानों का अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन शनिवार को तीसरे दिन भी पूरे उत्साह, अनुशासन और दृढ़ संकल्प के साथ जारी रहा। लगातार वर्षा के कारण धरना स्थल पर पहले लगाए गए टेंट की व्यवस्था बदलकर बरसाती पंडाल तैयार करना पड़ा, लेकिन विपरीत परिस्थितियों के बावजूद हजारों किसान अपने अधिकारों की लड़ाई लड़ने के लिए डटे रहे। बारिश के कारण किसानों को भोजन, रात्रि विश्राम एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। इसके बावजूद किसान स्वयं धरना स्थल पर भोजन बनाकर दिन-रात आंदोलन को जारी रखे हुए हैं। भारतीय किसान संघ ने बताया कि इससे पूर्व 13 जुलाई से 16 जुलाई तक बकानी तहसील परिसर में किसानों द्वारा अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन किया गया था। उस दौरान जिला प्रशासन के हस्तक्षेप के बाद किसानों को लिखित आश्वासन दिया गया कि आगामी चार दिनों के भीतर प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की बकाया राशि किसानों के खातों में जमा कर दी जाएगी। प्रशासन के इस लिखित आश्वासन पर किसानों ने अपना धरना स्थगित कर दिया था। लेकिन लिखित आश्वासन दिए जाने के लगभग 15 दिन बाद भी किसानों के खातों में बकाया राशि जमा नहीं हुई। प्रशासन द्वारा किए गए वादे के पूरा नहीं होने से किसानों में भारी रोष व्याप्त है। इसी कारण भारतीय किसान संघ ने पुनः किसानों के साथ बकानी, पिड़ावा एवं सुनेल तहसील मुख्यालयों पर अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन शुरू किया है। किसानों की प्रमुख मांग है कि खरीफ-2025 में सोयाबीन की फसल खराब होने पर प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत झालावाड़ जिले के लिए लगभग 260 करोड़ रुपये की बीमा दावा राशि स्वीकृत की गई थी, जिसमें से अभी भी लगभग 160 करोड़ रुपये से अधिक की राशि किसानों को मिलना शेष है। इसके साथ ही किसानों ने यह भी मांग उठाई कि वर्ष 2025 में प्राकृतिक आपदा से प्रभावित किसानों को राज्य सरकार द्वारा आपदा अनुदान राहत कोष (एसडीआरएफ) से मुआवजा देने की घोषणा की गई थी, लेकिन आज तक बड़ी संख्या में किसानों के खातों में यह मुआवजा राशि भी जमा नहीं हुई है। बीमा दावा राशि और आपदा राहत—दोनों लंबित होने से किसान गंभीर आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं। किसानों का कहना है कि वे कई महीनों से लगातार ज्ञापन, प्रशासनिक अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों के माध्यम से अपनी मांग सरकार तक पहुंचाते रहे, लेकिन उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हुआ। सरकार की उदासीनता के कारण आज अन्नदाता को बरसात के मौसम में खेतों में रहने के बजाय तहसील मुख्यालयों पर धरना देने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। धरना स्थल पर किसानों ने कहा कि वे देश के प्रत्येक नागरिक का पेट भरने के लिए दिन-रात कठिन परिश्रम करते हैं। भारत की अर्थव्यवस्था की रीढ़ किसान है, लेकिन आज वही किसान अपने ही अधिकार के लिए संघर्ष कर रहा है। यह स्थिति अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। धरना स्थल पर किसानों के जोशीले नारों से पूरा वातावरण गूंजता रहा— "जब तक दुखी किसान रहेगा, धरती पर तूफान रहेगा।" "हम अपना अधिकार मांगते, नहीं किसी से भीख मांगते।" भारतीय किसान संघ ने स्पष्ट किया कि यह आंदोलन पूरी