पीलीभीत टाइगर रिजर्व: चूका बीच की लहरों और वन्यजीवों की दहाड़ के बीच सैलानियों का जमावड़ा पीलीभीत टाइगर रिजर्व: चूका बीच की लहरों और वन्यजीवों की दहाड़ के बीच सैलानियों का जमावड़ा पीलीभीत। प्रकृति की गोद में बसने और वन्यजीवों को करीब से निहारने की चाहत रखने वाले पर्यटकों के लिए पीलीभीत टाइगर रिजर्व (PTR) इन दिनों पहली पसंद बना हुआ है। तराई के इस घने जंगल में सफारी का आनंद लेने के लिए न केवल उत्तर प्रदेश बल्कि देश-दुनिया से सैलानियों का तांता लगा हुआ है। चूका स्पॉट पर दिखा 'मिनी गोवा' का नजारा सैलानियों के लिए सबसे बड़ा आकर्षण चूका स्पॉट और वहां स्थित वाटर हट्स बने हुए हैं। शारदा सागर बांध के किनारे बसे इस पर्यटन स्थल पर सुबह से ही पर्यटकों की चहल-पहल शुरू हो जाती है। इको-टूरिज्म का लुत्फ: सैलानी यहां के ट्री-हट्स और बेंबू-हट्स में रुककर जंगल की शांति का अनुभव कर रहे हैं। स्वच्छ वातावरण: शहर के प्रदूषण से दूर, जंगल की ताजी हवा और शांत वातावरण पर्यटकों को तरोताजा कर रहा है। जिप्सी सफारी: रोमांच और रोमांचक दीदार जंगल के कोर एरिया में प्रवेश करते ही रोमांच अपने चरम पर होता है। जिप्सी पर सवार होकर जब सैलानी ऊंचे-ऊंचे साल के पेड़ों के बीच से गुजरते हैं, तो हर मोड़ पर एक नई उम्मीद होती है। वन्यजीवों की झलक: हालिया सफारी के दौरान कई सैलानियों को बाघ, तेंदुआ, भालू और हिरणों के झुंड देखने को मिले। पक्षियों का कलरव: तराई का यह इलाका प्रवासी पक्षियों के लिए भी मशहूर है, जिसका आनंद पर्यटक बखूबी उठा रहे हैं। सफारी के लिए लगी लंबी कतारें पीलीभीत टाइगर रिजर्व की बढ़ती लोकप्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि सफारी बुकिंग के लिए लंबी वेटिंग चल रही है। "जंगल के बीच जिप्सी पर बैठकर वन्यजीवों को उनके प्राकृतिक आवास में देखना एक जादुई अनुभव है। चूका स्पॉट की सुंदरता तो देखते ही बनती है।" — एक पर्यटक पर्यटकों के लिए जरूरी जानकारी सुविधा विवरण मुख्य आकर्षण चूका बीच, वाइल्डलाइफ सफारी, नौका विहार रहने की व्यवस्था थारू हट, ट्री हाउस और चूका के वाटर हट्स बुकिंग माध्यम उत्तर प्रदेश वन निगम की आधिकारिक वेबसाइट प्रशासन की अपील: वन विभाग ने सैलानियों से अपील की है कि वे सफारी के दौरान वन्यजीवों की सुरक्षा का ध्यान रखें और प्लास्टिक का उपयोग न कर जंगल की स्वच्छता बनाए रखने में सहयोग करें।
पीलीभीत टाइगर रिजर्व: चूका बीच की लहरों और वन्यजीवों की दहाड़ के बीच सैलानियों का जमावड़ा पीलीभीत टाइगर रिजर्व: चूका बीच की लहरों और वन्यजीवों की दहाड़ के बीच सैलानियों का जमावड़ा पीलीभीत। प्रकृति की गोद में बसने और वन्यजीवों को करीब से निहारने की चाहत रखने वाले पर्यटकों के लिए पीलीभीत टाइगर रिजर्व (PTR) इन दिनों पहली पसंद बना हुआ है। तराई के इस घने जंगल में सफारी का आनंद लेने के लिए न केवल उत्तर प्रदेश बल्कि देश-दुनिया से सैलानियों