राम मंदिर की तर्ज पर पीरनिगाह मंदिर से भी हुआ चंदा चोरी: रायजादा -कहा, पांच वर्षों में 30 लाख, चार माह के प्रशासनिक कार्यकाल में 1.63 करोड़ जमा ऊना सदर के पूर्व विधायक सतपाल रायजादा ने आरोप लगाया कि जिस तरह राम मंदिर के चंदे को लेकर सवाल उठे हैं, उसी प्रकार पीरनिगाह मंदिर की निधि को लेकर भी गंभीर अनियमितताएं हुई हैं। मंगलवार को पत्रकार वार्ता करते हुए रायजादा ने कहा कि जब उन्होंने राम मंदिर के चंदा, सोना और चांदी चोरी का मुद्दा उठाया, तो भाजपा नेताओं ने उसका जवाब देने के बजाय पीरनिगाह मंदिर की निधि को लेकर उन पर आरोप लगाने शुरू कर दिए। रायजादा ने कहा कि पंचायतों के भंग होने के बाद पीरनिगाह मंदिर का प्रबंधन प्रशासन के अधीन रहा। उनके कार्यकाल के दौरान मंदिर की पुरानी व्यवस्थाओं में कोई बदलाव नहीं किया गया। पहले से जिन लोगों को पेंशन और आर्थिक सहायता दी जा रही थी, उन्हें लगातार लाभ मिलता रहा और मंदिर के सभी नियमित खर्च भी पूर्व की तरह जारी रहे। उन्होंने दावा किया कि पिछली पंचायत अपने पांच वर्षों के कार्यकाल के दौरान मंदिर निधि में केवल 30 लाख रुपये छोडक़र गई थी, जबकि प्रशासन के अधीन महज चार माह में मंदिर की आय बढक़र 1 करोड़ 63 लाख रुपये से अधिक हो गई। रायजादा ने कहा कि इससे स्पष्ट है कि प्रशासनिक व्यवस्था के दौरान मंदिर की आय में उल्लेखनीय वृद्धि हुई और पूरी व्यवस्था पारदर्शी ढंग से संचालित की गई। पूर्व विधायक ने कहा कि भाजपा नेताओं को बेबुनियाद आरोप लगाने के बजाय तथ्यों के आधार पर जवाब देना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि भाजपा को लगता है कि उनके कार्यकाल में किसी प्रकार की अनियमितता हुई है तो वह स्वयं पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग करते हैं।
राम मंदिर की तर्ज पर पीरनिगाह मंदिर से भी हुआ चंदा चोरी: रायजादा -कहा, पांच वर्षों में 30 लाख, चार माह के प्रशासनिक कार्यकाल में 1.63 करोड़ जमा ऊना सदर के पूर्व विधायक सतपाल रायजादा ने आरोप लगाया कि जिस तरह राम मंदिर के चंदे को लेकर सवाल उठे हैं, उसी प्रकार पीरनिगाह मंदिर की निधि को लेकर भी गंभीर अनियमितताएं हुई हैं। मंगलवार को पत्रकार वार्ता करते हुए रायजादा ने कहा कि जब उन्होंने राम मंदिर के चंदा, सोना और चांदी चोरी का मुद्दा उठाया, तो भाजपा नेताओं ने उसका जवाब देने के बजाय पीरनिगाह मंदिर की निधि को लेकर उन पर आरोप लगाने शुरू कर दिए। रायजादा ने कहा कि पंचायतों के भंग होने के बाद पीरनिगाह मंदिर का प्रबंधन प्रशासन के अधीन रहा। उनके कार्यकाल के दौरान मंदिर की पुरानी व्यवस्थाओं में कोई बदलाव नहीं किया गया। पहले से जिन लोगों को पेंशन और आर्थिक सहायता दी जा रही थी, उन्हें लगातार लाभ मिलता रहा और मंदिर के सभी नियमित खर्च भी पूर्व की तरह जारी रहे। उन्होंने दावा किया कि पिछली पंचायत अपने पांच