तरह गैर-राजनीतिक एवं राष्ट्रवादी संगठन के नेतृत्व में किसानों के संवैधानिक अधिकारों की लड़ाई है। संगठन ने चेतावनी दी कि जब तक प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की शेष बकाया राशि तथा राज्य सरकार द्वारा घोषित आपदा अनुदान राहत कोष का मुआवजा किसानों के खातों में जमा नहीं हो जाता, तब तक बकानी, पिड़ावा एवं सुनेल तहसील मुख्यालयों पर अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन निरंतर जारी रहेगा। भारतीय किसान संघ ने सरकार, जिला प्रशासन एवं फसल बीमा कंपनी से आग्रह किया है कि किसानों को बार-बार आश्वासन देने के बजाय तत्काल स्वीकृत राशि उनके खातों में जमा कराई जाए। भारत गांवों का देश है और गांवों की आत्मा किसान है। यदि किसान आर्थिक रूप से मजबूत होगा तभी देश की अर्थव्यवस्था भी सशक्त होगी। अब पूरे जिले की निगाहें सरकार और प्रशासन पर टिकी हैं कि वे अन्नदाता किसानों के हित में कब तक ठोस निर्णय लेकर उन्हें उनका न्यायोचित अधिकार दिलाते हैं।
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    लिखित आश्वासन के 15 दिन बाद भी नहीं मिली राशि, बारिश के बीच तीसरे दिन भी डटे हजारों किसान
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की बकाया राशि एवं आपदा राहत मुआवजे की मांग को लेकर भारतीय किसान संघ के नेतृत्व में बकानी, पिड़ावा एवं सुनेल में अनिश्चितकालीन धरना जारी
रायपुर 1 अगस्त।
झालावाड़ जिले में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के बावजूद भारतीय किसान संघ के नेतृत्व में बकानी, पिड़ावा एवं सुनेल तहसील मुख्यालयों पर किसानों का अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन शनिवार को तीसरे दिन भी पूरे उत्साह, अनुशासन और दृढ़ संकल्प के साथ जारी रहा। लगातार वर्षा के कारण धरना स्थल पर पहले लगाए गए टेंट की व्यवस्था बदलकर बरसाती पंडाल तैयार करना पड़ा, लेकिन विपरीत परिस्थितियों के बावजूद हजारों किसान अपने अधिकारों की लड़ाई लड़ने के लिए डटे रहे।
बारिश के कारण किसानों को भोजन, रात्रि विश्राम एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। इसके बावजूद किसान स्वयं धरना स्थल पर भोजन बनाकर दिन-रात आंदोलन को जारी रखे हुए हैं।
भारतीय किसान संघ ने बताया कि इससे पूर्व 13 जुलाई से 16 जुलाई तक बकानी तहसील परिसर में किसानों द्वारा अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन किया गया था। उस दौरान जिला प्रशासन के हस्तक्षेप के बाद किसानों को लिखित आश्वासन दिया गया कि आगामी चार दिनों के भीतर प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की बकाया राशि किसानों के खातों में जमा कर दी जाएगी। प्रशासन के इस लिखित आश्वासन पर किसानों ने अपना धरना स्थगित कर दिया था।
लेकिन लिखित आश्वासन दिए जाने के लगभग 15 दिन बाद भी किसानों के खातों में बकाया राशि जमा नहीं हुई। प्रशासन द्वारा किए गए वादे के पूरा नहीं होने से किसानों में भारी रोष व्याप्त है। इसी कारण भारतीय किसान संघ ने पुनः किसानों के साथ बकानी, पिड़ावा एवं सुनेल तहसील मुख्यालयों पर अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन शुरू किया है।
किसानों की प्रमुख मांग है कि खरीफ-2025 में सोयाबीन की फसल खराब होने पर प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत झालावाड़ जिले के लिए लगभग 260 करोड़ रुपये की बीमा दावा राशि स्वीकृत की गई थी, जिसमें से अभी भी लगभग 160 करोड़ रुपये से अधिक की राशि किसानों को मिलना शेष है।