का तांता लगा हुआ है। चूका स्पॉट पर दिखा 'मिनी गोवा' का नजारा सैलानियों के लिए सबसे बड़ा आकर्षण चूका स्पॉट और वहां स्थित वाटर हट्स बने हुए हैं। शारदा सागर बांध के किनारे बसे इस पर्यटन स्थल पर सुबह से ही पर्यटकों की चहल-पहल शुरू हो जाती है। इको-टूरिज्म का लुत्फ: सैलानी यहां के ट्री-हट्स और बेंबू-हट्स में रुककर जंगल की शांति का अनुभव कर रहे हैं। स्वच्छ वातावरण: शहर के प्रदूषण से दूर, जंगल की ताजी हवा और शांत वातावरण पर्यटकों को तरोताजा कर रहा है। जिप्सी सफारी: रोमांच और रोमांचक दीदार जंगल के कोर एरिया में प्रवेश करते ही रोमांच अपने चरम पर होता है।
जिप्सी पर सवार होकर जब सैलानी ऊंचे-ऊंचे साल के पेड़ों के बीच से गुजरते हैं, तो हर मोड़ पर एक नई उम्मीद होती है। वन्यजीवों की झलक: हालिया सफारी के दौरान कई सैलानियों को बाघ, तेंदुआ, भालू और हिरणों के झुंड देखने को मिले। पक्षियों का कलरव: तराई का यह इलाका प्रवासी पक्षियों के लिए भी मशहूर है, जिसका आनंद पर्यटक बखूबी उठा रहे हैं। सफारी के लिए लगी लंबी कतारें पीलीभीत टाइगर रिजर्व की बढ़ती लोकप्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि सफारी बुकिंग के लिए लंबी वेटिंग चल रही है। "जंगल के बीच जिप्सी पर बैठकर वन्यजीवों को उनके प्राकृतिक आवास में देखना एक जादुई अनुभव है। चूका स्पॉट की सुंदरता तो देखते ही बनती है।" — एक पर्यटक पर्यटकों के लिए जरूरी जानकारी सुविधा विवरण मुख्य आकर्षण चूका बीच, वाइल्डलाइफ सफारी, नौका विहार रहने की व्यवस्था थारू हट, ट्री हाउस और चूका के वाटर हट्स बुकिंग माध्यम उत्तर प्रदेश वन निगम की आधिकारिक वेबसाइट प्रशासन की अपील: वन विभाग ने सैलानियों से अपील की है कि वे सफारी के दौरान वन्यजीवों की सुरक्षा का ध्यान रखें और प्लास्टिक का उपयोग न कर जंगल की स्वच्छता बनाए रखने में सहयोग करें।
- Post by फास्ट न्यूज इंडिया पीलीभीत1
- पूरनपुर/पीलीभीत।स्मार्ट मीटरों को लेकर बढ़ते विवाद के बीच गुरुवार को विद्युत उपखंड कार्यालय पर भारतीय किसान यूनियन (भानु) ने जबरदस्त प्रदर्शन कर प्रशासन की नींद उड़ा दी। सुबह करीब 11 बजे सैकड़ों की संख्या में पहुंचे किसानों ने नारेबाजी करते हुए स्मार्ट मीटरों को तुरंत हटाकर पुराने मीटर लगाए जाने की मांग को लेकर मोर्चा खोल दिया। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि स्मार्ट मीटर लगने के बाद बिजली बिलों में बेतहाशा वृद्धि हो रही है, जिससे किसानों की कमर टूट गई है। किसानों ने कहा कि जितनी बिजली की खपत नहीं हो रही, उससे कई गुना ज्यादा बिल भेजे जा रहे हैं। उनका कहना था कि “ऐसा लग रहा है जैसे हमें वीआईपी बिजली दी जा रही हो, जबकि हकीकत इससे बिल्कुल उलट है।मौके पर माहौल उस समय और गरमा गया जब किसानों ने विभाग पर मनमानी और लापरवाही के गंभीर आरोप लगाए। भाकियू भानु के पदाधिकारियों ने साफ शब्दों में चेतावनी दी कि यदि जल्द ही स्मार्ट मीटरों की समस्या का समाधान नहीं किया गया, तो आंदोलन को और उग्र रूप दिया जाएगा।