वर्षों के कार्यकाल के दौरान मंदिर निधि में केवल 30 लाख रुपये छोडक़र गई थी, जबकि प्रशासन के अधीन महज चार माह में मंदिर की आय बढक़र 1 करोड़ 63 लाख रुपये से अधिक हो गई। रायजादा ने कहा कि इससे स्पष्ट है कि प्रशासनिक व्यवस्था के दौरान मंदिर की आय में उल्लेखनीय वृद्धि हुई और पूरी व्यवस्था पारदर्शी ढंग से संचालित की गई। पूर्व विधायक ने कहा कि भाजपा नेताओं को बेबुनियाद आरोप लगाने के बजाय तथ्यों के आधार पर जवाब देना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि भाजपा को लगता है कि उनके कार्यकाल में किसी प्रकार की अनियमितता हुई है तो वह स्वयं पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग करते हैं।
- नालागढ़ विधानसभा क्षेत्र से एक महत्वपूर्ण जनहित की खबर सामने आई है। नालागढ़ विधानसभा क्षेत्र से एक महत्वपूर्ण जनहित की खबर सामने आई है। तहसील नालागढ़ की ग्राम पंचायत घोलोवाल के अंतर्गत गांव कालीबडी में प्रस्तावित सरकारी डिस्पेंसरी के निर्माण की दिशा में आज एक अहम तकनीकी प्रक्रिया शुरू की गई। जानकारी के अनुसार, नालागढ़ के विधायक बाबा हरदीप सिंह द्वारा सरकारी डिस्पेंसरी के निर्माण के लिए 50 लाख रुपये की राशि स्वीकृत करवाई गई है। इस परियोजना का टेंडर लोक निर्माण विभाग (PWD) को सौंपा गया है। निर्माण कार्य शुरू होने से पहले आज प्रस्तावित स्थल पर सॉइल टेस्टिंग (मृदा परीक्षण) का कार्य किया गया, ताकि भवन निर्माण के लिए भूमि की तकनीकी जांच पूरी की जा सके और निर्माण कार्य सुरक्षित एवं मानकों के अनुरूप किया जा सके। इस अवसर पर ग्राम पंचायत घोलोवाल की प्रधान हरमिंदर कौर, उपप्रधान एवं पूर्व सैनिक जसबीर सिंह, पंचायत प्रतिनिधि तथा स्थानीय ग्रामीण भी मौजूद रहे। सभी ने सॉइल टेस्टिंग की प्रक्रिया का निरीक्षण किया और उम्मीद जताई कि आवश्यक तकनीकी एवं प्रशासनिक औपचारिकताएं पूरी होने के बाद डिस्पेंसरी का निर्माण कार्य जल्द शुरू होगा। ग्रामीणों का कहना है कि डिस्पेंसरी बनने से कालीबडी सहित आसपास के गांवों के लोगों को प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाएं स्थानीय स्तर पर उपलब्ध होंगी। इससे मरीजों, बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों को उपचार के लिए दूर-दराज के अस्पतालों में जाने की आवश्यकता काफी हद तक कम होगी। फिलहाल परियोजना का पहला महत्वपूर्ण तकनीकी चरण, यानी सॉइल टेस्टिंग, सफलतापूर्वक शुरू हो चुका है। अब क्षेत्रवासियों को उम्मीद है कि निर्माण कार्य भी जल्द गति पकड़ेगा और यह बहुप्रतीक्षित परियोजना शीघ्र धरातल पर दिखाई देगी। क्षेत्र के सभी ग्रामवासियों ने इस जनहितकारी पहल के लिए विधायक बाबा हरदीप सिंह का आभार व्यक्त किया। रिपोर्ट: DK News Nalagarh संवाददाता: शम्मी राजपूत1