इसके साथ ही किसानों ने यह भी मांग उठाई कि वर्ष 2025 में प्राकृतिक आपदा से प्रभावित किसानों को राज्य सरकार द्वारा आपदा अनुदान राहत कोष (एसडीआरएफ) से मुआवजा देने की घोषणा की गई थी, लेकिन आज तक बड़ी संख्या में किसानों के खातों में यह मुआवजा राशि भी जमा नहीं हुई है। बीमा दावा राशि और आपदा राहत—दोनों लंबित होने से किसान गंभीर आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं।
किसानों का कहना है कि वे कई महीनों से लगातार ज्ञापन, प्रशासनिक अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों के माध्यम से अपनी मांग सरकार तक पहुंचाते रहे, लेकिन उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हुआ। सरकार की उदासीनता के कारण आज अन्नदाता को बरसात के मौसम में खेतों में रहने के बजाय तहसील मुख्यालयों पर धरना देने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।
धरना स्थल पर किसानों ने कहा कि वे देश के प्रत्येक नागरिक का पेट भरने के लिए दिन-रात कठिन परिश्रम करते हैं। भारत की अर्थव्यवस्था की रीढ़ किसान है, लेकिन आज वही किसान अपने ही अधिकार के लिए संघर्ष कर रहा है। यह स्थिति अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है।
धरना स्थल पर किसानों के जोशीले नारों से पूरा वातावरण गूंजता रहा—
"जब तक दुखी किसान रहेगा, धरती पर तूफान रहेगा।"
"हम अपना अधिकार मांगते, नहीं किसी से भीख मांगते।"
भारतीय किसान संघ ने स्पष्ट किया कि यह आंदोलन पूरी तरह गैर-राजनीतिक एवं राष्ट्रवादी संगठन के नेतृत्व में किसानों के संवैधानिक अधिकारों की लड़ाई है। संगठन ने चेतावनी दी कि जब तक प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की शेष बकाया राशि तथा राज्य सरकार द्वारा घोषित आपदा अनुदान राहत कोष का मुआवजा किसानों के खातों में जमा नहीं हो जाता, तब तक बकानी, पिड़ावा एवं सुनेल तहसील मुख्यालयों पर अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन निरंतर जारी रहेगा।
भारतीय किसान संघ ने सरकार, जिला प्रशासन एवं फसल बीमा कंपनी से आग्रह किया है कि किसानों को बार-बार आश्वासन देने के बजाय तत्काल स्वीकृत राशि उनके खातों में जमा कराई जाए। भारत गांवों का देश है और गांवों की आत्मा किसान है। यदि किसान आर्थिक रूप से मजबूत होगा तभी देश की अर्थव्यवस्था भी सशक्त होगी। अब पूरे जिले की निगाहें सरकार और प्रशासन पर टिकी हैं कि वे अन्नदाता किसानों के हित में कब तक ठोस निर्णय लेकर उन्हें उनका न्यायोचित अधिकार दिलाते हैं।
    user_Mukesh Mehar
    Mukesh Mehar
    Farmer रायपुर, झालावाड़, राजस्थान•
    3 hrs ago
  • चित्तौड़गढ़ में महिला सुरक्षा के लिए डिकॉय ऑपरेशन सादे वस्त्रों में महिला पुलिसकर्मियों की पांच विशेष टीमों ने शहर के प्रमुख स्थलों पर की कार्रवाई, चार मनचले गिरफ्तार। चित्तौड़गढ़, 31 जुलाई 2026। महिलाओं एवं बालिकाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा सार्वजनिक स्थानों पर होने वाली छेड़छाड़ और अभद्रता की घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगाने के उद्देश्य से जिला पुलिस अधीक्षक श्री धर्मेन्द्र सिंह के निर्देशन में गुरुवार शाम को कालिका पेट्रोलिंग यूनिट की महिला