स्थिति की गंभीरता को देखते हुए मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया, ताकि किसी प्रकार की अव्यवस्था या टकराव की स्थिति न बने। हालांकि, किसानों का आक्रोश लगातार बढ़ता रहा और वे अपनी मांगों पर अड़े रहे। इस दौरान एसडीओ मोहित गुप्ता और अधिशासी अभियंता हरेंद्र सिंह को खुद जमीन पर बैठकर किसानों की समस्याएं सुननी पड़ीं। अधिकारियों ने समझाने का प्रयास किया, लेकिन किसान किसी भी हाल में पीछे हटने को तैयार नहीं दिखे।भाकियू भानु के नेता भजन लाल क्रोधी ने प्रशासन को सीधी चेतावनी देते हुए कहा कि विभाग को 20 दिनों का अल्टीमेटम दिया गया है। यदि इस अवधि में समस्या का समाधान नहीं हुआ, तो किसान बड़ा आंदोलन छेड़ने को मजबूर होंगे। उन्होंने यहां तक कह दिया कि यदि हालात नहीं सुधरे तो किसान अपने खेतों से गुजर रही बिजली लाइनों को हटाने और गिराने जैसे कड़े कदम उठाने पर भी विचार करेंगे।कुल मिलाकर, स्मार्ट मीटरों को लेकर पूरनपुर में किसानों और बिजली विभाग के बीच टकराव की स्थिति बनती जा रही है। यदि समय रहते समाधान नहीं निकला, तो यह विवाद बड़े आंदोलन का रूप ले सकता है, जिससे प्रशासन के सामने गंभीर चुनौती खड़ी हो सकती है।1
- पीलीभीत जिले में बिजली निगम के स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं के लिए जी का जंजाल बनते जा रहे हैं। आए दिन आ रही तकनीकी खामियों और मनमाने बिलिंग से परेशान होकर अब लोग सड़कों पर उतरने को मजबूर हैं। ताजा मामला शहर की राजीव कॉलोनी का है, जहाँ एक युवक ने स्मार्ट मीटर के बढ़े हुए बिल और बिना सूचना बिजली काटे जाने से नाराज होकर जिलाधिकारी (DM) कार्यालय के बाहर जोरदार विरोध-प्रदर्शन किया। क्या है पूरा मामला? राजीव कॉलोनी निवासी सर्वेश कुमार श्रीवास्तव ने बिजली विभाग पर गंभीर आरोप लगाए हैं। सर्वेश के अनुसार: बिना जानकारी मीटर बदलाव: लगभग तीन महीने पहले उनकी अनुपस्थिति में बिजली विभाग के कर्मचारियों ने उनके घर का पुराना मीटर हटाकर स्मार्ट मीटर लगा दिया था। बिलिंग में विसंगति: स्मार्ट मीटर लगने के बाद से ही बिल अप्रत्याशित रूप से बढ़कर आने लगा। भुगतान के बाद भी अंधेरा: सर्वेश ने बताया कि 7,000 रुपये का बकाया होने पर उन्होंने 1 अप्रैल को 7,500 रुपये जमा किए थे। इसके बावजूद आंबेडकर जयंती के दिन उन्हें फिर से बकाया बिल का अलर्ट मिला और बुधवार को उनकी बिजली काट दी गई। अफसरों की कार्यशैली पर उठाए सवाल पीड़ित युवक का कहना है कि जब वह समस्या के समाधान के लिए बिजली विभाग के अधिकारियों के पास पहुँचा, तो उसे कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला। हार मानकर उसे डीएम कार्यालय की शरण लेनी पड़ी। सर्वेश ने कहा: "मैं एक प्राइवेट नौकरी करने वाला व्यक्ति हूँ। इतना भारी-भरकम बिल भरना मेरे बस के