कर्नाटक के बेंगलुरु में एक मां मैटरनिटी फोटोशूट करा रही थी, इसी दौरान उसके छोटे बच्चे की पानी के पूल में गिरने से मौत हो गई। बच्चे की पहचान लक्ष्मीर के रूप में हुई है। यह घटना शनिवार को उस वक्त हुई जब 8 महीने की प्रेग्नेंट महिला स्वाती अपने दूसरे बच्चे की आने की तैयारी में वाटर पूल के किनारे एक फोटोशूट करा रही थी। स्वाती और चरण का दूसरा बच्चा वहां खेल रहा था, तभी पास वह इस पानी के पूल में फिसलकर गिर गया। वहां मौजूद लोगों को बच्चे के पानी में गिरने का सही समय पर पता नहीं चल पाया और मदद नहीं मिल सकी। पुलिस कर रही मामले की जांच कुछ देर बाद जब बच्चे के बारे में पता चला तो उसे अस्पताल ले जाया गया लेकिन उसे मृत घोषित कर दिया गया। सरकारी अस्पताल में उसका पोस्टमार्टम किया गया। फिलहाल पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है और घटना की वजह जानने के लिए जांच शुरू कर दी। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश करेगी कि फोटोशूट के दौरान कोई लापरवाही तो नहीं हुई। अधिकारियों ने बताया कि बच्चे के पिता किसी काम के सिलसिले में विदेश में थे............. ...
कर्नाटक के बेंगलुरु में एक मां मैटरनिटी फोटोशूट करा रही थी, इसी दौरान उसके छोटे बच्चे की पानी के पूल में गिरने से मौत हो गई। बच्चे की पहचान लक्ष्मीर के रूप में हुई है। यह घटना शनिवार को उस वक्त हुई जब 8 महीने की प्रेग्नेंट महिला स्वाती अपने दूसरे बच्चे की आने की तैयारी में वाटर पूल के किनारे एक फोटोशूट करा रही थी। स्वाती और चरण का दूसरा बच्चा वहां खेल रहा था, तभी पास वह इस पानी के पूल में फिसलकर गिर गया। वहां मौजूद लोगों को बच्चे के पानी में गिरने का सही समय पर पता नहीं चल पाया और मदद नहीं मिल सकी। पुलिस कर रही मामले की जांच कुछ देर बाद जब बच्चे के बारे में पता चला तो उसे अस्पताल ले जाया गया लेकिन उसे मृत घोषित कर दिया गया। सरकारी अस्पताल में उसका पोस्टमार्टम किया गया। फिलहाल पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है और घटना की वजह जानने के लिए जांच शुरू कर दी। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश करेगी कि फोटोशूट के दौरान कोई लापरवाही तो नहीं हुई। अधिकारियों ने बताया कि बच्चे के पिता किसी काम के सिलसिले में विदेश में थे............. ...
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- कतरास वार्ड नंबर 3 के पार्षद प्रत्याशी ज्योति कुमारी की बड़ी गौतनी का निधन समर्थकों में शोक का लहर1
- धनबाद. (रिपोर्ट प्रेम कुमार). भारतीय जनता पार्टी के झारखंड प्रदेश अध्यक्ष सह राज्यसभा सांसद आदित्य साहू ने मंगलवार को पोद्दार बिल्डिंग बैंक मोड़ में प्रेस वार्ता को संबोधित किया। इस अवसर पर उन्होंने वर्तमान राजनीतिक परिस्थितियों और संगठनात्मक विषयों पर विस्तार से अपनी बात रखी। आदित्य साहू ने कहा कि भाजपा के प्रयासों के कारण ही आज नगर निगम चुनाव संपन्न हो पा रहा है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से एकजुट होकर चुनाव में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। साथ ही धनबाद नगर निगम चुनाव में भाजपा समर्थित मेयर प्रत्याशी संजीव कुमार के पक्ष में मतदान करने की जनता से अपील की। उन्होंने कहा कि पार्टी विकास, पारदर्शिता और सुशासन के मुद्दों को लेकर जनता के बीच जा रही है। प्रेस वार्ता में पार्टी पदाधिकारी और कार्यकर्ता भी उपस्थित थे।1
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- रामगढ़ : आजसू समर्थित रामगढ़ नगर निगम चुनाव में अध्यक्ष पद के प्रत्याशी रेणु देवी के द्वारा जनसंपर्क अभियान1
- चुनाव की दहलीज पर #मातम… #वार्ड 3 में दुख की लहर, प्रत्याशी परिवार पर टूटा गम का पहाड़ कतरास। धनबाद नगर निगम चुनाव की हलचल के बीच वार्ड संख्या तीन में एक ऐसी खबर आई, जिसने पूरे इलाके को स्तब्ध और भावुक कर दिया। वार्ड 3 की प्रत्याशी ज्योति कुमारी की गोतनी तथा जागो प्रमुख चुन्ना यादव की भाभी शशि देवी का बनारस में लंबी बीमारी से जूझते हुए निधन हो गया। बताया जाता है कि शशि देवी काफी समय से गंभीर रूप से बीमार थीं और जीवन की लड़ाई लड़ रही थीं। आखिरकार यह जंग थम गई, और परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। जैसे ही निधन की खबर वार्ड में पहुंची, समर्थकों, शुभचिंतकों और स्थानीय लोगों के बीच शोक की लहर दौड़ गई। चुनावी चर्चा और रणनीतियों के बीच अचानक सन्नाटा पसर गया। पत्रकारों से बातचीत के दौरान जागो प्रमुख सह प्रत्याशी ज्योति कुमारी के पति चुन्ना यादव की आवाज भर्रा गई। भावुक होते हुए उन्होंने कहा— “एक तरफ जनता की सेवा का संकल्प लेकर मैं चुनाव मैदान में हूं… और दूसरी तरफ हमारे परिवार पर दुख का पहाड़ टूट पड़ा है। यह हमारे लिए बेहद कठिन समय है।” उन्होंने बताया कि वे अपनी भाभी के अंतिम दर्शन और दाह-संस्कार के लिए बनारस जा रहे हैं। वार्ड 3 की जनता से उन्होंने निवेदन किया कि उनकी अनुपस्थिति में भी वे अपना आशीर्वाद और समर्थन बनाए रखें। “हमने वार्ड की जनता को हमेशा अपना परिवार माना है। आज इस दुख की घड़ी में हमें अपने इस बड़े परिवार का सहारा चाहिए,” — इतना कहते-कहते उनकी आंखें नम हो गईं। इस घटना ने यह एहसास करा दिया कि राजनीति और चुनाव से ऊपर भी जीवन में ऐसे पल आते हैं, जब इंसान सिर्फ एक परिवार का सदस्य बनकर रह जाता है। वार्ड 3 में लोग परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त कर रहे हैं और इस कठिन घड़ी में साथ खड़े रहने का भरोसा दे रहे हैं।1