- देवभूमि के सुरीले साधक: धर्मेंद्र शर्मा लाहौल-स्पीति की बर्फ़ीली और दुर्गम जिंगजिंगबार धार की ऊंचाइयों पर बैठकर जब देवभूमि कुल्लू के प्राचीन सांस्कृतिक गीत गूंजते हैं, तो ऐसा लगता है मानों पहाड़ और नदियां भी थमकर उस सुरम्य संगीत को सुनने लगे हों। हिमाचल प्रदेश की आन, बान और शान लोकगायक धर्मेंद्र शर्मा जी का नाम इन्हीं अनमोल लोकधुनों और पहाड़ी संस्कृति के पर्याय के रूप में जाना जाता है। 🌟 संस्कृति के संवाहक: 40-45 वर्षों की अविरल साधना धर्मेंद्र शर्मा जी ने पिछले 40 से 45 वर्षों की अपनी लंबी और निष्ठावान संगीत यात्रा में देवभूमि कुल्लू और हिमाचल की समृद्ध लोक संस्कृति को सहेजने का ऐतिहासिक कार्य किया है: प्राचीन संस्कृति का संरक्षण: इन्होंने कुल्लू के पारंपरिक, पौराणिक और प्राचीन नाटी गीतों को न केवल जीवित रखा, बल्कि उन्हें आधुनिक दौर में भी प्रासंगिक बनाया। देश-विदेश में पहचान: अपने लिखे और गाए पहाड़ी गीतों के माध्यम से उन्होंने हिमाचल की संस्कृति की महक को प्रदेश की सीमाओं से बाहर पूरे देश और विदेशों तक पहुँचाया। रचनाकार और गायक: वे केवल एक गायक ही नहीं, बल्कि एक बेहतरीन गीतकार (लेखक) भी हैं। कुल्लू की परंपराओं, देव-संस्कृति और प्राकृतिक सौंदर्य पर आधारित उनके लिखे गीत आज भी हर हिमाचली के दिल के करीब हैं। 🏔️ जिंगजिंगबार धार से गूंजती देवभूमि की आत्मा हिमाचल की कठिन और दुर्गम से दुर्गम वादियों—जैसे जिंगजिंगबार—में भी जब वे अपनी लोकधुनों को गुनगुनाते हैं, तो वह इस बात का प्रमाण है कि संगीत और अपनी मिट्टी के प्रति उनका प्रेम कितना गहरा है। धर्मेंद्र शर्मा जी जैसे महान कलाकारों की वजह से ही हमारी प्राचीन हिमाचली नाटी, लोकगीत और देव-संस्कृति आने वाली पीढ़ियों के लिए एक अमूल्य धरोहर के रूप में सुरक्षित हैं। ऐसे महान साधक को देवभूमि का कोटि-कोटि नमन! देवभूमि के सुरीले साधक: धर्मेंद्र शर्मा लाहौल-स्पीति की बर्फ़ीली और दुर्गम जिंगजिंगबार धार की ऊंचाइयों पर बैठकर जब देवभूमि कुल्लू के प्राचीन सांस्कृतिक गीत गूंजते हैं, तो ऐसा लगता है मानों पहाड़ और नदियां भी थमकर उस सुरम्य संगीत को सुनने लगे हों। हिमाचल प्रदेश की आन, बान और शान लोकगायक धर्मेंद्र शर्मा जी का नाम इन्हीं अनमोल लोकधुनों और पहाड़ी संस्कृति के पर्याय के रूप में जाना जाता है। 🌟 संस्कृति के संवाहक: 40-45 वर्षों की अविरल साधना धर्मेंद्र शर्मा जी ने पिछले 40 से 45 वर्षों की अपनी लंबी और निष्ठावान संगीत यात्रा में देवभूमि कुल्लू और हिमाचल की समृद्ध लोक संस्कृति को सहेजने का ऐतिहासिक कार्य किया है: प्राचीन संस्कृति का संरक्षण: इन्होंने कुल्लू के पारंपरिक, पौराणिक और प्राचीन नाटी गीतों को न केवल जीवित रखा, बल्कि उन्हें आधुनिक दौर में भी प्रासंगिक बनाया। देश-विदेश में पहचान: अपने लिखे और गाए पहाड़ी गीतों के माध्यम से उन्होंने हिमाचल की संस्कृति की महक को प्रदेश की सीमाओं से बाहर पूरे देश और विदेशों तक पहुँचाया। रचनाकार और गायक: वे केवल एक गायक ही नहीं, बल्कि एक बेहतरीन गीतकार (लेखक) भी हैं। कुल्लू की परंपराओं, देव-संस्कृति और प्राकृतिक सौंदर्य पर आधारित उनके लिखे गीत आज भी हर हिमाचली के दिल के करीब हैं। 