बाहर है। ऊपर से बिल ठीक करवाने के लिए मुझे अपनी नौकरी से छुट्टी लेनी पड़ रही है। विभाग की लापरवाही ने मानसिक और आर्थिक रूप से परेशान कर दिया है।" सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल हंगामे के दौरान सर्वेश कुमार का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है, जिसमें वह व्यवस्था पर प्रश्नचिन्ह लगाते और अपनी पीड़ा व्यक्त करते नजर आ रहे हैं। काफी देर तक कार्यालय परिसर के बाहर अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। अंततः युवक ने जिलाधिकारी को शिकायती पत्र सौंपकर बिल संशोधन कराने और दोषी कर्मचारियों पर कार्रवाई की गुहार लगाई है। स्मार्ट मीटर पर बढ़ता जनाक्रोश पीलीभीत में यह कोई पहला मामला नहीं है। स्मार्ट मीटर की तेज रफ्तार और सर्वर की समस्याओं को लेकर जिले के कई इलाकों से लगातार शिकायतें आ रही हैं। उपभोक्ताओं का आरोप है कि विभाग राजस्व वसूली के नाम पर आम जनता का उत्पीड़न कर रहा है, जबकि तकनीकी खामियों को दूर करने की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे हैं।1
- Post by समाचार Crime News1
- मरौरी ब्लॉक की ब्लॉक प्रमुख श्रीमती सभ्यता वर्मा ने नवनिर्वाचित जिला पदाधिकारी को दिया सम्मान l #marouri #brekingnews #UttarPradesh #LatestNews #पीलीभीत1
- 📢 'स्मार्ट वसूली' एक तरफ 'विकसित भारत' का सपना है, और दूसरी तरफ एक आम आदमी की बेबसी। आज हालात ये हो गए हैं कि स्मार्ट मीटर के भारी-भरकम बिलों और तकनीकी दिक्कतों से तंग आकर एक नागरिक जिला अधिकारी (DM) कार्यालय में आत्मदाह करने की बात कह रहा है। यह सिर्फ एक व्यक्ति की चेतावनी नहीं, बल्कि व्यवस्था की विफलता का चीखता हुआ प्रमाण है। सोचने वाली बात यह है: • 👉खून पसीने की कमाई या बिजली का बिल? जब मीटर की रफ़्तार कमाई से ज्यादा हो जाए, तो जनता कहाँ जाए? • 👉तकनीकी समस्या या आर्थिक शोषण? 'स्मार्ट' होने के नाम पर बिना किसी ठोस सुनवाई के जनता पर बोझ क्यों लादा जा रहा है? • 👉किसे कहेंगे विकास? क्या विकसित भारत की नींव एक गरीब और मध्यम वर्ग के नागरिक की मानसिक प्रताड़ना पर रखी जाएगी? हमारी मांग: 💥1. स्मार्ट मीटरों की रीडिंग और कार्यप्रणाली की पारदर्शी जांच हो। 💥2. शिकायत निवारण के लिए जिला स्तर पर तत्काल सुनवाई केंद्र बने। 💥3. जनता को डराने के बजाय उनकी समस्याओं का मानवीय समाधान निकाला जाए। ✍️✍️✍️सरकार को यह समझना होगा कि 'स्मार्ट सिटी' ईंट-पत्थरों और मीटरों से नहीं, खुशहाल नागरिकों से बनती है। अगर जनता ही सुरक्षित और संतुष्ट नहीं है, तो कैसा विकास और कैसी स्मार्टनेस....1
- Post by फास्ट न्यूज इंडिया पीलीभीत1
- Post by समाचार Crime News1
- 25 करोड़ से बन रहे कंपोजिट विद्यालय में घटिया ईट लगाकर निर्माण कार्य, भाजपा के माननीय ने अपनी ही सरकार में हो रहे भ्रष्टाचार की खोलीपोल ...कमीशनबाजी की वजह से हो रहा घटिया निर्माण कार्य1