पुलिसकर्मियों को सादे वस्त्रों में तैनात कर डिकॉय ऑपरेशन चलाया गया। अभियान के तहत पांच विशेष पुलिस टीमों का गठन कर शहर के प्रमुख सार्वजनिक स्थलों पर कार्रवाई की गई। अभियान के दौरान महिलाओं व छात्राओं से छेड़छाड़, फब्तियां कसने एवं अभद्र व्यवहार करने वाले चार मनचलों को गिरफ्तार कर उनके विरुद्ध नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की गई। डिकॉय ऑपरेशन के तहत गठित प्रत्येक टीम में कालिका पेट्रोलिंग यूनिट की दो-दो महिला कांस्टेबल सादे वस्त्रों में तैनात की गईं, जिनके साथ पुरुष पुलिसकर्मी भी सुरक्षा एवं कार्रवाई के लिए मौजूद रहे। टीमों ने शहर के प्रताप नगर चौराहा, रेलवे स्टेशन, दिल्ली गेट, चामटी खेड़ा चौराहा तथा अभिमन्यु पार्क जैसे संवेदनशील एवं भीड़भाड़ वाले स्थानों पर विशेष निगरानी रखी। पार्क जैसे संवेदनशील एवं भीड़भाड़ वाले स्थानों पर विशेष निगरानी रखी। महिला पुलिसकर्मियों ने आम छात्राओं एवं महिलाओं की तरह सामान्य रूप से इन स्थानों पर मौजूद रहकर संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी। जैसे ही कुछ युवकों द्वारा महिलाओं से अभद्र व्यवहार एवं फब्तियां कसने की घटनाएं सामने आईं, मौके पर मौजूद पुलिस टीमों ने तत्काल कार्रवाई करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। अभियान के दौरान पुलिस ने सार्वजनिक स्थानों पर संदिग्ध व्यक्तियों की जांच की तथा युवाओं को महिला सम्मान एवं कानून का पालन करने के संबंध में समझाइश भी दी। पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि महिलाओं की सुरक्षा से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही या अभद्रता बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी। जिला पुलिस अधीक्षक श्री धर्मेन्द्र सिंह ने बताया कि महिला सुरक्षा पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। इसी उद्देश्य से समय-समय पर इस प्रकार के विशेष अभियान संचालित किए जाएंगे, ताकि सार्वजनिक स्थानों पर महिलाओं एवं बालिकाओं को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराया जा सके। उन्होंने आमजन से भी अपील की कि यदि कहीं भी महिलाओं से छेड़छाड़, अभद्र व्यवहार या अन्य आपराधिक गतिविधि दिखाई दे तो इसकी सूचना तत्काल पुलिस को दें, जिससे त्वरित कार्रवाई कर दोषियों के विरुद्ध सख्त कदम उठाए जा सकें।
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    चित्तौड़गढ़ में महिला सुरक्षा के लिए डिकॉय ऑपरेशन सादे वस्त्रों में महिला पुलिसकर्मियों की पांच विशेष टीमों ने शहर के प्रमुख स्थलों पर की कार्रवाई, चार मनचले गिरफ्तार।
चित्तौड़गढ़, 31 जुलाई 2026। महिलाओं एवं बालिकाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा सार्वजनिक स्थानों पर होने वाली छेड़छाड़ और अभद्रता की घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगाने के उद्देश्य से जिला पुलिस अधीक्षक श्री धर्मेन्द्र सिंह के निर्देशन में गुरुवार शाम को कालिका पेट्रोलिंग यूनिट की महिला पुलिसकर्मियों को सादे वस्त्रों में तैनात कर डिकॉय ऑपरेशन चलाया गया। अभियान के तहत पांच विशेष पुलिस टीमों का गठन कर शहर के प्रमुख सार्वजनिक स्थलों पर कार्रवाई की गई। अभियान के दौरान महिलाओं व छात्राओं से छेड़छाड़, फब्तियां कसने एवं अभद्र व्यवहार करने वाले चार मनचलों को गिरफ्तार कर उनके विरुद्ध नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की गई।