🏔️ जिंगजिंगबार धार से गूंजती देवभूमि की आत्मा हिमाचल की कठिन और दुर्गम से दुर्गम वादियों—जैसे जिंगजिंगबार—में भी जब वे अपनी लोकधुनों को गुनगुनाते हैं, तो वह इस बात का प्रमाण है कि संगीत और अपनी मिट्टी के प्रति उनका प्रेम कितना गहरा है। धर्मेंद्र शर्मा जी जैसे महान कलाकारों की वजह से ही हमारी प्राचीन हिमाचली नाटी, लोकगीत और देव-संस्कृति आने वाली पीढ़ियों के लिए एक अमूल्य धरोहर के रूप में सुरक्षित हैं। ऐसे महान साधक को देवभूमि का कोटि-कोटि नमन!1
- भाजपा ने विधायकों के फोन टैपिंग और पुलिस ड्यूटी की टाइमिंग पर उठाए सवाल1
- हिमाचल में लोकतंत्र नहीं, राजनीतिक प्रतिशोध का शासन : राकेश जमवाल | BJP vs Congress | HP Politics राकेश जमवाल का कांग्रेस सरकार पर बड़ा हमला, बोले- BJP नेताओं पर दर्ज हो रहे झूठे मुकदमे हिमाचल राजनीति में गरमाया माहौल, राकेश जमवाल ने सरकार पर लगाए गंभीर आरोप हिमाचल में लोकतंत्र नहीं, राजनीतिक प्रतिशोध का शासन : राकेश जमवाल | BJP vs Congress | HP Politics राकेश जमवाल का कांग्रेस सरकार पर बड़ा हमला, बोले- BJP नेताओं पर दर्ज हो रहे झूठे मुकदमे हिमाचल राजनीति में गरमाया माहौल, राकेश जमवाल ने सरकार पर लगाए गंभीर आरोप1
- पुलिस की लड़ाई नशा तस्करों से, नशे से पीड़ित लोगों के प्रति हमदर्दी, हेल्पलाइन नंबर पर सूचना दे, पुलिस मुफ्त इलाज करवाएगी पुलिस ने पिंजौर में स्कूली छात्रों को नशे के दुष्परिणामों के प्रति किया जागरूक 7087081100, 7087081048 तथा मानस हेल्पलाइन 1933 पर संपर्क कर सहायता प्राप्त करे पंचकूला :- पुलिस कमिश्नर आईपीएस पंकज नैन के नेतृत्व में पंचकूला पुलिस नशा तस्करों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई के साथ-साथ युवाओं और आमजन को नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करने का अभियान भी लगातार चला रही है। इसी उद्देश्य से पुलिस की एंटी ड्रग जागरूकता टीम विद्यालयों और सामाजिक कार्यक्रमों में पहुंचकर लोगों को नशामुक्त जीवन के लिए प्रेरित कर रही है। इसी क्रम में सेंट विवेकानंद मिलेनियम विद्यालय, एचएमटी टाउनशिप, पिंजौर में विवेकानंद छात्र उत्थान मंच द्वारा आयोजित 17वें मानव कल्याण शिविर में पंचकूला पुलिस के एंटी ड्रग जागरूकता कार्यक्रम के दौरान टीम प्रभारी सब इंस्पेक्टर सतीश ने विद्यार्थियों, अभिभावकों एवं उपस्थित लोगों को नशे के शारीरिक, मानसिक और सामाजिक दुष्प्रभावों की जानकारी देते हुए युवाओं से नशे से दूर रहकर अपने भविष्य को सुरक्षित बनाने का आह्वान किया। डीसीपी पंचकूला आईपीएस अदिति सिंह ने बताया कि पुलिस की लड़ाई नशा