डिकॉय ऑपरेशन के तहत गठित प्रत्येक टीम में कालिका पेट्रोलिंग यूनिट की दो-दो महिला कांस्टेबल सादे वस्त्रों में तैनात की गईं, जिनके साथ पुरुष पुलिसकर्मी भी सुरक्षा एवं कार्रवाई के लिए मौजूद रहे। टीमों ने शहर के प्रताप नगर चौराहा, रेलवे स्टेशन, दिल्ली गेट, चामटी खेड़ा चौराहा तथा अभिमन्यु पार्क जैसे संवेदनशील एवं भीड़भाड़ वाले स्थानों पर विशेष निगरानी रखी। पार्क जैसे संवेदनशील एवं भीड़भाड़ वाले स्थानों पर विशेष निगरानी रखी। महिला पुलिसकर्मियों ने आम छात्राओं एवं महिलाओं की तरह सामान्य रूप से इन स्थानों पर मौजूद रहकर संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी। जैसे ही कुछ युवकों द्वारा महिलाओं से अभद्र व्यवहार एवं फब्तियां कसने की घटनाएं सामने आईं, मौके पर मौजूद पुलिस टीमों ने तत्काल कार्रवाई करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
अभियान के दौरान पुलिस ने सार्वजनिक स्थानों पर संदिग्ध व्यक्तियों की जांच की तथा युवाओं को महिला सम्मान एवं कानून का पालन करने के संबंध में समझाइश भी दी। पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि महिलाओं की सुरक्षा से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही या अभद्रता बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी।
जिला पुलिस अधीक्षक श्री धर्मेन्द्र सिंह ने बताया कि महिला सुरक्षा पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। इसी उद्देश्य से समय-समय पर इस प्रकार के विशेष अभियान संचालित किए जाएंगे, ताकि सार्वजनिक स्थानों पर महिलाओं एवं बालिकाओं को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराया जा सके। उन्होंने आमजन से भी अपील की कि यदि कहीं भी महिलाओं से छेड़छाड़, अभद्र व्यवहार या अन्य आपराधिक गतिविधि दिखाई दे तो इसकी सूचना तत्काल पुलिस को दें, जिससे त्वरित कार्रवाई कर दोषियों के विरुद्ध सख्त कदम उठाए जा सकें।
    user_Pawan Mehar
    Pawan Mehar
    Local News Reporter रावतभाटा, चित्तौड़गढ़, राजस्थान•
    23 hrs ago
  • लिखित आश्वासन के 15 दिन बाद भी नहीं मिली राशि, बारिश के बीच तीसरे दिन भी डटे हजारों किसान प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की बकाया राशि एवं आपदा राहत मुआवजे की मांग को लेकर भारतीय किसान संघ के नेतृत्व में बकानी, पिड़ावा एवं सुनेल में अनिश्चितकालीन धरना जारी लिखित आश्वासन के 15 दिन बाद भी नहीं मिली राशि, बारिश के बीच तीसरे दिन भी डटे हजारों किसान प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की बकाया राशि एवं आपदा राहत मुआवजे की मांग को लेकर भारतीय किसान संघ के नेतृत्व में बकानी, पिड़ावा एवं सुनेल में अनिश्चितकालीन धरना जारी झालावाड़, 1 अगस्त। झालावाड़ जिले में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के बावजूद भारतीय किसान संघ के नेतृत्व में बकानी, पिड़ावा एवं सुनेल तहसील मुख्यालयों पर किसानों का अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन शनिवार को तीसरे दिन भी पूरे उत्साह, अनुशासन और दृढ़ संकल्प के साथ जारी रहा। लगातार वर्षा के कारण धरना स्थल पर पहले लगाए गए टेंट की व्यवस्था बदलकर बरसाती पंडाल तैयार करना पड़ा, लेकिन विपरीत परिस्थितियों के बावजूद हजारों किसान अपने अधिकारों की लड़ाई लड़ने के लिए डटे रहे। बारिश के कारण किसानों को भोजन, रात्रि विश्राम एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। इसके बावजूद किसान स्वयं धरना स्थल पर भोजन बनाकर दिन-रात आंदोलन को जारी रखे हुए हैं। भारतीय किसान संघ ने बताया कि इससे पूर्व 13 जुलाई से 16 जुलाई तक बकानी तहसील परिसर में किसानों द्वारा अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन किया गया था। उस दौरान जिला प्रशासन के हस्तक्षेप के बाद किसानों को लिखित आश्वासन दिया गया कि आगामी चार दिनों के भीतर प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की बकाया राशि किसानों के खातों में जमा कर दी जाएगी। प्रशासन के इस लिखित आश्वासन पर किसानों ने अपना धरना स्थगित कर दिया था। लेकिन लिखित आश्वासन दिए जाने के लगभग 15 दिन बाद भी किसानों के खातों में बकाया राशि जमा नहीं हुई। प्रशासन द्वारा किए गए वादे के पूरा नहीं होने से किसानों में भारी रोष व्याप्त है। इसी कारण भारतीय किसान संघ ने पुनः किसानों के साथ बकानी, पिड़ावा एवं सुनेल तहसील मुख्यालयों पर अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन शुरू किया है। किसानों की प्रमुख मांग है कि खरीफ-2025 में सोयाबीन की फसल खराब होने पर प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत झालावाड़ जिले के लिए लगभग 260 करोड़ रुपये की बीमा दावा राशि स्वीकृत की गई थी, जिसमें से अभी भी लगभग 160 करोड़ रुपये से अधिक की राशि किसानों को मिलना शेष है। इसके साथ ही किसानों ने यह भी मांग उठाई कि वर्ष 2025 में प्राकृतिक आपदा से प्रभावित किसानों को राज्य सरकार द्वारा आपदा अनुदान राहत कोष (एसडीआरएफ) से मुआवजा देने की घोषणा की गई थी, लेकिन आज तक बड़ी संख्या में किसानों के खातों में यह मुआवजा राशि भी जमा नहीं हुई है। बीमा दावा राशि और आपदा राहत—दोनों लंबित होने से किसान गंभीर आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं। किसानों का कहना है कि वे कई महीनों से लगातार ज्ञापन, प्रशासनिक अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों के माध्यम से अपनी मांग सरकार तक पहुंचाते रहे, लेकिन उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हुआ। सरकार की उदासीनता के कारण आज अन्नदाता को बरसात के मौसम में खेतों में रहने के बजाय तहसील मुख्यालयों पर धरना देने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। धरना स्थल पर किसानों ने कहा कि वे देश के प्रत्येक नागरिक का पेट भरने के लिए दिन-रात कठिन परिश्रम करते हैं। भारत की अर्थव्यवस्था की रीढ़ किसान है, लेकिन आज वही किसान अपने ही अधिकार के लिए संघर्ष कर रहा है। यह स्थिति अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। धरना स्थल पर किसानों के जोशीले नारों से पूरा वातावरण गूंजता रहा— "जब तक दुखी किसान रहेगा, धरती पर तूफान रहेगा।" "हम अपना अधिकार मांगते, नहीं किसी से भीख मांगते।" भारतीय किसान संघ ने स्पष्ट किया कि यह आंदोलन पूरी तरह गैर-राजनीतिक एवं राष्ट्रवादी संगठन के नेतृत्व में किसानों के संवैधानिक अधिकारों की लड़ाई है। संगठन ने चेतावनी दी कि जब तक प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की शेष बकाया राशि तथा राज्य सरकार द्वारा घोषित आपदा अनुदान राहत कोष का मुआवजा किसानों के खातों में जमा नहीं हो जाता, तब तक