तस्करों से है, जबकि नशे से पीड़ित लोगों के प्रति पुलिस संवेदनशील है। यदि कोई व्यक्ति नशे की समस्या से जूझ रहा है तो वह पंचकूला पुलिस की ड्रग सूचना हेल्पलाइन 7087081100, 7087081048 तथा मानस हेल्पलाइन 1933 पर संपर्क कर सहायता प्राप्त कर सकता है। पुलिस कमिश्नर आईपीएस पंकज नैन ने कहा कि हमारा उद्देश्य युवाओं को नशे की लत से बचाकर स्वस्थ, शिक्षित और सुरक्षित समाज का निर्माण करना है। नशा पूरे परिवार और समाज को प्रभावित करता है, इसलिए जनजागरूकता भी हमारी प्राथमिकताओं में शामिल है।4
- 24 घंटे के भीतर 3 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है... पंचकूला पुलिस ने सेक्टर-21 में रिटायर्ड कैप्टन मनमोहन लाल मेहता की 71 वर्षीय पत्नी नीरा मेहता की के मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए 24 घंटे के भीतर 3 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है... पंचकूला पुलिस ने सेक्टर-21 में रिटायर्ड कैप्टन मनमोहन लाल मेहता की 71 वर्षीय पत्नी नीरा मेहता की के मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए1
- भक्तिमयी धुनों पर झूमे श्रद्धालु जागरण की रात उस समय और भी अलौकिक हो गई जब हिमाचल के प्रसिद्ध लोक गायक धर्मेंद्र शर्मा ने मंच संभाला। उन्होंने एक से बढ़कर एक माँ भगवती के भजनों और हिमाचली भेंटों की प्रस्तुति दी। गायिका की सुरीली आवाज़ और भक्तिमय भजनों पर पूरी रात श्रद्धालु झूमते और नाचते नजर आए। पूरे वातावरण में माँ के जयकारों की गूंज से माहौल पूरी तरह भक्तिमय हो गया। भक्तिमयी धुनों पर झूमे श्रद्धालु जागरण की रात उस समय और भी अलौकिक हो गई जब हिमाचल के प्रसिद्ध लोक गायक धर्मेंद्र शर्मा ने मंच संभाला। उन्होंने एक से बढ़कर एक माँ भगवती के भजनों और हिमाचली भेंटों की प्रस्तुति दी। गायिका की सुरीली आवाज़ और भक्तिमय भजनों पर पूरी रात श्रद्धालु झूमते और नाचते नजर आए। पूरे वातावरण में माँ के जयकारों की गूंज से माहौल पूरी तरह भक्तिमय हो गया।4
- कुरुक्षेत्र के ऐतिहासिक नागेश्वर महादेव मंदिर (दरा खेड़ा) में सावन के पहले सोमवार पर धूमधाम से निकाली गई भव्य शोभा यात्रा। #news #LatestUpdates #Haryana1
- जीरकपुर में महिला होटल कर्मचारियों से मारपीट के आरोप में बलटाना चौकी प्रभारी पुलिस लाइन भेजे गए जीरकपुर में महिला होटल कर्मचारियों से मारपीट के आरोप में बलटाना चौकी प्रभारी पुलिस लाइन भेजे गए जीरकपुर के बलटाना इलाके में होटल की दो महिला कर्मचारियों से कथित मारपीट के आरोप में चौकी प्रभारी हरिंदर सिंह को पुलिस लाइन भेज दिया गया है। घटना होटल के सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई, जिसके बाद विभागीय जांच के आदेश जारी किए गए हैं। पुलिस अब सीसीटीवी फुटेज, होटल कर्मचारियों और प्रत्यक्षदर्शियों के बयानों के आधार पर मामले की जांच कर रही है।1