बकानी, पिड़ावा एवं सुनेल तहसील मुख्यालयों पर अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन निरंतर जारी रहेगा। भारतीय किसान संघ ने सरकार, जिला प्रशासन एवं फसल बीमा कंपनी से आग्रह किया है कि किसानों को बार-बार आश्वासन देने के बजाय तत्काल स्वीकृत राशि उनके खातों में जमा कराई जाए। भारत गांवों का देश है और गांवों की आत्मा किसान है। यदि किसान आर्थिक रूप से मजबूत होगा तभी देश की अर्थव्यवस्था भी सशक्त होगी। अब पूरे जिले की निगाहें सरकार और प्रशासन पर टिकी हैं कि वे अन्नदाता किसानों के हित में कब तक ठोस निर्णय लेकर उन्हें उनका न्यायोचित अधिकार दिलाते हैं।
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    लिखित आश्वासन के 15 दिन बाद भी नहीं मिली राशि, बारिश के बीच तीसरे दिन भी डटे हजारों किसान
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की बकाया राशि एवं आपदा राहत मुआवजे की मांग को लेकर भारतीय किसान संघ के नेतृत्व में बकानी, पिड़ावा एवं सुनेल में अनिश्चितकालीन धरना जारी
लिखित आश्वासन के 15 दिन बाद भी नहीं मिली राशि, बारिश के बीच तीसरे दिन भी डटे हजारों किसान
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की बकाया राशि एवं आपदा राहत मुआवजे की मांग को लेकर भारतीय किसान संघ के नेतृत्व में बकानी, पिड़ावा एवं सुनेल में अनिश्चितकालीन धरना जारी
झालावाड़, 1 अगस्त।
झालावाड़ जिले में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के बावजूद भारतीय किसान संघ के नेतृत्व में बकानी, पिड़ावा एवं सुनेल तहसील मुख्यालयों पर किसानों का अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन शनिवार को तीसरे दिन भी पूरे उत्साह, अनुशासन और दृढ़ संकल्प के साथ जारी रहा। लगातार वर्षा के कारण धरना स्थल पर पहले लगाए गए टेंट की व्यवस्था बदलकर बरसाती पंडाल तैयार करना पड़ा, लेकिन विपरीत परिस्थितियों के बावजूद हजारों किसान अपने अधिकारों की लड़ाई लड़ने के लिए डटे रहे।
बारिश के कारण किसानों को भोजन, रात्रि विश्राम एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। इसके बावजूद किसान स्वयं धरना स्थल पर भोजन बनाकर दिन-रात आंदोलन को जारी रखे हुए हैं।
भारतीय किसान संघ ने बताया कि इससे पूर्व 13 जुलाई से 16 जुलाई तक बकानी तहसील परिसर में किसानों द्वारा अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन किया गया था। उस दौरान जिला प्रशासन के हस्तक्षेप के बाद किसानों को लिखित आश्वासन दिया गया कि आगामी चार दिनों के भीतर प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की बकाया राशि किसानों के खातों में जमा कर दी जाएगी। प्रशासन के इस लिखित आश्वासन पर किसानों ने अपना धरना स्थगित कर दिया था।
लेकिन लिखित आश्वासन दिए जाने के लगभग 15 दिन बाद भी किसानों के खातों में बकाया राशि जमा नहीं हुई। प्रशासन द्वारा किए गए वादे के पूरा नहीं होने से किसानों में भारी रोष व्याप्त है। इसी कारण भारतीय किसान संघ ने पुनः किसानों के साथ बकानी, पिड़ावा एवं सुनेल तहसील मुख्यालयों पर अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन शुरू किया है।
किसानों की प्रमुख मांग है कि खरीफ-2025 में सोयाबीन की फसल खराब होने पर प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत झालावाड़ जिले के लिए लगभग 260 करोड़ रुपये की बीमा दावा राशि स्वीकृत की गई थी, जिसमें से अभी भी लगभग 160 करोड़ रुपये से अधिक की राशि किसानों को मिलना शेष है।
इसके साथ ही किसानों ने यह भी मांग उठाई कि वर्ष 2025 में प्राकृतिक आपदा से प्रभावित किसानों को राज्य सरकार द्वारा आपदा अनुदान राहत कोष (एसडीआरएफ) से मुआवजा देने की घोषणा की गई थी, लेकिन आज तक बड़ी संख्या में किसानों के खातों में यह मुआवजा राशि भी जमा नहीं हुई है। बीमा दावा राशि और आपदा राहत—दोनों लंबित होने से किसान गंभीर आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं।
किसानों का कहना है कि वे कई महीनों से लगातार ज्ञापन, प्रशासनिक अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों के माध्यम से अपनी मांग सरकार तक पहुंचाते रहे, लेकिन उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हुआ। सरकार की उदासीनता के कारण आज अन्नदाता को बरसात के मौसम में खेतों में रहने के बजाय तहसील मुख्यालयों पर धरना देने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।
धरना स्थल पर किसानों ने कहा कि वे देश के प्रत्येक नागरिक का पेट भरने के लिए दिन-रात कठिन परिश्रम करते हैं। भारत की अर्थव्यवस्था की रीढ़ किसान है, लेकिन आज वही किसान अपने ही अधिकार के लिए संघर्ष कर रहा है। यह स्थिति अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है।
धरना स्थल पर किसानों के जोशीले नारों से पूरा वातावरण गूंजता रहा—
"जब तक दुखी किसान रहेगा, धरती पर तूफान रहेगा।"
"हम अपना अधिकार मांगते, नहीं किसी से भीख मांगते।"
भारतीय किसान संघ ने स्पष्ट किया कि यह आंदोलन पूरी तरह गैर-राजनीतिक एवं राष्ट्रवादी संगठन के नेतृत्व में किसानों के संवैधानिक अधिकारों की लड़ाई है। संगठन ने चेतावनी दी कि जब तक प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की शेष बकाया राशि तथा राज्य सरकार द्वारा घोषित आपदा अनुदान राहत कोष का मुआवजा किसानों के खातों में जमा नहीं हो जाता, तब तक बकानी, पिड़ावा एवं सुनेल तहसील मुख्यालयों पर अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन निरंतर जारी रहेगा।
भारतीय किसान संघ ने सरकार, जिला प्रशासन एवं फसल बीमा कंपनी से आग्रह किया है कि किसानों को बार-बार आश्वासन देने के बजाय तत्काल स्वीकृत राशि उनके खातों में जमा कराई जाए। भारत गांवों का देश है और गांवों की आत्मा किसान है। यदि किसान आर्थिक रूप से मजबूत होगा तभी देश की अर्थव्यवस्था भी सशक्त होगी। अब पूरे जिले की निगाहें सरकार और प्रशासन पर टिकी हैं कि वे अन्नदाता किसानों के हित में कब तक ठोस निर्णय लेकर उन्हें उनका न्यायोचित अधिकार दिलाते हैं।
    user_Giriraj regar reporter
    Giriraj regar reporter
    Reporter बकानी, झालावाड़, राजस्थान•
    16 min ago
  • गरीब किसानों के शोषण पर पुलिस सख्त` झालावाड़ से बड़ी खबर। अवैध साहूकारी करने वालों पर पुलिस ने सख्ती से शिकंजा कसना शुरू कर दिया है।
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    गरीब किसानों के शोषण पर पुलिस सख्त`
झालावाड़ से बड़ी खबर।  
अवैध साहूकारी करने वालों पर पुलिस ने सख्ती से शिकंजा कसना शुरू कर दिया है।
    user_Lok samachar news
    Lok samachar news
    Classified ads newspaper publisher झालरापाटन, झालावाड़, राजस्थान•
    23 hrs ago
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